Shuru
Apke Nagar Ki App…
बाराबंकी के मरखापुर गाँव के निवासी और बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक देवा रावत पर कथित तौर पर हमला हुआ है। उन्होंने रविवार को इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला बस्ती जिले में अज्ञात लोगों द्वारा किया गया। देवा रावत के अनुसार, वह एक पारिवारिक कार्यक्रम के लिए खलीलाबाद गए थे और वहाँ से वापस लौटते समय उन पर हमला हुआ। उन्होंने बताया कि हमले के वक्त वह इतने डर गए थे कि उनकी आँखें बंद हो गईं, जिसके कारण वह हमलावरों या हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु की पहचान नहीं कर पाए। इस मामले में, देवा रावत ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जाँच की मांग की है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और इस संबंध में पुलिस की जाँच शुरू कर दी गई है।
Anil Kumar Journalist
बाराबंकी के मरखापुर गाँव के निवासी और बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक देवा रावत पर कथित तौर पर हमला हुआ है। उन्होंने रविवार को इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला बस्ती जिले में अज्ञात लोगों द्वारा किया गया। देवा रावत के अनुसार, वह एक पारिवारिक कार्यक्रम के लिए खलीलाबाद गए थे और वहाँ से वापस लौटते समय उन पर हमला हुआ। उन्होंने बताया कि हमले के वक्त वह इतने डर गए थे कि उनकी आँखें बंद हो गईं, जिसके कारण वह हमलावरों या हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु की पहचान नहीं कर पाए। इस मामले में, देवा रावत ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जाँच की मांग की है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और इस संबंध में पुलिस की जाँच शुरू कर दी गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जनसत्तादल सुप्रीमो महाराजा कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" जी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संबंध में एक बयान दिया है, जिसकी प्रकृति को लेकर कौतूहल व्यक्त किया गया है। उन्हें उनके समर्थकों द्वारा "पावर स्टार", "वनमैन आर्मी", "शानदार व्यक्तित्व के धनी", "जन-जन के नायक", "आदर्श राजनेता", "अजेय योद्धा", और "संघर्ष, सेवा तथा स्वाभिमान के प्रतीक" जैसे विशेषणों से संबोधित किया गया है। उन्हें "विश्वास का नाम" भी बताया गया है।1
- बाराबंकी के फतेहपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री शक्ति धाम महादेव तालाब परिसर में पूर्णिमा महोत्सव समिति द्वारा फाल्गुन पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से भव्यता से सजाया गया था, जिसमें महामाई उजली मैया का भव्य सतरंगी श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महोत्सव के दौरान एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। गणेश वंदना की प्रस्तुति अशोक रस्तोगी और प्रखर शर्मा ने दी। इसके पश्चात, क्षेत्रीय भजन गायक तरुण राजन और शानू सोनी ने मां की महिमा में कई भक्तिमय भजन सुनाकर समां बांध दिया। नगर के विख्यात भजन गायक आकाश गुप्ता (किशोर) ने भी अपनी मधुर आवाज में "जगदम्बे भवानी मैया", "मैया तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है" और "चलो बुलावा आया है" जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते रहे। कार्यक्रम का समापन मां की भव्य महाआरती के साथ हुआ। आरती के उपरांत, कन्या भोज और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ कमाया। इस अवसर पर राजेश पाठक, मुकेश अग्रवाल, रामनिवास वर्मा, प्रखर शर्मा, सुरेंद्र वर्मा, नानक शरण, सुमित पाठक, हिमांशु राजपूत, शंकर, आनंद सिंह, संजय बारी, राकेश गुप्ता, अमित पाठक और दिनेश श्रीवास्तव सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।1
- लखनऊ में कांग्रेस पार्टी ने पेपर लीक के मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए एक मशाल जुलूस निकाला। इस प्रदर्शन में NSUI, यूथ विंग, महिला मोर्चा और सेवा दल सहित कांग्रेस पार्टी के सभी विंगों ने भागीदारी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बार-बार पेपर लीक होने और परीक्षाओं के रद्द होने से छात्र मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके हैं। हाथ में मशाल लेकर विधानसभा घेरने की कोशिश कर रहे इन प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया।2
