खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: आदिवासी प्रतिभाओं का ऐतिहासिक मंच मुख्यमंत्री विष्णु साय छत्तीसगढ़, जिसे अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है, ने वर्ष 2026 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की जब यहाँ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि देश की जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में आदिवासी समाज लंबे समय से अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और प्रतिभाओं के बावजूद मुख्यधारा से कुछ हदएल तक दूर रहा है। ऐसे में यह आयोजन उनके लिए एक सुनहरा अवसर सिद्ध हुआ, जिसने न केवल उनके खेल कौशल को मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और सामाजिक पहचान भी दिलाई। आयोजन की पृष्ठभूमि और महत्व “खेलो इंडिया” पहल भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। इसी कड़ी में ट्राइबल गेम्स का आयोजन एक अभिनव और दूरदर्शी कदम है, जो विशेष रूप से आदिवासी युवाओं की प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित है। छत्तीसगढ़ को इस आयोजन की मेजबानी मिलना राज्य के लिए अत्यंत गर्व का विषय रहा। राज्य की जनजातीय बहुलता और सांस्कृतिक विविधता इसे इस आयोजन के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त बनाती है। आयोजन और समापन समारोह समापन समारोह पंडित दीनदयाल आडिटोरियम, रायपुर में अत्यंत भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों एवं उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि पिछले दस दिनों में जिस प्रकार का उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने खिलाड़ियों के अनुशासन, समर्पण और खेल भावना की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। उद्देश्य और दृष्टिकोण इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य आदिवासी युवाओं को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है, जहाँ से खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देते हैं तथा समान अवसर की अवधारणा को मजबूत करते हैं। यह पहल “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को व्यवहारिक रूप में साकार करती है। खेलों की विविधता और प्रतिस्पर्धा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में एथलेटिक्स, कबड्डी, कुश्ती, बैडमिंटन, तीरंदाजी, शूटिंग तथा पारंपरिक जनजातीय खेलों को शामिल किया गया। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह सिद्ध किया कि उचित अवसर मिलने पर आदिवासी युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। कई मुकाबले अत्यंत रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक रहे, जिससे खेलों का स्तर उच्चतम दर्जे का रहा। खिलाड़ियों का प्रदर्शन और उपलब्धियाँ इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया। विशेष रूप से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं ओडिशा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपने घरेलू मैदान का लाभ उठाते हुए सर्वाधिक पदक अर्जित किए और राज्य का गौरव बढ़ाया। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक इस आयोजन की विशेषता यह रही कि खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी प्रमुख स्थान दिया गया। आदिवासी नृत्य, लोक संगीत एवं पारंपरिक कला प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत एवं आकर्षक बना दिया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को जनजातीय संस्कृति की समृद्धता से परिचित कराया और यह संदेश दिया कि खेल और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व और सहयोग मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व के कारण यह आयोजन संभव हो सका। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के सहयोग को भी सराहा गया, जिनके प्रयासों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सामाजिक और आर्थिक प्रभाव इस आयोजन का प्रभाव बहुआयामी रहा, जो केवल खेलों तक सीमित नहीं था। