logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बरेली -ज़िंदगी रही तो अगले साल फिर उर्स में आने का इरादा लेकर जायरीन की वापसी शुरू बरेली, उर्से रज़वी में शिरक़त के लिए देश-दुनिया से लाखों ज़ायरीन बरेली पहुँचे थे। कुल शरीफ के बाद बड़ी संख्या में अक़ीदतमंद घर वापसी के लिए रवाना हो रहे है। ज़ायरीन की वापसी का सिलसिला आज भी जारी है। ज़ायरीन नम आँखों के साथ दरगाह पर आखिरी सलामी देने व दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मिया व सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ़्ती अहसन मियां से इजाज़त लेकर इस उम्मीद के साथ रवाना हुए की अगर ज़िंदगी रही तो अगले साल उर्स में फिर शिरकत करने पहुँचगे। गौरतलब है कि आला हज़रत का उर्स हर साल चंद्र दर्शन के अनुसार 25 सफ़र को मनाया जाता है। आज 09 अगस्त को 25 सफ़र है।आज दरगाह परिसर में मजार शरीफ के अंदर दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां की व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में 2.38 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। लगभग 95% जायरीन की वापसी हो चुकी है जो लोग बचे है वो आज आला हजरत के कुल शरीफ में शिरकत करने के बाद रवाना हो जायेंगे। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया इस दौरान बड़ी तादात में अकीदतमंद सिलसिला-ए-आलिया कादरिया रज़विया के बुजुर्ग हज़रत सुब्हानी मियां व हज़रत अहसन मिया से मुरीद हुए। वही उर्स की कामयाबी और अमन-ओ-सुकून के साथ संपन्न होने पर तहरीक तहफ़्फ़ुज़-ए-सुन्नियत (टीटीएस) की टीम ने सय्यद आसिफ मियां के नेतृत्व में दरगाह पर गुलपोशी व फ़ातिहाख्वानी कर दुआ की। इस मौके पर राशिद अली खान,अजमल नूरी,शाहिद नूरी,परवेज़ नूरी,औररंगज़ेब नूरी,नासिर कुरैशी,ताहिर अल्वी,सय्यद फैज़ान अली,मंजूर रज़ा,मुजाहिद बेग,इशरत नूरी,नफीस खान,शान रज़ा,तारिक सईद,हाजी शारिक नूरी,आलेनबी,युनुस गद्दी,इरशाद रज़ा,आसिफ रज़ा,ग़ज़ाली रज़ा,जुहैब रज़ा,आलेनबी,काशिफ रज़ा,सय्यद एज़ाज़, सय्यद माजिद,काशिफ सुब्हानी,गौहर खान,नईम नूरी,हाजी अब्बास,हाजी अज़हर बेग,फारूक खान,शारिक बरकाती,मोहसिन रज़ा, ज़ुबैर रज़ा,सबलू अल्वी,फ़ैज़ क़ुरैशी,यूनुस साबरी,सुहैल रज़ा,शाद रज़ा,ज़ीशान रज़ा,सऊद रज़ा,रोमान खान,हाजी फय्याज,आदिल रज़ा,अरबाज रज़ा,साकिब रज़ा, मिर्ज़ा जुनैद,जुनैद रज़ा चिश्ती,आसिम नूरी,साजिद नूरी,मुस्तक़ीम नूरी,रेहान कुरैशी,अश्मीर रज़ा,फ़ैज़ी रज़ा,अजमल रज़ा,समी खान,आरिफ नूरी,साकिब रज़ा,जावेद खान,हस्सान रज़ा,मुल्तज़म,हसन बरेलवी आदि लोग मौजूद रहे।

2 hrs ago
user_Press reporter
Press reporter
Bareilly, Uttar Pradesh•
2 hrs ago

बरेली -ज़िंदगी रही तो अगले साल फिर उर्स में आने का इरादा लेकर जायरीन की वापसी शुरू बरेली, उर्से रज़वी में शिरक़त के लिए देश-दुनिया से लाखों ज़ायरीन बरेली पहुँचे थे। कुल शरीफ के बाद बड़ी संख्या में अक़ीदतमंद घर वापसी के लिए रवाना हो रहे है। ज़ायरीन की वापसी का सिलसिला आज भी जारी है। ज़ायरीन नम आँखों के साथ दरगाह पर आखिरी सलामी देने व दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मिया व सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ़्ती अहसन मियां से इजाज़त लेकर इस उम्मीद के साथ रवाना हुए की अगर ज़िंदगी रही तो अगले साल उर्स में फिर शिरकत करने पहुँचगे। गौरतलब है कि आला हज़रत का उर्स हर साल चंद्र दर्शन के अनुसार 25 सफ़र को मनाया जाता है। आज 09 अगस्त को 25 सफ़र है।आज दरगाह परिसर में मजार शरीफ के अंदर दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां की व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में 2.38 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। लगभग 95% जायरीन की वापसी हो चुकी है जो लोग बचे है वो आज आला हजरत के कुल शरीफ में शिरकत करने के बाद रवाना हो जायेंगे। