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लम्भुआ में फायरिंग मामले में पुलिस द्वारा जारी वीडियो क्या सही क्या गलत जाने पुलिस अधीक्षक लम्भुआ में ही नहीं जिले में जब से नई कप्तान चारु निगम आई है तभी से एक नया नियम जारी हो गया है की मिडिया से पुलिस दूरी बनाएंगी मिडिया सेल से जारी वीडियो को ही मिडिया दिखाए या ना दिखाए क्यूंकि मिडिया सवाल करती है ऐसे में यह माना जा रहा है की मिडिया जनता की आवाज सरकार तक पहुँचाती है और अधिकारियो के भ्रस्टाचार को जनता तक सरकार के और अधिकारियो के कार्य को कही ना कही जनता के बीच और एक दूसरे के बीच पहुँचाती है लेकिन यहाँ तो योगी सरकार बड़े स्टेज से कहती है की पत्रकार हमारे पूरक है और अंदर से सायद आदेश दे रखी है की मिडिया से दूरी बनाओ इसी लिए अब सुल्तानपुर जिले की मिडिया ने भी बैठक कर ठान लिया है की सरकार की किसी भी योजना को जनता के बीच नहीं रखेगी कही ना कही पुलिस अधीक्षक जनता की आवाज नहीं सुनना चाहती इस बात को हम नहीं जनता बता रही है क्यूंकि जनता के सवाल को ही पत्रकार उठाता है और आज पत्रकारों के सवालों को रोकने का प्रयास करते हुए जो मर्जी हो रही है हर घटना में बंद कमरे में वीडियो बना कर मिडिया सेल के माध्यम से सूचना जारी करवाया जा रहा है, मिडिया दिखाए या ना दिखाये कोई मतलब नहीं, हद तो तब होगई जब सोशल मिडिया के माध्यम से एक sms आता है की दिनांक 11/04/2026 को शाम 7:45 पर पुलिस अधीक्षक चारु निगम का पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस है और समय से पत्रकार जब पहुँचते है और पुलिस को जानकारी होती है की तीखे सवालों से घिर सकते है तो दूर दराज से आये पत्रकारों को कहा जाता है की गलती से समय गलत लिख दिया गया था मीटिंग 6:45पर ही खत्म कर दी गई है आप जाइये आपको सूचना दी जाएगी लेकिन कुछ समय पहले ही अपने खास पत्रकारों को बुला कर ही पुलिस उपाधिक्षक से प्रेस मीटिंग खत्म कर दी जाती है। जिससे पुलिस मिडिया सेल के साथ जिले की पुलिस भी संदेह के घेरे में आगई है क्या समय टाइपिंग गलत हुआ था तो एक घंटे पहले ही कैसे तीन पत्रकारों को बुला कर मीटिंग खत्म कर दी जाती है जब पुलिस अधीक्षक की प्रेस मिट थी तो पुलिस ऑडिशनल की कॉन्फ्रेंस कर दी जाती है इन सभी घटनाओ से तमाम दूर दराज के पत्रकारों में रोष व्याप्त है जिसको लेकर जिले में पत्रकारों की एक बैठक आयोजित की गई है जल्द ही तिकोनिया पार्क में इकठ्ठा होकर ज्ञापन के साथ सवालों के जवाब तक अनशन करेंगे पत्रकार

2 hrs ago
user_जितेन्द्र श्रीवास्तव
जितेन्द्र श्रीवास्तव
Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

लम्भुआ में फायरिंग मामले में पुलिस द्वारा जारी वीडियो क्या सही क्या गलत जाने पुलिस अधीक्षक लम्भुआ में ही नहीं जिले में जब से नई कप्तान चारु निगम आई है तभी से एक नया नियम जारी हो गया है की मिडिया से पुलिस दूरी बनाएंगी मिडिया सेल से जारी वीडियो को ही मिडिया दिखाए या ना दिखाए क्यूंकि मिडिया सवाल करती है ऐसे में यह माना जा रहा है की मिडिया जनता की आवाज सरकार तक पहुँचाती है और अधिकारियो के भ्रस्टाचार को जनता तक सरकार के और अधिकारियो के कार्य को कही ना कही जनता के बीच और एक दूसरे के बीच पहुँचाती है लेकिन यहाँ तो योगी सरकार बड़े स्टेज से कहती है की पत्रकार हमारे पूरक है और अंदर से सायद आदेश दे रखी है की मिडिया से दूरी बनाओ इसी लिए अब सुल्तानपुर जिले की मिडिया ने भी बैठक कर ठान लिया है की सरकार की किसी भी योजना को जनता के बीच नहीं रखेगी कही ना कही पुलिस अधीक्षक जनता की आवाज नहीं सुनना चाहती इस बात को हम नहीं जनता बता रही है क्यूंकि जनता के सवाल को ही पत्रकार उठाता है और आज पत्रकारों के सवालों को रोकने का प्रयास करते हुए जो मर्जी हो रही है हर घटना में बंद कमरे में वीडियो बना कर मिडिया सेल के माध्यम से सूचना जारी करवाया जा रहा है, मिडिया दिखाए या ना दिखाये कोई मतलब नहीं, हद तो तब होगई जब सोशल मिडिया के माध्यम से एक sms आता है की दिनांक 11/04/2026 को शाम 7:45 पर पुलिस अधीक्षक चारु निगम का पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस है और समय से पत्रकार जब पहुँचते है और पुलिस को जानकारी होती है की तीखे सवालों से घिर सकते है तो दूर दराज से आये पत्रकारों को कहा जाता है की गलती से समय गलत लिख दिया गया था मीटिंग 6:45पर ही खत्म कर दी गई है आप जाइये आपको सूचना दी जाएगी लेकिन कुछ समय पहले ही अपने खास पत्रकारों को बुला कर ही पुलिस उपाधिक्षक से प्रेस मीटिंग खत्म कर दी जाती है। जिससे पुलिस मिडिया सेल के साथ जिले की पुलिस भी संदेह के घेरे में आगई है क्या समय टाइपिंग गलत हुआ था तो एक घंटे पहले ही कैसे तीन पत्रकारों को बुला कर मीटिंग खत्म कर दी जाती है जब पुलिस अधीक्षक की प्रेस मिट थी तो पुलिस ऑडिशनल की कॉन्फ्रेंस कर दी जाती है इन सभी घटनाओ से तमाम दूर दराज के पत्रकारों में रोष व्याप्त है जिसको लेकर जिले में पत्रकारों की एक बैठक आयोजित की गई है जल्द ही तिकोनिया पार्क में इकठ्ठा होकर ज्ञापन के साथ सवालों के जवाब तक अनशन करेंगे पत्रकार

