कोटा के प्रेम नगर क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक गरीब परिवार पर 10 लाख रुपए से अधिक का बिजली बिल आने से हड़कंप मच गया है। स्थानीय समाजसेवी हिम्मत सिंह ने 27 जून को शाम को क्षेत्रवासियों के बुलावे पर मामले की जांच की। पीड़ित कार्तिक मेहरा के अनुसार, उनके दादाजी की वर्ष 2018 में मृत्यु के बाद से न तो कोई बिजली बिल आया और न ही कोई नोटिस मिला। फरवरी 2025 में बिना किसी पूर्व सूचना के उनका बिजली कनेक्शन अचानक काट दिया गया। उस समय जांच करने पर पता चला कि बिल लगभग 9 लाख रुपए हो चुका था। अब जून 2026 तक यह बिल 10 लाख रुपए से भी ऊपर पहुंच गया है, जिससे मात्र तीन कमरों वाले इस मकान का इतना भारी बिल देखकर आस-पड़ोस के लोग भी हैरान हैं। समाजसेवी हिम्मत सिंह ने KEDL बिजली कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो कंपनी दो महीने बिल जमा न होने पर कनेक्शन काट देती है, वह सालों तक बिल क्यों नहीं भेजती। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब गलती विभाग की है, तो इसका भुगतान गरीब परिवार क्यों करे, खासकर जब यह बिल मकान बेचकर भी नहीं चुकाया जा सकता। हिम्मत सिंह ने कोटा के जनप्रतिनिधियों से तत्काल इस मामले में संज्ञान लेकर गरीब परिवार को राहत दिलाने की अपील की है। कार्तिक मेहरा का भी कहना है कि घर में कोई नहीं रहता था, फिर भी बिल लगातार बढ़ता रहा और उनके पास इतना भारी बिल भरने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह पूरा मामला बिजली कंपनी की लापरवाही और बिलिंग सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। क्षेत्रवासी अब इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
कोटा के प्रेम नगर क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक गरीब परिवार पर 10 लाख रुपए से अधिक का बिजली बिल आने से हड़कंप मच गया है। स्थानीय समाजसेवी हिम्मत सिंह ने 27 जून को शाम को क्षेत्रवासियों के बुलावे पर मामले की जांच की। पीड़ित कार्तिक मेहरा के अनुसार, उनके दादाजी की वर्ष 2018 में मृत्यु के बाद से न तो कोई बिजली बिल आया और न ही कोई नोटिस मिला। फरवरी 2025 में बिना किसी पूर्व सूचना के उनका बिजली कनेक्शन अचानक काट दिया गया। उस समय जांच करने पर पता चला कि बिल लगभग 9 लाख रुपए हो चुका था। अब जून 2026 तक यह बिल 10 लाख रुपए से भी ऊपर पहुंच गया है, जिससे मात्र तीन कमरों वाले इस मकान का इतना भारी बिल देखकर आस-पड़ोस के लोग भी हैरान हैं। समाजसेवी हिम्मत सिंह ने KEDL बिजली कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो कंपनी दो महीने बिल जमा न होने पर कनेक्शन काट देती है, वह सालों तक बिल क्यों नहीं भेजती। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब गलती विभाग की है, तो इसका भुगतान गरीब परिवार क्यों करे, खासकर जब यह बिल मकान बेचकर भी नहीं चुकाया जा सकता। हिम्मत सिंह ने कोटा के जनप्रतिनिधियों से तत्काल इस मामले में संज्ञान लेकर गरीब परिवार को राहत दिलाने की अपील की है। कार्तिक मेहरा का भी कहना है कि घर में कोई नहीं रहता था, फिर भी बिल लगातार बढ़ता रहा और उनके पास इतना भारी बिल भरने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह पूरा मामला बिजली कंपनी की लापरवाही और बिलिंग सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। क्षेत्रवासी अब इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
- कोटा शहर के किशोरपुरा थाना क्षेत्र के साजिदहेड़ा में रविवार शाम एक निर्माणाधीन मकान की छत पर पानी भरते समय करंट लगने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक हादसे से पूरे इलाके में मातम पसर गया, और एक ही परिवार के बेटे और भांजे की मौत से घर में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान आदिल पुत्र शब्बीर और समीर पुत्र रमज़ान के रूप में हुई है, जो गंभीर रूप से झुलस गए थे। मृतक आदिल के पिता शब्बीर ने आरोप लगाया है कि नई डाली गई छत पर पानी भरने के लिए जिस पानी की मोटर का इस्तेमाल हो रहा था, वह जिस इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से चल रही थी, वह बोर्ड एक लोहे की जाली पर बंधा था। उनके अनुसार, उसी जाली के पास से निजी बिजली कंपनी केईडीएल की बिजली लाइन गुजर रही थी, और इसी दौरान अचानक करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर दोनों बच्चे झुलस गए। दोनों को तुरंत एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इस दर्दनाक हादसे के लिए निजी बिजली कंपनी केईडीएल की लापरवाही को सीधा जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, किशोरपुरा थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है।1
- एयर न्यूजीलैंड की फ्लाइट NZ272 वेलिंगटन में लैंड करने वाली थी और उसके पहिए रनवे को छू चुके थे। तभी अचानक तेज़ बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण पायलट को दोबारा उड़ान भरने का फैसला लेना पड़ा। कुछ देर बाद, एयर न्यूजीलैंड की इस फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई।1
