पीएनपी न्यूज़ के उत्तर प्रदेश राज्य ब्यूरो प्रमुख जितेंद्र कुमार यादव ने कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, व्यंग्य करते हुए पूछा है कि पुलिस ने अपनी महारत कहाँ दिखाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ आरोपियों, जिन्हें माननीयों का बेहद करीबी बताया जा रहा है, उनके डायरी में लिखे नाम तक ‘हजम’ नहीं किए गए और उनके चेहरे भी छुपा दिए गए। इसके विपरीत, धोखाधड़ी के एक आरोपी का फोटो जारी करते समय उसका चेहरा नहीं छुपाया गया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या कार्रवाई चेहरा और रूतबा देखकर की जा रही है। यादव ने बुक्की, वकार, देवेश और शेर मोहम्मद नामक व्यक्तियों का उल्लेख किया। उन्होंने खास तौर पर शेर मोहम्मद के बारे में बताया कि वह वही व्यक्ति है जिसने कुछ समय पहले छापामारी के दौरान एसओजी टीम पर ही हमला कर दिया था। उस हमले के बाद भी ‘खाकी’ की कार्यशैली सवालों के घेरे में आई थी, क्योंकि इस घटना के बाद भी आईपीएल मैच की सट्टेबाजी का अवैध कारोबार बंद नहीं हो पाया था। उन्होंने कहा कि कोतवाली पुलिस ने दोनों तस्वीरों में दिखने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की है, लेकिन तस्वीरों को देखकर यह बताया जाना चाहिए कि कार्रवाई में भेदभाव क्यों किया गया, जब कुछ के चेहरे छुपा दिए गए और कुछ के नहीं।
पीएनपी न्यूज़ के उत्तर प्रदेश राज्य ब्यूरो प्रमुख जितेंद्र कुमार यादव ने कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, व्यंग्य करते हुए पूछा है कि पुलिस ने अपनी महारत कहाँ दिखाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ आरोपियों, जिन्हें माननीयों का बेहद करीबी बताया जा रहा है, उनके डायरी में लिखे नाम तक ‘हजम’ नहीं किए गए और उनके चेहरे भी छुपा दिए गए। इसके विपरीत, धोखाधड़ी के एक आरोपी का फोटो जारी करते समय उसका चेहरा नहीं छुपाया गया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या कार्रवाई चेहरा और रूतबा देखकर की जा रही है। यादव ने बुक्की, वकार, देवेश और शेर मोहम्मद नामक
व्यक्तियों का उल्लेख किया। उन्होंने खास तौर पर शेर मोहम्मद के बारे में बताया कि वह वही व्यक्ति है जिसने कुछ समय पहले छापामारी के दौरान एसओजी टीम पर ही हमला कर दिया था। उस हमले के बाद भी ‘खाकी’ की कार्यशैली सवालों के घेरे में आई थी, क्योंकि इस घटना के बाद भी आईपीएल मैच की सट्टेबाजी का अवैध कारोबार बंद नहीं हो पाया था। उन्होंने कहा कि कोतवाली पुलिस ने दोनों तस्वीरों में दिखने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की है, लेकिन तस्वीरों को देखकर यह बताया जाना चाहिए कि कार्रवाई में भेदभाव क्यों किया गया, जब कुछ के चेहरे छुपा दिए गए और कुछ के नहीं।
- बदायूं जनपद के दातागंज स्थित समाजवादी कार्यालय पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस समारोह के मुख्य आयोजक सुनीता पाल रहीं, और समस्त पाल बघेल धनगर समाज के लोगों ने मिलकर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती को बड़े धूमधाम से मनाया।2
- भारतीय जनता पार्टी के शिक्षक विधायक डॉ. हरि सिंह ढिल्लो का कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। उनके आगमन पर कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, शिक्षक समुदाय के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। डॉ. ढिल्लो का अभिनंदन फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा और जयघोष के साथ किया गया। स्वागत समारोह के दौरान, वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. ढिल्लो के महत्वपूर्ण योगदान और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। अपने संबोधन में, डॉ. ढिल्लो ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए यह प्रतिबद्धता दोहराई कि वे शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ ही शिक्षक समुदाय की जायज़ मांगों को संबंधित मंचों पर उठाने का भरोसा भी दिलाया। इस कार्यक्रम में भाजपा के कई पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे। समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।2
- बिल्सी क्षेत्र के पिण्डोल गाँव में ईंट भट्ठे से बड़नौमी तक लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क, जो मात्र तीन दिन पहले ही बनी थी, वह उदघाटन से पहले ही उखड़ने लगी है। इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा गया कि आज बनी सड़क, कल उदघाटन होगा और परसों उस पर लिखा जायेगा 'सावधान सड़क खस्ताहाल है'। इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के युवा जिलाध्यक्ष अरशद खान और जिला उपाध्यक्ष इरशाद खाँ ने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुँचकर सम्बंधित ठेकेदार महादेव बिल्डर पर मानक के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाया। ठेकेदार ने जहाँ कम बजट का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का प्रयास किया, वहीं खुद को सत्ता पक्ष का नेता बताकर भाकियू नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश भी की। भाकियू नेताओं ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर हुई इस झड़प को वीडियो में कैद कर लिया, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। युवा जिलाध्यक्ष अरशद खान ने बताया कि ठेकेदार द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। भाकियू के ज़िला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सड़क लंबे समय से खराब पड़ी थी और माँग करने पर इसका निर्माण मंजूर हुआ था। हालांकि, ठेकेदार की मनमानी के कारण आम जनता को जल्द ही फिर से टूटी सड़क पर चलना पड़ेगा। भाकियू ने जिला प्रशासन से माँग की है कि तीन दिन के अंदर इस सड़क की गुणवत्ता की जाँच कराई जाए। यदि प्रशासन उनकी माँग नहीं मानता है, तो भाकियू चढूनी ज़िला मुख्यालय पर आंदोलन करेगी तथा प्रशासन को ठेकेदार के भुगतान पर तत्काल रोक लगाकर उसे ब्लैक लिस्टेड करना चाहिए। प्रशासन द्वारा माँग न माने जाने पर संगठन के बैनर तले धरना शुरू किया जाएगा।1