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया इस दौरान बड़ी तादात में अकीदतमंद सिलसिला-ए-आलिया कादरिया रज़विया के बुजुर्ग हज़रत सुब्हानी मियां व हज़रत अहसन मिया से मुरीद हुए। वही उर्स की कामयाबी और अमन-ओ-सुकून के साथ संपन्न होने पर तहरीक तहफ़्फ़ुज़-ए-सुन्नियत (टीटीएस) की टीम ने सय्यद आसिफ मियां के नेतृत्व में दरगाह पर गुलपोशी व फ़ातिहाख्वानी कर दुआ की। इस मौके पर राशिद अली खान,अजमल नूरी,शाहिद नूरी,परवेज़ नूरी,औररंगज़ेब नूरी,नासिर कुरैशी,ताहिर अल्वी,सय्यद फैज़ान अली,मंजूर रज़ा,मुजाहिद बेग,इशरत नूरी,नफीस खान,शान रज़ा,तारिक सईद,हाजी शारिक नूरी,आलेनबी,युनुस गद्दी,इरशाद रज़ा,आसिफ रज़ा,ग़ज़ाली रज़ा,जुहैब रज़ा,आलेनबी,काशिफ रज़ा,सय्यद एज़ाज़, सय्यद माजिद,काशिफ सुब्हानी,गौहर खान,नईम नूरी,हाजी अब्बास,हाजी अज़हर बेग,फारूक खान,शारिक बरकाती,मोहसिन रज़ा, ज़ुबैर रज़ा,सबलू अल्वी,फ़ैज़ क़ुरैशी,यूनुस साबरी,सुहैल रज़ा,शाद रज़ा,ज़ीशान रज़ा,सऊद रज़ा,रोमान खान,हाजी फय्याज,आदिल रज़ा,अरबाज रज़ा,साकिब रज़ा, मिर्ज़ा जुनैद,जुनैद रज़ा चिश्ती,आसिम नूरी,साजिद नूरी,मुस्तक़ीम नूरी,रेहान कुरैशी,अश्मीर रज़ा,फ़ैज़ी रज़ा,अजमल रज़ा,समी खान,आरिफ नूरी,साकिब रज़ा,जावेद खान,हस्सान रज़ा,मुल्तज़म,हसन बरेलवी आदि लोग मौजूद रहे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Bareilly Ke baheri Kshetra Mein kanvad Yatra/ Adhikari dwara Di Gai jankari/ kavdiyon Ko Koi dikkat Na Aaye isliye police ka bada action/ kavad Marg hua Puri tarah saaf/ savan Mein kanvdiyon ki बल्ले-बल्ले/ Bareilly Ke baheri Kshetra Mein kanvad Yatra/ Adhikari dwara Di Gai jankari/ kavdiyon Ko Koi dikkat Na Aaye isliye police ka bada action/ kavad Marg hua Puri tarah saaf/ savan Mein kanvdiyon ki बल्ले-बल्ले/
    1
    Bareilly Ke baheri Kshetra Mein kanvad Yatra/
Adhikari dwara Di Gai jankari/
kavdiyon Ko Koi dikkat Na Aaye isliye police ka bada action/
kavad Marg hua Puri tarah saaf/
savan Mein kanvdiyon ki बल्ले-बल्ले/

Bareilly Ke baheri Kshetra Mein kanvad Yatra/
Adhikari dwara Di Gai jankari/
kavdiyon Ko Koi dikkat Na Aaye isliye police ka bada action/
kavad Marg hua Puri tarah saaf/
savan Mein kanvdiyon ki बल्ले-बल्ले/
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • raste itne kharab hai road itna kharab Hai Koi jawab nahin Hai raste itne kharab hai road itna kharab Hai Koi jawab nahin Hai
    1
    raste itne kharab hai road itna kharab Hai Koi jawab nahin Hai
raste itne kharab hai road itna kharab Hai Koi jawab nahin Hai
    user_Prem Shankar
    Prem Shankar
    Electrician बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आप देख रहे हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल #पत्नी पर शक के चलते पति ने पी लिया तेजाब, इलाज के दौरान मौत#
    1
    आप देख रहे हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल
#पत्नी पर शक के चलते पति ने पी लिया तेजाब, इलाज के दौरान मौत#
    user_   ख़बर जंक्शन बरेली
    ख़बर जंक्शन बरेली
    Social Media Manager बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • उर्स-ए-आला हजरत 108 के कुल में शामिल होने के लिए देश-विदेश से पहुंचे जायरीनों के स्वागत के लिए पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास विशाल स्वागत कैंप लगाया गया बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास पीस कमेटी ने लगाया कैंप, जायरीनों का किया स्वागत हिंदू सनातनी भाइयों ने की पुष्पवर्षा, दिया आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम बरेली। उर्स-ए-आला हजरत 108 के कुल में शामिल होने के लिए देश-विदेश से पहुंचे जायरीनों के स्वागत के लिए पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास विशाल स्वागत कैंप लगाया गया। संरक्षक एवं बरेली पुलिस कमांडो गुरु जनार्दन आचार्य जी के आदेश पर कमेटी के हिंदू सनातनी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जायरीनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया और आपसी भाईचारे व मोहब्बत का संदेश दिया। इस दौरान पीस कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना ही सामाजिक