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ग्रैंड बिरियानी महल में अनोखी होम एंड ब्लू स्काई की दावत-ए-इफ्तार, भाईचारे का दिया संदेश ग्रैंड बिरियानी महल में अनोखी होम एंड ब्लू स्काई की दावत-ए-इफ्तार, भाईचारे का दिया संदेश
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ग्रैंड बिरियानी महल में अनोखी होम एंड ब्लू स्काई की दावत-ए-इफ्तार, भाईचारे का दिया संदेश ग्रैंड बिरियानी महल में अनोखी होम एंड ब्लू स्काई की दावत-ए-इफ्तार, भाईचारे का दिया संदेश
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- Post by VN News Bihar1
- रॉयल टेच बिहारशरीफ़ & नेत्र ज्योति ऑय केयर , मौलानाडीह प्रीमियर लीग नाईट क्रिकेट टूर्नामेंट भुई, मौलाना डीह, छबिलापुर, राजगीर, नालंदा1
- विशुया (सत्तूआनी) पर्व कि हार्दिक शुभकामनाएं ✨♥️😊🤗😂1
- नालंदा, बिहारशरीफ/हरनौत से बड़ी खबर बिहार में नगर निकाय कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले यह आंदोलन किया जा रहा है। संघ की हरनौत शाखा द्वारा जारी बैनर के अनुसार, 📅 13 अप्रैल 2026 को जिला मुख्यालय पर 👉 प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में— ✔️ वर्षों से कार्यरत दैनिक और संविदा कर्मियों को स्थायी करना ✔️ ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना ✔️ समान काम के बदले समान वेतन लागू करना ✔️ अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां पूरी करना ✔️ और पुरानी पेंशन योजना लागू करना शामिल है कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। अब देखना होगा कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है। 🎥 कैमरामैन के साथ [आपका नाम], Vande Bharat News, नालंदा1
- नालंदा, बिहारशरीफ/हरनौत से बड़ी खबर बिहार में नगर निकाय कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले यह आंदोलन किया जा रहा है। संघ की हरनौत शाखा द्वारा जारी बैनर के अनुसार, 📅 13 अप्रैल 2026 को जिला मुख्यालय पर 👉 प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में— ✔️ वर्षों से कार्यरत दैनिक और संविदा कर्मियों को स्थायी करना ✔️ ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना ✔️ समान काम के बदले समान वेतन लागू करना ✔️ अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां पूरी करना ✔️ और पुरानी पेंशन योजना लागू करना शामिल है कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। अब देखना होगा कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है। 🎥 कैमरामैन के साथ [आपका नाम], Vande Bharat News, नालंदा1
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- नालंदा - पीएम के संबोधन के बाद नालंदा में गूंजा नारी शक्ति वंदन अधिनियम की गूंज कार्यकर्ताओं ने कहा “महिलाओं की ताकत को मिलेगा नया आसमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद नालंदा जिले में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय, मेहनौर में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस कानून को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम में प्रदेश नेत्री सुषमा शाहू और जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने भाग लेते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रूप से बढ़ेगी। उनके अनुसार, लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाएं अब निर्णय लेने की मुख्य धारा में आएंगी। नेताओं ने कहा कि यह अधिनियम केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का माध्यम है। इससे गांव-देहात की महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और वे समाज के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकेंगी। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा, “अब महिलाओं की ताकत को नया आसमान मिलेगा। आने वाले समय में राजनीति से लेकर समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की मजबूत भागीदारी दिखेगी।” कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे देश के विकास की नई दिशा बताया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि नालंदा में भी ‘नारी शक्ति वंदन’ की गूंज दूर तक सुनाई देने वाली है।4
- प्रशासनिक सवाल उठता है—उद्घाटन के बावजूद अगर मछली बाजार चालू नहीं हो पाया और उससे संभावित रोजगार प्रभावित हो रहा है, तो यह निश्चित ही लापरवाही या सिस्टम की विफलता का संकेत हो सकता है। इसे समझने के लिए कुछ मुख्य बिंदु सामने आते हैं: संभावित कारण प्रशासनिक लापरवाही भवन बन गया लेकिन संचालन शुरू नहीं हुआ—यह अक्सर विभागों के बीच समन्वय की कमी से होता है। लाइसेंस/टेंडर में देरी असर क्या हुआ? सैकड़ों लोगों को मिलने वाला रोजगार रुक गया स्थानीय व्यापारियों और मछुआरों को नुकसान सरकारी पैसे और संसाधनों की बर्बादी आम जनता को सुविधाओं से वंचित होना जिम्मेदार कौन? जिम्मेदारी कई स्तर पर तय हो सकती है: नगर परिषद / नगर निगम संबंधित विभाग (जैसे मत्स्य विभाग) स्थानीय प्रशासन (SDO, DM स्तर) कृषी विभाग ठेकेदार या एजेंसी (अगर काम अधूरा है) रमेन्द्र कुमार Vande Bharat News, बिहारशरीफ नालंदा हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को Like, Subscribe, Share और Comment जरूर करें।1