"प्यास, गर्मी और शर्मिंदगी से त्रस्त बरहज रेलवे स्टेशन: कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना, रेल चक्का जाम की चेतावनी!" बरहज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं की कमी अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है। पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के अभाव में यात्री रोजाना जूझ रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अन्याय के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई और स्टेशन गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व में लाजपत भवन से सैकड़ों प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन पहुंचे और जमीन पर बैठ गए। सिंह ने कहा, "यहां यात्रियों को प्यास लगने पर या तो महंगा पानी खरीदना पड़ता है या प्रदूषित हैंडपंप का पानी पीना पड़ता है। शौचालय न होने से लोग झाड़ियों में जाते हैं, जो स्वच्छ भारत अभियान का मखौल है। गर्मी में बिजली-पंखे के बिना यात्री तप रहे हैं। वाराणसी रेल मंडल के डीआरएम से बार-बार बात हुई, वादे हुए, लेकिन कोई सुधार नहीं। जनप्रतिनिधि भी चुप हैं।" उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिनों में अगर मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं हुईं, तो रेल चक्का जाम किया जाएगा। साथी नेताओं चंद्रभूषण पांडेय और भोला तिवारी ने भी ऐलान किया कि जब तक पानी, शौचालय और बिजली की व्यवस्था नहीं होगी, धरना नहीं उठेगा। इस आंदोलन में नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल 'जीतू', रमेश तिवारी, नागेंद्र शुक्ल, चंद्रमोहन पांडेय, रामसनेही, शिव कुमारी देवी, उषा देवी, किरण देवी और अफजल अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। मऊ से पहुंचे डीसीआई अखिलेश सिंह ने धरना खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता अडिग रहे। बरहज रेलवे स्टेशन, जो कभी औद्योगिक महत्व रखता था, आज उपेक्षा का शिकार है। यह धरना सिर्फ एक स्टेशन की नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों की गरिमा और बुनियादी अधिकारों की लड़ाई है। क्या रेल प्रशासन अब जागेगा, या जन-आक्रोश और बढ़ेगा? जनता इंतजार कर रही है
"प्यास, गर्मी और शर्मिंदगी से त्रस्त बरहज रेलवे स्टेशन: कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना, रेल चक्का जाम की चेतावनी!" बरहज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं की कमी अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है। पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के अभाव में यात्री रोजाना जूझ रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अन्याय के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई और स्टेशन गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व में लाजपत भवन से सैकड़ों प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन पहुंचे और जमीन पर बैठ गए। सिंह ने कहा, "यहां यात्रियों को प्यास लगने पर या तो महंगा पानी खरीदना पड़ता है या प्रदूषित हैंडपंप का पानी पीना पड़ता है। शौचालय न होने से लोग झाड़ियों में जाते हैं, जो स्वच्छ भारत अभियान का मखौल है। गर्मी में बिजली-पंखे के बिना यात्री तप रहे हैं। वाराणसी रेल मंडल के डीआरएम से बार-बार बात हुई, वादे हुए, लेकिन कोई सुधार नहीं। जनप्रतिनिधि भी चुप हैं।" उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिनों में अगर मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं हुईं, तो रेल चक्का जाम किया जाएगा। साथी नेताओं चंद्रभूषण पांडेय और भोला तिवारी ने भी ऐलान किया कि जब तक पानी, शौचालय और बिजली की व्यवस्था नहीं होगी, धरना नहीं उठेगा। इस आंदोलन में नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल 