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Anil Kumar
More news from अंडमान और निकोबार द्वीप समूह and nearby areas
- Post by Monu kumar ghk1
- *किरंदुल एनएमडीसी में एस.के समानता कंपनी बाहर से लाए कार्यरत मजदूरों की जान से खिलवाड़,और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी, साथ मजदूर के प्रति समानता कंपनी की लापरवाही उजागर* *किरंदुल स्थित एनएमडीसी में कार्यरत बहुचर्चित एस.के समानता कंपनी द्वारा अपने मजदूरों के लिए की गई यातायात व्यवस्था अत्यंत ही भयावह एवं जान जोखिम में डालने वाली पाई जा रही है* *एस. के समानता कंपनी बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के जो गरीब मजदूर है उनके साथ कर रही अन्याय* एस.के. समानता कंपनी जिस तरह प्रतिदिन मजदूरों को जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर काम पर लाया–ले जाया जा रहा है, वह किसी बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता है, आंखों देखी स्थिति के अनुसार, मजदूरों को असुरक्षित वाहनों में, यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए एनएमडीसी कार्यस्थल तक पहुंचाया जा रहा है,यह न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है,बल्कि सीधे-सीधे मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ भी है, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इस लापरवाही के कारण किसी मजदूर की जान चली जाती है,तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या समानता कंपनी इसकी जिम्मेदारी उठाएगी या फिर एनएमडीसी प्रबंधन जवाबदेह होगा? बाहर से आई इस कंपनी द्वारा स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है, साथ क्षेत्र के मजदूर के साथ अन्याय किया जा रहा है उनको प्राथमिकता ना देकर बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी किया जा रहा है जिससे गरीब जनता और जन प्रतिनिधि बह नाराज, और जिस प्रकार ये मजदूर के साथ भी नियमों के अनदेखी किया जा रहा है यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है, प्रशासन से मांग की जाती है कि इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए समानता कंपनी एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही मजदूरों के लिए सुरक्षित,नियमों के अनुरूप यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए, अब समय आ गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए,अन्यथा इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी एवं प्रबंधन पर तय की जानी चाहिए और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी करना ये बहुत ही जायदा गलत है इसे रोकना ही चाहिए और नियमों का साथ पालन भी किया जाना चाहिए6
- Borewell Ke Liye Sampark Kare. Shree Balaji Rock Drilles Musabani... 70619698331
- चाईबासा सदर अस्पताल में 'मुफ़्त' गर्म पानी पर विवाद: ₹5 के शुल्क ने खड़ा किया हंगामा, मरीज़ परेशान 11/01/2026 चाईबासा, झारखंड। आप लोग पिछले वीडियो में भी देख चुके हैं पार्ट 1 में पार्ट 2 में देखिए साफ-साफ दिख रहा है गर्म पानी के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है मरीजों के परिजनों से पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में मरीजों के लिए मुफ़्त गर्म पानी की सुविधा को लेकर उठे विवाद ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों पर गर्म पानी के लिए कथित तौर पर ₹5 शुल्क लेने का आरोप लगाया गया था। क्या है मामला? अस्पताल परिसर में एक साइनबोर्ड लगा है, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है: "सिर्फ मरीजों हेतु गर्म पानी के लिए रसोईघर में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है।" हालांकि, एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि मरीजों से इस मुफ्त सेवा के लिए ₹5 वसूले जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर अस्पताल के नियमों का उल्लंघन है। कैंटीन संचालक का स्पष्टीकरण विवाद बढ़ने पर, अस्पताल के कैंटीन संचालक ने अपनी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्म पानी की सुविधा हमेशा से मुफ्त रही है। उनके अनुसार, कुछ लोगों द्वारा बार-बार हंगामा करने और डराने-धमकाने के कारण उन्हें यह सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है। मरीजों की बढ़ी मुश्किलें इस घटना के बाद, गर्म पानी की सुविधा बंद हो जाने से अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिचारकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति अस्पताल प्रशासन की ढिलाई और व्यवस्था की कमी को उजागर करती है।1
- उड़ीसा में इंडिया वन ईयर का चार्टर्ड प्लेन क्रैश , पायलट को आई गंभीर चोट।1
- Post by Gudiya Kumari1
- मैं रवि गुप्ता शुरु अप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है। 14 तारीख मकर संक्रांति शुभ उपलक्ष पर झारखंड का प्रसिद्ध मेला टूसू मेला एवं माघे पर्व के रूप में मानते हैं। उस पर्व को मनाने के लिए लोग अपने घरों की साफ -सफाई रंगई पोताई एवं तरह-तरह के व्यंजन पकवान बनाते हैं जैसे की गुड पीठा चूड़ा लड्डू, तिल लड्डू , ककरा पीठा इत्यादि। इस पर्व को मनाने के लिए नए कपड़े अपने और अपने बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए जूते चप्पल आदि सामग्री की खरीदारी करते हैं। गांव देहात में टुसू मेला का आयोजन किया जाता है जहां टुसू नाच भी होता है, गाना भी गाते हैं। फुटबॉल खेल प्रतियोगिता एवं मुर्गापाड़ा किया जाता है1
- *किरंदुल एनएमडीसी में एस.के समानता कंपनी बाहर से लाए कार्यरत मजदूरों की जान से खिलवाड़,और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी, साथ मजदूर के प्रति समानता कंपनी की लापरवाही उजागर* *किरंदुल स्थित एनएमडीसी में कार्यरत बहुचर्चित एस.के समानता कंपनी द्वारा अपने मजदूरों के लिए की गई यातायात व्यवस्था अत्यंत ही भयावह एवं जान जोखिम में डालने वाली पाई जा रही है* *एस. के समानता कंपनी बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के जो गरीब मजदूर है उनके साथ कर रही अन्याय* एस.के. समानता कंपनी जिस तरह प्रतिदिन मजदूरों को जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर काम पर लाया–ले जाया जा रहा है, वह किसी बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता है, आंखों देखी स्थिति के अनुसार, मजदूरों को असुरक्षित वाहनों में, यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए एनएमडीसी कार्यस्थल तक पहुंचाया जा रहा है,यह न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है,बल्कि सीधे-सीधे मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ भी है, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इस लापरवाही के कारण किसी मजदूर की जान चली जाती है,तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या समानता कंपनी इसकी जिम्मेदारी उठाएगी या फिर एनएमडीसी प्रबंधन जवाबदेह होगा? बाहर से आई इस कंपनी द्वारा स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है, साथ क्षेत्र के मजदूर के साथ अन्याय किया जा रहा है उनको प्राथमिकता ना देकर बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी किया जा रहा है जिससे गरीब जनता और जन प्रतिनिधि बह नाराज, और जिस प्रकार ये मजदूर के साथ भी नियमों के अनदेखी किया जा रहा है यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है, प्रशासन से मांग की जाती है कि इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए समानता कंपनी एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही मजदूरों के लिए सुरक्षित,नियमों के अनुरूप यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए, अब समय आ गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए,अन्यथा इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी एवं प्रबंधन पर तय की जानी चाहिए और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी करना ये बहुत ही जायदा गलत है इसे रोकना ही चाहिए और नियमों का साथ पालन भी किया जाना चाहिए4