समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविन्द चौधरी के छोटे भाई श्री लालबचन यादव का अंतिम संस्कार शुक्रवार, 12 जून को उनके पैतृक गांव गोसाईपुर, सिकंदरपुर (बलिया) में पूरे विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। उनके पुत्र संपूर्णानंद यादव "चुन्नू" ने उन्हें मुखाग्नि दी, जिससे अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। दिवंगत लालबचन यादव के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके गोसाईपुर स्थित आवास पर रखा गया था, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद, उनकी अंतिम यात्रा निकली, जिसमें पूर्वांचल के साथ-साथ जिले और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक और ग्रामीण भारी संख्या में शामिल हुए। घाघरा नदी के श्मशान घाट पर हजारों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ नम आँखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। श्री लालबचन यादव के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उपस्थित लोगों ने उनके सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों को याद करते हुए उनके निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविन्द चौधरी सर्वाधिक भावुक और सदमे में दिखे, वे पूरे समय अपने छोटे भाई के पार्थिव शरीर को एकटक निहारते रहे, जिसने उपस्थित लोगों को भी भावुक कर दिया। अंतिम संस्कार में सांसद रमाशंकर राजभर, जियाउद्दीन रिज़वी, विधायक प्रभुनारायण यादव (चंदौली), विधायक वीरेंद्र यादव (गाजीपुर), पूर्व मंत्री शैलेन्द्र यादव (जौनपुर), संग्राम सिंह यादव, राजधारी सिंह, कमलेश कुमार सिंह, संजय उपाध्याय, ब्यास यादव (जिलाध्यक्ष, देवरिया), श्याम बहादुर सिंह, यशपाल सिंह, सुशील पाण्डेय कान्हजी बीरबल राम, सुनील सिंह संकल्प सिंह, जितेंद्र यादव, बिहारी पाण्डेय, रजनीश पाण्डेय, अमरदीप सिंह, फेंकू उपाध्याय, शिवजी सिंह, आशीष सिंह, हरिमोहन सिंह, रामायण यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और घाट तक साथ रहे। अंत में, उपस्थित जनसमूह ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविन्द चौधरी के छोटे भाई श्री लालबचन यादव का अंतिम संस्कार शुक्रवार, 12 जून को उनके पैतृक गांव गोसाईपुर, सिकंदरपुर (बलिया) में पूरे विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। उनके पुत्र संपूर्णानंद यादव "चुन्नू" ने उन्हें मुखाग्नि दी, जिससे अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। दिवंगत लालबचन यादव के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके गोसाईपुर स्थित आवास पर रखा गया था, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद, उनकी अंतिम यात्रा निकली, जिसमें पूर्वांचल के साथ-साथ जिले और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक और ग्रामीण भारी संख्या में शामिल हुए। घाघरा नदी के श्मशान घाट पर हजारों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ नम आँखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। श्री लालबचन यादव के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उपस्थित लोगों ने उनके सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों को याद करते हुए उनके निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविन्द चौधरी सर्वाधिक भावुक और सदमे में दिखे, वे पूरे समय अपने छोटे भाई के पार्थिव शरीर को एकटक निहारते रहे, जिसने उपस्थित लोगों को भी भावुक कर दिया। अंतिम संस्कार में सांसद रमाशंकर राजभर, जियाउद्दीन रिज़वी, विधायक प्रभुनारायण यादव (चंदौली), विधायक वीरेंद्र यादव (गाजीपुर), पूर्व मंत्री शैलेन्द्र यादव (जौनपुर), संग्राम सिंह यादव, राजधारी सिंह, कमलेश कुमार सिंह, संजय उपाध्याय, ब्यास यादव (जिलाध्यक्ष, देवरिया), श्याम बहादुर सिंह, यशपाल सिंह, सुशील पाण्डेय कान्हजी बीरबल राम, सुनील सिंह संकल्प सिंह, जितेंद्र यादव, बिहारी पाण्डेय, रजनीश पाण्डेय, अमरदीप सिंह, फेंकू उपाध्याय, शिवजी सिंह, आशीष सिंह, हरिमोहन सिंह, रामायण यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और घाट तक साथ रहे। अंत में, उपस्थित जनसमूह ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