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई पर्यटन को बढ़ावा मिला स्थानीय व्यापार एवं हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिला युवाओं में खेलों के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ी इस प्रकार, यह आयोजन राज्य के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास में सहायक सिद्ध हुआ। भविष्य की दिशा और संभावनाएँ मुख्यमंत्री द्वारा यह घोषणा कि ये गेम्स अब प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल न केवल राज्य को खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि देशभर के आदिवासी युवाओं के लिए एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगी। भविष्य में यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना सकता है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: आदिवासी प्रतिभाओं का ऐतिहासिक मंच मुख्यमंत्री विष्णु साय छत्तीसगढ़, जिसे अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है, ने वर्ष 2026 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की जब यहाँ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि देश की जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में आदिवासी समाज लंबे समय से अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और प्रतिभाओं के बावजूद मुख्यधारा से कुछ हदएल तक दूर रहा है। ऐसे में यह आयोजन उनके लिए एक सुनहरा अवसर सिद्ध हुआ, जिसने न केवल उनके खेल कौशल को मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और सामाजिक पहचान भी दिलाई। आयोजन की पृष्ठभूमि और महत्व “खेलो इंडिया” पहल भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। इसी कड़ी में ट्राइबल गेम्स का आयोजन एक अभिनव और दूरदर्शी कदम है, जो विशेष रूप से आदिवासी युवाओं की प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित है। छत्तीसगढ़ को इस आयोजन की मेजबानी मिलना राज्य के लिए अत्यंत गर्व का विषय रहा। राज्य की जनजातीय बहुलता और सांस्कृतिक विविधता इसे इस आयोजन के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त बनाती है। आयोजन और समापन समारोह समापन समारोह पंडित दीनदयाल आडिटोरियम, रायपुर में अत्यंत भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों एवं उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि पिछले दस दिनों में जिस प्रकार का उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने खिलाड़ियों के अनुशासन, समर्पण और खेल भावना की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। उद्देश्य और दृष्टिकोण इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य आदिवासी युवाओं को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है, जहाँ से खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देते हैं तथा समान अवसर की अवधारणा को मजबूत करते हैं। यह पहल “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को व्यवहारिक रूप में साकार करती है। खेलों की विविधता और प्रतिस्पर्धा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में एथलेटिक्स, कबड्डी, कुश्ती, बैडमिंटन, तीरंदाजी, शूटिंग तथा पारंपरिक जनजातीय खेलों को शामिल किया गया। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह सिद्ध किया कि उचित अवसर मिलने पर आदिवासी युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। कई मुकाबले अत्यंत रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक रहे, जिससे खेलों का स्तर उच्चतम दर्जे का रहा। खिलाड़ियों का प्रदर्शन और उपलब्धियाँ इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया। विशेष रूप से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं ओडिशा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपने घरेलू मैदान का लाभ उठाते हुए सर्वाधिक पदक अर्जित किए और राज्य का गौरव बढ़ाया। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक इस आयोजन की विशेषता यह रही कि खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी प्रमुख स्थान दिया गया। आदिवासी नृत्य, लोक संगीत एवं पारंपरिक कला प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत एवं आकर्षक बना दिया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को जनजातीय संस्कृति की समृद्धता से परिचित कराया और यह संदेश दिया कि खेल और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व और सहयोग मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व के कारण यह आयोजन संभव हो सका। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के सहयोग को भी सराहा गया, जिनके प्रयासों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सामाजिक और आर्थिक प्रभाव इस आयोजन का प्रभाव बहुआयामी रहा, जो केवल खेलों तक सीमित नहीं था। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई पर्यटन को बढ़ावा मिला स्थानीय व्यापार एवं हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिला युवाओं में खेलों के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ी इस प्रकार, यह आयोजन राज्य के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास में सहायक सिद्ध हुआ। भविष्य की दिशा और संभावनाएँ मुख्यमंत्री द्वारा यह घोषणा कि ये गेम्स अब प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल न केवल राज्य को खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि देशभर के आदिवासी युवाओं के लिए एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगी। भविष्य में यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना सकता है।
- छेरकापुर। क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले युवक को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी घटना के समय पूरी तरह शराब के नशे में था और हाथ में तलवार व सब्बल लेकर गली-गली घूमते हुए लोगों को डराता-धमकाता रहा। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी ने गांव के एक युवक के साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल बन गया था और खासकर महिलाएं व बच्चे सहमे हुए थे। घटना से आक्रोशित ग्रामीण **शुक्रवार रात पलारी थाना पहुंचे थे**। सरपंच पंकज साहू के नेतृत्व में सुकबती साहू, सोहद्रा साहू, आशा साहू, रेणुका यादव, दुकलहीन साहू, कोमल साहू, दीपक, देवानंद, ओमप्रकाश फेकर, मंतराम साहू सहित करीब 25-30 लोगों ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह नशे की हालत में वारदात को अंजाम दे रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।2
- थाना पलारी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम छेरकापुर में तलवार लहराकर अश्लील गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सूचना मिलने के 06 घंटे के भीतर आरोपी को हिरासत में लेने में सफलता प्राप्त की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 03.04.2026 को रात्रि लगभग 07:30 बजे आरोपी शौरभ उर्फ शित्तू माथुर हाथ में तलवार लेकर गली में अश्लील गाली-गलौज करते हुए घूम रहा था। इस दौरान प्रार्थिया के पति द्वारा समझाने पर आरोपी ने तलवार लहराते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना पलारी में अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत धारा 296, 251(2) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। 👮♀️ पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देशन में थाना पलारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। 🔪 आरोपी के कब्जे से एक जंग लगा लोहे का तलवार जप्त किया गया है। आज दिनांक 04.04.2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। 👤 आरोपी का विवरण: नाम – शौरभ उर्फ शित्तू माथुर उम्र – 29 वर्ष निवासी – ग्राम छेरकापुर, थाना पलारी2
- रात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने 3 किमी पीछा कर आरोपी को दबोचा, बटनदार चाकू बरामद रायपुर (ग्रामीण): रायपुर ग्रामीण पुलिस ने चाकू दिखाकर लूट की कोशिश करने वाले आरोपी को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है। घटना 2-3 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात थाना धरसींवा क्षेत्र के ग्राम सांकरा हाईवे रोड स्थित पंजाब बैट्री वर्क्स के पास की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी गणेश कुमार चंद्राकर अपने पिकअप वाहन के पास खाना खा रहा था, तभी आरोपी सागर रजक वहां पहुंचा और चाकू दिखाकर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने प्रार्थी पर चाकू से हमला करने की कोशिश की। इसी दौरान तिल्दा नेवरा थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी रात्रि गश्त पर वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए प्रार्थी को बचाया। पुलिस को देख आरोपी मौके से भागने लगा। पुलिस टीम ने तत्काल आरोपी का पीछा किया। अंधेरा होने के बावजूद करीब 3 किलोमीटर तक पीछा कर कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। आरोपी सागर रजक के खिलाफ थाना धरसींवा में अपराध क्रमांक 177/26 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक बटनदार चाकू भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है और पूर्व में थाना खमतराई क्षेत्र में लूट के मामले में जेल जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी: सागर रजक, पिता ललन रजक, उम्र 22 वर्ष, निवासी लक्ष्मी नगर, ग्राम सांकरा, थाना धरसींवा, रायपुर।2
