अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संभावित पुनर्गठन को लेकर सनातन रक्षक संघ ने एक बड़ा बयान जारी किया है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपनी मांगें भेजी हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह दूर रखा जाना चाहिए। मुकुंद माधव त्रिपाठी ने मांग की है कि यदि ट्रस्ट में कोई भी बदलाव होता है, तो उसमें बाहरी लोगों के बजाय अयोध्या के ही प्रतिष्ठित स्थानीय संतों-महंतों और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े परिवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से रंगमहल के महंत रामशरण दास, महंत वासुदेवाचार्य स्वामी विद्या भास्कर और राम बल्लभ कुंज के अधिकारी राजकुमार दास जैसे संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की वकालत की है। इसके साथ ही, उन्होंने उन परिवारों को भी प्रतिनिधित्व देने की बात कही है जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने परिजनों का बलिदान दिया था। सनातन रक्षक संघ का मानना है कि ट्रस्ट की पूरी व्यवस्था रामानंदाचार्य परंपरा से जुड़े संतों के हाथों में ही सौंपी जानी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान त्रिपाठी ने कुछ संतों और राजनीतिक व्यक्तियों पर टिप्पणी करते हुए उन्हें ट्रस्ट से दूर रखने की भी मांग की। संघ का यह सीधा संदेश है कि भगवान राम का मंदिर राम के लोगों द्वारा ही चलाया जाना चाहिए ताकि इसमें अयोध्या की आत्मा बसी रहे।
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संभावित पुनर्गठन को लेकर सनातन रक्षक संघ ने एक बड़ा बयान जारी किया है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपनी मांगें भेजी हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह दूर रखा जाना चाहिए। मुकुंद माधव त्रिपाठी ने मांग की है कि यदि ट्रस्ट में कोई भी बदलाव होता है, तो उसमें बाहरी लोगों के बजाय अयोध्या के ही प्रतिष्ठित स्थानीय संतों-महंतों और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े परिवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से रंगमहल के महंत रामशरण दास, महंत वासुदेवाचार्य स्वामी विद्या भास्कर और राम बल्लभ कुंज के अधिकारी राजकुमार दास जैसे संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की वकालत की है। इसके साथ ही, उन्होंने उन परिवारों को भी प्रतिनिधित्व देने की बात कही है जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने परिजनों का बलिदान दिया था। सनातन रक्षक संघ का मानना है कि ट्रस्ट की पूरी व्यवस्था रामानंदाचार्य परंपरा से जुड़े संतों के हाथों में ही सौंपी जानी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान त्रिपाठी ने कुछ संतों और राजनीतिक व्यक्तियों पर टिप्पणी करते हुए उन्हें ट्रस्ट से दूर रखने की भी मांग की। संघ का यह सीधा संदेश है कि भगवान राम का मंदिर राम के लोगों द्वारा ही चलाया जाना चाहिए ताकि इसमें अयोध्या की आत्मा बसी रहे।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में आगामी 12 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में एक बड़ा वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अग्रसर है। इसकी शुरुआत राज्य के अनेक जिलों, कस्बों और शहरों में की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे प्रदेश को हरा-भरा और सुंदर बनाना है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी प्रदेशवासियों से बढ़-चढ़कर सहभागिता दिखाने की जोरदार अपील की गई है। 'आज सुबह टाइम्स' की लखनऊ टीम से रिपोर्टर लाल चंद सोनी के अनुसार, प्रदेश की हवा को शुद्ध और सुंदर बनाने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की जरूरत है ताकि लोगों का जीवन सफल हो सके।1
- अयोध्या की नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के अंतर्गत भदरसा कस्बे में हनुमान मंदिर से महज कुछ ही कदम की दूरी पर मुख्य सड़क पर बिना लाइसेंस के अवैध मांस की दुकानें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। नाम बदलने के बाद भी यहाँ की व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई हैं। मुख्य मार्ग, मंदिर और स्कूल के पास ये दुकानें बिना किसी लाइसेंस के खुलेआम और व्यावसायिक तरीके से चलाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस गंभीर मामले को लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों के दर्जनों लोगों ने तहसील दिवस और नगर पंचायत में शिकायत दर्ज कराई है। लोगों की मांग है कि इन अवैध दुकानों को तत्काल बंद किया जाए या फिर इन्हें कस्बे से दूर किसी जमीन पर स्थानांतरित किया