राजस्थान में व्यापारिक वाहनों के लिए नो-एंट्री (No-Entry) के नियम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: **नो-एंट्री के नियम और कारण** * **समय सीमा:** राजस्थान के बड़े शहरों (जैसे जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर) में भारी और व्यावसायिक वाहनों (Truck, Trailer, Container) के लिए सुबह 6:00/7:00 बजे से रात 9:00/10:00 बजे तक नो-एंट्री का समय तय होता है। * **शहर का दायरा:** शहर की मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए एंट्री बंद रहती है। **पुलिस द्वारा चालान या कार्रवाई** * **मोटर व्हीकल एक्ट:** नो-एंट्री ज़ोन में गाड़ी ले जाने पर **धारा 115/177** या नो-पार्किंग/ट्रैफिक नियम तोड़ने के तहत ऑनलाइन नो-एंट्री चालान (आमतौर पर ₹1,000 से ₹2,000 तक) काटा जाता है। * **परमिशन (Permit):** केवल विशेष पास (Special Permit) या आवश्यक सेवाओं (Essential Services) वाले वाहनों को तय समय में छूट मिलती है। **इस स्थिति में क्या करें?** * **ई-चालान की जांच करें:** यदि पुलिस ने रसीद या चालान काटा है, तो उसकी रसीद ज़रूर लें। आप 'Parivahan' वेबसाइट या एप पर जाकर गाड़ी नंबर से ऑनलाइन चालान चेक कर सकते हैं। * **सत्यापन (Verification):** अगर नो-एंट्री का बोर्ड नहीं लगा था या आपको गलत तरीके से रोका गया, तो आप चालान का भुगतान करने के बजाय ट्रैफिक कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं। * **स्थानीय नो-एंट्री बोर्ड:** हमेशा शहर की सीमा में घुसते ही मुख्य चौराहे पर लगे नो-एंट्री के समय वाले साइनबोर्ड ज़रूर देखें। क्या पुलिस ने आपकी गाड़ी का ऑनलाइन चालान काटा है या सिर्फ ज़बानी चेतावनी देकर वापस मोड़ दिया? जस्ट जयपुर लाइव राजस्थान में व्यापारिक वाहनों के लिए नो-एंट्री (No-Entry) के नियम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: **नो-एंट्री के नियम और कारण** * **समय सीमा:** राजस्थान के बड़े शहरों (जैसे जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर) में भारी और व्यावसायिक वाहनों (Truck, Trailer, Container) के लिए सुबह 6:00/7:00 बजे से रात 9:00/10:00 बजे तक नो-एंट्री का समय तय होता है। * **शहर का दायरा:** शहर की मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए एंट्री बंद रहती है। **पुलिस द्वारा चालान या कार्रवाई** * **मोटर व्हीकल एक्ट:** नो-एंट्री ज़ोन में गाड़ी ले जाने पर **धारा 115/177** या नो-पार्किंग/ट्रैफिक नियम तोड़ने के तहत ऑनलाइन नो-एंट्री चालान (आमतौर पर ₹1,000 से ₹2,000 तक) काटा जाता है। * **परमिशन (Permit):** केवल विशेष पास (Special Permit) या आवश्यक सेवाओं (Essential Services) वाले वाहनों को तय समय में छूट मिलती है। **इस स्थिति में क्या करें?** * **ई-चालान की जांच करें:** यदि पुलिस ने रसीद या चालान काटा है, तो उसकी रसीद ज़रूर लें। आप 'Parivahan' वेबसाइट या एप पर जाकर गाड़ी नंबर से ऑनलाइन चालान चेक कर सकते हैं। * **सत्यापन (Verification):** अगर नो-एंट्री का बोर्ड नहीं लगा था या आपको गलत तरीके से रोका गया, तो आप चालान का भुगतान करने के बजाय ट्रैफिक कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं। * **स्थानीय नो-एंट्री बोर्ड:** हमेशा शहर की सीमा में घुसते ही मुख्य चौराहे पर लगे नो-एंट्री के समय वाले साइनबोर्ड ज़रूर देखें। क्या पुलिस ने आपकी गाड़ी का ऑनलाइन चालान काटा है या सिर्फ ज़बानी चेतावनी देकर वापस मोड़ दिया?
