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महोबा में पुलिस द्वारा बैंक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अभियान लगातार जारी है।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा में पुलिस द्वारा बैंक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अभियान लगातार जारी है।
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- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, चंपत राय को चढ़ावा चोरी की जानकारी पहले से ही थी, लेकिन उन्होंने समय रहते आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और लोगों से कथित तौर पर झूठ बोलते रहे। यह प्रकरण तब सामने आया जब 4 जून को ट्रस्ट के एक पदाधिकारी को काउंटिंग रूम के टॉयलेट से नोटों के बंडल मिले, जिनकी कीमत लगभग तीन से चार लाख रुपए बताई गई। इन नोटों के बंडल मिलने के बाद, ट्रस्ट के पदाधिकारी राम मंदिर की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को साथ लेकर नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारी अविनाश शुक्ला के घर पहुंचे। वहां एक बैग मिला, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, और दावा किया गया है कि यह बैग रुपयों से भरा था। मूल पाठ में दी गई जानकारी के अनुसार, रुपयों से भरा यह बैग 5 जून को आरोपी के घर से बरामद हुआ था। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जब इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो ट्रस्ट से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने 7 जून को चढ़ावे में हुई गड़बड़ी की जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी। मीडिया में यह मुद्दा उठने के बाद, उसी दिन पहले समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडेय और फिर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर इस विषय को उठाया। पुलिस ने अब तक इस मामले में आरोपियों के ठिकानों से कुल 79.85 लाख रुपए बरामद किए हैं।1
- छतरपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और टीकमगढ़ लोकसभा सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने आज 29 जून को दोपहर करीब 2:00 बजे राहुल गांधी के 'गुमशुदा' पोस्टरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि, "यह तो उन्हें चिंतन करना चाहिए कि इस तरह की स्थितियां क्यों निर्मित हों।" डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति या दल को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं और जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर कैसी धारणा बन रही है। इस संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने कोई सीधा राजनीतिक आरोप लगाने से परहेज किया। उनका यह बयान दिशा समिति की बैठक के बाद मीडिया के साथ एक अनौपचारिक चर्चा के दौरान सामने आया, जिसके उपरांत राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर गरमागरम चर्चा शुरू हो गई है।1
- हमीरपुर के मौदहा विकासखंड में भवानी, चमरखन्ना, लरौध, हिमौली, पारा और लदार सहित कई गांवों के लोगों की वर्षों पुरानी कनेक्टिविटी की समस्या अब समाप्त होने की उम्मीद जगी है। बरसात के मौसम में इन गांवों का कस्बे से संपर्क पूरी तरह टूट जाता था, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों ने बताया कि एक ओर चंद्रावल नदी और दूसरी ओर सीहो नदी होने के कारण बारिश के दिनों में ये गांव चारों तरफ से घिर जाते थे। आपातकालीन परिस्थितियों, जैसे बीमारी या प्रसव के दौरान, लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर ट्यूब और कीपा (एक स्थानीय नाव) के सहारे नदी पार करनी पड़ती थी। यह समस्या इन गांवों के बसने के समय से चली आ रही थी। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर भवानी से लदार तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जिससे हजारों ग्रामीणों को बरसात के दौरान भी सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। सड़क निर्माण शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं बताया। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ साबित हो और भविष्य में कोई समस्या न हो।1
- पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशों पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन ईगल" के तहत बाँदा की कमासिन पुलिस को नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 1 किलो 300 ग्राम अवैध सूखे गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 28 और 29 जून की देर रात को हुई, जब थाना कमासिन पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजापुर-बबेरु मार्ग पर इटर्रा बढ़ौनी तिराहे के पास एक संदिग्ध युवक गांजा लेकर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर रिशु पुत्र शिवशंकर को मौके से दबोच लिया, जो ग्राम लोहरा, थाना कमासिन का निवासी है। अभियुक्त की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से कुल 1 किलो 300 ग्राम अवैध सूखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे को तुरंत