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लोकेशन :- बीना रिपोर्टर:-बिजय चोहान बीना :- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत सोमवार को कृषि उपज मंडी परिसर में सामूहिक
बिजय चोहन
लोकेशन :- बीना रिपोर्टर:-बिजय चोहान बीना :- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत सोमवार को कृषि उपज मंडी परिसर में सामूहिक
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- लोकेशन:- बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना:-ब्राह्मण समाज के आराध्य देव भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज ने भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन नरसिंह मंदिर पर आयोजित किया गया। तत्पश्चात भगवान परशुराम जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जो नरसिंह मंदिर से थाने के पीछे से होते हुए सर्वोदय चौक स्टेशन रोड से गांधी चौराहा महावीर चौक मां जागेश्वरी मार्ग से होती हुई नरसिंह मंदिर प्रांगण में पहुंची। जहां सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक से हुई, जिसमें भगवान शिव और भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। रुद्राभिषेक के बाद परशुराम चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इसके उपरांत भजन-कीर्तन और हवन-पूजन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर आहुतियां दीं। मंदिर परिसर भक्ति गीतों, वैदिक मंत्रों और जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के दौरान भगवान परशुराम के जीवन, उनके पराक्रम, तपस्या, त्याग और धर्म रक्षा के आदर्शों का गुणगान किया गया। वक्ताओं ने बताया कि भगवान परशुराम केवल शक्ति के प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय, संयम और संस्कारों के प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन समाज को धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देता है। इस अवसर पर संत सियावल्लभ जी महाराज का विशेष सम्मान किया गया। उन्होंने अपने प्रवचन में सनातन धर्म की महत्ता, सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और संस्कारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति को अपनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी सनातनियों को एक सूत्र में पिरोना होगा धर्माधिकारी दशरथ लाल पुरोहित अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जी का प्राकट्योत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया बीना में निकाली ब्राह्मण समाज ने विशाल शोभायात्रा जगह-जगह हुआ शोभायात्रा का स्वागत बीना। सोमवार को भगवान परशुराम जयंती पर सर्व ब्राह्मण समाज ने धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विशाल शोभायात्रा निकाली गईं, जिससे बीना नगर भगवान परशुराम के जयकारों से गूंज उठा। *वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया* सुबह से ही नरसिंह मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया गया। इसमें भगवान शिव और भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। रुद्राभिषेक के बाद परशुराम चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ, जिसके उपरांत भजन-कीर्तन और हवन-पूजन का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर भक्ति गीतों और वैदिक मंत्रों से गूंज उठा। इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा नरसिंह मंदिर से शुरू होकर थाने के पीछे, सर्वोदय चौराहा, कॉलेज तिराहा, गांधी चौराहा, महावीर चौक, मां जागेश्वरी मार्ग से होते हुए वापस नरसिंह मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। *हर वर्ष ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम का प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया जाता है* गौरतलब है कि अक्षय तृतीया के पावना अवसर पर ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम का प्राकट्योत्सव हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसी के तहत मुख्य कार्यक्रम नरसिंह मंदिर में संपन्न हुआ, जहां शहर के विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ पूजन संपन्न कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने हनुमान एवं परशुराम चालीसा का सामूहिक पाठ कर भगवान परशुराम की 501 दीपों से महाआरती की, 'जिसमें बड़ी संख्या में विप्र शामिल हुए। आरती के पश्चात सुबह 9 बजे नरसिंह मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान परशुराम के साथ-साथ महारानी लक्ष्मीबाई, चंद्रशेखर आजाद और मंगल पांडेय की जीवंत झांकियां सजाई गई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह स्वागत