सौहार्द की मजबूत नींव है। उन्होंने उर्स में आने वाले जायरीनों का स्वागत करते हुए गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि उर्स-ए-आला हजरत 108 के दौरान हिंदू सनातनी भाइयों की कांवड़ यात्रा को देखते हुए हजरत सुब्हानी मियां द्वारा कुल की तारीख दो दिन आगे किए जाने और बाहर से आए मुस्लिम जायरीनों के लंगर में वेज खाना उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। पीस कमेटी के हिंदू सनातनी पदाधिकारियों ने इसके लिए उनका आभार जताते हुए उनकी लंबी उम्र और सलामती की दुआ की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल, राष्ट्रीय महासचिव मनमोहन सिंह तनेजा, सलाहकार एवं मीडिया प्रभारी डॉ. सैयद शहाबुद्दीन, प्रदेश अध्यक्ष रहीम खान, प्रदेश महासचिव मोंटू सक्सेना, प्रदेश सचिव अखिलेश अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग खुशनुमा खान, आजम खान, जिला अध्यक्ष विनोद रस्तोगी, जिला उपाध्यक्ष रामकिशन रस्तोगी, जिला महासचिव विवेक शर्मा, गोपाल रस्तोगी, महानगर अध्यक्ष आशुतोष अंतवाल, महानगर उपाध्यक्ष महेश रस्तोगी, महानगर सचिव सोनू रस्तोगी उर्फ पिकू और जिला महासचिव गौरव रस्तोगी समेत कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। पीस कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक यात्राओं और जुलूसों के दौरान एक-दूसरे का सम्मान करना ही सामाजिक सौहार्द की मजबूत नींव है। स्वागत कैंप के माध्यम से आपसी भाईचारे, प्रेम और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया गया
    1
    उर्स-ए-आला हजरत 108 के कुल में शामिल होने के लिए देश-विदेश से पहुंचे जायरीनों के स्वागत के लिए पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास विशाल स्वागत कैंप लगाया गया
बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास पीस कमेटी ने लगाया कैंप, जायरीनों का किया स्वागत
हिंदू सनातनी भाइयों ने की पुष्पवर्षा, दिया आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम
बरेली। उर्स-ए-आला हजरत 108 के कुल में शामिल होने के लिए देश-विदेश से पहुंचे जायरीनों के स्वागत के लिए पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास विशाल स्वागत कैंप लगाया गया। संरक्षक एवं बरेली पुलिस कमांडो गुरु जनार्दन आचार्य जी के आदेश पर कमेटी के हिंदू सनातनी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जायरीनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया और आपसी भाईचारे व मोहब्बत का संदेश दिया।
इस दौरान पीस कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना ही सामाजिक सौहार्द की मजबूत नींव है। उन्होंने उर्स में आने वाले जायरीनों का स्वागत करते हुए गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।
पदाधिकारियों ने कहा कि उर्स-ए-आला हजरत 108 के दौरान हिंदू सनातनी भाइयों की कांवड़ यात्रा को देखते हुए हजरत सुब्हानी मियां द्वारा कुल की तारीख दो दिन आगे किए जाने और बाहर से आए मुस्लिम जायरीनों के लंगर में वेज खाना उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। पीस कमेटी के हिंदू सनातनी पदाधिकारियों ने इसके लिए उनका आभार जताते हुए उनकी लंबी उम्र और सलामती की दुआ की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल, राष्ट्रीय महासचिव मनमोहन सिंह तनेजा, सलाहकार एवं मीडिया प्रभारी डॉ. सैयद शहाबुद्दीन, प्रदेश अध्यक्ष रहीम खान, प्रदेश महासचिव मोंटू सक्सेना, प्रदेश सचिव अखिलेश अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग खुशनुमा खान, आजम खान, जिला अध्यक्ष विनोद रस्तोगी, जिला उपाध्यक्ष रामकिशन रस्तोगी, जिला महासचिव विवेक शर्मा, गोपाल रस्तोगी, महानगर अध्यक्ष आशुतोष अंतवाल, महानगर उपाध्यक्ष महेश रस्तोगी, महानगर सचिव सोनू रस्तोगी उर्फ पिकू और जिला महासचिव गौरव रस्तोगी समेत कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पीस कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक यात्राओं और जुलूसों के दौरान एक-दूसरे का सम्मान करना ही सामाजिक सौहार्द की मजबूत नींव है। स्वागत कैंप के माध्यम से आपसी भाईचारे, प्रेम और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया गया
