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भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है, जहां मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है। इस विधेयक के पास होने के बाद अब पूरे राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। इसे लेकर सरकार का कहना है कि इस नए कानून के माध्यम से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य सभी नागरिक मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू हो जाएगी।
Naved khan
भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है, जहां मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है। इस विधेयक के पास होने के बाद अब पूरे राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। इसे लेकर सरकार का कहना है कि इस नए कानून के माध्यम से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य सभी नागरिक मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू हो जाएगी।
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- UCC के विरोध में यादगार-ए-शाहजहानी पार्क पर मुस्लिम समाज का धरना, आरिफ मसूद बोले- कोर्ट में देंगे चुनौती भोपाल में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में मंगलवार को यादगार-ए-शाहजहानी पार्क पर मुस्लिम समाज ने धरना दिया धरने में बड़ी संख्या में मुस्लिम पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने UCC को "काला कानून" बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। मध्य प्रदेश विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पास हो गया हाल के विपक्ष ने इसका पुरजोर विरोध भी किया लेकिन सत्ता पक्ष ने बहुमत के आधार पर इसे पास कर दिया ucc लागू होने के बाद अब मुस्लिम समाज सड़कों पर उतर आया है. भोपाल के यादगार है शाहजहानी पार्क में ucc के खिलाफ मुस्लिम समाज ने धरना दिया धरने में भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि UCC को अदालत में चुनौती दी जाएगी और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून केवल मुसलमानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। आरिफ मसूद ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में "एक देश, एक कानून" की बात करती है, तो किसी भी वर्ग को इससे अलग नहीं रखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब कुछ समुदायों को UCC के दायरे से बाहर रखा गया है, तो फिर "एक देश, एक कानून" का दावा कैसे सही माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध केवल धरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। मसूद बोले की आज से इस आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा और प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन तेज किए जाएंगे। बाइट -आरिफ मसूद विधयाक कांग्रेस धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने सरकार से UCC को वापस लेने की मांग की और कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं, पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।4
- *गो...दी... मीडिया... एक वीडियो ये भी!*1
- 🚨 ब्रेकिंग | मध्यप्रदेश विधानसभा में छात्रों के मुद्दे पर सियासी संग्राम! 🔥 कैलाश विजयवर्गीय के कथित "कीड़ा" बयान पर कांग्रेस का बड़ा विरोध 📍 कांग्रेस का आरोप— छात्रों का हुआ अपमान, मंत्री सार्वजनिक माफी मांगें। ⚡ विधानसभा के अंदर और बाहर हंगामा, छात्रों के सम्मान और अधिकारों पर छिड़ी नई बहस। 🗣️ कांग्रेस ने कहा— "माफी तक विरोध जारी रहेगा।" 👉 मामला अब प्रदेश की राजनीति में गरमा गया है, छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजर।1
- विधायक रामेश्वर शर्मा ने मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC बिल पारित होने पर मध्यप्रदेश वासियों को बधाई दी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी का आभार व्यक्त किया। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा की कांग्रेस ने पहले जिन्ना के आगे घुटने टेके आज दो मुस्लिम विधायकों के सामने कांग्रेस ने अपने घुटने टेक दिए कांग्रेस ने बता दिया की वह हिंदुओं के साथ नहीं है UCC का विरोध कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा जनसंख्या पर नियंत्रण यह हिंदुस्तान की माँग है विधायक रामेश्वर शर्मा ने मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC बिल पारित होने पर मध्यप्रदेश वासियों को बधाई दी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी का आभार व्यक्त किया। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा की कांग्रेस ने पहले जिन्ना के आगे घुटने टेके आज दो मुस्लिम विधायकों के सामने कांग्रेस ने अपने घुटने टेक दिए कांग्रेस ने बता दिया की वह हिंदुओं के साथ नहीं है UCC का विरोध कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा जनसंख्या पर नियंत्रण यह हिंदुस्तान की माँग है1
- Mera Dil bhi Kitna pagal Hai yah pyar to tumse Karta hai par Sham mein jab Tum aate ho kuchh bhi kahane Se darta Hai Mohabbat Ras na ayi shayar Gangadhar Malajpure1
- मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू कर दिया गया है, जहां आज विधानसभा में यूसीसी विधेयक को मंजूरी मिल गई। इस बीच, भोपाल के शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने इस यूसीसी विधेयक को लेकर एक बयान जारी किया है।1
- भोपाल में राजभवन के समक्ष छात्र हितों को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दों और उनके हितों की मांगों को प्रमुखता से उठाया।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भारी हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित हो गया। सदन के भीतर विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच सरकार ने इस विधेयक को मंजूरी दिलाई। वहीं, विधानसभा के बाहर भी इस कानून को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं. विधेयक पारित होने के बाद भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा की कहा कि वह पहले भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार देता है, जिसमें अपनी धार्मिक मान्यताओं और पर्सनल लॉ के अनुसार जीवन जीने का अधिकार भी शामिल है। शहर काजी ने कहा कि "हम क्रिमिनल लॉ और सिविल लॉ के दायरे में कानून का पालन करते हैं और उसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं है, लेकिन पर्सनल लॉ हमारी व्यक्तिगत और धार्मिक जिंदगी से जुड़ा विषय है। इस मामले में समझौता नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह हर व्यक्ति की निजी आस्था और धार्मिक परंपराओं का हिस्सा है।"उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार से उनकी यही मांग है कि जो मामले पर्सनल लॉ के तहत संचालित होते हैं, उन्हें उसी व्यवस्था के अनुसार चलने दिया जाए। उनका कहना था कि यदि इस प्रकार का कानून लागू किया जाता है तो भविष्य में कई नए सामाजिक और कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।. बाइट -सय्यद मुशतक अली नदवी शहर काज़ी भोपाल वहीं, UCC विधेयक को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस भी तेज हो गई है। एक ओर सरकार इसे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानून की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष और कई मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता और पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप बताते हुए विरोध जता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।4