स्वच्छता अभियान के दावों की खुली पोल! कागजों में स्वच्छता, धरातल पर गंदगी का अंबार ! सरकार स्वच्छ भारत अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है… लेकिन सवाल है—क्या ये दावे जमीन पर भी दिखाई देते हैं? मथुरा जिले की छाता तहसील के गांव बठेंन से सामने आई तस्वीरें इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। जहां स्वच्छता अभियान की बात होनी चाहिए, वहां ग्रामीणों के मुताबिक गंदगी, जलभराव और अव्यवस्था नजर आ रही है। छाता तहसील के गांव बठेन में ग्रामीणों ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन गांव में इन दावों का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था नियमित नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी की समस्या बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर स्वच्छता अभियान के लिए जिम्मेदार कर्मचारी और व्यवस्था धरातल पर कहां है? बात सिर्फ गांव बठेन तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्रज क्षेत्र के कई गांवों में सफाई व्यवस्था को लेकर ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिलती हैं। गांव बथेन में गोपाल जी मंदिर के तालाब, रास्तों और परिक्रमा मार्ग की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। खासकर वह क्षेत्र जहां धार्मिक यात्राओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है, वहां साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। बताया जाता है कि कठियावाले बाबा की यात्रा के दौरान हजारों साधु-संत और श्रद्धालु गांव से होकर गुजरते हैं। ऐसे में रास्तों और धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था का सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। एक तरफ स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े अभियान और दावे… दूसरी तरफ गांवों में गंदगी और अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें! अब सवाल सीधा है—क्या स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों और प्रचार तक सीमित है, या जिम्मेदार विभाग धरातल पर भी इसकी तस्वीर बदलेंगे? ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से गांव की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।
स्वच्छता अभियान के दावों की खुली पोल! कागजों में स्वच्छता, धरातल पर गंदगी का अंबार ! सरकार स्वच्छ भारत अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है… लेकिन सवाल है—क्या ये दावे जमीन पर भी दिखाई देते हैं? मथुरा जिले की छाता तहसील के गांव बठेंन से सामने आई तस्वीरें इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। जहां स्वच्छता अभियान की बात होनी चाहिए, वहां ग्रामीणों के मुताबिक गंदगी, जलभराव और अव्यवस्था नजर आ रही है। छाता तहसील के गांव बठेन में ग्रामीणों ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन गांव में इन दावों का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था नियमित नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी की समस्या बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर स्वच्छता अभियान के लिए जिम्मेदार कर्मचारी और व्यवस्था धरातल पर कहां है? बात सिर्फ गांव बठेन तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्रज क्षेत्र के कई गांवों में सफाई व्यवस्था को लेकर ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिलती हैं। गांव बथेन में गोपाल जी मंदिर के तालाब, रास्तों और परिक्रमा मार्ग की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। खासकर वह क्षेत्र जहां धार्मिक यात्राओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है, वहां साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। बताया जाता है कि कठियावाले बाबा की यात्रा के दौरान हजारों साधु-संत और श्रद्धालु गांव से होकर गुजरते हैं। ऐसे में रास्तों और धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था का सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। एक तरफ स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े अभियान और दावे… दूसरी तरफ गांवों में गंदगी और अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें! अब सवाल सीधा है—क्या स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों और प्रचार तक सीमित है, या जिम्मेदार विभाग धरातल पर भी इसकी तस्वीर बदलेंगे? ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से गांव की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।
- संजय निषाद बोले- अपराधी की कोई जाति नहीं होतीः मथुरा जिला अस्पताल पहुंचे, मारपीट में घायल हुए लोगों से हालचाल लिया संजय निषाद बोले- अपराधी की कोई जाति नहीं होतीः मथुरा जिला अस्पताल पहुंचे, मारपीट में घायल हुए लोगों से हालचाल लिया1
