logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

अशोकनगर में बुधवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। शाम करीब 7:30 बजे शुरू हुई तेज बारिश आधे घंटे से अधिक समय तक जारी रही, जिसने पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों को भिगो दिया। इसके बाद भी कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। गरज-चमक के साथ हुई इस बारिश से पूरा मौसम बेहद सुहाना हो गया। इससे पहले दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के कारण भारी उमस बनी रही, लेकिन शाम की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई महीने में जिले में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है और अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है।

7 hrs ago
user_Ravindra
Ravindra
Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

अशोकनगर में बुधवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। शाम करीब 7:30 बजे शुरू हुई तेज बारिश आधे घंटे से अधिक समय तक जारी रही, जिसने पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों को भिगो दिया। इसके बाद भी कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। गरज-चमक के साथ हुई इस बारिश से पूरा मौसम बेहद सुहाना हो गया। इससे पहले दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के कारण भारी उमस बनी रही, लेकिन शाम की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई महीने में जिले में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है और अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के मुंगावली में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने, बिजली की बढ़ती कीमतों और बिलों में हो रही वृद्धि के खिलाफ मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने स्थानीय जयस्तंभ चौराहा (बस स्टैंड) पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों को लेकर एस.डी.एम. के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन की राज्य समिति के सदस्य श्री सचिन जैन ने इस दौरान बिजली को आधुनिक सभ्यता की धुरी बताते हुए कहा कि बिना बिजली आज जीवन संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर कंपनियां जनता की जेब खाली कर रही हैं और उपभोक्ताओं की इच्छा के विरुद्ध जबरन ये मीटर घरों में लगाए जा रहे हैं। विरोध जताते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिलों का बोझ बढ़ा है और जो उपभोक्ता मोबाइल का उपयोग नहीं करते, उन्हें ऑफलाइन बिल भी नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इन मीटरों के सॉफ्टवेयर से रीडिंग में हेरफेर और कंपनी के मुनाफे के लिए बिलिंग प्रणाली को नियंत्रित करने की संभावना है। एसोसिएशन ने तर्क दिया कि विद्युत अधिनियम 2003 के तहत उपभोक्ताओं को सही मीटर पाने का अधिकार है और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि स्मार्ट मीटर थोपे नहीं जाएंगे और न ही ये अनिवार्य हैं। एसोसिएशन का कहना है कि केंद्र सरकार की रियैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) केवल एक सुझाव है, कानून नहीं। इस प्रदर्शन का संचालन शिशुपाल ने किया और देवेंद्र विजोरे, राखी व भागीरथ दादा ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान कालीचरण, नितिन, अभिषेक, दिनेश, उधमसिंह, रविंद्र गुर्जर, जाहिद खान, दीपक योगी और रूपसिंह सहित सैकड़ों उपभोक्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन ने जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर तुरंत रोक लगाने, लगे हुए मीटरों को हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने तथा बिजली के बढ़ते दामों व निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
    1
    मध्य प्रदेश के मुंगावली में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने, बिजली की बढ़ती कीमतों और बिलों में हो रही वृद्धि के खिलाफ मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने स्थानीय जयस्तंभ चौराहा (बस स्टैंड) पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों को लेकर एस.डी.एम. के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन की राज्य समिति के सदस्य श्री सचिन जैन ने इस दौरान बिजली को आधुनिक सभ्यता की धुरी बताते हुए कहा कि बिना बिजली आज जीवन संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर कंपनियां जनता की जेब खाली कर रही हैं और उपभोक्ताओं की इच्छा के विरुद्ध जबरन ये मीटर घरों में लगाए जा रहे हैं।

विरोध जताते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिलों का बोझ बढ़ा है और जो उपभोक्ता मोबाइल का उपयोग नहीं करते, उन्हें ऑफलाइन बिल भी नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इन मीटरों के सॉफ्टवेयर से रीडिंग में हेरफेर और कंपनी के मुनाफे के लिए बिलिंग प्रणाली को नियंत्रित करने की संभावना है। एसोसिएशन ने तर्क दिया कि विद्युत अधिनियम 2003 के तहत उपभोक्ताओं को सही मीटर पाने का अधिकार है और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि स्मार्ट मीटर थोपे नहीं जाएंगे और न ही ये अनिवार्य हैं। एसोसिएशन का कहना है कि केंद्र सरकार की रियैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) केवल एक सुझाव है, कानून नहीं।

