आईपीएस बुशरा बानो के समर्थन में राजुद्दीन गादरे की आवाज धार्मिक अभिव्यक्ति पर सवाल उठाना संविधान की भावना के विरुद्ध मेरठ। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश प्रभारी दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राजुद्दीन गादरे ने आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के समर्थन में कहा कि ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकअल्लाह’ जैसे शब्द धार्मिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का हिस्सा हैं। इनके इस्तेमाल को लेकर किसी अधिकारी की देशभक्ति पर सवाल उठाना अनुचित है। उन्होंने कहा कि बुशरा बानो ने विदेश की सुविधाजनक नौकरी छोड़कर भारत लौटकर देशसेवा का रास्ता चुना। उनकी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा सम्मान की हकदार है। गादरे ने कहा कि भारत की पहचान अनेकता में एकता, समता, समानता, न्याय, बंधुत्व और स्वतंत्रता से है। धार्मिक पहचान के आधार पर नफरत फैलाने के बजाय संविधान और कानून का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा, *“भारत संविधान से चलता है, धार्मिक पूर्वाग्रहों से नहीं। हर नागरिक के अधिकार और सम्मान की रक्षा करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।”* *धार्मिक पहचान नहीं, संविधान और कर्तव्य है असली पहचान : राजुद्दीन गादरे* आईपीएस बुशरा बानो के समर्थन में उठी आवाज, नफरत की राजनीति पर सवाल मेरठ। पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में तैनात आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के समर्थन में पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी और पत्रकार कविश अजीज की आवाज सामने आने के बाद धार्मिक पहचान को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर बहस तेज हो गई है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश प्रदेश प्रभारी राजुद्दीन गादरे ने बुशरा बानो के जज्बे और देशसेवा की सराहना करते हुए कहा कि किसी अधिकारी की धार्मिक पहचान उसके संवैधानिक कर्तव्य और देश के प्रति निष्ठा पर सवाल उठाने का आधार नहीं हो सकती। गादरे ने कहा कि बुशरा बानो ने विदेश में उपलब्ध सुविधाजनक जीवन छोड़कर भारत लौटने और देश की सेवा करने का रास्ता चुना। उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। ऐसी प्रेरणादायक यात्रा को धार्मिक शब्दों के इस्तेमाल के विवाद में सीमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘अस्सलाम वालेकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकअल्लाह’ जैसे शब्द मुस्लिम समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का हिस्सा हैं। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था और भाषा के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता देता है। किसी निजी बातचीत में धार्मिक अभिव्यक्ति को देशभक्ति के पैमाने से जोड़ना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है। अनेकता में एकता ही भारत की शक्ति पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी द्वारा बुशरा बानो के समर्थन में व्यक्त विचारों का उल्लेख करते हुए गादरे ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी अनेकता में एकता है। उर्दू भाषा को तहजीब, भाईचारे और संवाद की भाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की साझा संस्कृति में विभिन्न भाषाओं, धर्मों और परंपराओं का योगदान है। उन्होंने कहा कि ‘शुक्रिया’ और ‘जज़ाकअल्लाह खैर’ जैसे शब्दों का सम्मानपूर्वक इस्तेमाल यह संदेश देता है कि सभ्य समाज में धार्मिक विविधता के लिए जगह होनी चाहिए। नफरत और ट्रोलिंग के बजाय संवाद, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाना आवश्यक है। कानून सबके लिए समान हो गादरे ने धार्मिक आधार पर कथित दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी की धार्मिक आस्था से जुड़ी अभिव्यक्ति को सामान्य माना जाता है, तो मुस्लिम अधिकारी की धार्मिक अभिव्यक्ति पर आपत्ति क्यों? उन्होंने कहा कि इस प्रश्न का उत्तर संविधान, कानून और समानता के सिद्धांतों के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि धार्मिक पूर्वाग्रहों के आधार पर। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी समुदाय के विरुद्ध नफरत फैलाने, धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद खड़ा करने अथवा कानून को अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी आरोप की जांच प्रमाणों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। भाईचारा बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी राजुद्दीन गादरे ने कहा कि भारत के नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करें। धार्मिक पहचान के आधार पर किसी को देशभक्ति के कटघरे में खड़ा करना सामाजिक सद्भाव के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा, “भारत संविधान से चलता है। यहां किसी भी नागरिक के अधिकार उसकी धार्मिक पहचान से तय नहीं होते। समता, समानता, न्याय, बंधुत्व और स्वतंत्रता ही लोकतंत्र की वास्तविक नींव हैं।” गादरे ने बुशरा बानो सहित सभी ईमानदार अधिकारियों के सम्मान और निष्पक्ष कार्यप्रणाली की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देशसेवा करने वाले प्रत्येक नागरिक को धार्मिक पूर्वाग्रहों से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए।