    user_शाहबुद्दीन
    शाहबुद्दीन
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बरेली police कांवड़ यात्रा को लेकर अलर्टबहेड़ी क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह जानकारी देते हुए #बरेली police कांवड़ यात्रा को लेकर अलर्ट बहेड़ी क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह जानकारी देते हुए
    1
    बरेली police कांवड़ यात्रा को लेकर अलर्टबहेड़ी क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह जानकारी देते हुए
#बरेली police कांवड़ यात्रा को लेकर अलर्ट बहेड़ी क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह जानकारी देते हुए
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बरेली-लाखों अकीदतमंदों ने अपने पेशवा आला हज़रत की बारगाह में किया खिराज पेश उर्स-ए-रज़वी के आखिरी दिन आज लाखों सुन्नी-सूफ़ी अकीदतमंदों ने अपने पेशवा अपने मोहसिन;आला हज़रत की बारगाह में खिराज पेश किया। उर्स में देश विदेश के सज्जादगान व मशहूर नामवर उलेमा ने मज़हब इस्लाम,पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात,मसलक-ए-आला हज़रत के मिशन पर चर्चा की। सभी कार्यक्रम दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत व सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में हुए। सुबह 8 महफिल का आगाज़ तिलावत-ए- कुरान से किया गया। दोपहर ठीक 2 बजकर 38 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा कारी रज़ा-ए- रसूल,मौलाना बशीर उल क़ादरी,मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने पढ़ी। इसके बाद अपने वतन हिंदुस्तान समेत दुनिया में अमन-ओ-सुकून कौम-ओ- मिल्लत की खुसूसी दुआ सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां व नबीरे आला हज़रत हज़रत मौलाना तौसीफ रज़ा ने की। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 08 बजे से उलेमा की तकरीर का सिलसिला शुरू हुआ जो 2 बजकर 38 मिनट तक चलता रहा। *नबीरे आला हज़रत मुफ्ती अर्सलान रज़ा क़ादरी(अर्सलान मियां)* ने अपने खिताब में कहा कि बरेली से दीन और सुन्नियत का 1246 से आला हज़रत के दादा मुफ्ती रज़ा अली खान के वक्त से चल रहा है जिसे आज भी जारी है। मसलक ए आला हज़रत कोई नया मसलक नहीं बल्कि 1500 सौ साल पहले का दीन ही मसलक ए आला हज़रत है। मसलक ए आला हज़रत अंधभक्ति नहीं बल्कि ज़िंदा हकीकत का नाम मसलक ए आला हज़रत है। अहले सुन्नत का पैगाम मोहबत है उसे आम करो। साथ ही जंग जब अपनो से हो हार जाना ही बेहतर है। दुनिया भर के बरेलवी उलेमा सुन्नियत की खेती को हरा भरा करने का काम करे। *नबीरे आला हज़रत मुफ्ती फैज़ मियां* ने भी अपने खिताब में कहा कि आला हज़रत का खानदान पिछली दो सदी से मज़हब ओ मसलक की खिदमत को अंजाम दे रहा है। आला हज़रत के दादा मुफ्ती रज़ा अली खान ने अंग्रेजों के खिलाफ फ़तवा दिया। आला हज़रत ने जो दीन के काम किए उसे परवान हुज्जातुल इस्लाम,मुफ्ती आज़म ए हिन्द और उनकी आल ने आगे बढ़ाया। आठ पढ़ियो से हमारा खानदान आज भी दुनिया भर सुन्नियत के मिशन पर काम कर रही है। *कारी यूसुफ रज़ा संभली ने उर्स का संचालन करते हुए कहा* कि मुसलमान इस्लामी कानून के साथ अपने मुल्क के भी सच्चे वफादार रहते हुए इस्लाम की सही तस्वीर व नबी ए करीम की तालीमात को आम करने का काम उलेमा करे। गाना बजाना और डीजे से बचे। *मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी* ने अपने खिताब में कहा कि जश्न ए ईद मिलादुन्नबी करीब है दुनियाभर के मुसलमान अल्लाह के रसूल की पैदाइश का जश्न मनाएंगें। मुसलमान अपने घरों में इस्लामी झंडे लगाएंगे और लगाने भी चाहिए। लेकिन पिछले साल कुछ लोगों के ऊपर अंजाने में मुकदमे हुए जिसका कारण था हरे झंडे जो इस्लामी होते है उनको जी गलत फहमी में पाकिस्तानी झंडे समझ लिये गए। वही कुछ हरे झंडों में तलवार बनी है ये झंडा सऊदी अरब झंडा है। तिरंगा झंडा के साथ भी इसको तैयार करने वाले रद्दोबदल कर देते है जबकि तिरंगे झंडे के साथ किसी भी तरह की रद्दोबदल भारतीय कानूनी इजाज़त नहीं देता