इंदौर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे। इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें पारिवारिक विवादों, सामाजिक मतभेदों, संपत्ति विवादों और लेन-देन से जुड़े मामलों से संबंधित रहीं। जनसुनवाई के दौरान कई प्रकरण ऐसे सामने आए, जिनमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन मामलों में कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर मध्यस्थता के माध्यम से समाधान निकालने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निश्चित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने गंभीर प्रकृति के मामलों में एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया। कमिश्नर संतोष सिंह ने यह भी दोहराया कि सभी मामलों में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
इंदौर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे। इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें पारिवारिक विवादों, सामाजिक मतभेदों, संपत्ति विवादों और लेन-देन से जुड़े मामलों से संबंधित रहीं। जनसुनवाई के दौरान कई प्रकरण ऐसे सामने आए, जिनमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन मामलों में कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर मध्यस्थता के माध्यम से समाधान निकालने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निश्चित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने गंभीर प्रकृति के मामलों में एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया। कमिश्नर संतोष सिंह ने यह भी दोहराया कि सभी मामलों में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
- इंदौर कलेक्ट कार्यालय में राजस्व न्यायालयों में पैरवी करने वाले वकीलों ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। वकीलों ने कलेक्टर को एक आवेदन सौंपकर यह व्यवस्था सुधारने की मांग की है कि जिन मामलों में वे पैरवी करते हैं, उन केसों के आदेशों में उनका नाम भी दर्ज किया जाए। वकीलों का तर्क है कि वर्तमान में आदेश और अन्य दस्तावेजों में उनका नाम दर्ज नहीं होता है, जिस वजह से वे राजस्व न्यायालय में अपने अनुभव को प्रमाणित करने में असमर्थ रहते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन वकीलों की इस अहम मांग पर क्या फैसला लेता है।1
- इंदौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनोज काला जी राजा भैया ने आज कलेक्टर महोदय को अपनी पीड़ा बताते हुए कृषि उपज मंडी शुल्क में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया। व्यापारियों ने एक प्रतिशत से बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत किए गए मंडी शुल्क का विरोध दर्ज कराया और मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस शुल्क को कम किया जाए।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर सरकारी परियोजनाओं के आसपास लगभग 335 एकड़ जमीन खरीदने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है, जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बयानबाजी तेज हो गई है। यह पूरी रिपोर्ट 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने प्रकाशित की थी, जिसके बाद से प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का बचाव करते हुए एक नया मोड़ दिया है। अखिलेश यादव ने इन आरोपों को सीधे तौर पर भाजपा के भीतर की साजिश करार दिया है, जिससे यह विवाद और भी गहरा गया है।1
- इंदौर में इस वक्त जहाँ लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं और जनता परेशान है, वहीं नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण जिंसी चौराहे पर पिछले 72 घंटों से हजारों गैलन नर्मदा का पानी लगातार बह रहा है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को इस भारी जल रिसाव की कोई सुध नहीं है, मानो वे आँखें बंद करके सो रहे हों। जब इस मामले में 20 नंबर ज़ोन के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनके फोन बंद मिले। जिंसी हाट स्थित 20 नंबर ज़ोन के एक कर्मचारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि यह काम तो 1 नंबर ज़ोन का है और वहाँ के अधिकारी से संपर्क करना चाहिए। हालांकि, 1 नंबर ज़ोन के अधिकारी को फोन लगाने पर उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। यह स्थिति तब है जब इंदौर की जनता पानी की कमी से बुरी तरह त्रस्त है।1
- प्रकाश चंद सेठी अस्पताल में अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। चेहकती कलम न्यूज़ ने इस बात का खुलासा किया है कि अस्पताल की नर्स और सिक्योरिटी गार्ड मिलकर अवैध वसूली को अंजाम दे रहे थे।1
- इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में विशाल धनगर और उसके साथियों का एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें वे इंस्टाग्राम लाइव के दौरान चाकू लहराकर जन्मदिन का जश्न मनाते दिख रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, यह घटना दो दिन पहले विशाल धनगर के जन्मदिन की पार्टी में एक होटल में हुई थी। वायरल वीडियो में विशाल धनगर के साथ सुमित धनगर और साहिल काले भी नजर आ रहे हैं। ये तीनों बड़े और छोटे चाकू हाथों में लेकर फिल्मी गानों पर लहराते हुए डांस कर रहे थे। लाइव के दौरान क्षेत्र के एक अन्य बदमाश का नाम लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गईं। पुलिस के अनुसार, विशाल धनगर और साहिल काले के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब शहर में चाकूबाजी की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, जिसके मद्देनजर पुलिस कमिश्नर ने ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।1
- इंदौर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान 80 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका अनीस फातिमा ने कलेक्टर के समक्ष अपनी संपत्ति से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधीनगर स्थित उनकी संपत्ति पर कथित तौर पर अवैध कब्जा किया गया है और फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं। फातिमा ने बताया कि थाना गांधीनगर में दर्ज अपराध क्रमांक 0483/2023 की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों और एक संबंधित सहकारी संस्था के प्रबंधक पर फर्जी अलॉटमेंट लेटर तैयार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि मामले की पुनः जांच की जाए, कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें अपनी संपत्ति का कब्जा वापस दिलाया जाए।1
- इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित जैन मंदिर के पास अवंतिका गैस पाइपलाइन में आग लगने की घटना सामने आई है।1