- सिरगिट्टी ओवरब्रिज बिलासपुर मे दो बाईक सवारों की आपस मे टक्कर से दर्दनाक हादसा #sirgittibilaspur #sadakhadsa #bilaspurbreakingnews1
- लोहाटी पुल के पास डोडकी भाठा बिल्हा मे पैकेट से मोबाइल छीन कर तोड़ कर की गई मारपीट बिल्हा थाना में मामला दर्ज आज शनिवार की सुबह 9:00 बजे बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी वीर बहादुर बांधे पिता कमलेश कुमार बांधे उम्र 24 साल साकिन डोडकी भाठा वार्ड क्रमांक 11थाना बिल्हा जिला बिलासपुर छ.ग ने शुक्रवार की रात 23.12 बजे थाना उपस्थित आ कर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि विववरण – मैं वार्ड नं 11 डोडकीभाठा बिल्हा मे रहता हूं रोजी मजदुरी का काम करता हूं आज दिनांक 03.04.2026 को रात्रि करीब 10 बजे लौहाटी पुल के पास सोनू लहरे के साथ बैठा था उसी समय रिस्ते के चाचा का लडका कृष्णा बांधे वहां पर आया और जेब से मोबाईल को निकाल कर भागने लगा जिसे दौडा कर पकडा तो मेरे मोबाईल टेक्नोपाप कम्पनी को जमीन पर पटक दिया जिससे मेरे मोबाईल टूट गया है तथा मां बहन की अश्लील गाली गलौज करते हुए मेरे बांये कान के ऊपर सिर में चुडा से मारा है खून निकला है दर्द हो रहा है रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही चाहता हूं प्रार्थी की रिपोर्ट पर बिहार पुलिस ने अपराध धारा 296 324 3513 भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है1
- Post by CG RIGHT TIMES NEWS1
- Post by Santosh Sao1
- स्टेट बैंक चकरभाठा के सामने मेन रोड पर दो बईक की हुई टक्कर परिजनों ने थाना चकरभाठा मे दर्ज कराई रिपोर्ट शुक्रवार की रात 9:30 पर चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी प्रकाश बघेल पिता पुनदास बघेल अमृत 44 वर्ष निवासी परसाकापा थाना लालपुर जिला मुंगेली ने शुक्रवार की रात 21.10 बजे थाना चकरभाठा मे उपस्थित हो कर रिपोर्ट दर्ज कराई है की मै परसाकापा थाना लालपुर जिला मुगेली में रहता हूं ग्राम पंचायत परसाकापा का सरपंच हूँ मेरा भतीजा मर्गश कुमार बधेल पिता विनोद बघेल जा चकरभाठा में क्रेडिट एक्सस ग्रामीण लिमिटेड बिल्हा ब्राचा में काम करता है जो शुक्रवार दिनांक 03.04.2026 को शाम करीबन 04.00 बजे पर फोन से मेरे भतीजा के साथ काम करने वाला लड़का लखन निषाद मुझे फ़ोन करके बताया की आपके भतीजा मर्गष कुमार बघेल का स्टेट बैंक चकरभाठा के सामन मेन रोड में मोटर सायकल से एक्सीडट हो गया है बताया एवं इसे उठाकर ईलाज हेतू श्रीमंगला हास्पीटल बिलासपुर ले जा रहे है वहीं पहुंचा बोले तब में मै अपने पुरे परिवार सहित श्रीमगला हास्पीटल बिलासपुर जाकर देखा तो मरा भतीजा का एक्सीडट हाने से काफी चोट लगा है दांत टूट गया होट कट गया है एवं बाये साईड का फसली में चोट लगा है ICU में भर्ती है ईलाज चल रहा है मेरा भतीना का दोस्त लखर निषाद बताया कि मर्गष कुमार बघेल अपन प्लेटिना माटर सायकल क्रमाक CG 25J0817 में चकरभाठा केम्प तरफ से नयापारा की ओर जा रहा था जिसे एक मोटर सायकल चालक के द्वारा अपने मोटर सायकल को तेजी से चलाते लाकर ठोकर मारकर एक्सीडेट किया है बताये तब में अपने साथी इन्दल सिंह आंगरे, लखन निषाद के साथ नयापार। चकरभाठा आया और घटना स्थल स्टेट बैंक चकरभाठा के सामने मेन रोड जाकर वहा के आस पास के रहने वाले लागों से घटना के संबंध में पूछतात किया तो पता चला की वहीं पर स्टेट बैंक चकरभाठा के सामने रहने वाल निखिल धुरी पिता स्वसुरेश धुरी निवासी चकरभाठा के द्वारा अपने मोटर सायकल को काफी तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाते लाकर मर्गश कुमार बचल के माटर सायकल को ठोंकर मारकर एक्सीडेट कर दिया है। जिससे चोट आयी है श्रीमंगला हास्पीटल बिलासपुर में भती होकर इलाज करा रहा है। जिसकी रिपार्ट करता हूँ कार्यवाही की जाये पररर्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 281,125(a)bns के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है1