है ये कानूनी जुर्म है। ज़रूरी नहीं है कि हरा झंडा ही लगाया जाए से सफेद, काला या सुनहरा झंडा भी लगा सकते है। पाकिस्तान के झंडे से मिलते जुलते झंडे लगाने से बचे। चुनावी माहौल है सियासी पार्टियों से होशियार रहते है हिंदू मुस्लिम आपसी सौहार्द के साथ मुल्क की तरक्की खुशहाली और अपने देश को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करे। ये काम उलेमा अपने अपने इलाको में लोगों को बताए कि सभी लोग शरई दायरे में रहकर एक दूसरे के कार्यक्रम में शामिल हो। देश का मुस्लमान कभी किसी दूसरे मज़हब के लोगों से टकराव नहीं चाहता। *मुफ्ती आकिल रज़वी* द्वारा लिखी हुई किताब सही बुखारी का उर्दू में अनुवाद इमदादुल कारी की ग्यारहवीं जिल्द का विमोचन दरगाह प्रमुख ने किया। इस मौके पर मुफ़्ती अकिल रज़वी ने कहा कि बरेली सिर्फ बरेलवियों का ही मरकज नहीं बल्कि सभी सुन्नी खानकाहों का जो हक पर है उनका भी मरकज है। तमाम खानकाहे जो सुन्नियत का काम कर रही है वो हमारी है। *मुफ़्ती इमरान हनफी* ने कहा कि आला हज़रत की इल्मी कारनामों को दुनिया आज देखकर हैरान है। आपके इल्म का डंका दुनिया भर में बज रहा है। *अल्लामा तौसीफ रज़ा मिस्बाही व मौलाना साजिद रज़ा* ने मुल्क की आजादी के बाद से अब तक मुस्लमान किया वजह है कि वो शैक्षिक,आर्थिक,सामाजिक क्षेत्र में क्यों पिछड़ा है। जिसकी बड़ी वजह हम लोगों में शिक्षा की बड़ी कमी है। हमें अगर सुरक्षा चाहिए तो शिक्षा हासिल करनी होगी। बच्चों के हाथ में कलम दे दो निवाले कम खाए लेकिन अपने बच्चों को तालीम जरूर दे। अपने बच्चों को आईएएस,आईपीएस,इंजीनीयर, डाक्टर बनाए। *मौलाना जाहिद रज़ा* कहा कि अमीर मुसलमानों से कहा कि तुम्हारे मॉल पर गरीबों का भी हक नबी ए करीम की जिंदगी से सीख लेते हुए अपने मॉल को जरूरतमंदों में खर्च करे यही दरगाह आला हज़रत के सज्जादानशीन का पैगाम है। *मुफ्ती ज़ईम रज़ा* आला हज़रत ने हमें इश्क के रसूल का जो पाठ पढ़ाया उस पर सख्ती से कायम रहे। नमाज़ की पाबंदी करे। *कश्मीर से आए मौलाना फारूक नक्शबंदी* और *मौलाना मुख्तार बहेड़वी* ने सोशल मीडिया और उसके इस्तेमाल पर तकरीर करते हुए कहा कि दीन ट्यूबरो से नहीं बल्कि आला हज़रत और सुन्नी उलेमा की किताबों से सीखे। नमाज़ की पाबंदी,बिना दहेज़ की शादी करने पर ज़ोर दिया। आगे कहा कि आला हज़रत वाले फितने फसाद नहीं बल्कि अमन ओ सुकून में या यकीन रखते है। *मौलाना ज़िक्रुल्लाह* ने अपने पैगाम में में के कहा कि अपने मां और बाप की खिदमत करो अगर वो बीमार हो तो उनकी खिदमत करो। उनकी फर्माबरदारी हम पर लाज़िम है। मां बाप अगर नाराज़ तो हमारा खुदा हमसे कभी राज़ी नहीं होगा। *मुफ्ती अय्यूब खान* ने कहा कि लाउडस्पीकर से नमाज़ पर मुफ्ती-ए-आज़म का फतवा है इससे बचने और कुर्सी पर नमाज़ पढ़ने से मना फरमाया कहा कि खड़े नहीं हो सकते तो बैठकर पढ़ ले। *मुफ्ती जिलानी* ने कहा कि आज मुसलमानों में बेदारी की ज़रूरत है। मस्जिदों पर बुलडोज़र चलाकर उनको शहीद किया जा रहा है। हमारे एक उलेमा 4 साल से और आला हज़रत का शहज़ादा पिछले एक साल से जेल में बंद है और लोग अब भी संजीदा नहीं है। बल्कि अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का फतवा देने वाले मदरसे से पढ़ने वाली अल्लामा फैजले हक खैराबादी थे। *कारी इकबाल मुरादाबादी* ने अपने खिताब में डीजे और शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर चर्चा की। वही बीच बीच में नात ओ मनकबत भी गूंजती रहे जिसमें मुख्य रूप से नबीरे आला हज़रत सुल्तान रज़ा खान,नूरी मियां(मुंबई) ने मनकबत पेश कर खूब वाहवाही लूटी। महशर बरेलवी,सैफुल्लाह सुल्तानी,आसिफ रज़ा वास्ती,मौलाना अर्सलान रज़ा,मौलाना ताहिर रज़ा रामपुरी,मौलाना आरिफ अशरफी,कारी रज़ा ए रसूल,मोअज्जम सुब्हानी,मौलाना अनीस-उर-रहमान ने नात मनकबत का नज़राना पेश किया। इस मौके खानकाहे तहसीनिया के सज्जादानशीन हज़रत मौलाना हस्सान रज़ा खान,नबीरे आला हज़रत,अहसान रज़ा,शीरान रज़ा खान,मोअज्जम रज़ा खान,जुबैर रज़ा खान,सय्यद मुस्तफा मियां,मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष हाफिज नूर अहमद अजहरी,दरगाह शाहदाना वली के प्रबंधक अब्दुल वाजिद