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • नोएडा में श्रमिकों के लिए सरकार की अपील, अफवाहों से दूर रहने की सलाह नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट अपील जारी की है। सरकार ने कहा है कि भ्रामक सूचनाओं से भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है, इसलिए श्रमिक केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकार ने आश्वासन दिया है कि श्रमिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान, ओवरटाइम का दोगुना वेतन, EPF और ESI जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। साथ ही सुरक्षित कार्यस्थल, महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधान और शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन ने श्रमिकों से कार्यस्थलों पर शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित श्रम विभाग से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर हाल में श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाएगी।
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    नोएडा में श्रमिकों के लिए सरकार की अपील, अफवाहों से दूर रहने की सलाह
नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट अपील जारी की है। सरकार ने कहा है कि भ्रामक सूचनाओं से भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है, इसलिए श्रमिक केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि श्रमिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान, ओवरटाइम का दोगुना वेतन, EPF और ESI जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। साथ ही सुरक्षित कार्यस्थल, महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधान और शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया है।
प्रशासन ने श्रमिकों से कार्यस्थलों पर शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित श्रम विभाग से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर हाल में श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाएगी।
    user_Amarjeet Panday
    Amarjeet Panday
    Security Guard Sultanpur, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • मुर्शिदाबाद में PM मोदी की रैली में जनसैलाब। PM मोदी की सभा में 8 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने की खबर। सभा स्थल पूरी तरह भर जाने के कारण आसपास खड़े होकर PM मोदी को सुनने की प्रतीक्षा में आम जनता।
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    मुर्शिदाबाद में PM मोदी की रैली में जनसैलाब।
PM मोदी की सभा में 8 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने की खबर।
सभा स्थल पूरी तरह भर जाने के कारण आसपास खड़े होकर PM मोदी को सुनने की प्रतीक्षा में आम जनता।
    user_Sheetla Prasad
    Sheetla Prasad
    Patti, Pratapgarh•
    10 hrs ago
  • Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
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    Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    user_नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    Local News Reporter पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by Krishnaabhan singh
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    Post by Krishnaabhan singh
    user_Krishnaabhan singh
    Krishnaabhan singh
    पत्रकार रानीगंज, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • प्यार में साठियाया प्रेमी,शराब के नशे में रेताअपना गला
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    प्यार में साठियाया प्रेमी,शराब के नशे में रेताअपना गला
    user_रिपोर्टर Goswami
    रिपोर्टर Goswami
    Advertising agency अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • अमेठी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर ऐसा बवाल भड़का कि पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षित सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित कर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। शिकायत मिलते ही एसडीएम आशीष सिंह पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से बन रहा चबूतरा हटवा दिया। लेकिन प्रशासन के लौटते ही हालात पलट गए।  ग्रामीणों ने दोबारा उसी जगह पर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलते ही जब पुलिस फिर मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो महिलाओं समेत ग्रामीणों ने अचानक मोर्चा खोल दिया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा बन गया। हालात बेकाबू होते देख पीपरपुर, संग्रामपुर और रामगंज थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर उतार दी गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया, लेकिन गांव में अब भी तनाव चरम पर है। इस हिंसक बवाल में पुलिस ने 6 नामजद समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अज्ञात उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी खंगाली जा रही है। आरोपियों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं। सबसे बड़ी बात — डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले भड़की इस घटना ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। क्या ये महज जमीन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश? क्या जयंती से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश? फिलहाल अमेठी में हालात बेहद संवेदनशील हैं, पुलिस हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
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    अमेठी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर ऐसा बवाल भड़का कि पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षित सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित कर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। शिकायत मिलते ही एसडीएम आशीष सिंह पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से बन रहा चबूतरा हटवा दिया।