'जीतू', रमेश तिवारी, नागेंद्र शुक्ल, चंद्रमोहन पांडेय, रामसनेही, शिव कुमारी देवी, उषा देवी, किरण देवी और अफजल अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। मऊ से पहुंचे डीसीआई अखिलेश सिंह ने धरना खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता अडिग रहे। बरहज रेलवे स्टेशन, जो कभी औद्योगिक महत्व रखता था, आज उपेक्षा का शिकार है। यह धरना सिर्फ एक स्टेशन की नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों की गरिमा और बुनियादी अधिकारों की लड़ाई है। क्या रेल प्रशासन अब जागेगा, या जन-आक्रोश और बढ़ेगा? जनता इंतजार कर रही है
- भूमि विवाद की जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार पर पक्षपात और दुर्व्यवहार का आरोप पीड़ित ने लगाये एकपक्षीय कार्रवाई करने व धमकी देने सहित गंभीर आरोप बिल्थरारोड ।तहसील क्षेत्र के अतरौल चक मिलकान गांव मे चल रहे भूमि विवाद का मामला उस वक्त गहरा गया जब एक पक्ष ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरारोड रोशन सिंह पर पक्षपात पुर्ण कार्रवाई करने, दुर्व्यवहार व धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए न सिर्फ उच्चाधिकारियों तक इसकी शिकायत कर दी बल्कि मीडिया को भी इस संदर्भ मे बयान दे डाला जिसके बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। अतरौल चक मिलकान गांव निवासी रामनयन यादव का कहना है कि 8 माह पूर्व अपने घर से कुछ ही दूरी पर एक जमीन खरीदी थी जिसका उन्होंने अपनी तसल्ली के लिए रजिस्ट्री कराने से पहले कब्जा भी कर लिया था जिसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया संपन्न हुई इसके दस्तावेज की उनके पास मौजूद हैं विगत दो माह से रामनयन उक्त भूमि पर मेड़बंदी कर कर कराकर स्थाई पिलर लगाने के बाद टिन शेड लगाकर गौशाला का निर्माण कर रहे थे वहीं उक्त भूमि के आसपास स्थित भूस्वामियों का किसी तरह का बंटवारे का विवाद भूमि पर चल रहा था इसको लेकर पूर्व में भी दूसरे पक्ष ने डायल 112 बुलाकर तहरीर दर्ज कराई थी जिस मे पीड़ित के अनुसार पुलिस ने सारे पेपर सही होने पर क्लीन चिट दे दी थी ।लेकिन यह मामला बुधवार की दोपहर उस वक्त गर्मा गया जब मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरा रोड रोशन सिंह ने जांच करने के दौरान एक पक्ष की पर ना सिर्फ नाराजगी दिखाई बल्कि इस दौरान कई बार अपशब्दों का प्रयोग भी किया और साथ ही पीड़ित को गुंडा इत्यादि शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम्हारी गुंडई सही कर देंगे । मामले को बढ़ता देख नायब तहसीलदार ने थानाध्यक्ष उभांव को फोन करने के दौरान कहा कि कुछ समाजवादी पार्टी के लोग हैं जो गुंडई कर रहे हैं । इस दौरान पीड़ित पक्ष द्वारा बनाया जा रहा था जिस पर तहसीलदार के साथ मौजूद गार्ड ने वीडियो बनाने वाले का मोबाइल छीनने और लाठी चलाने की भी कोशिश की पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- Gorakhpur | एक वीडियो जो बदलेगा सोच – स्कूल को बचाना क्यों है जरूरी..? Gorakhpur में सामने आया एक ऐसा वीडियो, जो हर अभिभावक और जिम्मेदार नागरिक को सोचने पर मजबूर कर देगा। स्कूल की जर्जर हालत, टूटी दीवारें, गंदगी और जलभराव—क्या यही है हमारे बच्चों का भविष्य? सरकारी योजनाओं के बावजूद अगर विद्यालयों की स्थिति बदहाल है, तो सवाल उठना लाज़मी है। बच्चे जहां शिक्षा लेने आते हैं, वही स्थान अगर असुरक्षित हो जाए तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि भविष्य से खिलवाड़ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। अब ज़रूरत है कि प्रशासन तुरंत संज्ञान ले और स्कूल की मरम्मत व साफ-सफाई की ठोस व्यवस्था करे। 👉 स्कूल को बचाना क्यों ज़रूरी है? क्योंकि स्कूल सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि समाज का भविष्य है।1