इस प्रदर्शन का संचालन शिशुपाल ने किया और देवेंद्र विजोरे, राखी व भागीरथ दादा ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान कालीचरण, नितिन, अभिषेक, दिनेश, उधमसिंह, रविंद्र गुर्जर, जाहिद खान, दीपक योगी और रूपसिंह सहित सैकड़ों उपभोक्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन ने जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर तुरंत रोक लगाने, लगे हुए मीटरों को हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने तथा बिजली के बढ़ते दामों व निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
    user_रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    पत्रकार अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर नाराजगी का माहौल है। पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस फैसले के बाद से भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
    1
    मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर नाराजगी का माहौल है। पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस फैसले के बाद से भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अशोकनगर के चंदेरी या आसपास के इलाकों में सक्रिय एक चिटफंड कंपनी के एजेंट पर ₹1.5 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है। प्रभावित लोगों ने इस मामले में तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा लोगों को लुभाकर यह बड़ी रकम जमा करवाई गई, जिसके बाद अब निवेशकों को उनके पैसे वापस नहीं मिल रहे हैं।
    1
    अशोकनगर के चंदेरी या आसपास के इलाकों में सक्रिय एक चिटफंड कंपनी के एजेंट पर ₹1.5 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है। प्रभावित लोगों ने इस मामले में तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा लोगों को लुभाकर यह बड़ी रकम जमा करवाई गई, जिसके बाद अब निवेशकों को उनके पैसे वापस नहीं मिल रहे हैं।
    user_Devesh Ojha patrakaar
    Devesh Ojha patrakaar
    Local News Reporter शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के ईसागढ़ में सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क जर्जर होने के चलते यहाँ आए दिन हादसे होते रहते हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस सड़क की मरम्मत के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है।
    1
    मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के ईसागढ़ में सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क जर्जर होने के चलते यहाँ आए दिन हादसे होते रहते हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस सड़क की मरम्मत के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है।
    user_Vipin DOHRE Ji
    Vipin DOHRE Ji
    ईसागढ़, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक गोदावर्मन बनाम भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भ्रष्टाचार विरोधी संस्था 'सिस्टम परिवर्तन अभियान' (Crusaders Against Corruption) ने मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। संस्था ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 15 मई 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने गोदावर्मन प्रकरण में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्यों को निर्देश दिए थे कि वास्तविक रूप से वन श्रेणी में आने वाली सभी जमीनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत वन भूमि से अवैध कब्जे हटाने, अवैध उपयोग की स्थिति में संबंधितों से भूमि का मूल्य वसूलने और उस राशि का उपयोग वनीकरण व वन संरक्षण में करने का निर्देश था। संगठन का आरोप है कि इस आदेश के लगभग 14 महीने बीत जाने के बाद भी मध्य प्रदेश में न तो अतिक्रमण हटाया गया है और न ही अवैध उपयोगकर्ताओं से भूमि की कीमत वसूली गई है, जबकि कई क्षेत्रों में वन भूमि पर निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां लगातार जारी हैं। पत्र में सीहोर वनमंडल के एक मामले को प्रमुखता से उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि लगभग 50 लाख वर्गफुट वन भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई, जहां अब एक निजी होटल और रिसॉर्ट परियोजना विकसित की जा रही है। संस्था का दावा है कि इस वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद थे और निर्माण के चलते यह क्षेत्र प्रभावित हुआ है। संगठन ने पूरे प्रदेश में वन भूमि का सर्वे कराने, अवैध कब्जे हटाने, भूमि का मूल्य वसूलने और दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की वन विभाग या किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और इस मामले पर फिलहाल वन विभाग की प्रतिक्रिया आना बाकी है।
    1
    मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक गोदावर्मन बनाम भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भ्रष्टाचार विरोधी संस्था 'सिस्टम परिवर्तन अभियान' (Crusaders Against Corruption) ने मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

संस्था ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 15 मई 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने गोदावर्मन प्रकरण में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्यों को निर्देश दिए थे कि वास्तविक रूप से वन श्रेणी में आने वाली सभी जमीनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत वन भूमि से अवैध कब्जे हटाने, अवैध उपयोग की स्थिति में संबंधितों से भूमि का मूल्य वसूलने और उस राशि का उपयोग वनीकरण व वन संरक्षण में करने का निर्देश था। संगठन का आरोप है कि इस आदेश के लगभग 14 महीने बीत जाने के बाद भी मध्य प्रदेश में न तो अतिक्रमण हटाया गया है और न ही अवैध उपयोगकर्ताओं से भूमि की कीमत वसूली गई है, जबकि कई क्षेत्रों में वन भूमि पर निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां लगातार जारी हैं।

