मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन ==== मुख्यमंत्री थांदला में पहुंचे श्री बसंत सिंह बामनिया के घर जनजातीय बहनों से बंधवाई राखी, बच्चों को दिया स्नेह-दुलार === शहडोल 01 अगस्त 2026_ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री विजय शाह और श्रीमती निर्मला भूरिया तथा सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया। गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया। बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं। लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा। जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार श्री बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन ==== मुख्यमंत्री थांदला में पहुंचे श्री बसंत सिंह बामनिया के घर जनजातीय बहनों से बंधवाई राखी, बच्चों को दिया स्नेह-दुलार === शहडोल 01 अगस्त 2026_ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री विजय शाह और श्रीमती निर्मला भूरिया तथा सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया। गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया। बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं। लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और
लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा। जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार श्री बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है।
- ☑️कमिश्नर ने मणिबाग में भगवान आशुतोष के किए दर्शन मणिबाग को पर्यटन एवं इको-टूरिज्म का केंद्र बनाने के दिए निर्देश उमरिया//शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मणिबाग पहुंचकर प्राचीन शिवलिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन कर मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व तथा यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। ☑️ निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने मणिबाग क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को इस स्थल के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। ☑️ कमिश्नर ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं, मार्ग संकेतक, बैठने की व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखते हुए इको-फ्रेंडली उपाय अपनाए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक पहचान बनी रहे और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हो सकें। निरीक्षण के समय कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, अनुविभागीय बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।1
- भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।4
- सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश आज आप सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है🙏💕🙏💕🙏💕 कि धरोहर स्थल सनातन संस्कृति धर्म की बात करते हुए अपिल 300 सल पुरनी मदिर हैं जो कि 30सल से जल मगन रहता है🙏💕🙏💕🙏💕1
- हाथियों ने किसान का घर तोड़ा फसलों को रौंदा लगातार हाथी का उत्पात जारी है जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के ग्राम ढाब में 12 हाथियों का उत्पात, एक मकान क्षतिग्रस्त, कई किसानों की फसल बर्बाद एमसीबी --- जिले के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढाब में बुधवार, 30 जुलाई 2026 की रात लगभग 2 बजे 12 हाथियों के दल ने गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता प्राप्त की। हाथियों के हमले में ग्राम ढाब निवासी विशाले सिंह, पिता जयदीन सिंह का एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा गांव के कई किसानों की खेतों में खड़ी फसलों को भी हाथियों ने रौंद दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के दौरान ग्रामीण पूरी रात भय और सतर्कता के बीच रहे। पार्क परिक्षेत्र अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि 12 हाथियों का दल रात के समय जंगल से निकलकर गांव की ओर आ गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से सतर्कता एवं सुरक्षा के साथ हाथियों को पुनः जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों की सूचना मिलते ही उनके निकट जाने का प्रयास न करें, न ही उन्हें उकसाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे भविष्य में जन-धन की हानि को रोका जा सके।3
- विधानसभा में गूंजी पुष्पराजगढ़ की आवाज़,विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने IGNTU से जुड़े मुद्दे उठाए 📍 अनूपपुर | पुष्पराजगढ़ अनूपपुर पुष्पराजगढ़/ विधानसभा क्षेत्र के विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। विधायक ने विश्वविद्यालय परिसर में संचालित ट्राइबल मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक मान्यताओं की प्रक्रिया समय पर पूरी करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो और वे कक्षा 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।विधायक मार्को ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि क्षेत्र की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और शिक्षा के अधिकार को लेकर विधायक की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
- क्षमा और वात्सल्य से भरा मोदी जी का यह विशाल हृदय ही उन्हें सही मायनों में एक महान राष्ट्रनायक बनाता है🙏🇮🇳 क्षमा और वात्सल्य से भरा मोदी जी का यह विशाल हृदय ही उन्हें सही मायनों में एक महान राष्ट्रनायक बनाता है🙏🇮🇳1
- *शातिर अपराधी को तलाशते हुए पंजाब पुलिस उसके फर्जी पते पर सतना पहुँची।* *शातिर अपराधी को तलाशते हुए पंजाब पुलिस उसके फर्जी पते पर सतना पहुँची।*1
- पड़ोसीअशोक सोनी की दबंगई से परेशान किसान की नहीं हो रही कहीं सुनवाई ।। मैहर ✍️ मामला जिले के बदेरा ग्राम का है ।। जहां पर दबंग अशोक सोनी द्वारा दबंगई की दम पर गरीब चंद्रभान दाहिया को उसके अपने ही खेत की मेड नहीं फोड़ने दिया जा रहा और गरीब का रोपा पूर्णतः डूब कर सड़ रहा है चंद्रभान के बाल बच्चों के पालन पोषण का एक मात्र साधन खेती ही है उसे भी ये दबंग अशोक सोनी जो कही बाहर से आकर यहां पर अतिक्रमण कर अपने पैर फैलाए हुए है और पड़ोसी गरीब को अपनी दबंगई से भयभीत किए हुए है।। इस सोनी को न ग्राम पंचायत और थाना पुलिस कलेक्टर कानून से कोई मतलब नहीं है इतना राशुकदार है ये अशोक सोनी की किसी गरीब के बाल बच्चे भूखों मारने तक से नहीं बच रहा माने इसे भगवान से भी कोई सरोकार नहीं है ।। चंद्रभान द्वारा सोनी के इस बर्बरता पूर्ण काम की सूचना ग्राम सरपंच के साथ साथ थाना बदेरा में भी दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तब जनसुनवाई में जिला कलेक्टर को भी लिखित आवेदन दिया गया और कलेक्टर द्वारा जांच करवाकर समाधान का मौखिक आश्वासन भी दिया गया किन्तु कई दिन बीत चुके है और गरीब अपने ही खेत की मेड़ नहीं खोल पा रहा और उसके धान का रोपा पूरी तरह नष्ट हुआ जा रहा है।। पड़ोसीअशोक सोनी की दबंगई से परेशान किसान की नहीं हो रही कहीं सुनवाई ।। मैहर ✍️ मामला जिले के बदेरा ग्राम का है ।। जहां पर दबंग अशोक सोनी द्वारा दबंगई की दम पर गरीब चंद्रभान दाहिया को उसके अपने ही खेत की मेड नहीं फोड़ने दिया जा रहा और गरीब का रोपा पूर्णतः डूब कर सड़ रहा है चंद्रभान के बाल बच्चों के पालन पोषण का एक मात्र साधन खेती ही है उसे भी ये दबंग अशोक सोनी जो कही बाहर से आकर यहां पर अतिक्रमण कर अपने पैर फैलाए हुए है और पड़ोसी गरीब को अपनी दबंगई से भयभीत किए हुए है।। इस सोनी को न ग्राम पंचायत और थाना पुलिस कलेक्टर कानून से कोई मतलब नहीं है इतना राशुकदार है ये अशोक सोनी की किसी गरीब के बाल बच्चे भूखों मारने तक से नहीं बच रहा माने इसे भगवान से भी कोई सरोकार नहीं है ।। चंद्रभान द्वारा सोनी के इस बर्बरता पूर्ण काम की सूचना ग्राम सरपंच के साथ साथ थाना बदेरा में भी दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तब जनसुनवाई में जिला कलेक्टर को भी लिखित आवेदन दिया गया और कलेक्टर द्वारा जांच करवाकर समाधान का मौखिक आश्वासन भी दिया गया किन्तु कई दिन बीत चुके है और गरीब अपने ही खेत की मेड़ नहीं खोल पा रहा और उसके धान का रोपा पूरी तरह नष्ट हुआ जा रहा है।।1