कर भगवान की आरती उतारी। इसके अलावा झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। यात्रा नरसिंह मंदिर से प्रारंभ होकर पुलिस थाने के पीछे, सर्वोदय चौराहा, स्टेशन रोड, गांधी चौराहा, महावीर चौराहा होते हुए कच्चा रोड मार्ग से पुनः मंदिर पर संपन्न हुई। *भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी सनातनियों को एक सूत्र में पिरोना होगा धर्माधिकारी दशरथ लाल पुरोहित* इस दौरान धर्माधिकारी दशरथ लाल पुरोहित ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन समाज विभिन्न जातियों में बंटता जा रहा है, जिन्हें एकजुट - करना समय की आवश्यकता है। - उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को - मजबूत बनाने और भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी सनातनियों को एक सूत्र में पिरोना होगा। वहीं ब्राह्मण समाज अध्यक्ष सुनील सारोठिया ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदियों से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में अग्रणी रहा है और आगे भी सभी वर्गों को साथ लेकर धर्म सनातन को मजबूत करना भी हमारा लक्ष्य होना चाहिए। *इन्होंने सम्पन्न कराया पूजन* नरसिंह मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में विद्वान पंडित दशरथ पुरोहिता, पंडित बृजमोहन शास्त्री, पंडित दशरथ बबेले और पंडित देवशंकर दुबे ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजन संपन्न कराया। इसके साथ ही भगवान को भोग लगाया। कार्यक्रम में पंडित' अशोक दुबे, एचडी - गोस्वामी, रामसहाय दुबे, डॉ. रामबाबू तिवारी, पप्पू पराशर, पीपी नायक, कांतिकुमार बिलगैया, सीपी तिवारी, जगदीश पराशर, विनय चतुर्वेदी,शिवेंद्र मिश्रा, राजीव रिछारिया, रामकुमार पुरोहित, जगदीश तिवारी, गोकुल तिवारी, कैलाश मिश्रा, पूनम तिवारी,अंजू सिरोठिया, रेखा स्वाति सहित बड़ी संख्या में विप्रजन शामिल था।4
- Post by Sandeep patil1
- ललितपुर बीते रोज राजघाट रोड पर ट्रक जो ललितपुर की ओर आ रहा था ट्रक का संतुलन न बन पाने के कारण वही पलट गया1
- मड़ावरा ललितपुर : कस्बा मड़ावरा के प्राचीन श्री शाला जी मंदिर पर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री परशुराम का जन्मोत्सव मनाया गया है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। प्रातः काल से संगीतमय श्री रामचरित मानस के सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ किया गया है। सुंदरकांड समापन के उपरांत विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया गया एवं प्रसाद वितरण किया गया है। मंदिर पुजारी पं रामबाबू तिवारी गुडडू महाराज ने भगवान परशुराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सनातन परंपरा में वैशाख मास के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार उन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, जो कि पृथ्वी पर अन्याय और अधर्म का नाश करने के लिए त्रेतायुग में अवतरित हुए थे. ज्ञान, तप और शक्ति के प्रतीक माने जाने वाले भगवान परशुराम अष्टचिरंजीवी में से एक हैं और हर युग में पृथ्वी पर मौजूद रहते हैं । पं कैलाश नारायण तिवारी ने बताया कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। उनके पिता जमदग्नि और माता रेणुका थीं। उनके चार बड़े भाई भी थे। परशुराम चार भाइयों रुक्मवान, सुषेण, वसु और विश्वावसु के बाद थे। वह अत्यंत क्रोधी स्वभाव के थे। परशुराम का असली नाम राम था। भगवान शिव ने उन्हें शस्त्र की विद्या दी थी। लेकिन जब उन्हें भगवान शिव से परशु (फरसा) मिला और उन्होंने उसे धारण किया, तब से वे परशुराम कहलाए। इस मौके पर पं प्रभुदयाल तिवारी, पं कैलाश नारायण तिवारी, पं रामबाबू तिवारी गुडडू महाराज, पं लखन तिवारी चौमऊ, पं अखलेश बशिष्ठ, पं उमानंद पाठक, पं गौरीशंकर तिवारी, पं रामजी तिवारी, पं रिंकू रावत, पं शिवशंकर तिवारी, पं मयंक पाण्डेय साढूमल, पं लखन तिवारी, पं दीपक रावत, पं कृष्णकांत तिवारी, पं मोनू पाठक, पं राजकुमार बुधौलिया चौमऊ, सहित सैकड़ों की संख्या में सनातन धर्म प्रेमी बंधु लक्ष्मीनारायण सोनी, प्यारेलाल यादव , मिथलेश वागवान, भजनलाल, जयराम झा, जमना प्रसाद सेन, वीडी सेन, पन्ना लाल साहू, निहाल सिंह, रवि प्रजापति, हरपाल सिंह, मनु रजक, आदि मौजूद रहे हैं ।1
- फॉलो किया है तो निभाना भी पड़ेगा, दिल से जुड़े हो तो दिखाना भी पड़ेगा। लाइक और कमेंट से क्या होता है जनाब, कभी-कभी दिल से याद भी करना पड़ेगा। ❤️2
- लोकेशन बीना रिपोर्टर विजय चौहानकिस की वजह से मगरमच्छ ने बंदर के साथ धोका दिया लेकिन बंदर था बहुत हूसीयार,,,,, मगरमच्छ की दोस्ती में पढ़ी दरार.........1
- Post by RAJESH BABELE1
- Post by Sandeep patil1