राजस्थान में व्यापारिक वाहनों के लिए नो-एंट्री (No-Entry) के नियम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: **नो-एंट्री के नियम और कारण** * **समय सीमा:** राजस्थान के बड़े शहरों (जैसे जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर) में भारी और व्यावसायिक वाहनों (Truck, Trailer, Container) के लिए सुबह 6:00/7:00 बजे से रात 9:00/10:00 बजे तक नो-एंट्री का समय तय होता है। * **शहर का दायरा:** शहर की मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए एंट्री बंद रहती है। **पुलिस द्वारा चालान या कार्रवाई** * **मोटर व्हीकल एक्ट:** नो-एंट्री ज़ोन में गाड़ी ले जाने पर **धारा 115/177** या नो-पार्किंग/ट्रैफिक नियम तोड़ने के तहत ऑनलाइन नो-एंट्री चालान (आमतौर पर ₹1,000 से ₹2,000 तक) काटा जाता है। * **परमिशन (Permit):** केवल विशेष पास (Special Permit) या आवश्यक सेवाओं (Essential Services) वाले वाहनों को तय समय में छूट मिलती है। **इस स्थिति में क्या करें?** * **ई-चालान की जांच करें:** यदि पुलिस ने रसीद या चालान काटा है, तो उसकी रसीद ज़रूर लें। आप 'Parivahan' वेबसाइट या एप पर जाकर गाड़ी नंबर से ऑनलाइन चालान चेक कर सकते हैं। * **सत्यापन (Verification):** अगर नो-एंट्री का बोर्ड नहीं लगा था या आपको गलत तरीके से रोका गया, तो आप चालान का भुगतान करने के बजाय ट्रैफिक कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं। * **स्थानीय नो-एंट्री बोर्ड:** हमेशा शहर की सीमा में घुसते ही मुख्य चौराहे पर लगे नो-एंट्री के समय वाले साइनबोर्ड ज़रूर देखें। क्या पुलिस ने आपकी गाड़ी का ऑनलाइन चालान काटा है या सिर्फ ज़बानी चेतावनी देकर वापस मोड़ दिया? जस्ट जयपुर लाइव राजस्थान में व्यापारिक वाहनों के लिए नो-एंट्री (No-Entry) के नियम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: **नो-एंट्री के नियम और कारण** * **समय सीमा:** राजस्थान के बड़े शहरों (जैसे जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर) में भारी और व्यावसायिक वाहनों (Truck, Trailer, Container) के लिए सुबह 6:00/7:00 बजे से रात 9:00/10:00 बजे तक नो-एंट्री का समय तय होता है। * **शहर का दायरा:** शहर की मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए एंट्री बंद रहती है। **पुलिस द्वारा चालान या कार्रवाई** * **मोटर व्हीकल एक्ट:** नो-एंट्री ज़ोन में गाड़ी ले जाने पर **धारा 115/177** या नो-पार्किंग/ट्रैफिक नियम तोड़ने के तहत ऑनलाइन नो-एंट्री चालान (आमतौर पर ₹1,000 से ₹2,000 तक) काटा जाता है। * **परमिशन (Permit):** केवल विशेष पास (Special Permit) या आवश्यक सेवाओं (Essential Services) वाले वाहनों को तय समय में छूट मिलती है। **इस स्थिति में क्या करें?** * **ई-चालान की जांच करें:** यदि पुलिस ने रसीद या चालान काटा है, तो उसकी रसीद ज़रूर लें। आप 'Parivahan' वेबसाइट या एप पर जाकर गाड़ी नंबर से ऑनलाइन चालान चेक कर सकते हैं। * **सत्यापन (Verification):** अगर नो-एंट्री का बोर्ड नहीं लगा था या आपको गलत तरीके से रोका गया, तो आप चालान का भुगतान करने के बजाय ट्रैफिक कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं। * **स्थानीय नो-एंट्री बोर्ड:** हमेशा शहर की सीमा में घुसते ही मुख्य चौराहे पर लगे नो-एंट्री के समय वाले साइनबोर्ड ज़रूर देखें। क्या पुलिस ने आपकी गाड़ी का ऑनलाइन चालान काटा है या सिर्फ ज़बानी चेतावनी देकर वापस मोड़ दिया?
