महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी (एमएचयू) करनाल और लेफ्टिनेंट अमित सिंह स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान करनाल में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया। यह सम्मेलन उद्यानिकी फसलों हेतु गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण सामग्री के रणनीतिक प्रतिमान विषय पर केंद्रित था, जिसमें माननीय कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। एमएचयू के माननीय कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कृषि मंत्री का स्वागत किया। अपने संबोधन में कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने प्राकृतिक खेती को 'बिना खर्चे की खेती' बताया और देशभर से आए वैज्ञानिकों तथा प्रगतिशील किसानों से इसे अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसके तहत, प्रदेश की 10 मंडियों को चिन्हित किया गया है जहाँ प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं ताकि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की फसल की गुणवत्ता की जांच मंडी में ही हो सके। साथ ही, हरियाणा सरकार ऐसे किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान कर रही है। कृषि मंत्री ने अगले 100 सालों में देश में प्राकृतिक खेती का रकबा 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा, जिसे उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी के रसायनमुक्त, खाद और यूरिया मुक्त खेती के सपने का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य लोगों की सेहत के अनुरूप खेती करना है। कृषि मंत्री ने पेस्टिसाइड्स के कारण होने वाली बीमारियों और रासायनिक खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति के क्षरण पर चिंता व्यक्त की, और प्राकृतिक खेती पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र में भी सुधार हो रहा है और इस दिशा में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ समझौते भी हुए हैं। उन्होंने एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन से निकलने वाले संकल्प देश के किसानों के जीवन में बदलाव लाएंगे। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीज की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे पैदावार बढ़ने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। माननीय कुलपति प्रो. एसके मल्होत्रा ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सम्मेलन में पैनल डिस्कशन हुए, जिससे कई प्रभावशाली सिफारिशें सामने आईं। सम्मेलन में वैज्ञानिकों ने बागवानी के क्षेत्र में देश के सामने आ रही समस्याओं पर गहराई से विचार-मंथन किया। उन्होंने एमएचयू के लक्ष्य को दोहराया कि विश्वविद्यालय अच्छे बागवान तैयार कर रहा है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में बागवानी को आसान और अधिक लाभकारी बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एमएचयू की स्थापना का उद्देश्य पूरी तरह से सफल हो रहा है। इस अवसर पर नीति आयोग की सलाहकार डॉ. बबीता, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के पूर्व निदेशक डॉ. बीपी सिंह, कन्फेडरेशन ऑफ हॉर्टिकल्चर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएचएआई) के पूर्व डीडीजी एवं चेयरमैन डॉ. एचपी सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में एसडीएम देवेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी (एमएचयू) करनाल और लेफ्टिनेंट अमित सिंह स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान करनाल में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया। यह सम्मेलन उद्यानिकी फसलों हेतु गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण सामग्री के रणनीतिक प्रतिमान विषय पर केंद्रित था, जिसमें माननीय कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। एमएचयू के माननीय कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कृषि मंत्री का स्वागत किया। अपने संबोधन में कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने प्राकृतिक खेती को 'बिना खर्चे की खेती' बताया और देशभर से आए वैज्ञानिकों तथा प्रगतिशील किसानों से इसे अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसके तहत, प्रदेश की 10 मंडियों को चिन्हित किया गया है जहाँ प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं ताकि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की फसल की गुणवत्ता की जांच मंडी में ही हो सके।
साथ ही, हरियाणा सरकार ऐसे किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान कर रही है। कृषि मंत्री ने अगले 100 सालों में देश में प्राकृतिक खेती का रकबा 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा, जिसे उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी के रसायनमुक्त, खाद और यूरिया मुक्त खेती के सपने का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य लोगों की सेहत के अनुरूप खेती करना है। कृषि मंत्री ने पेस्टिसाइड्स के कारण होने वाली बीमारियों और रासायनिक खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति के क्षरण पर चिंता व्यक्त की, और प्राकृतिक खेती पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र में भी सुधार हो रहा है और इस दिशा में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ समझौते भी हुए हैं। उन्होंने एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन से निकलने वाले संकल्प देश के