कब्जे में लेकर आरोपी रिशु के खिलाफ थाना कमासिन में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने स्पष्ट कहा है कि जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए "ऑपरेशन ईगल" लगातार जारी रहेगा और नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- केंद्रीय मंत्री ने खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में राशन की दुकानें नहीं हैं या दुकान की दूरी अधिक है, वहां नियमों के अनुसार अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकानें खोली जानी चाहिए। साथ ही, मंत्री ने राशन वितरण में लापरवाही बरतने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। इस संबंध में, उन्होंने राजनगर क्षेत्र के ग्राम चौबर में एक विशिष्ट मामले का उल्लेख किया, जहां तीन माह में केवल एक बार राशन वितरित किया गया था। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।1
- छतरपुर जिले के राजनगर तहसील कार्यालय के लालपुर सर्कल में दबंगों द्वारा शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास निर्माण कार्य से संबंधित एक जांच रिपोर्ट को दिनदहाड़े एक फाइल से जबरन फाड़ दिया गया है, जिससे पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड की गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे तहसीलदार की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता रामपाल सिंह, जो डिगौनी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनके भाई का पैतृक मकान गत वर्ष तेज बारिश में ढह गया था। उनके भाई को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ा और कुछ महीने वहीं रुकना पड़ा। मकान गिरने के बाद पटवारी ने उनके मकान को शासकीय बताकर गलत रिपोर्ट लगा दी थी। जब रामपाल सिंह को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए राशि मिली, तो दबंगों ने फर्जी शिकायत करके पटवारी से फिर गलत जांच रिपोर्ट बनवा ली और उनके कार्य को रुकवा दिया। इसके बाद पीड़ित ने तहसील कार्यालय पहुंचकर दोबारा जांच की मांग की, जिस पर तहसीलदार ने आरआई (राजस्व निरीक्षक) लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार को जांच सौंपी। आरआई ने मौके पर जाकर निष्पक्ष और बारीकी से जांच की, और अपनी रिपोर्ट तहसील कार्यालय के बाबू (क्लर्क) के पास सौंप दी थी। हालांकि, जब पीड़ित रामपाल सिंह कार्यालय पहुंचे, तो फाइल में वह जांच रिपोर्ट गायब थी। बाबू ने अपनी नाकामी छुपाते हुए कहा कि फाइल में से कोई जांच रिपोर्ट फाड़कर ले गया है और अब उन्हें दोबारा पीडीएफ मंगानी पड़ेगी। इस घटना से यह गंभीर प्रश्न उठ रहा है कि आखिर शासकीय रिकॉर्ड के साथ ऐसी छेड़खानी कौन कर सकता है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दबंगों ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे उनके भाई का फायदा उठाया है। इस तरह की घटनाएं न केवल शासकीय रिकॉर्ड की गोपनीयता को भंग करती हैं, बल्कि आम जनमानस में भी अविश्वास पैदा करती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।4
- महोबा जिले की पनवाड़ी ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ा एक सच सामने आया है। इस घटना से ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था की असलियत उजागर हुई है।1
- छतरपुर में एक सड़क हादसे में पिता-पुत्र की मौत के बाद, आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने महोबा रोड पर ग्राम हमा के पास चक्काजाम कर दिया। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़क पर बैठकर मृतकों के लिए मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँचा और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान छतरपुर की विधायक ललिता यादव भी घटनास्थल पर पहुँचीं और परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक के आश्वासन के बाद आज 29 जून को दोपहर करीब 1:00 बजे परिजनों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिससे यातायात बहाल हो सका। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- मध्य प्रदेश के घिनोची गाँव में पुलिस की 'घूसखोरी' के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर बड़ामलहरा SDOP रोहित अलावा ने सरेआम हाथ-पैर बरसाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 934 पर चक्काजाम किया था, जिसे खुलवाने के लिए पहुँचे SDOP ने कथित तौर पर इंसाफ की जगह उन्हें पीटा। बताया जा रहा है कि गुलगंज पुलिस पर 'लेनदेन' यानी रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने दिनदहाड़े चोरी के एक आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ दिया था। खाकी के इस 'डबल टॉर्चर' से भड़के ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद यह मारपीट की घटना सामने आई। वायरल वीडियो में SDOP की यह 'करतूत' कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों का भारी गुस्सा फूट पड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई को 'चोर पर रहम और ग्रामीणों पर सिटम' तथा 'चोर छोड़ा, जनता तोड़ी' बताते हुए कड़ी निंदा की जा रही है।1