- हम तो बीजेपी में राजेंद्र राठौड़ को जानते है आपके पास ही आयेंगे ~ गुढ़ा #RajendraRathore #Gudha #RajasthanPolitics #CityCablenewsjaipur1
- एसडीएम संजीव कुमार खेदड़ का विदाई समारोह आयोजित शाहपुरा के अग्रसेन भवन में हुआ कार्यक्रम आयोजित एसडीएम संजय कुमार खेदड़ का विदाई समारोह आयोजित शाहपुरा के अग्रसेन भवन में हुआ कार्यक्रम1
- कड़ेल स्कूल में शिक्षक पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश पुष्कर। पुष्कर के निकटवर्ती ग्राम कड़ेल स्थित राजकीय सीनियर उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं ने एक शिक्षक पर कथित छेड़छाड़ और अशोभनीय हरकतें करने का आरोप लगाया है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों और छात्राओं के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। जानकारी मिलते ही जनप्रतिनिधि और ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंचे तथा विरोध जताते हुए हंगामा किया। वहीं, सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक को स्कूल के एक कमरे में बंद कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शिक्षक को अपनी निगरानी में लिया और मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। पुलिस छात्राओं और उनके परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि छात्राएं नाबालिग हैं, तो मामले में पॉक्सो अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | गोनेर तिराया, आगरा रोड, जयपुर 🚨 🚔 वाहन रोकने को लेकर पुलिस एवं ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई! गोनेर तिराया पर एक वाहन को रोकने को लेकर पुलिस एवं ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वाहन को पहले भी रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन वाहन चालक/मालिक वाहन लेकर मौके से निकल जाता था। बताया जा रहा है कि इस बार नाकाबंदी कर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन को रोका। इसके बाद वाहन मालिक गाड़ी को सड़क पर छोड़कर मौके से चला गया। 👮 मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी: • ASI मगन सिंह • FC मुकेश कुमार — बेल्ट नं. 3099 • FC कंवर सिंह — बेल्ट नं. 6478 • कांस्टेबल उम्मीद कुमार — बेल्ट नं. 5136 🚘 वाहन पर ब्लैक फिल्म लगी हुई थी, जिसे पुलिस द्वारा मौके पर ही हटाया गया। ⚠️ जयपुर शहर में वाहन चलाने वाले वाहन चालक ध्यान दें! अगर आपकी गाड़ी के शीशों पर निर्धारित नियमों के विपरीत ब्लैक फिल्म लगी है, तो सड़क पर निकलने से पहले नियमों की जांच जरूर कर लें। नियमो�1
- सरकारी विभाग में लगी हुई गाड़ियां को किया जा रहा है दुरुपयोग देखिए खास रिपोर्ट और जुड़े रहिए हमारे साथ1
- ProPan Gateway Portal Lost Pan Card Instant Find सिर्फ आधार नंबर से 🔥🚨1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | JUST JAIPUR LIVE 24×7 🚨 🔥 नायक का ऑपरेशन! सरकारी वाहन के दुरुपयोग का आरोप 🚨 सरकारी वाहन के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए वीडियो/दावों में आयकर अधिकारी द्वारा सरकारी वाहन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ❓ क्या सरकारी वाहन का निजी कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है? ❓ अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? ❓ क्या संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच करेगा? देखिए नायक का ऑपरेशन—सरकारी वाहन का दुरुपयोग, आयकर अधिकारी गाड़ी छोड़कर भागा! 🎥 देखिए खास रिपोर्ट सिर्फ JUST JAIPUR LIVE पर। 📢 जुड़े रहिए हमारे साथ 24×7 और देखिए हर खबर सबसे पहले।1
- जयपुर के मुहाना इलाके में महज 2 हजार रुपए के लेनदेन के विवाद में एक युवक की हुई मौत,लोहे के सरिए से सिर पर किए वार जयपुर के मुहाना थाना इलाके से बीती रात महज ₹2000 के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार बलखंडी चौराहा के पास रिंग रोड पर तीन युवकों के बीच रुपए के लेनदेन को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक के सिर पर लोहे के सरिए से वार कर दिया। वहीं सिर पर लोहे के सरिए से गंभीर चोट लगने के बाद युवक की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सचिन वर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नीमकाथाना, सीकर का रहने वाला बताया जा रहा है। सचिन जयपुर में एक ठेकेदार के पास मजदूरी का काम करता था। वह घटना की सूचना मिलते ही मुहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू की। वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद महज 2 हजार रुपए के लेनदेन को लेकर हुआ था। इसी दौरान कहासुनी बढ़ने पर सचिन के सिर पर सरिए से वार किया गया। वहीं मामले में मुहाना थाना पुलिस द्वारा दो युवकों को डिटेन किए जाने की सूचना है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई तथा वारदात में कौन-कौन शामिल था। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ आरोपियों से पूछताछ कर रही है। घटना के बाद इलाके में भी हड़कंप मच गया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वारदात से जुड़े पूरे तथ्य सामने आ सकेंगे।1