बैतूल जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले 'SAFE CLICK–2.0' अभियान के सहयोगियों को शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया। इस अभियान की सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विद्यार्थियों, डिजिटल वॉलंटियर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र सौंपे गए। समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस और जनता मिलकर काम करते हैं, तो जागरूकता एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेती है। इस कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी सहित पूरी साइबर सेल की टीम उपस्थित रही। अभियान के तहत जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों, बैंकों, सरकारी दफ्तरों, ग्राम पंचायतों और बाजारों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साइबर सेफ्टी वॉक, साइबर क्विज, चित्रकला प्रतियोगिता, साइबर प्रदर्शनी, रैलियों और सोशल मीडिया अभियान के जरिए लाखों लोगों तक सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण के लिए "सोचें, समझें, फिर क्लिक करें" के संकल्प के साथ साइबर सुरक्षा की शपथ ली।
बैतूल जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले 'SAFE CLICK–2.0' अभियान के सहयोगियों को शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया। इस अभियान की सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विद्यार्थियों, डिजिटल वॉलंटियर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र सौंपे गए। समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस
की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस और जनता मिलकर काम करते हैं, तो जागरूकता एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेती है। इस कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी सहित पूरी साइबर सेल की टीम उपस्थित रही। अभियान के तहत जिले के सभी थाना
और चौकी क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों, बैंकों, सरकारी दफ्तरों, ग्राम पंचायतों और बाजारों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साइबर सेफ्टी वॉक, साइबर क्विज, चित्रकला प्रतियोगिता, साइबर प्रदर्शनी, रैलियों और सोशल मीडिया अभियान के जरिए लाखों लोगों तक सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण के लिए "सोचें, समझें, फिर क्लिक करें" के संकल्प के साथ साइबर सुरक्षा की शपथ ली।
- मध्य प्रदेश के दतिया उप चुनाव में नरोत्तम मिश्रा ने अपनी बात रखी है। उन्होंने इस उप चुनाव को लेकर अपना बयान दिया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में दंगल के दौरान कांग्रेस प्रतिपक्ष के नेता उमंग सिंगार का बयान सामने आया है।1
- बैतूल के आमला नगर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रदेश सरकार के दावों की पोल खुल रही है। विद्यालय में पिछले कई महीनों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है, जिसके कारण अपनी प्यास बुझाने के लिए सैकड़ों छात्राओं को स्कूल परिसर से बाहर जाकर सार्वजनिक नलों और हैंडपंपों से पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है। विद्यालय में पहले नगर पालिका द्वारा 24 घंटे जलापूर्ति वाला नल कनेक्शन दिया गया था, लेकिन नगर पालिका ने उसे काट दिया। स्कूल की प्राचार्य प्रमिला सावले के अनुसार, जल कनेक्शन बहाल करने के लिए 28 जनवरी 2026 को नगर पालिका को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन करीब छह महीने बीतने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही और शुक्रवार को भी कई छात्राएं स्कूल के सामने लगे सार्वजनिक नल से बोतलों व बाल्टियों में पानी भरकर ले जाती देखी गईं। समस्या के समाधान के लिए अंततः जनसुनवाई में भी आवेदन देकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई है। दूसरी ओर, नगर पालिका के जल प्रभारी अरुण पवार का तर्क है कि विद्यालय को जलावर्धन योजना से कनेक्शन दिया गया है, जिसमें तीन-चार दिन में केवल एक बार पानी की आपूर्ति होती है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इसी व्यवस्था से काम चलाने या फिर अपना वैकल्पिक इंतजाम स्वयं करने की बात कही है। इस पूरे मामले पर पक्ष जानने के लिए जब नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नितिन बिंजवे से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इस पेयजल संकट को लेकर अब प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए हैं। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) धीरेंद्र साहू ने बताया कि वे नगर पालिका से बात कर रहे हैं और सोमवार तक विद्यालय में पानी की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने नगर पालिका के सीएमओ को कड़े निर्देश दिए हैं कि विद्यालय में पुनः 24 घंटे वाला जल कनेक्शन लगाया जाए, ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।2
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला रेलवे स्टेशन पर 'ऑपरेशन हमदर्द' के तहत जीआरपी ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। आमला जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए 8 साल से लापता एक बुजुर्ग व्यक्ति को उनके परिजनों से मिलवाया है। रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिले यह 50 वर्षीय व्यक्ति बिहार के निवासी हैं। जीआरपी की तत्परता के कारण ही सालों से बिछड़े इस व्यक्ति का अपने परिवार से दोबारा मिलन संभव हो पाया है।1
- बैतूल जिले के आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र की ग्राम अम्बाड़ा पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोरम ढाना में ग्रामीण लंबे समय से पानी, सड़क और बिजली की समस्या से परेशान हैं। करीब 50 मकानों वाले इस गांव में आज भी कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ग्रामीणों ने अपनी इन समस्याओं को लेकर बैतूल जिले के सांसद को भी ज्ञापन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। गांव की सड़क खराब होने की वजह से यहां आवागमन में भारी परेशानी होती है और कच्चे रास्ते के कारण आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती है। इसी बदहाल कच्चे रास्ते से होकर माध्यमिक शाला के बच्चे पढ़ाई के लिए दूसरे गांव जाने को मजबूर हैं। इसके साथ ही, गांव में नल-जल योजना न होने से ग्रामीणों को रोजाना पानी और बिजली की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परेशान ग्रामीणों ने अब जिला कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपनी समस्याओं के निराकरण की बात कही है। मोरम ढाना के निवासियों ने शासन और प्रशासन से गांव में पक्की सड़क बनवाने और पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल पुलिस कंट्रोल रूम में 'सेफ क्लिक-2.0' साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान के तहत एक गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पुलिस मुख्यालय, मध्य प्रदेश के निर्देशन में संचालित इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्कूली विद्यार्थियों, चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलंटियर्स, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के मुख्य आतिथ्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैतूल कमलेश खरपुसे, एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, सूबेदार नवीन सोनकर, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी एवं साइबर सेल की टीम उपस्थित रही। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र सौंपे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 'सेफ क्लिक-2.0' ने यह सिद्ध किया है कि जब पुलिस और समाज साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो जागरूकता एक जनआंदोलन का रूप ले लेती है। उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम में प्रत्येक जागरूक नागरिक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया। समारोह के दौरान इस अभियान की प्रमुख उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया। इसके तहत बैतूल जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों, बैंकों, सरकारी कार्यालयों, ग्राम पंचायतों और बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर विभिन्न नवाचारों के जरिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। साइबर सेफ्टी वाक, साइबर क्विज, चित्रकला प्रतियोगिता, साइबर सुरक्षा शपथ, प्रदर्शनी, जनसंवाद, रैलियों और सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से लाखों लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। जिला पुलिस बैतूल ने इसके माध्यम से संदेश दिया है कि साइबर सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा 'सोचें, समझें, फिर क्लिक करें'।1
- बैतूल जिले के भैंसदेही में नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा एक अनोखा प्रदर्शन किया गया। आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम की उपस्थिति तथा ब्लॉक अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से कुंभकर्ण बनाकर नगर परिषद के गेट पर धरना दिया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य नगर परिषद को उसकी कुंभकरणीय नींद से जगाना था। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के नाम मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि 3 सितंबर 2023 को मुख्यमंत्री भू-अधिकार पट्टे के स्वीकृति पत्र लगभग 95 हितग्राहियों को बांटे गए थे, लेकिन आज तक उन्हें पट्टे नहीं मिले हैं जिससे वे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इसके अलावा, दिसंबर आवास योजना 2.0 के तहत 35 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत होने और 4 महीने पहले जीओ किस्त होने के बावजूद दूसरी किस्त उनके खातों में नहीं डाली गई है। नगर परिषद के सभी 15 वार्डों में पाइपलाइन खुदाई के कारण आधी सड़कें खराब हो चुकी हैं, जिससे बारिश में कीचड़ और हादसों के कारण बुजुर्गों तथा स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी हो रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा पूरी सड़कों को रिपेयर किया जाए और दूषित पानी से बीमारियों को रोकने के लिए पाइपलाइन के खुले गड्डों (वाल) पर ढक्कन लगाए जाएं। ज्ञापन में शनिवार बाजार में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले वाहनों से बिना पार्किंग व्यवस्था के वसूले जा रहे स्वच्छता शुल्क को 'अवैध वसूली' बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की गई है, और शिव मंदिर तालाब या सिटी ग्राउंड के पास पार्किंग बनाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, नगर परिषद पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि केवल गरीबों के अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं जबकि भाजपा नेताओं के अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। परिषद के लोक सेवकों पर अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों और पुत्र-पुत्रियों को नियम विरुद्ध नौकरी पर रखकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत भ्रष्टाचार करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने नगर की सभी पानी की टंकियों की समय पर सफाई करने और लोगों के घरों के छतों से सड़क पर गिरने वाले पानी के पाइपों को हटाने की मांग भी उठाई है। इस धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी धर्मेंद्र मालवीय, सुखदेव घाणेकर, बबन राठौर, अफरोज भाई, संतोष थोटेकर, विजय भुसकुटे, अनिल नीनवे, श्रवण सिंह ठाकुर, प्रहलाद कोषे, पंजाब आहाके, मोहित राठौर, पार्षद महेश थोटेकर, शोयेब विंध्यानी, निखिल देशमुख सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- बैतूल जिले के आमला में रेल पुलिस भोपाल द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन हमदर्द" के तहत जीआरपी थाना आमला ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घर से नाराज होकर निकली एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों, भटके हुए और असहाय लोगों की मदद कर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाना है। मामले के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को आमला रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर एक किशोरी घबराई और परेशान अवस्था में बैठी पाई गई। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रमोद पाटिल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब उससे आत्मीयता से बातचीत की, तो उसने अपना नाम भूमिका वट्टी (16 वर्ष), निवासी ग्राम हरन्या टांडी, बोरदेही, जिला बैतूल बताया। किशोरी ने बताया कि वह करीब एक महीने पहले ग्राम चुटकी में अपनी बड़ी मां के घर गई थी, जहां 8 जुलाई को घरेलू काम को लेकर डांट पड़ने से नाराज होकर वह बिना बताए घर से निकल गई और कई घंटों से रेलवे स्टेशन पर भूखी-प्यासी अकेली बैठी थी। नाबालिग की स्थिति को देखते हुए जीआरपी की महिला आरक्षक पूजा यादव और महविस खान ने उसे सुरक्षित थाने पहुंचाया, जहां उसे भोजन और पानी देकर शांत कराया गया। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसके पिता परसराम वट्टी और मामा रितेश ध्रुवे से संपर्क किया। थाने पहुंचे परिजनों को कानूनी औपचारिकताओं और सत्यापन के बाद बालिका को सकुशल सौंप दिया गया, जिस पर उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की सराहना की। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद पाटिल के साथ प्रधान आरक्षक मनोज नागले, आरक्षक दीपक खलोटे, अनिल कुमरे, सनोज धुर्वे, प्रदीप उबनारे, महिला आरक्षक पूजा यादव और महविस खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल भोपाल राजाबाबू सिंह, पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल अंकित जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू डाबर और उप पुलिस अधीक्षक रेल इटारसी महेन्द्र सिंह कुल्हारा के मार्गदर्शन में पूरी की गई।2