आईपीएस बुशरा बानो के समर्थन में राजुद्दीन गादरे की आवाज धार्मिक अभिव्यक्ति पर सवाल उठाना संविधान की भावना के विरुद्ध मेरठ। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश प्रभारी दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राजुद्दीन गादरे ने आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के समर्थन में कहा कि ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकअल्लाह’ जैसे शब्द धार्मिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का हिस्सा हैं। इनके इस्तेमाल को लेकर किसी अधिकारी की देशभक्ति पर सवाल उठाना अनुचित है। उन्होंने कहा कि बुशरा बानो ने विदेश की सुविधाजनक नौकरी छोड़कर भारत लौटकर देशसेवा का रास्ता चुना। उनकी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा सम्मान की हकदार है। गादरे ने कहा कि भारत की पहचान अनेकता में एकता, समता, समानता, न्याय, बंधुत्व और स्वतंत्रता से है। धार्मिक पहचान के आधार पर नफरत फैलाने के बजाय संविधान और कानून का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा, *“भारत संविधान से चलता है, धार्मिक पूर्वाग्रहों से नहीं। हर नागरिक के अधिकार और सम्मान की रक्षा करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।”* *धार्मिक पहचान नहीं, संविधान और कर्तव्य है असली पहचान : राजुद्दीन गादरे* आईपीएस बुशरा बानो के समर्थन में उठी आवाज, नफरत की राजनीति पर सवाल मेरठ। पश्चिम बंगाल
के खड़गपुर में तैनात आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के समर्थन में पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी और पत्रकार कविश अजीज की आवाज सामने आने के बाद धार्मिक पहचान को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर बहस तेज हो गई है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश प्रदेश प्रभारी राजुद्दीन गादरे ने बुशरा बानो के जज्बे और देशसेवा की सराहना करते हुए कहा कि किसी अधिकारी की धार्मिक पहचान उसके संवैधानिक कर्तव्य और देश के प्रति निष्ठा पर सवाल उठाने का आधार नहीं हो सकती। गादरे ने कहा कि बुशरा बानो ने विदेश में उपलब्ध सुविधाजनक जीवन छोड़कर भारत लौटने और देश की सेवा करने का रास्ता चुना। उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। ऐसी प्रेरणादायक यात्रा को धार्मिक शब्दों के इस्तेमाल के विवाद में सीमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘अस्सलाम वालेकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकअल्लाह’ जैसे शब्द मुस्लिम समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का हिस्सा हैं। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था और भाषा के अनुसार जीवन
जीने की स्वतंत्रता देता है। किसी निजी बातचीत में धार्मिक अभिव्यक्ति को देशभक्ति के पैमाने से जोड़ना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है। अनेकता में एकता ही भारत की शक्ति पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी द्वारा बुशरा बानो के समर्थन में व्यक्त विचारों का उल्लेख करते हुए गादरे ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी अनेकता में एकता है। उर्दू भाषा को तहजीब, भाईचारे और संवाद की भाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की साझा संस्कृति में विभिन्न भाषाओं, धर्मों और परंपराओं का योगदान है। उन्होंने कहा कि ‘शुक्रिया’ और ‘जज़ाकअल्लाह खैर’ जैसे शब्दों का सम्मानपूर्वक इस्तेमाल यह संदेश देता है कि सभ्य समाज में धार्मिक विविधता के लिए जगह होनी चाहिए। नफरत और ट्रोलिंग के बजाय संवाद, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाना आवश्यक है। कानून सबके लिए समान हो गादरे ने धार्मिक आधार पर कथित दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी की धार्मिक आस्था से जुड़ी अभिव्यक्ति को सामान्य माना जाता है, तो मुस्लिम अधिकारी की धार्मिक अभिव्यक्ति पर आपत्ति क्यों? उन्होंने कहा कि इस प्रश्न का उत्तर
संविधान, कानून और समानता के सिद्धांतों के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि धार्मिक पूर्वाग्रहों के आधार पर। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी समुदाय के विरुद्ध नफरत फैलाने, धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद खड़ा करने अथवा कानून को अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी आरोप की जांच प्रमाणों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। भाईचारा बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी राजुद्दीन गादरे ने कहा कि भारत के नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करें। धार्मिक पहचान के आधार पर किसी को देशभक्ति के कटघरे में खड़ा करना सामाजिक सद्भाव के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा, “भारत संविधान से चलता है। यहां किसी भी नागरिक के अधिकार उसकी धार्मिक पहचान से तय नहीं होते। समता, समानता, न्याय, बंधुत्व और स्वतंत्रता ही लोकतंत्र की वास्तविक नींव हैं।” गादरे ने बुशरा बानो सहित सभी ईमानदार अधिकारियों के सम्मान और निष्पक्ष कार्यप्रणाली की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देशसेवा करने वाले प्रत्येक नागरिक को धार्मिक पूर्वाग्रहों से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए।
