हरिद्वार पुलिस ने कप्तान नवनीत सिंह के नेतृत्व में थाना पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ में हुए साधुओं के दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 21 जुलाई को ऐथल पथरी निवासी पंकज ने उत्तम झा के साथ थाना पथरी में शिकायती प्रार्थना पत्र देकर दो साधुओं की हत्या कर शव गड्ढे में दबाने की जानकारी दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर FSL टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि मंदिर में रह रहे सेवागिरी और पारसगिरी का अखिल गिरी पर दबाव था। 18 जुलाई की रात पारसगिरी ने सेवागिरी को पगड़ी पहनाकर गद्दी का मालिक बना दिया था। इसके बाद आरोपियों ने योजना बनाकर मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए और पाठल से हमला कर सेवागिरी व पारसगिरी की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों साधुओं के शवों को आश्रम के पास गड्ढा खोदकर दबा दिया गया, खून साफ कर गद्दे जला दिए गए और गवाह उत्तम झा को फोन तोड़कर भागने की धमकी दी गई। गोपनीय सूचना और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने 22 जुलाई को काठा पीर के जंगल से तीन आरोपियों अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42), आशु (37) और राममिलन (38) को दबोच लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो फावड़े और एक पाठल भी बरामद कर ली है। पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि मामले में संलिप्त एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
हरिद्वार पुलिस ने कप्तान नवनीत सिंह के नेतृत्व में थाना पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ में हुए साधुओं के दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 21 जुलाई को ऐथल पथरी निवासी पंकज ने उत्तम झा के साथ थाना पथरी में शिकायती प्रार्थना पत्र देकर दो साधुओं की हत्या कर शव गड्ढे में दबाने की जानकारी दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर FSL टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि मंदिर में रह रहे सेवागिरी और पारसगिरी का अखिल गिरी पर दबाव था। 18 जुलाई की रात पारसगिरी ने सेवागिरी को पगड़ी पहनाकर गद्दी का मालिक बना दिया था। इसके बाद आरोपियों ने योजना बनाकर मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए और पाठल से हमला कर सेवागिरी व पारसगिरी की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों साधुओं के शवों को आश्रम के पास गड्ढा खोदकर दबा दिया गया, खून साफ कर गद्दे जला दिए गए और गवाह उत्तम झा को फोन तोड़कर भागने की धमकी दी गई। गोपनीय सूचना और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने 22 जुलाई को काठा पीर के जंगल से तीन आरोपियों अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42), आशु (37) और राममिलन (38) को दबोच लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो फावड़े और एक पाठल भी बरामद कर ली है। पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि मामले में संलिप्त एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
- उत्तराखंड के हरिद्वार अंतर्गत लक्सर क्षेत्र में माइनिंग टीम पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को K.R.B.M.L.P. लक्सर के फील्ड टीम इंचार्ज तेजा साई ने कोतवाली लक्सर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ग्राम मुण्डाखेड़ा में अवैध खनन की जांच के दौरान माइनिंग टीम पर जान से मारने की नीयत से सरेआम हमला किया गया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर फरार चल रहे थे। पुलिस टीमों ने लगातार दबिश देते हुए आखिरकार 21 जुलाई 2026 को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।1
- हरिद्वार की कोतवाली बहादराबाद पुलिस ने मॉडिफाइड और रेट्रो साइलेंसर लगे वाहनों के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए तेज़ आवाज़ करने वाली एक बुलेट मोटरसाइकिल को सीज़ कर दिया है। पुलिस टीम को देखकर बुलेट का चालक मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, पटाखों जैसी आवाज़ करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर यातायात नियमों का उल्लंघन हैं और आम जनता के लिए गंभीर असुविधा का कारण बनते हैं। पुलिस ने कहा है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।1
- रानीपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 44 पाव अंग्रेजी शराब के साथ एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है।1
- देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में दून मेडिकल कॉलेज के पास स्थित स्वास्तिक कैफे के बाहर हुई फायरिंग की घटना का खुलासा करते हुए दून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, 19 जुलाई को आरोपी शुभम पंवार ने करीब डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में अपने पूर्व मित्र पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई थी। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के कारण पीड़ित की जान बच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया था। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के आधार पर आरोपी को चंद्रबनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 32 बोर की पिस्टल और 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि समझौते की कोशिश के दौरान कहासुनी बढ़ने पर उसने फायरिंग कर दी थी। दून पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में पुलिस ने अंतर्राज्यीय ऑटोलिफ्टर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को 25 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ गिरफ्तार किया है। रानीपुर क्षेत्र से लगातार दोपहिया वाहनों की चोरी पर एसएसपी नवनीत सिंह के कड़े निर्देशों के बाद प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी की अगुवाई में टीम गठित की गई थी और सीआईयू हरिद्वार को टैक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस टीम ने 21 जुलाई 2026 को चेकिंग के दौरान नहर पटरी से जमालपुर जाने वाले कच्चे रास्ते के पास से दो संदिग्धों को दबोचकर उनके पास से एक stolen बाइक बरामद की। पकड़े गए आरोपियों में अमीरपुर गांगू (बिजनौर) निवासी 18 वर्षीय भव्य उर्फ भोला और रसूलपुर आबाद (बिजनौर) निवासी 22 वर्षीय सुधीर कुमार शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि पूर्व में बिजनौर में चोरी के मामले में जेल जा चुका और नशे के इंजेक्शन का आदी भव्य, मोटर मैकेनिक सुधीर के साथ मिलकर हरिद्वार, ऋषिकेश और बिजनौर से मोटरसाइकिलें चोरी करता था। वे चोरी की गाड़ियों को सस्ते दामों पर बेचते थे और न बिकने वाले वाहनों के पार्ट्स खोलकर बेच देते थे। आरोपियों की निशांदेही पर पुलिस ने दादूपुर गोविंदपुर स्थित एक खंडहर में छापेमारी कर 24 अन्य बाइक व वाहन पार्ट्स बरामद किए। बरामद वाहनों में हरिद्वार की कोतवाली रानीपुर, ज्वालापुर, कोतवाली नगर, सिडकुल, मंगलौर और यूपी के बिजनौर से चोरी किए गए दोपहिया शामिल हैं। रानीपुर कोतवाली में बीएचईएल स्वर्ण जयंती पार्क, सेक्टर-4, सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र, सलेमपुर चौक और शिवालिक नगर से वाहन चोरी की शिकायतों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस सफलता को हासिल करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी, सीआईयू प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को नगर पंचायत सुलतानपुर आदमपुर के अली चौक पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग उठाई।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस द्वारा छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट और बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस कर्मियों द्वारा छात्रों के साथ किस तरह का बर्ताव किया जा रहा है। वीडियो में यह भी साफ तौर पर देखा और सुना जा सकता है कि इस दौरान क्या कहा जा रहा है।1