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सुदेश कुमारी को लेकर SDM से हुई बड़ी वार्ता, क्या निकला फैसला?
Imamdeen
सुदेश कुमारी को लेकर SDM से हुई बड़ी वार्ता, क्या निकला फैसला?
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- “आंखों में आंसू… दिल में आग” — जब बेटी अंजली की पुकार से रो पड़ा पूरा जनसमूह खानुवाली दुखांतिका में जब मृतका बहन सुदेश कुमारी की सुपुत्री अंजली मंच पर आई, तो वहां का माहौल पलभर में बदल गया। छोटी सी बेटी की आंखों में आंसू थे, लेकिन दिल में अपनी मां के लिए न्याय की आग जल रही थी। कंपकंपाती आवाज में अंजली ने जो शब्द कहे, उन्होंने वहां मौजूद हर इंसान की रूह को झकझोर कर रख दिया। अंजली ने कहा — “अगर हमारी मम्मी को न्याय नहीं मिला… तो हम अपनी मम्मी को कब्र से वापस निकाल लेंगे।” यह शब्द जैसे ही अंजली के मुंह से निकले, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें भर आईं। पूरा जनसमूह सिसक पड़ा। कई लोगों के आंसू रुक ही नहीं पाए। यह कोई साधारण शब्द नहीं थे… यह उस बेटी की चीख थी, जिसकी मां उससे हमेशा के लिए छिन गई। यह उस मासूम की पीड़ा थी, जो न्याय की आस लगाए बैठी है। आज सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं है, सवाल उस मासूम बेटी की उम्मीदों का है, जो पूछ रही है — “मेरी मम्मी को न्याय कब मिलेगा?” अगर अब भी प्रशासन और जिम्मेदार लोग नहीं जागे, तो यह आंसू जल्द ही जनआक्रोश की आग में बदल सकते हैं। क्योंकि जब एक बेटी अपनी मां के लिए न्याय मांगते-मांगते यह कहने पर मजबूर हो जाए कि “हम कब्र से भी मां को वापस निकाल लेंगे”, तो समझ लेना चाहिए कि दर्द अपनी अंतिम सीमा पार कर चुका है। अब यह सिर्फ न्याय की मांग नहीं रही… यह एक बेटी की चीख है, एक समाज का आक्रोश है और सच के लिए उठती हुई अंतिम चेतावनी है।1
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- *मृदुल कच्छावा होंगे बीकानेर के नए 'कप्तान', अपराधियों मे भय* *आमजन् में विश्वास* *राजस्थान पुलिस में बड़ा फेरबदल: 64 IPS अधिकारियों के तबादले -*1
- देश में चल रहे विभिन्न मुद्दों के बीच विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि1
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- बीकानेर पत्रकार इकबाल खान राजस्थान में लग भग शहरों में रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में शुक्रवार को शहर में लोगों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गैस सिलेंडर की प्रतीकात्मक ‘शव यात्रा’ निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन के दौरान लोगों ने गैस सिलेंडर को फूल मालाओं से सजाकर अर्थी की तरह उठाया और शहर के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है और गरीब व मध्यम वर्ग के लिए गैस सिलेंडर भरवाना मुश्किल होता जा रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से गैस सिलेंडर की कीमतें कम करने की मांग की और कहा कि महंगाई से आम जनता परेशान है। कई जगह लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया और नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ही गैस के दाम कम नहीं किए तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- खानुवाली प्रकरण में फूटा गुस्सा, आकाशदीप धालीवाल के तीखे तेवर — “अब न्याय चाहिए, बहाने नहीं!” खानुवाली की दुखांतिका में बहन सुदेश कुमारी को न्याय दिलाने की लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच समाजसेवी आकाशदीप धालीवाल ने प्रशासन और आरोपी डॉक्टर पर जमकर हमला बोलते हुए बेहद तीखे तेवर दिखाए। धालीवाल ने कहा कि एक मासूम बच्ची आज भी आस लगाए बैठी है कि आखिर उसकी मां को न्याय कब मिलेगा और उसके परिवार को इंसाफ कब मिलेगा। लेकिन प्रशासन बार-बार वार्ता और जांच के नाम पर इस पूरे खानुवाली सुदेश कुमारी प्रकरण को लंबा खींचने की कोशिश कर रहा है, जो अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलनकारी अब बड़ा कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। “जरूरत पड़ी तो हम एसडीएम कार्यालय को ताला लगा देंगे या फिर डॉक्टर गौड के घर को ताला लगा देंगे, लेकिन अब अन्याय को चुपचाप नहीं सहेंगे।” धालीवाल ने कहा कि उनकी टीम और सभी संघर्षशील साथी इस पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और जब तक बहन सुदेश कुमारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए संघर्ष करना पड़े, धरना देना पड़े या बड़ा आंदोलन करना पड़े — हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। आकाशदीप धालीवाल ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि डॉक्टर गौड ने पैसे देकर कुछ लोगों को बुला रखा है, ताकि धरने को तहस-नहस किया जा सके और आंदोलनकारियों को डराया-धमकाया जा सके। लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने धरने में आए लोगों को हाथ भी लगाया, तो पूरा क्षेत्र सड़कों पर उतर आएगा। अंत में धालीवाल ने साफ शब्दों में कहा — “यह न्याय की लड़ाई है और हम इसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। जब तक बहन सुदेश कुमारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हम इस परिवार के साथ चट्टान बनकर खड़े रहेंगे।” अब देखना यह है कि प्रशासन इस बढ़ते जनआक्रोश को कितनी जल्दी समझता है, क्योंकि जनता अब जवाब मांग रही है — और जवाब जल्द चाहिए।1
- वेस्ट एशिया में जारी ईरान-इज़राइल तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है।1
- पीएम मोदी के अलावा भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच भी चार बार फोन पर चर्चा हुई है।इस बातचीत के बाद जयशंकर ने अपने एक्स अकाउंट पर सिर्फ इतना लिखा कि “कल रात ईरानी विदेश मंत्री के साथ एक और बातचीत हुई। द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।”जयशंकर का सिर्फ दो लाइन लिखना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारत और ईरान के बीच कुछ मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पा रही है।दरअसल भारत चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत आने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में से एक है और भारत की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।लेकिन कई दौर की बातचीत के बाद ऐसा लग रहा है कि यह मुद्दा केवल द्विपक्षीय नहीं रह गया है, बल्कि क्षेत्र में बने मौजूदा हालात से जुड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि ईरान “जैसे को तैसा” नीति पर चल रहा है, यानी होर्मुज में सुरक्षा के बदले वह भारत से भी कुछ अपेक्षा रख सकता है।दूसरा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या ईरान की राजनीतिक नेतृत्व के पास इतना प्रभाव है कि वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स पर सीधे तौर पर नियंत्रण दिखा सके।इसी वजह से भारत और ईरान के बीच बातचीत जारी तो है, लेकिन फिलहाल इस मुद्दे पर स्पष्ट समाधान सामने आता नजर नहीं आ रहा।1