मुरैना जिले के चिन्नोनी थाना क्षेत्र के सुर्रापुरा गांव में मंगलवार देर रात पारिवारिक रंजिश के चलते एक युवक ने अपने ही चचेरे भाई को सोते समय गोली मार दी। सुर्रापुरा निवासी दिलीप शर्मा अपने घर के बाहर खटिया पर सो रहे थे, तभी उनके चचेरे भाई सतीश शर्मा ने उनकी पीठ पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल दिलीप को कैलारस अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मुरैना भेजा गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। इस वारदात के पीछे की वजह आरोपी सतीश शर्मा का अपनी पत्नी से चल रहा तलाक का मामला बताया जा रहा है। आरोपी अपनी पत्नी के साथ चल रहे इस विवाद के कारण अपने परिजनों से नाराज था, क्योंकि उसकी पत्नी जब भी गांव आती थी, तो वह अक्सर घायल दिलीप और अन्य रिश्तेदारों के घर ठहरती थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अपने चचेरे भाई पर हमला किया। घटना की सूचना मिलने पर चिन्नोनी थाना पुलिस ने ग्वालियर पहुंचकर घायल दिलीप शर्मा के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपी सतीश शर्मा के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मुरैना जिले के चिन्नोनी थाना क्षेत्र के सुर्रापुरा गांव में मंगलवार देर रात पारिवारिक रंजिश के चलते एक युवक ने अपने ही चचेरे भाई को सोते समय गोली मार दी। सुर्रापुरा निवासी दिलीप शर्मा अपने घर के बाहर खटिया पर सो रहे थे, तभी उनके चचेरे भाई सतीश शर्मा ने उनकी पीठ पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल दिलीप को कैलारस अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मुरैना भेजा गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। इस वारदात के पीछे की वजह आरोपी सतीश शर्मा का अपनी पत्नी से चल रहा तलाक का मामला बताया जा रहा है। आरोपी अपनी पत्नी के साथ चल रहे इस विवाद के कारण अपने परिजनों से नाराज था, क्योंकि उसकी पत्नी जब भी गांव आती थी, तो वह अक्सर घायल दिलीप और अन्य रिश्तेदारों के घर ठहरती थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अपने चचेरे भाई पर हमला किया। घटना की सूचना मिलने पर चिन्नोनी थाना पुलिस ने ग्वालियर पहुंचकर घायल दिलीप शर्मा के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपी सतीश शर्मा के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
- मुरैना के पोरसा नगर में परम पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर महाराज की सुशिष्या आर्यिका 105 श्री विप्राश्री माताजी ससंघ का मंगलवार को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में शामिल होकर माताजी का भावभीना स्वागत किया। भिंड रोड स्थित पेट्रोल पंप से शुरू हुई यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर माताजी का अभिनंदन किया, महिलाओं ने घरों के बाहर सुंदर रंगोलियां सजाईं और श्रद्धापूर्वक माताजी के चरण पखारकर आशीर्वाद लिया। जयघोष, मधुर भजनों और बैंड-बाजों की धुनों से पूरा नगर भक्ति के रंग में डूबा रहा। मंगल प्रवेश के बाद आयोजित की गई धर्मसभा में आर्यिका 105 श्री विप्राश्री माताजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चातुर्मास केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और नगर के आध्यात्मिक उत्थान का पर्व है। उन्होंने धर्म, संयम, सदाचार और अहिंसा के मार्ग पर चलने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस मार्ग पर चलने से ही जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और यश की प्राप्ति होती है। माताजी ने श्रद्धालुओं से इन सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया, जिसके बाद सभा में उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों ने संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार जैन पांडे सहित राकेश कुमार जैन, महावीर प्रसाद (नेताजी), संजीव कुमार जैन, राजीव कुमार जैन, विजय कुमार जैन, टिंकल जैन, हर्षित जैन, वैभव जैन और समाज के अनेक पदाधिकारियों व युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को मिष्ठान वितरित किया गया। पोरसा नगर में माताजी के मंगल प्रवेश और आगामी चातुर्मास को लेकर जैन समाज के लोगों में भारी उत्साह और गहरी श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।1
- मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र के अजनोंधा रोड पर बिजली लाइन सुधारने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी शाहिल खान की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित परिजनों ने पहले पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया और फिर शव को मुख्य बिजली विभाग कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण ही शाहिल खान की जान गई है। उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद वे पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि लाइन सुधारते समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और लापरवाही किस स्तर पर हुई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- मुरैना के अम्बाह नगर स्थित नगर पालिका चौराहे पर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूलों और उनसे जुड़े दुकानदारों द्वारा अभिभावकों के कथित आर्थिक शोषण के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि निजी स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही महंगी किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इस मनमानी व्यवस्था के कारण प्रत्येक परिवार पर ₹4,000 से ₹6,000 तक का अतिरिक्त और अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एबीवीपी के सोम शर्मा ने बताया कि निजी स्कूलों और दुकानदारों की मिलीभगत के कारण बच्चों के माता-पिता आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। संगठन ने प्रशासन से इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने और अभिभावकों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की है। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई नहीं की गई और अभिभावकों को राहत नहीं मिली, तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- मुरैना जिले के अम्बाह नगर में नगर पालिका चौराहे पर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूलों और उनसे जुड़े दुकानदारों द्वारा अभिभावकों के कथित आर्थिक शोषण के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही महंगी किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इस मनमानी के चलते प्रत्येक परिवार पर चार से छह हजार रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और अभिभावक अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। एबीवीपी के सोम शर्मा ने कहा कि निजी स्कूलों और दुकानदारों की मिलीभगत के कारण अभिभावकों की जेब पर जबरन भार डाला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने और अभिभावकों को राहत दिलाने की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही इस व्यवस्था पर रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- मुरैना के अम्बाह अंतर्गत शियाचिन ग्लेशियर शहीद "शौर्य चक्र" सम्मानित के पैतृक व जन्मभूमि गांव रुअर में गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लोक मंगलकामना के उद्देश्य से गांव के प्राचीन शिव मंदिर (नीलेश्वर महादेव) पर सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। मंगलवार को आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में संपूर्ण ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भोलेनाथ के मंदिर में कीर्तन-भजन के साथ सुंदरकांड का पाठ किया। इस पावन अवसर पर शिव मंदिर में उपस्थित संत श्री उदयभान दास जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को अपना शुभाशीष दिया और भगवान शिव से गांव की खुशहाली एवं मंगल कामना की प्रार्थना की। इस दौरान बारिश के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और चारों तरफ 'हर हर महादेव' का जयघोष गूंजता रहा। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।4
- अम्बाह के रुअर गांव में गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर आस्था का अनोखा सैलाब देखने को मिला। शियाचिन ग्लेशियर के शहीद "शौर्य चक्र" सम्मानित के इस पैतृक गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर (नीलेश्वर महादेव) पर सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में मंगलवार को संपूर्ण ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भोलेनाथ के मंदिर में भजन-कीर्तन के साथ सुंदरकांड का पाठ किया। इस पावन अवसर पर शिव मंदिर में संत श्री उदयभान दास जी महाराज भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को आशीष वचन दिए और भगवान शिव से गांव की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगल कामना की प्रार्थना की। सुंदरकांड पाठ की समाप्ति के बाद सभी भक्तों ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम का समापन 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ अत्यंत श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में हुआ।1
- चंबल के चर्चित पूर्व दस्यू सम्राट पंचम सिंह का निधन हो गया है। 'चंबल के डॉन' के नाम से जाने जाने वाले पंचम सिंह ने भिंड जिले के लहर स्थित एक गौशाला में अपनी अंतिम सांस ली। 1960 के दशक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीहड़ों में 12 वर्षों तक सक्रिय रहे पंचम सिंह पर 100 से अधिक हत्याओं और कई अन्य संगीन अपराधों के मामले दर्ज थे। अपने जीवन के उत्तरार्ध में बंदूक छोड़कर आध्यात्मिकता और गौ सेवा का मार्ग अपनाने वाले पंचम सिंह के निधन से चंबल के इतिहास का एक प्रमुख अध्याय समाप्त हो गया है।1