- मऊ - नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की हुई जबरदस्त टक्कर...! ट्रेलर की टक्कर से कोयला से लदा ट्रक में लगी आग ट्रक ड्राइवर की मौत...! दो थानों की पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मृतक ड्राइवर संदीप कुमार राणा झारखंड हजारीबाग रांची का रहने वाला था। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बशारतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे की घटना...! #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #maumahadev #facebookreels #reelschallenge #NayeBharatKaNayaUP #fbreels #reelsviralシ1
- Aaj Humare padari gram sabha me do bchha chor pakde gaye hain gav vale inko pakd kar vartalap karne ke baad prashasan ko saunp Diye Hain aur aage dekhte hain ki prashasan inke sath kya karti hai aur prashasan ko ine donon ke sath kada se kada niyam apnana chahie2
- Azamgarh khujiya bajar kasba Sarai ka main nivasi hun mere gaon mein 5 sal se koi bhi Kam nahin hua Hai jitne bhi sab log Hain bahut Garib hai Kisi ki himmat nahin Hoti Hai bolane ke liye Pradhan ke pass koi Sarkar Se Hi main kahana chahta hun Safai surakshit hona chahie ki nahin1
- सघन जांच के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, केंद्रों पर कड़ी निगरानी व्यवस्था1
- मऊ। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र के रेवरीडीह का है जहां ग्रामीणों ने पत्नी को छोड़ साली के साथ फरार हो रहे जीजा को पकड़ पुलिस के हवाले किया।1
- एकसार में चकबंदी विभाग द्वारा किए गए खेल के बाद कब्जा करने वाले को नायब तहसीलदार की चेतावनी का वीडियो हो रहा वायरल। बिल्थरारोड।तहसील क्षेत्र के एकसार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में लेखपाल द्वारा बदले गए चक पर दूसरे के कब्जे को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक बयान के कारण और सुर्खियों में आ गया है। भूमि विवाद में अपने ही खेत पर कब्जे के लिए भूस्वामिनी वृद्धा महिला बिलख रही है।हाईकोर्ट के यथास्थिति आदेश के बावजूद भूस्वामिनी नफीसा सुल्तान को अपने खेत पर जोताई-बुआई से रोके जाने का आरोप है। वहीं दूसरे पक्ष पर दबंगई और चकबंदी कर्मियों से मिलीभगत कर उड़ान चक बैठवाने की बात कही जा रही है।विवाद बढ़ने पर नायब तहसीलदार रोशन सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान एक पक्ष से तीखी नोकझोंक हुई और उनका कथित बयान “नशा उतार दूंगा…”कैमरे में कैद हो गया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फिलहाल विवादित भूमि पर कृषि कार्य पर रोक लगा दी गई है और जांच की बात कही गई है। सवाल यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी यदि भूस्वामी नफीसा सुल्तान नामक वृद्ध महिला को अपने ही खेत पर कब्जा पाने के लिए संघर्ष करना पड़े, तो चकबंदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगने लगा है । वहीं वृद्ध महिला कहना है कि चकबंदी विभाग से मिलकर गांव के जावेद अहमद उन्हें और परिजनों को परेशान कर उनकी भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं जबकि वह लंबे समय से अपने खेत पर काबिज है और उसके पक्ष में हाईकोर्ट का आदेश भी है।3
- कराटे कोच चंद्र प्रकाश मौर्य इंटरनेशनल प्लेयर एवं गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर कई पदक अपने नाम किए हैं। उनके कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण ने उन्हें खेल जगत में विशेष पहचान दिलाई है। वे बच्चों और युवाओं को आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और देशभक्ति की प्रेरणा देते हुए क्षेत्र व देश का नाम निरंतर रोशन कर रहे हैं। 🥋🏆1