बड़ी चेतावनी: अब 'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं तो 'सम्मान निधि' भी नहीं! हरदोई के किसानों के लिए आखिरी मौका! बड़ी चेतावनी: अब 'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं तो 'सम्मान निधि' भी नहीं! हरदोई के किसानों के लिए आखिरी मौका! हरदोई: क्या आप किसान हैं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बिजली की तरह कड़क और बेहद जरूरी है। शासन ने साफ कर दिया है कि जिस किसान की 'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं होगी, उसका सरकारी योजनाओं से पत्ता साफ हो सकता है। गाँव-गाँव लगेंगे 'महा-शिविर' हरदोई के उप कृषि निदेशक सतीश कुमार ने फरमान जारी कर दिया है। 6 अप्रैल 2024 से 15 अप्रैल 2024 तक जिले की हर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। प्रशासन पूरी ताकत के साथ आपके दरवाजे पर आ रहा है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए। ये लाभ रुक सकते हैं: अगर आपने इन तारीखों के बीच रजिस्ट्री नहीं कराई, तो भूल जाइए: PM किसान सम्मान निधि की अगली किस्त। फसल बीमा का सुरक्षा कवच। खाद, बीज और अन्य विभागीय योजनाओं पर मिलने वाली सब्सिडी। आंकड़ों का खेल: 2 लाख किसान अभी भी 'रडार' से बाहर! हरदोई जिले में कुल 8,03,250 किसानों का लक्ष्य है, जिसमें से 5,93,163 किसान बाजी मार चुके हैं। लेकिन असली चिंता उन 2,10,087 किसानों की है जो अभी भी इस प्रक्रिया से दूर हैं। प्रशासन अब इन बचे हुए किसानों को जोड़ने के लिए आर-पार की जंग के मूड में है। कौन करेगा आपकी मदद? शिविर में कृषि विभाग के साथ-साथ राजस्व, गन्ना, उद्यान और ग्राम्य विकास विभाग की टीम मौजूद रहेगी। आपके गाँव के प्रधान, लेखपाल, रोजगार सेवक और कोटेदार को जिम्मेदारी दी गई है कि वे आपको खींचकर शिविर तक लाएं और आपकी रजिस्ट्री सुनिश्चित करें। उप कृषि निदेशक हरदोई की अपील: "किसान भाइयों, इसे हल्के में न लें। निर्धारित तिथियों पर पहुँचें और अपनी फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराएं, वरना भविष्य में सरकारी लाभ मिलना नामुमकिन होगा।" #HardoiNews #FarmerRegistry #PMKisan #KisanUpdate #UPAgriculture #सावधान_किसान #बड़ी_चेतावनी #आखिरी_मौका #सरकारी_योजना #सम्मान_निधि_अलर्ट #HardoiDiaries #हरदोई_समाचार #UPNews #GramPanchayatUpdate
बड़ी चेतावनी: अब 'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं तो 'सम्मान निधि' भी नहीं! हरदोई के किसानों के लिए आखिरी मौका! बड़ी चेतावनी: अब 'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं तो 'सम्मान निधि' भी नहीं! हरदोई के किसानों के लिए आखिरी मौका! हरदोई: क्या आप किसान हैं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बिजली की तरह कड़क और बेहद जरूरी है। शासन ने साफ कर दिया है कि जिस किसान की 'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं होगी, उसका सरकारी योजनाओं से पत्ता साफ हो सकता है। गाँव-गाँव लगेंगे 'महा-शिविर' हरदोई के उप कृषि निदेशक सतीश कुमार ने फरमान जारी कर दिया है। 