- सामाजिक कार्यकर्ता हिम्मत सिंह ने बताया है कि प्रेम नगर में एक उपभोक्ता को ₹10 लाख का बिजली बिल आया है, जिससे वह हैरान-परेशान है। यह बिल तीन कमरों वाले घर का है। हिम्मत सिंह के अनुसार, KEDL आमतौर पर बिल जमा न होने पर दो महीने के भीतर बिजली कनेक्शन काट देती है, जबकि इस उपभोक्ता का कनेक्शन 2025 में काटा गया था। KEDL की इसी लापरवाही के चलते आज की तारीख में यह बिल बढ़कर ₹10 लाख हो गया है।1
- रविवार को कोटा शहर के दादाबाड़ी क्षेत्र में आयोजित एक पौधारोपण कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्वयं पौधारोपण कर इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया और वहां उपस्थित नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। अपने संबोधन में ओम बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी समुचित देखभाल करने का संकल्प ले, तो इससे आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण सुनिश्चित हो सकेगा।1
- ग्राम पंचायत चरडाना में इंद्र देव पूजन के साथ-साथ घांस भेरूजी महाराज जी का भी विशेष पूजन किया गया। वर्षा न होने के कारण सभी माताओं, बहनों और समस्त ग्रामीण भक्तजनों ने देवी-देवताओं से वर्षा की पुकार लगाई। इस दौरान सभी भक्तगण चरडाना पहुंचे और एक भव्य जुलूस के रूप में शोभा यात्रा भी निकाली गई।2
- चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में 28 जून रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पोलियो दिवस पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद 'जीवन की खुराक' पिलाई गई। इस महत्वपूर्ण अभियान का शुभारंभ आरोग्य मंदिर जनता क्लिनिक (आरपीएस) में रावतभाटा की अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत और पूर्व प्रधान आरती बारेशा ने किया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने क्षेत्र में स्थापित 40 पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान अभिभावकों से प्रत्येक अभियान में अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की खुराक दिलाने की अपील भी की गई। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने जोर देते हुए बताया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की दवा देना अत्यंत आवश्यक है। अभियान की सफलता में स्वास्थ्यकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों ने सभी बूथों पर सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य विभाग और भाजपा पदाधिकारियों ने आमजन से यह भी अपील की कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चा पोलियो की खुराक लेने से वंचित रह गया हो, तो उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा पोलियो टीम के माध्यम से अवश्य दवा पिलाई जाए। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में रावतभाटा की अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत, पूर्व प्रधान आरती बारेशा के साथ-साथ पूर्व सरपंच कुशाल बारेशा, किसान नेता कमलेन्द्र सिंह हाड़ा, नगर अध्यक्ष राजेन्द्र दशोरा, राजकुमार वधवा, डॉक्टर अनिल जाटव, पूर्व महामंत्री हर्ष जैन, पूर्व पार्षद दिनेश रेठूदिया, दिलीप मीणा, भाजपा उपाध्यक्ष महेश शर्मा, डॉक्टर मांगीलाल अजमेरा, फूलचंद अहीर, भेरूलाल सिंगोलिया, जतिन कलोसिया सहित कई भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और चिकित्सा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर भाजपा परिवार रावतभाटा मंडल द्वारा सभी 40 पोलियो बूथों पर तैनात कर्मचारियों को फल, बिस्किट और छाछ वितरित किए गए। साथ ही कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर अभिभावकों से बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील भी की।1
- कोटा शहर के किशोरपुरा थाना क्षेत्र के साजिदहेड़ा में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में निर्माणाधीन मकान की आरसीसी छत पर पानी भरते समय करंट लगने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे इलाके में गहरा मातम छा गया, वहीं घर में एक साथ एक बेटे और एक भांजे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक आदिल के पिता शब्बीर ने आरोप लगाया है कि नई डाली गई छत पर पानी भरते समय जिस इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से पानी की मोटर चल रही थी, वह लोहे की जाली पर बंधा था। उनके अनुसार, इसी जाली के पास से निजी बिजली कंपनी केईडीएल की बिजली लाइन गुजर रही थी और अचानक करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से आदिल पुत्र शब्बीर और समीर पुत्र रमज़ान गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों बच्चों को तत्काल एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इस हादसे के लिए केईडीएल की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, किशोरपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- एक महिला द्वारा कहे गए शब्द सुनकर लोगों के पैरों तले से जमीन खिसकने का दावा किया गया है। इन शब्दों को सुनकर इतनी तीव्र प्रतिक्रिया हुई है कि यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या एक महिला के मुंह से इस तरह के शब्दों की उम्मीद की जा सकती है।1