पत्र में सीहोर वनमंडल के एक मामले को प्रमुखता से उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि लगभग 50 लाख वर्गफुट वन भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई, जहां अब एक निजी होटल और रिसॉर्ट परियोजना विकसित की जा रही है। संस्था का दावा है कि इस वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद थे और निर्माण के चलते यह क्षेत्र प्रभावित हुआ है। संगठन ने पूरे प्रदेश में वन भूमि का सर्वे कराने, अवैध कब्जे हटाने, भूमि का मूल्य वसूलने और दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की वन विभाग या किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और इस मामले पर फिलहाल वन विभाग की प्रतिक्रिया आना बाकी है।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस हवाई अड्डे (दमदम हवाई अड्डा) की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए रनवे के बेहद करीब स्थित सदी पुरानी गौरीपुर जामे मस्जिद को स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इस सिलसिले में शुक्रवार को उत्तर 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय में स्थानीय विधायक और मस्जिद समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसके बाद हवाई अड्डा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों और सुरक्षा समिति के सदस्यों की मौजूदगी वाले एक विशेष निरीक्षण दल ने मस्जिद का दौरा किया। हवाई अड्डा सुरक्षा समिति ने भी इस मुद्दे पर अलग से बैठक की है। करीब 136 साल पुरानी यह मस्जिद, जिसे 'बांकड़ा मस्जिद' भी कहा जाता है, हवाई अड्डे की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि रनवे से बिल्कुल सटीक दूरी पर स्थित होने के कारण, भारी बारिश या घने कोहरे में कम दृश्यता के दौरान यह मस्जिद पायलटों के लिए 'विजुअल इल्यूजन' (दृष्टिभ्रम) पैदा करती है, जिससे किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, इस मस्जिद की वजह से पिछले 30 वर्षों से हवाई अड्डे के दूसरे रनवे के विस्तार का काम रुका हुआ है। हालांकि मस्जिद स्थानांतरण का मामला पिछले तीन दशकों से चर्चा में है, लेकिन स्थानीय बाधाओं और पिछली वामपंथी व तृणमूल कांग्रेस सरकारों की ढिलाई के कारण हवाई अड्डे की सुरक्षा के बजाय धार्मिक भावनाओं की राजनीति हावी रही। इस ऐतिहासिक स्थल का इतिहास पुराना है। कोलकाता हवाई अड्डा 1924 में शुरू हुआ था और 1962 में एअरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हवाई अड्डे के विस्तार के लिए इस प्राचीन वक्फ संपत्ति का अधिग्रहण किया था। उस समय इसके पास से गुजरने वाले यशोर रोड को 1965 में मुख्य मार्ग से ढाई किलोमीटर घुमाकर गौरीपुर मोड़ से जोड़ दिया गया, जिससे अब मस्जिद यशोर रोड से करीब 3 किलोमीटर दूर हवाई अड्डे की चारदीवारी के अंदर सुरक्षित है। नमाजियों के लिए यहाँ जाने की एक विशेष और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है; गौरीपुर काली मंदिर के विपरीत बने एक छोटे लोहे के गेट पर CISF वॉच टावर तैनात है। यहाँ घंटी बजाने के बाद नमाज पढ़ने वालों का आधार कार्ड जांचा जाता है और फिर हवाई अड्डा प्राधिकरण उन्हें विशेष बसों के जरिए मस्जिद तक ले जाता है। दैनिक तीन शिफ्टों में ऐसी 4 बसों की व्यवस्था होती है। यदि भविष्य में इस मस्जिद को हटाने या ढहाने का काम शुरू होता है, तो बाहरी दुनिया को इसका पता भी नहीं चलेगा क्योंकि हवाई अड्डे के अपने उपकरण सीधे रनवे के रास्ते पुराने टर्मिनल के कार्गो विभाग से वहाँ तक पहुँच सकते हैं।
    1
    कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस हवाई अड्डे (दमदम हवाई अड्डा) की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए रनवे के बेहद करीब स्थित सदी पुरानी गौरीपुर जामे मस्जिद को स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इस सिलसिले में शुक्रवार को उत्तर 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय में स्थानीय विधायक और मस्जिद समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसके बाद हवाई अड्डा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों और सुरक्षा समिति के सदस्यों की मौजूदगी वाले एक विशेष निरीक्षण दल ने मस्जिद का दौरा किया। हवाई अड्डा सुरक्षा समिति ने भी इस मुद्दे पर अलग से बैठक की है।