नूरी के अलावा बड़ी संख्या में उलेमा और शोहरा शामिल रहे। उर्स की व्यवस्था राशिद अली खान,हाजी जावेद खान,शाहिद नूरी,अजमल नूरी,परवेज़ नूरी,नासिर कुरैशी औरंगजेब नूरी,ताहिर अल्वी, मंज़ूर रज़ा,मुजाहिद बेग,जुबैर रज़ा,शान रज़ा,इशरत नूरी,अब्दुल माजिद,सय्यद माजिद,युनुस गद्दी,इरशाद रज़ा,आसिफ रज़ा,सऊद रज़ा,सुहैल रज़ा,रोमान खान,हाजी अब्बास नूरी,हाजी शरिक नूरी,सय्यद एजाज़,अब्दुल माजिद,अशमीर रज़ा,साकिब रज़ा,मोहसिन रज़ा,रेहान कुरैशी, जुनैद मिर्ज़ा, ग़ज़ाली रज़ा,सबलू अल्वी,सय्यद जुल्फी,नफीस खान,नावेद रज़ा,जावेद खान,साजिद नूरी,हाजी फय्याज,हाजी अज़हर बेग,हाजी शकील नूरी, नईम रज़ा,मोहसिन रज़ा,अकील नूरी,हस्सान रज़ा,हसन बरेलवी,समी रज़ा,गौहर खान,अजमल रज़ा,शरिक बरकाती,मुस्तकीम नूरी,फारूक खान,सरताज बाबा,सय्यद फरहत,युनुस साबरी,खालिद नूरी,आदिल रज़ा,शाद रज़ा, अरवाज़ रज़ा,हसीन खान,सैफ खान,नाजिम रज़ा आदि ने संभाली। उर्स सकुशल सम्पन्न होने के बाद दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां व सय्यद आसिफ मियां ने ज़िला प्रशासन,पुलिस प्रशासन,रेलवे,नगर निगम,मीडिया, नागरिक सुरक्षा संगठन,सभी लंगर व सबील कमेटियों,रजाकारों, टीटीएस वालंटियर्स,रज़ा फोर्स का शुक्रिया अदा किया।
    1
    बरेली-लाखों अकीदतमंदों ने अपने पेशवा आला हज़रत की बारगाह में किया खिराज पेश
उर्स-ए-रज़वी के आखिरी दिन आज लाखों सुन्नी-सूफ़ी अकीदतमंदों ने अपने पेशवा अपने मोहसिन;आला हज़रत की बारगाह में खिराज पेश किया। उर्स में देश विदेश के सज्जादगान व मशहूर  नामवर उलेमा ने मज़हब इस्लाम,पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात,मसलक-ए-आला हज़रत के मिशन पर चर्चा की। सभी कार्यक्रम दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत व सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में हुए। सुबह 8 महफिल का आगाज़ तिलावत-ए- कुरान से किया गया। दोपहर ठीक 2 बजकर 38 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा कारी रज़ा-ए- रसूल,मौलाना बशीर उल क़ादरी,मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने पढ़ी। इसके बाद अपने वतन हिंदुस्तान समेत दुनिया में अमन-ओ-सुकून कौम-ओ- मिल्लत की खुसूसी दुआ सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां व नबीरे आला हज़रत हज़रत मौलाना तौसीफ रज़ा ने की। 
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 08 बजे से उलेमा की तकरीर का सिलसिला शुरू हुआ जो 2 बजकर 38 मिनट तक चलता रहा। *नबीरे आला हज़रत मुफ्ती अर्सलान रज़ा क़ादरी(अर्सलान मियां)* ने अपने खिताब में कहा कि बरेली से दीन और सुन्नियत का 1246 से आला हज़रत के दादा मुफ्ती रज़ा अली खान के वक्त से चल रहा है जिसे आज भी जारी है। मसलक ए आला हज़रत कोई नया मसलक नहीं बल्कि 1500 सौ साल पहले का दीन ही मसलक ए आला हज़रत है। मसलक ए आला हज़रत अंधभक्ति नहीं बल्कि ज़िंदा हकीकत का नाम मसलक ए आला हज़रत है। अहले सुन्नत का पैगाम मोहबत है उसे आम करो। साथ ही जंग जब अपनो से हो हार जाना ही बेहतर है। दुनिया भर के बरेलवी उलेमा सुन्नियत की खेती को हरा भरा करने का काम करे। *नबीरे आला हज़रत मुफ्ती फैज़ मियां*  ने भी अपने खिताब में कहा कि आला हज़रत का खानदान पिछली दो सदी से मज़हब ओ मसलक की खिदमत को अंजाम दे रहा है। आला हज़रत के दादा मुफ्ती रज़ा अली खान ने अंग्रेजों के खिलाफ फ़तवा दिया। आला हज़रत ने जो दीन के काम किए उसे परवान हुज्जातुल इस्लाम,मुफ्ती आज़म ए हिन्द और उनकी आल ने आगे बढ़ाया। आठ पढ़ियो से हमारा खानदान आज भी दुनिया भर सुन्नियत के मिशन पर काम कर रही है। *कारी यूसुफ रज़ा संभली ने उर्स का संचालन करते हुए कहा* कि मुसलमान इस्लामी कानून के साथ अपने मुल्क के भी सच्चे वफादार रहते हुए इस्लाम की सही तस्वीर व नबी ए करीम की तालीमात को आम करने का काम उलेमा करे। गाना बजाना और डीजे से बचे।
*मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी* ने अपने खिताब में कहा कि जश्न ए ईद मिलादुन्नबी करीब है दुनियाभर के मुसलमान अल्लाह के रसूल की पैदाइश का जश्न मनाएंगें। मुसलमान अपने घरों में इस्लामी झंडे लगाएंगे और लगाने भी चाहिए। लेकिन पिछले साल कुछ लोगों के ऊपर अंजाने में मुकदमे हुए जिसका कारण था हरे झंडे जो इस्लामी होते है उनको जी
