देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में पैतृक ज़मीन के विवाद में एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ इंदौर से आई एक महिला को कथित तौर पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। इस घटना में गंभीर रूप से झुलसी महिला गायत्री (40), पति नारायण निवासी गंगा कॉलोनी, धार रोड, इंदौर, की गुरुवार सुबह एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान दुखद मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, गायत्री का अपने जेठ और अन्य रिश्तेदारों से ज़मीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को वह अपने पति नारायण के साथ खातेगांव स्थित पैतृक गांव में ज़मीन की देखरेख के लिए गई थीं। खेत पर बनी एक टापरी में अकेली बैठी गायत्री पर उनके जेठ और उनके बेटों ने कथित रूप से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटों से पूरी टापरी भी जल उठी। चीख-पुकार सुनकर उनके पति और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें इंदौर लाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में पैतृक ज़मीन के विवाद में एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ इंदौर से आई एक महिला को कथित तौर पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। इस घटना में गंभीर रूप से झुलसी महिला गायत्री (40), पति नारायण निवासी गंगा कॉलोनी, धार रोड, इंदौर, की गुरुवार सुबह एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान दुखद मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, गायत्री का अपने जेठ और अन्य रिश्तेदारों से ज़मीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को वह अपने पति नारायण के साथ खातेगांव स्थित पैतृक गांव में ज़मीन की देखरेख के लिए गई थीं। खेत पर बनी एक टापरी में अकेली बैठी गायत्री पर उनके जेठ और उनके बेटों ने कथित रूप से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटों से पूरी टापरी भी जल उठी। चीख-पुकार सुनकर उनके पति और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें इंदौर लाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
- तहसील क्षेत्र में गंदगी की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों और छोडाना माता मंदिर दर्शन करने जाने वाले भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हमेशा ही कचरा जमा रहता है, जिसके साथ गटर का पानी और अत्यधिक गंदगी फैल जाती है। स्थिति यह है कि हाल में कुछ सफाई कार्य होते दिखने के बावजूद भी, यह गंदगी बनी रहती है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि नगर पालिका या नगर निगम द्वारा सफाई का कोई भी कार्य सही समय पर नहीं किया जाता है, जिसके चलते यह गंभीर समस्या बनी हुई है।1
- इंदौर में राष्ट्रीय केसरिया हिंदू वाहिनी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और बजरंग सेना के अध्यक्ष मोहन बामनिया ने आज बाबा भूतनाथ मंदिर, रंगवासा में बाबा का भोग आरती और गौ सेवा का कार्य किया। इस दौरान मोहन बामनिया के साथ उनके समर्थक गण भी मौजूद थे।1
- इंदौर शहर में शनिवार को हुई तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। इस बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। प्रदेश में मानसून की गतिविधियाँ तेज होने के साथ ही, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। बारिश का सबसे महत्वपूर्ण लाभ भूजल स्तर पर देखा गया है। लंबे समय से पानी की कमी और लगातार गिरते जलस्तर के कारण शहर के कई इलाकों में बोरिंग सूखने की कगार पर पहुँच गए थे, लेकिन इस हालिया बारिश ने जल स्रोतों को एक नई संजीवनी प्रदान की है। वहीं, बारिश के कारण शहर के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी निर्मित हुई। इन सबके बावजूद, किसानों और आम नागरिकों ने इस बारिश का गर्मजोशी से स्वागत किया है। मौसम विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि आगामी दिनों में भी इंदौर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे न केवल गर्मी से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि जल संकट में भी कमी आने की संभावना जताई गई है।1
- अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अलका लांबा जी के आह्वान और मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय रीना बोरासी सेतिया के निर्देश पर, देवास के भोपाल चौराहा पर आज एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्यसभा प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदेश महासचिव श्रीमती श्रुति बघेल के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में, कांग्रेसजनों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प लेते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग प्रमुख ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों पर हो रहे कथित प्रहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा जी, जिला अध्यक्ष ग्रामीण मनीष जी चौधरी, जिला अध्यक्ष शहर प्रयास जी गौतम, युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं सहित अच्छी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर, यह संदेश दोहराया गया कि लोकतंत्र की रक्षा उनका कर्तव्य है और संविधान उनका स्वाभिमान है, जैसा कि पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव श्रुति बघेल ने भी अपनी बाइट में उल्लेख किया।1
- कृषि कॉलेज के छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए हल्लाबोल किया। इस दौरान छात्रों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।1
- इंदौर, जिसे 'नवाचारों की नगरी' कहा जाता है, वहाँ की सड़कों की जानलेवा गड्ढों और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों पर नगर निगम से सवाल पूछने पर एक 'शायराना' और दार्शनिक जवाब मिलता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि सड़कें बारिश के 'इश्क' में डूब जाती हैं, जिसके कारण उनके गड्ढे दिखना बंद हो जाते हैं। वास्तविकता यह है कि नगर निगम के पास जनता की जान की परवाह करने का समय नहीं है, क्योंकि वे पानी की किल्लत के प्रबंधन, कचरा निस्तारण की 'कलाकारी', गरीबों के ठेले-गुमटी हटाने और लोगों के आशियाने उजाड़ने जैसे कामों में व्यस्त हैं। इस मानसून में, जनता को अपनी जान की परवाह खुद करने की सलाह दी गई है, क्योंकि निगम ने उनकी जिंदगी का कोई ठेका नहीं ले रखा है।1
- इंदौर में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें सांसद शंकर लालवानी जी, नगर प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गी जी और विधायक गोलू शुक्ला जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा जी के मार्गदर्शन में हुआ। प्रदर्शनी के अवसर पर पार्टी के ओबीसी महामंत्री जीतू कुशवाहा जी और पार्टी कार्यकर्ता विक्रम चौहान जी अपने साथियों सहित उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को कवर करने के लिए इंडिया न्यूज़ 7 से पत्रकार राजेंद्र मालवीय भी मौजूद थे।1
- मध्यप्रदेश के मुरैना स्थित एक सरकारी अस्पताल में एक नर्स ने मरीज के परिजन को थप्पड़ मार दिया। बताया गया है कि परिजन ने नर्स से ड्रिप (बोतल) बदलने की गुज़ारिश की थी, जिस पर नर्स को गुस्सा आ गया और उन्होंने परिजन को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना को लेकर सवाल उठाया गया है कि अगर आम नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में भी ऐसी गुंडागर्दी झेलनी पड़े, तो वे आखिर कहां जाएंगे। अब यह देखना होगा कि क्या नर्स पर कोई कार्रवाई होती है या फिर सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप में परिजन पर ही कार्रवाई की जाएगी।1