- बदायूं जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र में देर शाम हुई अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में कुल तीन लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ दो की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि एक अन्य घायल का इलाज उझानी अस्पताल में चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली घटना संजरपुर गाँव के पास हुई जहाँ बाईकों की भिड़ंत में बिल्सी थाना क्षेत्र के करणपुर गाँव निवासी विनायक और उनकी बहन निकेता गंभीर रूप से घायल हो गए। उझानी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं, दूसरी दुर्घटना पटपरागंज गाँव में घटी, जहाँ एक बाईक सवार ने साईकिल सवार को टक्कर मारकर घायल कर दिया। बताया गया है कि पटपरागंज निवासी आशीष सड़क किनारे अपनी साईकिल के साथ खड़े थे, तभी सामने से आ रहे एक बाईक सवार ने उन्हें ज़ोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आशीष का इलाज फिलहाल उझानी अस्पताल में जारी है।1
- बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र के गजनेरा गांव में आयोजित राम कथा और भंडारे में संयुक्त जनादेश पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश कुमार (गुरुजी) और वार्ड संख्या 54 से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी तथा वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेश कुमार गंगवार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ प्रदेश महासचिव नितिन पाठक, प्रदेश मीडिया प्रभारी पंकज यादव, मंडल महासचिव रामवीर, सवर्ण मोर्चा जिला अध्यक्ष हरी निवास पाठक, डॉ. धर्मपाल, अनूप गंगवार, ग्राम प्रधान सोमपाल गंगवार, नंदकिशोर गंगवार एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी कथा का श्रवण किया और धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई। पदाधिकारियों ने राम कथा में शामिल होकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से संवाद स्थापित किया। जनसमस्याओं पर चर्चा करते हुए, पार्टी ने जनसेवा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कथा के समापन के बाद, सभी पदाधिकारियों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रीय महामंत्री राजेश कुमार (गुरुजी) ने इस अवसर पर कहा कि राम कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, संस्कार और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं, तथा लोगों को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बदायूं में लोकमता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रशासन ने अंतिम समय में अनुमति देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने इस फैसले का कारण पर्याप्त पुलिस बल की कमी को बताया, जिसके चलते पाल समाज के लोगों में भारी रोष फैल गया। प्रशासन के इस निर्णय को समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने सीधे तौर पर 'सत्ता की साजिश' करार दिया है, जिसके बाद यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर आयोजित किया गया। दरअसल, यह कार्यक्रम सपा की सचिव सुनीता पाल के नेतृत्व में शहर के इस्लामियां इंटर कॉलेज में आयोजित किया जाना था, जिसके लिए कई दिनों से बड़े टेंट लगाने सहित अन्य व्यापक तैयारियां चल रही थीं। कार्यक्रम की अनुमति के लिए 11 मई को सिटी मजिस्ट्रेट को आवेदन दिया गया था। इस आवेदन को 20 मई को पुलिस चौकी प्रभारी, और फिर 21 मई को एलआईयू तथा सदर कोतवाली पुलिस से भी संस्तुति मिल गई थी। 23 मई को यह आवेदन दोबारा सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचा। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने शुरुआत में तो अनुमति देने का आश्वासन दिया था, लेकिन कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले ऐन वक्त पर अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस अचानक फैसले से सारी तैयारियां धरी रह गईं और पाल समाज में आक्रोश और बढ़ गया। मामले की जानकारी मिलने पर सपा जिलाध्यक्ष ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कार्यक्रम को पार्टी कार्यालय पर आयोजित करवाया। उन्होंने बताया कि अचानक अनुमति देने से मना कर दिया गया और जब उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) से बात की, तो डीएम ने पर्याप्त पुलिस बल न होने की बात कहकर अनुमति देने से इनकार कर दिया। सपा जिलाध्यक्ष ने इस पर जोर दिया कि वे केवल एक समारोह मना रहे थे, कोई धरना-प्रदर्शन नहीं, फिर भी 'फोर्स की कमी' का हवाला देकर कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की गई। इस आयोजन में अहमद शोबी, आमिर सुल्तानी समेत कई अन्य सपाई भी मौजूद रहे।1
- बदायूं के उझानी ब्लाक क्षेत्र स्थित चंदनपुर गांव में रविवार को गंगा में स्नान के दौरान एक 12 वर्षीय किशोर की डूबने से जान चली गई। गर्मी के चलते घर से गंगा में नहाने आया गांव चंदनपुर निवासी राहुल तोमर का पुत्र अभिषेक गहरे पानी में समा गया। उसने बचने के लिए चीख-पुकार भी की, जिस पर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने उसे बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। अभिषेक के गंगा में डूबने की सूचना पर परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक अभिषेक की तलाश की, जिसके बाद वह मृतावस्था में मिला। परिजन उसे जीवित समझकर उझानी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद परिवार में चीत्कार मची हुई है।1