- अमरनाथ रोड पर पुरातत्व विभाग की जमीन पर बाउंड्री वॉल का मामला, प्रशासन ने बनाए रखने को कहा यथास्थिति मथुरा के अमरनाथ रोड पर पुरातत्व विभाग की जमीन पर कथित रूप से अनधिकृत तरीके से कराई जा रही बाउंड्री वॉल को लेकर प्रशासन और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि संबंधित लोगों को मामले से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सक्षम स्तर से कोई आदेश प्राप्त नहीं होता, तब तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसी भी तरह से शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश न करने की अपील की गई है। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा, कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू समेत नगर निगम और पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।2
- जताया विरोध जनता की मांग—चीनी मिल की बहाली, इथेनॉल प्लांट नहीं जताया विरोध जनता की मांग—चीनी मिल की बहाली, इथेनॉल प्लांट नहीं1
- छाता चीनी मिल आंदोलन: सरकार की जिद बनाम किसानों का स्वाभिमान! उत्तर प्रदेश के छाता क्षेत्र का किसान आज एक ही सवाल पूछ रहा है—"क्या छाता के अन्नदाता को सरकार ने बेवकूफ और पागल समझ रखा है?" । एथेनॉल प्लांट की हठधर्मिता क्यों? किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि पारंपरिक चीनी मिल (Sugar Mill) को पुनर्जीवित किया जाए, ताकि गन्ने का सही दाम और समय पर भुगतान मिले। लेकिन सरकार जबरन एथेनॉल प्लांट (Ethanol Plant) थोपने की जिद पर अड़ी है। उद्योगपतियों की तिजोरी या किसान का हित? सरकार का ध्यान किसान की भलाई पर नहीं, बल्कि एथेनॉल सप्लाई के जरिए बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने पर है। किसानों की अनदेखी: जब छाता की जनता चीनी मिल चाहती है, तो जबरन अपनी नीतियां लादना किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का अपमान है। अनगिनत आंदोलनों का हिसाब सरकार को देना ही होगा। छाता का किसान एकजुट है और जब तक चीनी मिल चालू नहीं होती, यह आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी!1
- मथुरा के बेरोजगारों के लिए और आमदनी बढ़ाने के लिए इनके पास क्या है मथुरा के बेरोजगारों के लिए और आमदनी बढ़ाने के लिए इनके पास क्या है1
- अमरनाथ रोड पर पुरातत्व विभाग की जमीन पर बाउंड्री वॉल का मामला, प्रशासन ने बनाए रखने को कहा यथास्थिति मथुरा के अमरनाथ रोड पर पुरातत्व विभाग की जमीन पर कथित रूप से अनधिकृत तरीके से कराई जा रही बाउंड्री वॉल को लेकर प्रशासन और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि संबंधित लोगों को मामले से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सक्षम स्तर से कोई आदेश प्राप्त नहीं होता, तब तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसी भी तरह से शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश न करने की अपील की गई है। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा, कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू समेत नगर निगम और पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- जोधपुर। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा आज जोधपुर पहुंचे। जोधपुर पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले हाई कोर्ट मे पेश हुए , इसके बाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर चर्चा की तथा मीडिया से बातचीत की। हाई कोर्ट में चल रहे प्रकरण को लेकर DGP ने बताया कि आज कोर्ट के समक्ष पुलिस की ओर से इस मामले में अब तक हुई प्रगति की पूरी जानकारी दी गई है। हाई कोर्ट की ओर से आगे के लिए जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं, उनकी पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी। DGP राजीव शर्मा ने बताया कि वे बुधवार को जैसलमेर के तनोट क्षेत्र और पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि बॉर्डर सिक्योरिटी बेहद गंभीर विषय है। प्रधानमंत्री के विजन के अनुसार सीमा से लगे गांवों को अंतिम नहीं बल्कि प्रथम गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ स्थानीय लोगों को बेहतर पुलिसिंग उपलब्ध करवाना और पुलिस के साथ उनका सहयोग बढ़ाना भी दौरे का प्रमुख फोकस रहेगा। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और हथियार गिराने की घटनाओं को लेकर DGP ने कहा कि ऐसे मामलों में स्थानीय नागरिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि ग्रामीण और स्थानीय लोग जागरूक रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें, तो कई अपराधों पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने हाल ही में श्रीगंगानगर में हुई बड़ी नशीले पदार्थों की बरामदगी का उदाहरण देते हुए बताया कि इस मामले में सूचना स्थानीय नागरिक से ही मिली थी। DGP ने कहा कि बॉर्डर क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने में पुलिस के साथ स्थानीय नागरिकों की भागीदारी बेहद अहम है। Bitye डीजीपी राजीव शर्मा1
- बरसाना में 18 ओर 19 को मनाया जाएगा राधा अष्टमी का पर्व बरसाना में 18 ओर 19 को मनाया जाएगा राधा अष्टमी का पर्व1