- एक आम का बगीचा है, जहाँ कुछ लोग आम तोड़ने के लिए पहुँचे हैं। उन्होंने बताया है कि वे अभी आम तोड़ने के लिए आए हैं, और अपने दोस्तों को इस दृश्य को देखने का न्योता दे रहे हैं।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक जयप्रकाश अंचल ने बताया है कि उत्तर प्रदेश का बलिया जिला तीन तरफ से बिहार से घिरा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार से सटे कई गांवों में आज भी उत्तर प्रदेश के लोगों के घरों में बिहार से ही बिजली आपूर्ति होती है। विधायक अंचल ने कहा, "घर यूपी में है और बिजली का बिल बिहार में देते हैं।" विधायक ने दावा किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले कई परिवार बिहार सरकार को बिजली का बिल जमा करते हैं। इसके साथ ही, जयप्रकाश अंचल ने बिहार मॉडल की तारीफ भी की।1
- बलिया जनपद में कटहल नाला के सौंदर्यीकरण का कार्य कथित तौर पर रोडवेज की तर्ज पर धीमी गति से चल रहा है, जिस पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) त्रिभुवन ने गहरा रोष व्यक्त किया। एक ओर बढ़ते तापमान और दूसरी ओर निर्माण कार्य में व्याप्त शिथिलता के कारण एडीएम का पारा चढ़ गया। हालाँकि, मौके पर मौजूद सीएनडीएस का कर्मी एडीएम के गुस्से को अपने चेहरे पर गमछा डाले हुए झेलता रहा, मानो उसे कुछ सुनाई ही न दे रहा हो। अंततः, एडीएम त्रिभुवन ने सिंचाई विभाग को आवश्यक निर्देश दिए और आगे बढ़ना उचित समझा। इस बीच, कटहल नाला पर बनने वाले पाथवे पर टहलने की इच्छा रखने वाले लोगों को अभी और इंतजार करना होगा, जैसा कि रोडवेज और सीवर परियोजनाओं के मामलों में होता रहा है।1
- बक्सर में ओवर ब्रिज के टूटने के कारणों पर जानकारी दी गई है। इस घटना के पीछे की पूरी वजह एक विस्तृत वीडियो में बताई गई है, जिसमें सारी जानकारी उपलब्ध है।1
- डुमराँव में सड़कों की खराब हालत को लेकर तीव्र नाराजगी व्यक्त की गई है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी और क्या डुमराँव एक विकसित शहर नहीं बन पाएगा। इस मुद्दे पर स्थानीय विधायक और मंत्रियों की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें 'धिक्कार' कहा गया है, जो इस समस्या के लिए उनकी कथित निष्क्रियता को दर्शाता है।1
- बिहार के बक्सर जिले से चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चोरों ने किसी दुकान या घर को नहीं, बल्कि 132 फीट ऊंचे एक पूरे मोबाइल टॉवर को ही चुरा लिया है। यह घटना डुमरांव नगर थाना क्षेत्र के एक रिहायशी इलाके में हुई, जहाँ से पुलिस थाना भी ज्यादा दूर नहीं था। इस चोरी में टॉवर के साथ उससे जुड़े कई उपकरण और जनरेटर सेट भी गायब कर दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, यह मोबाइल टॉवर GTL कंपनी का था और कई वर्षों से बंद पड़ा था। इस बड़ी चोरी का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के अधिकारी टॉवर की मरम्मत और निरीक्षण के लिए मौके पर पहुँचे। अधिकारियों के वहाँ पहुँचने पर उन्हें न तो टॉवर मिला और न ही उससे जुड़े अन्य उपकरण; पूरी जगह खाली मिली। कंपनी ने डुमरांव नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि चोरों ने केवल टॉवर ही नहीं, बल्कि जनरेटर सेट और अन्य तकनीकी उपकरण भी चुराए हैं। अधिकारियों का मानना है कि 132 फीट ऊंचे इस टॉवर को एक बार में हटाना संभव नहीं था, इसलिए चोरों ने इसे कई दिनों तक धीरे-धीरे काटकर और खोलकर चोरी को अंजाम दिया होगा, फिर भी किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी चोरी के पीछे कौन लोग शामिल थे और चोरी किए गए सामान को कहाँ ले जाया गया है। इस मामले में जमीन मालिक हरेनाथ यादव ने बताया है कि वर्ष 2010 में कंपनी के साथ टॉवर लगाने के लिए 12 साल का एकरारनामा हुआ था। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, लोग इस बात पर हैरान हैं कि इतना बड़ा ढाँचा इतनी आसानी से कैसे चोरी हो गया।1
- सरकार से एक निवेदन किया गया है, जिसमें 'इस प्लेटफॉर्म' के विस्तार की मांग की गई है।1
- आज एक बार फिर फ्लिपकार्ट से ऑर्डर की डिलीवरी की गई। बताया गया है कि इस डिलीवरी से दोस्त बहुत खुश हैं।2