उरई के पचनद संगम तट पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह जी द्वारा पांच नदियों की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस कार्यक्रम का आयोजन शाम 03:00 बजे किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर नदियों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए नदी सम्मेलन और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित होगा। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन परमार्थ समाजसेवी संस्थान के सचिव संजय सिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय नागरिक, पर्यावरणविद और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं। जालौन और इटावा से मिलने वाला पचनद संगम देश का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां पांच अंतर्राज्यीय नदियां—चंबल, सिंध, कुंवारी, पहुंज और यमुना आकर मिलती हैं। बाबा साहब पचनद के नाम से प्रसिद्ध यह स्थल कभी दस्यु बीहड़ प्रभावित क्षेत्र हुआ करता था, जहां देश-दुनिया के बड़े-बड़े डकैत शरण लेते थे और गोलियों की गड़गड़ाहट से लोगों की रूह कांप जाती थी। हालांकि, इस भय के बीच भी डकैतों ने यहां बाबा साहब के स्थान पर आने वाले भक्तों और श्रद्धालुओं को कभी नहीं रोका। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र संगम के जल में स्नान करने मात्र से लोगों की बीमारियां दूर हो जाती हैं और यहां स्थित बाबा साहब मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर विशाल मेला भी लगता है, जहां लोग आकर अपनी मन्नतें मांगते हैं। आयोजक सचिव संजय सिंह की ओर से बताया गया है कि इस कार्यक्रम की तिथि बहुत कम समय में तय हुई है, जिसके कारण संभव है कि सभी लोगों तक व्यक्तिगत आमंत्रण पत्र न पहुंच पाया हो। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इसे व्यक्तिगत निमंत्रण मानते हुए नदियों के प्रति आस्था के इस पर्व में शामिल होने और कार्यक्रम को सफल बनाने का सादर अनुरोध किया है।
उरई के पचनद संगम तट पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह जी द्वारा पांच नदियों की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस कार्यक्रम का आयोजन शाम 03:00 बजे किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर नदियों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए नदी सम्मेलन और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित होगा। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन परमार्थ समाजसेवी संस्थान के सचिव संजय सिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय नागरिक, पर्यावरणविद और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं। जालौन और इटावा से मिलने वाला पचनद संगम देश का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां पांच अंतर्राज्यीय नदियां—चंबल, सिंध, कुंवारी, पहुंज और यमुना आकर मिलती हैं। बाबा साहब पचनद के नाम से प्रसिद्ध यह स्थल कभी दस्यु बीहड़ प्रभावित क्षेत्र हुआ करता था, जहां देश-दुनिया के बड़े-बड़े डकैत शरण लेते थे और गोलियों की गड़गड़ाहट से लोगों की रूह कांप जाती थी। हालांकि, इस भय के बीच भी डकैतों ने यहां बाबा साहब के स्थान पर आने वाले भक्तों और श्रद्धालुओं को कभी नहीं रोका। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र संगम के जल में स्नान करने मात्र से लोगों की बीमारियां दूर हो जाती हैं और यहां स्थित बाबा साहब मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर विशाल मेला भी लगता है, जहां लोग आकर अपनी मन्नतें मांगते हैं। आयोजक सचिव संजय सिंह की ओर से बताया गया है कि इस कार्यक्रम की तिथि बहुत कम समय में तय हुई है, जिसके कारण संभव है कि सभी लोगों तक व्यक्तिगत आमंत्रण पत्र न पहुंच पाया हो। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इसे व्यक्तिगत निमंत्रण मानते हुए नदियों के प्रति आस्था के इस पर्व में शामिल होने और कार्यक्रम को सफल बनाने का सादर अनुरोध किया है।
- जालौन के एट थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण किया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए थाना एट पुलिस एवं स्वाट व सर्विलांस की संयुक्त टीम द्वारा 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। लूट की इस घटना और आरोपियों की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में जालौन के अपर पुलिस अधीक्षक ने बयान जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट की है।1
- जालौन में पुलिस ने एक लूटकांड की वारदात का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। चेकिंग के दौरान पुलिस ने तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई को जालौन की एट थाना पुलिस और एसओजी ने अंजाम दिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से एक बाइक, नगदी, कार और तमंचा बरामद किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस सफलता की पुष्टि की है।5
- उत्तर प्रदेश विकास, निवेश और वैश्विक सहयोग के मामले में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। राज्य सरकार ने अयोध्या में 432 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण कर धार्मिक नगरी के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई गति प्रदान की है। इसी क्रम में बस्ती जिले को भी कई विकास परियोजनाओं का लाभ मिला है, जो वहां के क्षेत्रीय विकास को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी। राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पेन की रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनियों को राज्य के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। सुशासन और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी प्रदेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उत्तर प्रदेश पुलिस अब मालदीव पुलिस के जवानों को प्रशिक्षण देगी। यह वैश्विक सहयोग यूपी पुलिस की पेशेवर दक्षता और विशेषज्ञता के प्रति बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश विकास, निवेश, रोजगार और सुशासन के नए आयाम स्थापित कर देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में वृक्षारोपण अभियान को गति देने के लिए प्रचार वाहनों को रवाना किया गया। इन वाहनों को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, ताकि वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता का प्रसार किया जा सके।1
- उरई में रिंकू सिंह राही की वापसी की मांग अब और तेज हो गई है। इस मांग को लेकर सैकड़ों युवाओं ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। अपनी आवाज बुलंद करते हुए युवाओं ने डीएम को तीसरा ज्ञापन सौंपा है और रिंकू सिंह राही की वापसी की मांग को जोरदार तरीके से दोहराया है।2
- उत्तर प्रदेश के जालौन में आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के समर्थन में युवाओं और ग्रामीणों ने एक विशाल जुलूस निकालकर उन्हें दोबारा जालौन का एसडीएम बनाने की मांग की है। हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सैकड़ों की संख्या में युवा और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। यह पूरा विरोध प्रदर्शन एसडीएम रिंकू सिंह राही को थप्पड़ कांड विवाद के बाद पद से हटाए जाने के बाद शुरू हुआ है। उरई कोतवाली क्षेत्र के जालौन चौराहे से लेकर कलेक्ट्रेट तक निकाले गए इस जुलूस के दौरान छात्रों और युवाओं ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रिंकू राही जैसे अधिकारी का ट्रांसफर किया जाना उनकी ईमानदारी पर एक बड़ा धब्बा है।5
- चंदौली में मुगलसराय कोतवाली के पास शुक्रवार देर रात सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्राचीन काली मंदिर का ध्वस्तीकरण किया जा रहा था। इस ध्वस्तीकरण के दौरान अचानक मंदिर का गुंबद गिर गया, जिससे एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। इस हादसे के बाद मौके पर चल रहा ध्वस्तीकरण का कार्य रोक दिया गया है।1