6 अप्रैल 2024 से 15 अप्रैल 2024 तक जिले की हर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। प्रशासन पूरी ताकत के साथ आपके दरवाजे पर आ रहा है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए। ये लाभ रुक सकते हैं: अगर आपने इन तारीखों के बीच रजिस्ट्री नहीं कराई, तो भूल जाइए: PM किसान सम्मान निधि की अगली किस्त। फसल बीमा का सुरक्षा कवच। खाद, बीज और अन्य विभागीय योजनाओं पर मिलने वाली सब्सिडी। आंकड़ों का खेल: 2 लाख किसान अभी भी 'रडार' से बाहर! हरदोई जिले में कुल 8,03,250 किसानों का लक्ष्य है, जिसमें से 5,93,163 किसान बाजी मार चुके हैं। लेकिन असली चिंता उन 2,10,087 किसानों की है जो अभी भी इस प्रक्रिया से दूर हैं। प्रशासन अब इन बचे हुए किसानों को जोड़ने के लिए आर-पार की जंग के मूड में है। कौन करेगा आपकी मदद? शिविर में कृषि विभाग के साथ-साथ राजस्व, गन्ना, उद्यान और ग्राम्य विकास विभाग की टीम मौजूद रहेगी। आपके गाँव के प्रधान, लेखपाल, रोजगार सेवक और कोटेदार को जिम्मेदारी दी गई है कि वे आपको खींचकर शिविर तक लाएं और आपकी रजिस्ट्री सुनिश्चित करें। उप कृषि निदेशक हरदोई की अपील: "किसान भाइयों, इसे हल्के में न लें। निर्धारित तिथियों पर पहुँचें और अपनी फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराएं, वरना भविष्य में सरकारी लाभ मिलना नामुमकिन होगा।" #HardoiNews #FarmerRegistry #PMKisan #KisanUpdate #UPAgriculture #सावधान_किसान #बड़ी_चेतावनी #आखिरी_मौका #सरकारी_योजना #सम्मान_निधि_अलर्ट #HardoiDiaries #हरदोई_समाचार #UPNews #GramPanchayatUpdate
- रियल न्यूज हरदोई सुरसा थाना क्षेत्र में नेवलिया गांव में मिशन सत्य के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया , और उनका महत्वपूर्ण नंबरों के बारे में भी जानकारी दी गई जैसे 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 112 आपातकालीन पुलिस सेवा 1090 वीमेन हेल्पलाइन जैसे नंबरों की जान विस्तार से जानकारी दी गई वह सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया महिला उप निरीक्षक सुरेखा शर्मा द्वारा गांव गांव जाकर महिला एवं बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है उनकी इस पहल से ग्रामीण सराहना कर रहे हैं.।1
- Post by Ankit Singh4
- नगर पालिका में 3महीने से ज्यादा समय हो गया है और कई बार शिकायत पत्र दिये हुऐ हैं अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है न कोई सड़क बनी और न कोई साफ-सफाई हुई है ना ही कोई नाला बना अधिकारी शिकायत को अनदेखा कर देते है कुछ दिनो के बाद बरसात का पानी मोहल्ले के घरों में भर जायेगा और कई हफ्तों तक भरा रहता है लेकिन नगर पालिका के अधिकारीयों को शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते3
- #हरदोई। जनपद के अरवल थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में अज्ञात कारणों से खलिहान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में किसान की लगभग पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे आग पर काबू पाया।1
- हरदोई: बीच सड़क 'सुल्तान' बने दो युवक, पुलिस लाइन के सामने जमकर चले लात-घूंसे!वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल...... #ViralVideo #RoadFight #DesiDangal #StreetFight #ViralNews #Kalesh #SocialMediaViral #TrendingNow #बीच_सड़क_दंगल #दे_दना_दन #सुल्तान_ऑफ_हरदोई #बिना_बात_का_बवाल #SavageHardoi #CityKotwali #PoliceLineHardoi #UPPolice #LawAndOrder1
- रिपोर्टर: रजनीश शर्मा, चन्दन हरदोई हरदोई जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स के साथ हुई लूट की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी जोन लखनऊ, किरण एस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने पीड़ित ज्वेलर्स से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। आईजी किरण एस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस टीम को सक्रियता और तत्परता के साथ जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस टीम विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।2