लेकिन प्रशासन के लौटते ही हालात पलट गए।  ग्रामीणों ने दोबारा उसी जगह पर प्रतिमा स्थापित कर दी।
सूचना मिलते ही जब पुलिस फिर मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो महिलाओं समेत ग्रामीणों ने अचानक मोर्चा खोल दिया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा बन गया।
हालात बेकाबू होते देख पीपरपुर, संग्रामपुर और रामगंज थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर उतार दी गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया, लेकिन गांव में अब भी तनाव चरम पर है।
इस हिंसक बवाल में पुलिस ने 6 नामजद समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अज्ञात उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी खंगाली जा रही है। आरोपियों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं।
सबसे बड़ी बात — डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले भड़की इस घटना ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं।
क्या ये महज जमीन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश?
क्या जयंती से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश?
फिलहाल अमेठी में हालात बेहद संवेदनशील हैं, पुलिस हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
    user_Distt Coresspondent NATION ONE
    Distt Coresspondent NATION ONE
    Paint Shop Amethi, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • लोकेशन - कौशाम्बी यूपी Slug - रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में मूट कोर्ट हुई आयोजित Anchor - कौशाम्बी करारी में रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में विधि के छात्रों के लिए मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई।कॉलेज में एलएलबी के छठवें सेमेस्टर और बीए एलएलबी के दसवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने इस मूट कोर्ट में भाग लिया। इस दौरान छात्रों ने एससी-एसटी एक्ट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बहस कर अपनी कानूनी समझ का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को वकालत के नियम, कोर्ट की प्रक्रिया और पेशे से जुड़ी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।वहीं कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद ज़फ़र ने भी छात्रों को कानून की गहराई और उसके सही उपयोग को लेकर मार्गदर्शन दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे ने कहा मूट कोर्ट छात्रों के लिए बहुत जरूरी है। इससे उन्हें कोर्ट की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का मौका मिलता है और उनके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है।” प्राचार्य मोहम्मद ज़फर ने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल करें ताकि वे भविष्य में एक सफल अधिवक्ता बन सकें। इस अवसर पर दीपक चतुर्वेदी, एजाज़ अहमद, अजय कुमार, डॉ. अतुल कुमार पाल, महविश तलत, आरिफ सैयद, संगीता कपाड़िया, ज़किया सुल्ताना, मनोज पाण्डेय और आलोक श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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    लोकेशन - कौशाम्बी यूपी 
Slug - रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में मूट कोर्ट हुई आयोजित 
Anchor - कौशाम्बी करारी में रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में विधि के छात्रों के लिए मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई।कॉलेज में एलएलबी के छठवें सेमेस्टर और बीए एलएलबी के दसवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने इस मूट कोर्ट में भाग लिया। इस दौरान छात्रों ने एससी-एसटी एक्ट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बहस कर अपनी कानूनी समझ का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को वकालत के नियम, कोर्ट की प्रक्रिया और पेशे से जुड़ी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।वहीं कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद ज़फ़र ने भी छात्रों को कानून की गहराई और उसके सही उपयोग को लेकर मार्गदर्शन दिया। 
वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे ने कहा मूट कोर्ट छात्रों के लिए बहुत जरूरी है। इससे उन्हें कोर्ट की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का मौका मिलता है और उनके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है।” प्राचार्य मोहम्मद ज़फर ने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल करें ताकि वे भविष्य में एक सफल अधिवक्ता बन सकें। इस अवसर पर दीपक चतुर्वेदी, एजाज़ अहमद, अजय कुमार, डॉ. अतुल कुमार पाल, महविश तलत, आरिफ सैयद, संगीता कपाड़िया, ज़किया सुल्ताना, मनोज पाण्डेय और आलोक श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
    user_Amarjeet Panday
    Amarjeet Panday