गलत फहमी में पाकिस्तानी झंडे समझ लिये गए। वही कुछ हरे झंडों में तलवार बनी है ये झंडा सऊदी अरब झंडा है। तिरंगा झंडा के साथ भी इसको तैयार करने 
वाले रद्दोबदल कर देते है जबकि तिरंगे झंडे के साथ किसी भी तरह की रद्दोबदल भारतीय कानूनी इजाज़त नहीं देता है ये कानूनी जुर्म है। ज़रूरी नहीं 
है कि हरा झंडा ही लगाया जाए से
सफेद, काला या सुनहरा झंडा भी लगा सकते है। पाकिस्तान के झंडे से मिलते जुलते झंडे लगाने से बचे। चुनावी माहौल है सियासी पार्टियों से होशियार रहते है हिंदू मुस्लिम आपसी सौहार्द के साथ मुल्क की तरक्की खुशहाली और अपने देश को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करे। ये काम उलेमा अपने अपने इलाको में लोगों को बताए कि सभी लोग शरई दायरे में रहकर एक दूसरे के कार्यक्रम में शामिल हो। देश का मुस्लमान कभी किसी दूसरे मज़हब के लोगों से टकराव नहीं चाहता। *मुफ्ती आकिल रज़वी* द्वारा लिखी हुई किताब सही बुखारी का उर्दू में अनुवाद इमदादुल कारी की ग्यारहवीं जिल्द का विमोचन दरगाह प्रमुख ने किया। इस मौके पर मुफ़्ती अकिल रज़वी ने कहा कि बरेली सिर्फ बरेलवियों का ही मरकज नहीं बल्कि सभी सुन्नी खानकाहों का जो हक पर है उनका भी मरकज है। तमाम खानकाहे जो सुन्नियत का काम कर रही है वो हमारी है। *मुफ़्ती इमरान हनफी* ने कहा कि आला हज़रत की इल्मी कारनामों को दुनिया आज देखकर हैरान है। आपके इल्म का डंका दुनिया भर में बज रहा है।
*अल्लामा तौसीफ रज़ा मिस्बाही व मौलाना साजिद रज़ा* ने मुल्क की आजादी के बाद से अब तक मुस्लमान किया वजह है कि वो शैक्षिक,आर्थिक,सामाजिक क्षेत्र में क्यों पिछड़ा है। जिसकी बड़ी वजह हम लोगों में शिक्षा की बड़ी कमी है। हमें अगर सुरक्षा चाहिए तो शिक्षा हासिल करनी होगी। बच्चों के हाथ में कलम दे दो निवाले कम खाए लेकिन अपने बच्चों को तालीम जरूर दे। अपने बच्चों को आईएएस,आईपीएस,इंजीनीयर, डाक्टर बनाए। *मौलाना जाहिद रज़ा* कहा कि अमीर मुसलमानों से कहा कि तुम्हारे मॉल पर गरीबों का भी हक  नबी ए करीम की जिंदगी से सीख लेते हुए अपने मॉल को जरूरतमंदों में खर्च करे यही दरगाह आला हज़रत के सज्जादानशीन का पैगाम है। *मुफ्ती ज़ईम रज़ा* आला हज़रत ने हमें इश्क के रसूल का जो पाठ पढ़ाया उस पर सख्ती से कायम रहे। नमाज़ की पाबंदी करे। *कश्मीर से आए मौलाना फारूक नक्शबंदी* और *मौलाना मुख्तार बहेड़वी* ने सोशल मीडिया और उसके इस्तेमाल पर तकरीर करते हुए कहा कि दीन ट्यूबरो से नहीं बल्कि  आला हज़रत और सुन्नी उलेमा की किताबों से सीखे। नमाज़ की पाबंदी,बिना दहेज़ की शादी करने पर ज़ोर दिया। आगे कहा कि 
आला हज़रत वाले फितने फसाद नहीं बल्कि अमन ओ सुकून में या यकीन रखते है। *मौलाना ज़िक्रुल्लाह* ने अपने पैगाम में में के कहा कि अपने मां और बाप की खिदमत करो अगर वो बीमार हो तो उनकी खिदमत करो। उनकी फर्माबरदारी हम पर लाज़िम है। मां बाप अगर नाराज़ तो हमारा खुदा हमसे कभी राज़ी नहीं होगा।
*मुफ्ती अय्यूब खान* ने कहा कि लाउडस्पीकर से नमाज़ पर मुफ्ती-ए-आज़म का फतवा है इससे बचने और कुर्सी पर नमाज़ पढ़ने से मना फरमाया कहा कि खड़े नहीं हो सकते तो बैठकर पढ़ ले। *मुफ्ती जिलानी* ने कहा कि आज मुसलमानों में बेदारी की ज़रूरत है। मस्जिदों पर बुलडोज़र चलाकर उनको शहीद किया जा रहा है। हमारे एक उलेमा 4 साल से और आला हज़रत 
का शहज़ादा पिछले एक साल से 
जेल में बंद है और लोग अब भी संजीदा नहीं है। बल्कि अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का फतवा
देने वाले मदरसे से पढ़ने वाली अल्लामा फैजले हक खैराबादी थे। *कारी इकबाल मुरादाबादी* ने अपने खिताब में डीजे और शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर चर्चा की। वही बीच बीच में नात ओ मनकबत भी गूंजती रहे जिसमें मुख्य रूप से नबीरे आला हज़रत सुल्तान रज़ा खान,नूरी मियां(मुंबई) ने मनकबत पेश कर खूब वाहवाही लूटी। महशर बरेलवी,सैफुल्लाह सुल्तानी,आसिफ रज़ा वास्ती,मौलाना अर्सलान रज़ा,मौलाना ताहिर रज़ा रामपुरी,मौलाना आरिफ अशरफी,कारी रज़ा ए रसूल,मोअज्जम सुब्हानी,मौलाना अनीस-उर-रहमान ने नात मनकबत का नज़राना पेश किया। इस मौके खानकाहे तहसीनिया के सज्जादानशीन हज़रत मौलाना हस्सान रज़ा खान,नबीरे आला हज़रत,अहसान रज़ा,शीरान रज़ा खान,मोअज्जम रज़ा खान,जुबैर रज़ा खान,सय्यद मुस्तफा मियां,मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष हाफिज नूर अहमद अजहरी,दरगाह शाहदाना वली के प्रबंधक अब्दुल वाजिद नूरी के अलावा बड़ी संख्या में उलेमा और शोहरा शामिल रहे। 