- बाराबंकी के टिकैतनगर स्थित जेडी हॉस्पिटल की एक महिला कर्मचारी ने कुछ लोगों पर अस्पताल परिसर में घुसकर गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस मामले में टिकैतनगर थाने में प्रार्थना पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महिला कर्मचारी ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने छोटे बच्चे के साथ अस्पताल के रिसेप्शन पर बैठी थी। इसी दौरान बलेनो कार संख्या UP32 MM 0994 से डॉ. दिलीप गिरी, डॉ. गंगेश, विजय सिंह, कणवीर सिंह सहित कुछ अन्य लोग वहाँ पहुँचे और उसके साथ अभद्रता की, साथ ही बाल पकड़कर मारपीट का भी प्रयास किया। महिला के अनुसार, शोर सुनकर उसके पति भारत और अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुँच गया, जिसके बाद कथित तौर पर आरोपी वहाँ से चले गए। इस घटना का एक वीडियो भी बनाए जाने का दावा किया गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस संबंध में थाना प्रभारी टिकैतनगर मनोज कुमार ने जानकारी दी है कि उन्हें महिला कर्मचारी की ओर से प्रार्थना पत्र मिल गया है। मामले की जाँच की जा रही है और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- एक सीधे संदेश में लोगों से पूछा गया है कि उन्हें ‘हमारे बारे में’ क्या जानकारी मिली है। इस संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है, तो वे इसकी सूचना दें।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिव्यांग व्यक्ति की जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि कुछ सहयोगियों की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया गया है। पीड़ित दिव्यांग ने इस संबंध में प्रार्थना पत्र लिखा है, लेकिन इसके बावजूद उसे न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।1
- मलिहाबाद क्रॉसिंग पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य के कारण सेतु निगम ने अमानीगंज गांव के रास्ते को वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया है। हालांकि, यह व्यवस्था अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए एक नई समस्या बन गई है, जिससे वे लगातार परेशानी झेल रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, अमानीगंज गांव में कई लोग अपनी कार, मोटरसाइकिल और अन्य वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। इसके चलते मार्ग काफी संकरा हो जाता है और दोनों तरफ से आने-जाने वाले वाहनों को भारी दिक्कतें होती हैं, जिससे दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से मलिहाबाद क्रॉसिंग पर निर्माण कार्य शुरू हुआ है, तब से इस वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे गांव के अंदर का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। राहगीरों का कहना है कि थाना मलिहाबाद पुलिस और संबंधित विभागों का इस गंभीर समस्या की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं है। लोगों ने यह चिंता भी जताई है कि यदि किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य आवश्यक वाहन जाम में फंस जाएं और किसी की जान को खतरा हो, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल इस व्यवस्था में सुधार करने और सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- बाराबंकी के दरियाबाद स्थित जेडी हॉस्पिटल की एक महिला कर्मचारी ने अस्पताल परिसर में कुछ लोगों पर गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस मामले में टिकैतनगर थाने में एक प्रार्थना पत्र देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। महिला कर्मचारी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे की है, जब वह अपने छोटे बच्चे के साथ अस्पताल के रिसेप्शन पर बैठी थीं। इसी दौरान बलेनो कार संख्या UP32 MM 0994 से डॉ. दिलीप गिरी, डॉ. गंगेश, विजय सिंह, कणवीर सिंह सहित कुछ अन्य लोग अस्पताल में पहुंचे और उन्होंने महिला के साथ अभद्रता की और उसके बाल पकड़कर मारपीट का प्रयास किया। महिला का आरोप है कि उसके शोर मचाने पर उसके पति भारत और अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा, जिसके बाद कथित आरोपी वहां से चले गए। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाए जाने का दावा किया गया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस संबंध में, थाना प्रभारी टिकैतनगर मनोज कुमार ने जानकारी दी है कि उन्हें महिला कर्मचारी का प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आवश्यक व उचित कार्रवाई की जाएगी।4
- कानपुर शहर के कर्नलगंज क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बीएड प्रवेश परीक्षा देने आए छात्र एक दुकान पर फोटोकॉपी करा रहे थे। इसी दौरान दुकान के सामने बनी नाले की स्लैब अचानक ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्लैब टूटते ही वहां मौजूद कुछ छात्र नाले में जा गिरे, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और अन्य छात्रों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। उनकी मदद से नाले में गिरे सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी छात्र गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। हादसे के बाद छात्रों में दहशत का माहौल रहा, हालांकि सभी सुरक्षित हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे। स्थानीय लोगों ने जर्जर स्लैब और खराब निर्माण कार्य की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1