- मेरठ ब्यूरो रिपोर्ट भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम क्षेत्र की संगठनात्मक बैठक आज बुधवार को पश्चिम क्षेत्रीय कार्यालय में होगी।1
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- meerut=मां तुझे सलाम देश भक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन1
- मेरठ शास्त्री नगर फिर चला आवास विकास का बुलडोजर 6 अवैध निर्माण जमींदोज देखिए वीडियो मेरठ सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर! 6 अवैध निर्माण जमींदोज... : सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद मेरठ के शास्त्री नगर में आवास विकास परिषद की बड़ी कार्रवाई। तड़के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर 6 अवैध भवनों को गिरा दिया गया। 21 सितंबर को SC में अनुपालन रिपोर्ट पेश की जानी है।देखिए पूरी खबर का लाइव वीडियो CHANNEL N TV LIVE WEBNEWS मेरठ मित्र से नवेद खान की रिपोर्ट1
- होमगार्ड भर्ती की दौड़ में बिगड़ी अभ्यर्थियों की तबीयत, एक की मौत, नौ अस्पताल में भर्ती मेरठ-प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए मंगलवार से शुरू हुई शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) के दौरान मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में बड़ा हादसा हो गया। दौड़ लगाते समय कई अभ्यर्थियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इनमें शामली निवासी अभ्यर्थी सचिन की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं, उसके एक साथी अभ्यर्थी की उपचार के दौरान मौत हो गई। दौड़ के दौरान करीब नौ अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर भर्ती स्थल पर अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए बीमार अभ्यर्थियों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि कुछ अभ्यर्थी शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए इंजेक्शन लगाकर दौड़ में शामिल हुए थे। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के बाद भर्ती स्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को और सतर्क कर दिया गया है। होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के नोडल अधिकारी एसपी क्राइम अविनाश कुमार हैं। भर्ती प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। अभ्यर्थियों की सुरक्षा और देखभाल के लिए मेडिकल थाना पुलिस को तैनात किया गया है। घटना से संबंधित अभ्यर्थियों के स्वजन को भी सूचना दे दी गई है।4
- मेरठ -सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में गैस लीकेज, इलाके के लोगों की हालत बिगड़ी, लोगों को जलन और खांसी की शिकायत, पुलिस ने कॉलोनी खाली करने के लिए अनाउंसमेंट किया, नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, राहत कार्य में जुटी पुलिस और नगर निगम की टीम, एसपी सिटी विनायक भोंसले मौके पर, पल्लवपुरम फेज 2 का मामला1
- टीपी नगर में शराब ठेके पर बवाल! ओवररेटिंग के विरोध पर युवकों की पिटाई मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र में शराब ठेके पर ओवररेटिंग के विरोध के बाद मारपीट का आरोप लगा है। आरोप है कि तय कीमत से ज्यादा दाम पर शराब बेचने का विरोध करने पर ठेके के कर्मचारियों ने दो युवकों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटा। मारपीट की पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। दोनों युवकों के घायल होने की बात सामने आई है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है। #Meerut #MeerutNews #TPNagar #LiquorShop #Overrating #CCTVFootage #ViralVideo #CrimeNews #MeerutPolice #BreakingNews #UPNews #UttarPradesh #ERadioIndia1
- सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में गैस लीकेज से मचा हड़कंप, कॉलोनी खाली कराने का कराया अनाउंसमेंट मेरठ/ संवाददाता। पल्लवपुरम फेज-2 में मंगलवार देर रात सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में गैस लीकेज की सूचना से हड़कंप मच गया। प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों को गैस की चपेट में आने के बाद आंखों में जलन और खांसी की शिकायत होने लगी। अचानक लोगों की हालत बिगड़ने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर आसपास की कॉलोनी में अनाउंसमेंट कराकर लोगों को घर खाली करने के लिए कहा गया। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गैस के रिसाव को नियंत्रित करने और उसके स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एसपी सिटी विनायक भोंसले भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गैस किस कारण से लीक हुई और इसकी चपेट में कितने लोग आए हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल एहतियात के तौर पर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।4