उर्स की व्यवस्था राशिद अली खान,हाजी जावेद खान,शाहिद नूरी,अजमल नूरी,परवेज़ 
नूरी,नासिर कुरैशी औरंगजेब नूरी,ताहिर अल्वी, मंज़ूर रज़ा,मुजाहिद बेग,जुबैर रज़ा,शान रज़ा,इशरत नूरी,अब्दुल माजिद,सय्यद माजिद,युनुस गद्दी,इरशाद रज़ा,आसिफ रज़ा,सऊद रज़ा,सुहैल रज़ा,रोमान खान,हाजी अब्बास नूरी,हाजी शरिक नूरी,सय्यद एजाज़,अब्दुल माजिद,अशमीर रज़ा,साकिब रज़ा,मोहसिन रज़ा,रेहान कुरैशी, जुनैद मिर्ज़ा, ग़ज़ाली रज़ा,सबलू अल्वी,सय्यद जुल्फी,नफीस खान,नावेद रज़ा,जावेद खान,साजिद नूरी,हाजी फय्याज,हाजी अज़हर बेग,हाजी शकील नूरी, नईम रज़ा,मोहसिन रज़ा,अकील नूरी,हस्सान रज़ा,हसन बरेलवी,समी रज़ा,गौहर खान,अजमल रज़ा,शरिक बरकाती,मुस्तकीम नूरी,फारूक खान,सरताज बाबा,सय्यद फरहत,युनुस साबरी,खालिद नूरी,आदिल रज़ा,शाद रज़ा, अरवाज़ रज़ा,हसीन खान,सैफ खान,नाजिम रज़ा आदि ने संभाली। 
उर्स सकुशल सम्पन्न होने के बाद दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां व सय्यद आसिफ मियां ने ज़िला प्रशासन,पुलिस प्रशासन,रेलवे,नगर निगम,मीडिया, नागरिक सुरक्षा संगठन,सभी लंगर व सबील कमेटियों,रजाकारों, टीटीएस वालंटियर्स,रज़ा फोर्स का शुक्रिया अदा किया।
    user_Press reporter
    Press reporter
    Bareilly, Uttar Pradesh•
    20 hrs ago
  • *श्रवण और उर्स -ए- रिज़वी को लेकर बरेली जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग।* *श्रावण और उर्स-ए-रज़वी को लेकर बरेली जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग* *बरेली, 08 अगस्त 2026*। श्रावण माह में कांवड़ यात्रा और उर्स-ए-रज़वी के सकुशल आयोजन को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन रमित शर्मा, मंडलायुक्त शम्भू कुमार, डीआईजी बरेली परिक्षेत्र और एसपी नगर बरेली ने क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
    1
    *श्रवण और उर्स -ए- रिज़वी को लेकर बरेली जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग।*
*श्रावण और उर्स-ए-रज़वी को लेकर बरेली जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग*
*बरेली, 08 अगस्त 2026*। श्रावण माह में कांवड़ यात्रा और उर्स-ए-रज़वी के सकुशल आयोजन को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन रमित शर्मा, मंडलायुक्त शम्भू कुमार, डीआईजी बरेली परिक्षेत्र और एसपी नगर बरेली ने क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
    user_भूपेंद्र शर्मा
    भूपेंद्र शर्मा
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सरकारी हैंडपंप खराब है
    2
    सरकारी हैंडपंप खराब है
    user_Yogendra Kumar Gangwar
    Yogendra Kumar Gangwar
    Meerganj, Bareilly•
    7 hrs ago
  • थाना फरीदपुर #bareillypolice पुलिस द्वारा 02 अभियुक्तगण को किया गिरफ्तार, कब्जे से 04 प्लास्टिक के कट्टो में 48.400 किलो ग्राम मादक पदार्थ (डोडा पोस्त), एक ऑटो बरामद। #UPPolice थाना फरीदपुर #bareillypolice पुलिस द्वारा 02 अभियुक्तगण को किया गिरफ्तार, कब्जे से 04 प्लास्टिक के कट्टो में 48.400 किलो ग्राम मादक पदार्थ (डोडा पोस्त), एक ऑटो बरामद। #UPPolice
    1
    थाना फरीदपुर #bareillypolice पुलिस द्वारा 02 अभियुक्तगण को किया गिरफ्तार, कब्जे से 04 प्लास्टिक के कट्टो में 48.400 किलो ग्राम मादक पदार्थ (डोडा पोस्त), एक ऑटो बरामद। 
#UPPolice
थाना फरीदपुर #bareillypolice पुलिस द्वारा 02 अभियुक्तगण को किया गिरफ्तार, कब्जे से 04 प्लास्टिक के कट्टो में 48.400 किलो ग्राम मादक पदार्थ (डोडा पोस्त), एक ऑटो बरामद। 
#UPPolice
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.