    Security Guard Sultanpur, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • सेठ पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पट्टी एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। ताज़ा मामला डॉक्टर द्वारा मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं लिखने से जुड़ा है, जिससे गरीब मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों और मरीजों के अनुसार, सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद डॉक्टर राकेश द्वारा लगातार बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि एक रुपये का पर्चा कटवाने के बाद मरीजों को हजारों रुपये की दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों का आरोप है कि जब अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, तो फिर उन्हें बाहर से दवा लेने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। कई मरीजों ने यह भी कहा कि इस मनमानी के कारण गरीब और असहाय लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ कर्मचारियों का वेतन समय से नहीं मिल रहा है। वहीं, एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि बाहर की दवाओं पर 60% तक कमीशन मिलने की बात कही जा रही है, जिससे इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मामला लगातार सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अब तक इस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। यदि आरोप सही हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर सवाल है। *प्रशासन से मांग* स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों का शोषण रोका जा सके। *यह खबर मरीजों व सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है,* जिसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानी बाकी है।) बाकी इस पर्ची की पुष्टि मेरे खबर के द्वारा नहीं की जाती मरीज के द्वारा बताई गई इस पर्ची को मैं शेयर किया हूं उनका कहना है कि डॉक्टर राकेश ने यह बाहर की दवा लिखी है।
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    सेठ पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पट्टी एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। ताज़ा मामला डॉक्टर द्वारा मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं लिखने से जुड़ा है, जिससे गरीब मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों और मरीजों के अनुसार, सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद डॉक्टर राकेश द्वारा लगातार बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि एक रुपये का पर्चा कटवाने के बाद मरीजों को हजारों रुपये की दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मरीजों का आरोप है कि जब अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, तो फिर उन्हें बाहर से दवा लेने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। कई मरीजों ने यह भी कहा कि इस मनमानी के कारण गरीब और असहाय लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ कर्मचारियों का वेतन समय से नहीं मिल रहा है। वहीं, एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि बाहर की दवाओं पर 60% तक कमीशन मिलने की बात कही जा रही है, जिससे इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मामला लगातार सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अब तक इस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। यदि आरोप सही हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर सवाल है।
*प्रशासन से मांग*
स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों का शोषण रोका जा सके।
*यह खबर मरीजों व सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है,* जिसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानी बाकी है।) बाकी इस पर्ची की पुष्टि मेरे खबर के द्वारा नहीं की जाती मरीज के द्वारा बताई गई इस पर्ची को मैं शेयर किया हूं उनका कहना है कि डॉक्टर राकेश ने यह बाहर की दवा लिखी है।
    user_नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    Local News Reporter पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • एटा मेडिकल कॉलेज में प्रेस वार्ता का एटा के पत्रकारों ने किया बहिष्कार एटा मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का पत्रकारों ने किया बहिष्कार,पत्रकारों में आक्रोश। पत्रकारों के साथ अभद्रता मामले में कार्रवाई न होने पर उठे सवाल, कॉलेज प्रशासन पर उदासीनता के आरोप। विधायक की मौजूदगी में हो रही प्रेस वार्ता को लेकर जनपद के पत्रकारों ने जताई नाराजगी। पत्रकार एकता को बनाए रखने के लिए किया गया प्रेस वार्ता का सामूहिक बहिष्कार। साथियों से अपील—सम्मान और हक की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रेस वार्ता से बनाई दूरी। मामले को लेकर पत्रकारों में बढ़ता आक्रोश,पेश की एकजुटता की मिशाल।
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    एटा मेडिकल कॉलेज में प्रेस वार्ता का एटा के पत्रकारों ने किया बहिष्कार
एटा मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का पत्रकारों ने किया बहिष्कार,पत्रकारों में आक्रोश।
पत्रकारों के साथ अभद्रता मामले में कार्रवाई न होने पर उठे सवाल, कॉलेज प्रशासन पर उदासीनता के आरोप।
विधायक की मौजूदगी में हो रही प्रेस वार्ता को लेकर जनपद के पत्रकारों ने जताई नाराजगी।
पत्रकार एकता को बनाए रखने के लिए किया गया प्रेस वार्ता का सामूहिक बहिष्कार।
साथियों से अपील—सम्मान और हक की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रेस वार्ता से बनाई दूरी।
मामले को लेकर पत्रकारों में बढ़ता आक्रोश,पेश की एकजुटता की मिशाल।
    user_अमरजीत पांडे
    अमरजीत पांडे
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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