Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित कल्ली पश्चिम में बुधवार को दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर पर बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। हमलावरों ने ऑफिस के पास ही प्रॉपर्टी डीलर को तीन गोलियां मारीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
क्राइम ब्यूरो लखनऊ उत्तर प्रदेश
राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित कल्ली पश्चिम में बुधवार को दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर पर बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। हमलावरों ने ऑफिस के पास ही प्रॉपर्टी डीलर को तीन गोलियां मारीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
More news from Lucknow and nearby areas
- आज, 27 मई को सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर खुर्द गाँव में एक हत्या का मामला सामने आया है। गाँव के श्री कल्लू ने पुलिस को सूचित किया कि उनके पिता, श्री रामदयाल पुत्र सरजू यादव, की हत्या कर दी गई है और उनकी लाश खेत के पास फेंक दी गई है। पुलिस ने तत्काल मिली तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस घटना के अनावरण के लिए पुलिस ने दो विशेष टीमों का गठन किया है। क्षेत्राधिकारी कादीपुर, श्री विनय गौतम ने इस संबंध में पुष्टि करते हुए बताया कि दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर खुर्द गाँव के श्री कल्लू ने अपने पिता की हत्या कर शव खेत के पास डाले जाने की सूचना दी थी।1
- लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें सुरक्षा गार्डों पर पार्क घूमने आए एक युवक को उसकी पत्नी और बच्चों के सामने बेरहमी से पीटने का आरोप है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामूली कहासुनी के बाद सुरक्षा गार्डों ने युवक पर हमला कर दिया। वायरल वीडियो में गार्ड युवक को जूतों से मारते, पार्क की फर्श पर घसीटते और उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान युवक की पत्नी और बच्चे लगातार सुरक्षा गार्डों से उसे छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन गार्डों का रवैया नहीं बदला। घटना के बाद युवक और उसके परिवार को पार्क के गेट से बाहर निकाल दिया गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि परिवार के साथ आए लोगों के साथ इस तरह की मारपीट आखिर किस अधिकार से की गई। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- लखनऊ से आ रही ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, एक विधायक की पत्नी के गनर को निलंबित कर दिया गया है। गनर पर मारपीट करने और 3 लाख रुपये की रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।1
- थाना बरखेड़ा क्षेत्र के शहपुरा इलाके में एक दारोगा द्वारा एक महिला को गाली देते हुए का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद, संबंधित महिला ने पीलीभीत पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। महिला ने पुलिस अधीक्षक को एक पत्र सौंपकर मामले में न्याय की गुहार लगाई है।2
- लखनऊ के थाना मड़ियांव पुलिस ने वाहन चोरी की कई घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर सुमित जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस कार्रवाई को लखनऊ पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें सुरक्षा गार्डों पर पार्क घूमने आए एक युवक को उसकी पत्नी और बच्चों के सामने बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना एक मामूली कहासुनी के बाद शुरू हुई, जिसके बाद सुरक्षा गार्ड युवक पर हमलावर हो गए। वायरल वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि गार्ड युवक को जूतों से मार रहे हैं, उसे पार्क की फर्श पर घसीट रहे हैं, और उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पूरी घटना के दौरान, युवक की पत्नी और बच्चे लगातार सुरक्षा गार्डों से उसे छोड़ देने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन गार्डों का रवैया नहीं बदला। आरोप है कि मारपीट के बाद युवक और उसके परिवार को पार्क के गेट के बाहर धकेल दिया गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। आम जनता यह सवाल उठा रही है कि परिवार के साथ घूमने आए व्यक्ति के साथ इस तरह की बर्बर मारपीट आखिर किस अधिकार से की गई। फिलहाल, इस मामले में पुलिस और एलडीए प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा द्वारा दी गई एक ब्रेकिंग न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, एक बहन ने अपनी ननद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहन का कहना है कि उसकी ननद लगातार सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाकर उसे ताने मारती थी। इस प्रताड़ना के चलते बहन ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि ननद की इन हरकतों ने उसे 'पागल' कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस के बाहर हुई, जहाँ ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश पिस्टल लहराते हुए मौके से फरार हो गए, जिनकी तस्वीरें सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं। इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह पूछा जा रहा है कि जो बदमाश कथित तौर पर यूपी छोड़कर भागने की बात करते थे, वे आखिर इतने बेखौफ होकर राजधानी में ऐसी वारदातें कैसे कर रहे हैं। सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि क्या इन अपराधियों को कानून और योगी सरकार का जरा भी खौफ नहीं रह गया है। राजधानी में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं पुलिस व्यवस्था और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।1
- Keralam के पूर्व CM Vijayan और उनकी बेटी के घर रेड ED करने पहुंची टीम पर भीड़ ने बोला हमला सैय्यद अली हसनैन आब्दी फ़ैज़ छापेमारी का कारण: ED की टीम कोच्चि मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और पूर्व सीएम की बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी 'एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस' के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (मासिक किस्त/पे-ऑफ मामले) की जांच के सिलसिले में राज्य में 10 जगहों पर छापेमारी करने पहुंची थी। भीड़ का हमला: छापेमारी की खबर मिलते ही सीपीआई (एम) [CPI(M)] और वामपंथी दलों के कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर जमा हो गए। जैसे ही ED के अधिकारी जांच पूरी कर बाहर निकले, उग्र भीड़ ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया। गाड़ियों में तोड़फोड़: प्रदर्शनकारियों ने ED अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की गाड़ियों पर पथराव किया, डंडे बरसाए और लातें मारीं। इस हमले में ED की तीन गाड़ियों के शीशे (विंडशील्ड) पूरी तरह टूट गए। भीड़ ने अधिकारियों पर सड़े हुए अंडे भी फेंके। घायल: इस हिंसक झड़प को रोकने के प्रयास में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, गाड़ियों के एक ड्राइवर और एक पुलिस अधिकारी को चोटें आई हैं। ED की कार्रवाई: इस हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के बाद, ED के अधिकारियों ने हमलावरों के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और एक FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजनीतिक बयानबाजी: विपक्षी और सत्ताधारी दलों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, जबकि वामपंथी नेताओं ने इस छापेमारी को केंद्र सरकार की "राजनीतिक प्रतिशोध" की कार्रवाई बताया है।1