जाए। इससे पहले उपजिलाधिकारी की सख्ती के बाद प्राथमिक स्कूल के बगल में चल रही दुकानें तो बंद करा दी गई थीं, लेकिन अब भी मुख्य मार्ग, मंदिर और स्कूल के पास कई दुकानें बेखौफ चल रही हैं। इतने विरोध और शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत के ईओ विनय दुबे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। फरियादियों का आरोप है कि ईओ विनय दुबे जानबूझकर कार्रवाई करने से भाग रहे हैं और बार-बार शिकायत के बाद भी फरियादियों की आवाज उनके कानों तक नहीं पहुंच पा रही है। आखिर ईओ विनय दुबे किसके इशारे पर मौन साधे हुए हैं और क्या उनकी नजर में ये दुकानें वैधानिक हैं? इस उदासीन रवैये को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है।1
- अयोध्या नगर निगम के अंतर्गत 14 कोसी परिक्रमा मार्ग रामनगर पुलिस चौकी के सामने विष्णु पुरी कॉलोनी, वार्ड कौशलपुरी मोहल्ला विष्णु पुरी कॉलोनी, निराला नगर मंडी रोड के पीछे और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से निराला नगर एन 27 लिंक रोड पर जगह-जगह जल भराव हो गया है। नालियों को बड़े नाले से न जोड़ने और पानी की समुचित निकासी बंद होने के कारण नाली का पानी सड़कों पर बह रहा है। इस जल भराव के कारण मोहल्ले वासियों का घरों से निकलना दुश्वार हो गया है और अक्सर लोग रात के अंधेरे में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस समस्या से परेशान होकर विष्णु पुरी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी और निराला नगर कॉलोनी के वासियों ने पार्षद से फोन पर संपर्क किया है। जल भराव और नाली-नाला बंद होने के कारण इन तीनों कॉलोनियों के वासियों में प्रशासन और व्यवस्था के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।4
- अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे की प्रस्तावित प्रेस वार्ता को पुलिस-प्रशासन ने रोक दिया है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति और अन्य औपचारिकताओं का हवाला देते हुए इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को आयोजित नहीं होने दिया। इस कार्रवाई के बाद संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात मीडिया के सामने रखने से रोका गया है और वह जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेंगे। वहीं, प्रशासन का कहना है कि बिना आवश्यक अनुमति के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या प्रेस वार्ता की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस घटना के बाद से अयोध्या में पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- अयोध्या के सहादतगंज ओवर ब्रिज के पास बारिश का पानी जमा हो जाता है। इस पानी को बाहर निकालने का कहीं भी कोई रास्ता नहीं है, जिसके कारण ओवर ब्रिज के समीप जलभराव की स्थिति बनी हुई है।1
- अयोध्या के फैजाबाद में आश्रम विवाद में एक नया मोड़ आया है, जहां स्थानीय निवासियों ने खुद सामने आकर इस पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में केवल तथ्यहीन बातों के जरिए लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।1
- अयोध्या में जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय पर जन-जन के नायक, लोहियावादी और मजबूर दलित शोषण के मसीहा पूर्व सांसद स्वर्गीय बाबू मित्र सेन यादव की 93वीं भावपूर्ण श्रद्धांजलि जयंती मनाई गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव जी, शिक्षक सभा के जिला अध्यक्ष दान बहादुर सिंह जी, इंद्रपाल यादव जी, बाबूराम गौड जी, अधिवक्ता सभा के जिला अध्यक्ष रामकरन यादव जी, जिला उपाध्यक्ष ओरौनी प्रसाद पासवान जी, जिला उपाध्यक्ष आकिब खान जी, विद्या भूषण पासी जी, प्रदेश सचिव पवन यादव जी, पूर्व पार्षद राम अजोर यादव जी, बृजेश सिंह चौहान जी, जिला सचिव अंसार अहमद जी, बलराम यादव जी, जिला सचिव सीताराम यादव जी, जिला सचिव असलम जी, पूजा वर्मा जी, पूर्व मंत्री अमृत राजपाल जी, एडवोकेट राकेश कुमार जी, शिवदयाल जी, एडवोकेट विजय प्रताप यादव जी, युवा नेता रमन यादव जी, एडवोकेट विपिन यादव जी और युवा नेता जितेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रहे भवन ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ सड़क के किनारे बने एक मंदिर का गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। इस मंदिर के गुंबद की चपेट में आने से एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की दर्दनाक मौत होने की खबर है। भवन ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान गुंबद गिरने से पीडब्ल्यूडी कर्मी इसकी चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई।1