किसानों के जीवन में बदलाव लाएंगे। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीज की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे पैदावार बढ़ने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। माननीय कुलपति प्रो. एसके मल्होत्रा ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सम्मेलन में पैनल डिस्कशन हुए, जिससे कई प्रभावशाली सिफारिशें सामने आईं। सम्मेलन में वैज्ञानिकों ने बागवानी के क्षेत्र में देश के सामने आ रही समस्याओं पर गहराई से विचार-मंथन किया। उन्होंने एमएचयू के लक्ष्य को दोहराया कि विश्वविद्यालय अच्छे बागवान तैयार कर रहा है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में बागवानी को आसान और अधिक लाभकारी बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एमएचयू की स्थापना का उद्देश्य पूरी तरह से सफल हो रहा है। इस अवसर पर नीति आयोग की सलाहकार डॉ. बबीता, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के पूर्व निदेशक डॉ. बीपी सिंह, कन्फेडरेशन ऑफ हॉर्टिकल्चर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएचएआई) के पूर्व डीडीजी एवं चेयरमैन डॉ. एचपी सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में एसडीएम देवेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे।
- हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने 'आर्य युवती चरित्र निर्माण' कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर महापौर रेनू बाला गुप्ता भी मौजूद रहीं।1
- कैराना और कांधला क्षेत्र में पुलिस ने नकली डीजल बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के तहत, गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसी के साथ, कैराना में एक पेट्रोल पंप को भी सील कर दिया गया है।1
- alipur city kariana gali shamli1
- पानीपत जिले के बापौली में हिंदी पत्रकारिता की 200वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, वेल बीइंग संगठन ने पत्रकारों के लिए नई योजनाएं और एक एआई (AI) कार्यक्रम की शुरुआत की। हरियाणा वेल बीइंग संगठन के उपाध्यक्ष विनोद लाहोट ने जानकारी दी कि 29 मई को विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने पत्रकारों के लिए कैशलेस पॉलिसी और एआई कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। वेल बीइंग संगठन द्वारा पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बीमा पॉलिसी भी जारी की गई है। इस पॉलिसी के तहत पत्रकारों से कोई धनराशि नहीं ली जाती और उन्हें 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है, जिससे कई पत्रकारों को लाभ प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने अपने संबोधन में पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि उनके जीवन के संघर्ष काल में पत्रकारिता ने उनका बहुत साथ दिया है, और यह देश का चौथा स्तंभ है जो देश की हर प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। एक अन्य मुख्य अतिथि, एडवोकेट रतन सिंह रावल ने कहा कि जहाँ वकील और अदालत व्यक्ति को न्याय दिलाने की प्रक्रिया करते हैं, वहीं पत्रकार सबकी बात सुनकर न्याय दिलाने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 30 मई, 1826 को हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत हुई थी, जिसने देश की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुसार, सच्चा पत्रकार वही है जो समाज को सच्चाई का आइना दिखाए और न्याय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी राजू रावल ने की। इस अवसर पर मिडिया वैल बींइग संगठन के जिला प्रधान मदन बरेजा, इसराना मीडिया क्लब के प्रधान चंद्र सिंह जागलान, बलराज रावल, दैनिक जागरण के अजय जैन सहित इसराना, समालखा, पानीपत और बापौली के अनेक पत्रकार उपस्थित थे। यह सम्मेलन वेल बीइंग संगठन के अंतर्गत आयोजित किया गया था।2
- मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में सफाई का कोई कार्य नहीं हो रहा है।1
- एक व्यक्ति ने अपनी गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें पहले से ही इस बात का अंदेशा था कि कोई बेवफाई करेगा। हालांकि, उन्हें इस बात का बिल्कुल भी इल्म नहीं था कि यह विश्वासघात इस कदर अपनी हदें पार कर जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला में तीन तलाक का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता शाहीन ने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनके पति ने मोबाइल फोन पर ही तीन बार 'तलाक' कहकर उनसे रिश्ता तोड़ दिया। महिला ने इस तीन तलाक की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सबूत के तौर पर सौंपी है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और उसे सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।1
- शामली के इंडस्ट्री एरिया में स्थित मित्तल फूड प्रोडक्ट इंडस्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग लगते ही फैक्ट्री के भीतर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में करीब 30 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।1