- उत्तरप्रदेश के हरदोई से सबसे बड़ी खबर… धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर जेल जा चुका एक शख्स…अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरा है! इसलिए सवाल सीधा है — 👉 क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है? 👉 या रसूखदारों के लिए अलग संविधान चलता है? 👇 समझिए हरदोई के सवायजपुर इलाके से बड़ा खुलासा…आरोप है कि 1975 में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर जनता इंटर कॉलेज की नींव रखी गई…अब भूलेख के रिकॉर्ड खुद गवाही दे रहे हैं — 👉 7.79 हेक्टेयर जमीन 👉 15 खसरे 👉 और करोड़ों की कीमत यानि सवाल सिर्फ कब्जे का नहीं… 👉 पूरा सिस्टम कटघरे में है! 🔥 पहला सवाल: क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करके कॉलेज खड़ा करना अपराध नहीं है? 🔥 दूसरा सवाल: 1999 में नामांतरण कैसे हुआ? 👉 किसके दबाव में हुआ? 👉 किसने फाइल पास की? 🔥 तीसरा सवाल: अगर जमीन “नवीन परती” थी… तो “मशरूक” बनने की कहानी क्या है? 🔥 चौथा सवाल: क्या यह पूरा खेल राजनीतिक संरक्षण का है? 🔥 पाँचवां और सबसे बड़ा सवाल: 👉 कब खाली होगी ये जमीन? 👉 कब चलेगा बुलडोज़र? सूत्र बताते हैं… 👉 पहले शिक्षक था… 👉 फिर विवादों में आया… 👉 और अब जमीन के खेल का बड़ा खिलाड़ी बन बैठा! और फिर सनातन समाज पर अपने साथियों के साथ चढ़ बैठा, और आखिर एक सभा में यही अकेला नहीं बल्कि इसके साथ कई सिरफिरे धर्म, सभ्यता, सनातन के विरुद्ध बोले लेकिन अभी तक जो कार्यवाही हुईं 👇 वह मामूली क्यों? कथित नेता के परिवार का दबदबा इतना कि…👇 👉 चुनाव में विरोध करने वालों पर कराए मुकदमे! 👇 क्या यही है लोकतंत्र? प्रशासन से सीधा सवाल 👇 तहसीलदार कहते हैं — “आपत्ति आएगी तो जांच करेंगे…” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या इतनी बड़ी जमीन पर कब्जे के लिए भी “आपत्ति” का इंतजार होगा? 👉 क्या प्रशासन खुद संज्ञान नहीं ले सकता? 👉क्या जनपद के डीएम और इलाके के एसडीएम को सत्ता विरोधी और समाज विरोधी शख्स की तानाशाही के मामलों में भी स्वतः संज्ञान लेने में दिक्क़त है? 👉 क्या डीएम चाहें तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामले का ज्ञान नहीं दे सकते हैं? 👉क्या डीएम को भी कार्यवाही के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता है? 👉देश में बुलडोज़र कार्रवाई की मिसालें दी जाती हैं…लेकिन यहां…👇 👉 दशकों से कब्जा… और सिर्फ जांच की बात! तो क्या ये मान लिया जाए कि — 👉 रसूखदारों के आगे कानून बेबस है? 👉क्या इस जिले में भूमाफियाओं के सामने कानून फेल है? 👉 क्या जिले भर के भूमाफियायों की राजस्व अभिलेखागार तक दखलअंदाजी की चर्चाएं सही है? 👉 क्या भूमाफियाओं के सामने प्रशासन वेवश है? 👉 आखिर कब तक चलता रहेगा जमीनों के कब्जे में प्रशासनिक मिलीभगत का ये खेल? 👉 आखिर कब होगी यदुनंदन एवं अन्य भू माफियाओं तथा मिले हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई? 👉 और कब यदुनंदन के कब्जे से सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त? कुल मिलाकर जब तक नहीं होगी कब्ज़ामुक्त तब तक 👇 हम पूछेंगे… बार-बार पूछेंगे… क्योंकि ये सवाल सिर्फ जमीन का नहीं… 👉 न्याय और सिस्टम की साख का है! 👉 तो क्या सिस्टम अपनी साख बचाएगा?1
- ankit singh Kanpur jila dabali gaon3