करीब 136 साल पुरानी यह मस्जिद, जिसे 'बांकड़ा मस्जिद' भी कहा जाता है, हवाई अड्डे की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि रनवे से बिल्कुल सटीक दूरी पर स्थित होने के कारण, भारी बारिश या घने कोहरे में कम दृश्यता के दौरान यह मस्जिद पायलटों के लिए 'विजुअल इल्यूजन' (दृष्टिभ्रम) पैदा करती है, जिससे किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, इस मस्जिद की वजह से पिछले 30 वर्षों से हवाई अड्डे के दूसरे रनवे के विस्तार का काम रुका हुआ है। हालांकि मस्जिद स्थानांतरण का मामला पिछले तीन दशकों से चर्चा में है, लेकिन स्थानीय बाधाओं और पिछली वामपंथी व तृणमूल कांग्रेस सरकारों की ढिलाई के कारण हवाई अड्डे की सुरक्षा के बजाय धार्मिक भावनाओं की राजनीति हावी रही।

इस ऐतिहासिक स्थल का इतिहास पुराना है। कोलकाता हवाई अड्डा 1924 में शुरू हुआ था और 1962 में एअरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हवाई अड्डे के विस्तार के लिए इस प्राचीन वक्फ संपत्ति का अधिग्रहण किया था। उस समय इसके पास से गुजरने वाले यशोर रोड को 1965 में मुख्य मार्ग से ढाई किलोमीटर घुमाकर गौरीपुर मोड़ से जोड़ दिया गया, जिससे अब मस्जिद यशोर रोड से करीब 3 किलोमीटर दूर हवाई अड्डे की चारदीवारी के अंदर सुरक्षित है। नमाजियों के लिए यहाँ जाने की एक विशेष और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है; गौरीपुर काली मंदिर के विपरीत बने एक छोटे लोहे के गेट पर CISF वॉच टावर तैनात है। यहाँ घंटी बजाने के बाद नमाज पढ़ने वालों का आधार कार्ड जांचा जाता है और फिर हवाई अड्डा प्राधिकरण उन्हें विशेष बसों के जरिए मस्जिद तक ले जाता है। दैनिक तीन शिफ्टों में ऐसी 4 बसों की व्यवस्था होती है। यदि भविष्य में इस मस्जिद को हटाने या ढहाने का काम शुरू होता है, तो बाहरी दुनिया को इसका पता भी नहीं चलेगा क्योंकि हवाई अड्डे के अपने उपकरण सीधे रनवे के रास्ते पुराने टर्मिनल के कार्गो विभाग से वहाँ तक पहुँच सकते हैं।
    user_JONOMON KHOBOR
    JONOMON KHOBOR
    Guna, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • गुना के बमोरी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत झागर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9 में नवीन प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव और स्कूल का समस्त स्टाफ विशेष रूप से उपस्थित रहा। विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल वितरण का कार्य लगातार जारी है। शासन की इस कल्याणकारी योजना से दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी। प्राचार्य ने छात्रों को नियमित रूप से स्कूल आने और अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होकर अपना भविष्य संवारने की सीख दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही जीवन का मूल आधार है और शिक्षित होकर ही हम अपना जीवन सुधार सकते हैं। इस मौके पर विद्यालय के स्टाफ ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की। स्टाफ ने जानकारी दी कि शासन द्वारा छात्रों के हित में साइकिल के साथ-साथ निशुल्क छात्रवृत्ति और पुस्तकों का भी वितरण किया जा रहा है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिल रहा है।
    1
    गुना के बमोरी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत झागर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9 में नवीन प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव और स्कूल का समस्त स्टाफ विशेष रूप से उपस्थित रहा।

विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल वितरण का कार्य लगातार जारी है। शासन की इस कल्याणकारी योजना से दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी। प्राचार्य ने छात्रों को नियमित रूप से स्कूल आने और अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होकर अपना भविष्य संवारने की सीख दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही जीवन का मूल आधार है और शिक्षित होकर ही हम अपना जीवन सुधार सकते हैं।

इस मौके पर विद्यालय के स्टाफ ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की। स्टाफ ने जानकारी दी कि शासन द्वारा छात्रों के हित में साइकिल के साथ-साथ निशुल्क छात्रवृत्ति और पुस्तकों का भी वितरण किया जा रहा है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिल रहा है।
    user_रणधीर चदेल
    रणधीर चदेल
    पत्रकार (फोटोग्राफर) Guna, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • दिल्ली की एक अदालत ने चेक बाउंस के मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अभिनेता के खिलाफ यह फैसला सुनाया है।
    1
    दिल्ली की एक अदालत ने चेक बाउंस के मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अभिनेता के खिलाफ यह फैसला सुनाया है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.