तलावड़ा/रामगढ़ मुराड़ा: गोचर भूमि पर भू-माफियाओं का खुला डाका: खड़ी कर दी बाजरा-तिल्ली की फसलें, राजस्व अमले की चुप्पी पर उठे सवाल तलावड़ा/रामगढ़ मुराड़ा: गोचर भूमि पर भू-माफियाओं का खुला डाका: खड़ी कर दी बाजरा-तिल्ली की फसलें, राजस्व अमले की चुप्पी पर उठे सवाल * प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप: पटवारी और नायब तहसीलदार पर आंखें मूंदने का आरोप * ग्रामीणों में भारी आक्रोश, ज़िला कलेक्टर से विशेष गिरदावरी करवाकर धारा 91 का नोटिस थमाने की मांग मुराड़ा (ख़ास रिपोर्ट): तहसील क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ मुराड़ा में बेजुबान मवेशियों के हक पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। गांव की बेशकीमती चारागाह (गोचर) भूमि को दबंगों ने अपनी बपौती समझकर हड़प लिया है और उस पर बेधड़क बाजरे व तिल्ली की फसलें लहलहा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि हल्का पटवारी और नायब तहसीलदार की नाक के नीचे सरकारी जमीन की यह खुली बंदरबांट चल रही है, लेकिन पूरा राजस्व महकमा गहरी नींद में सोया हुआ है। बेजुबान मवेशी बेसहारा, दबंगों की चांदी ग्रामीणों का कहना है कि जहां गांव के हजारों पशुओं के चरने की जगह थी, वहां आज अवैध कब्जेदारों ने जुताई कर फसलें बो दी हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर निष्पक्ष मौका पर्चा बनाने और सही गिरदावरी करने से कतरा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि इस पूरे खेल में गहरी मिलीभगत चल रही है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने अब सीधे ज़िला कलेक्टर महोदय का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने दो टूक मांग की है कि: * किसी निष्पक्ष प्रशासनिक दल को मौके पर भेजकर चारागाह भूमि में लहलहा रही बाजरे व तिल्ली की फसल की तत्काल विशेष गिरदावरी (मौका पंचनामा) करवाई जाए। * राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत अवैध कब्जाधारियों को तुरंत नोटिस जारी कर बेदखल किया जाए। * चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करवाने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार राजस्व कर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई हो। > "यदि प्रशासन ने समय रहते मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई नहीं की और गोचर भूमि को मुक्त नहीं कराया, तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे।" > — समस्त ग्रामवासी, रामगढ़ मुराड़ा >
तलावड़ा/रामगढ़ मुराड़ा: गोचर भूमि पर भू-माफियाओं का खुला डाका: खड़ी कर दी बाजरा-तिल्ली की फसलें, राजस्व अमले की चुप्पी पर उठे सवाल तलावड़ा/रामगढ़ मुराड़ा: गोचर भूमि पर भू-माफियाओं का खुला डाका: खड़ी कर दी बाजरा-तिल्ली की फसलें, राजस्व अमले की चुप्पी पर उठे सवाल * प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप: पटवारी और नायब तहसीलदार पर आंखें मूंदने का आरोप * ग्रामीणों में भारी आक्रोश, ज़िला कलेक्टर से विशेष गिरदावरी करवाकर धारा 91 का नोटिस थमाने की मांग मुराड़ा (ख़ास रिपोर्ट): तहसील क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ मुराड़ा में बेजुबान मवेशियों के हक पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। गांव की बेशकीमती चारागाह (गोचर) भूमि को दबंगों ने अपनी बपौती समझकर हड़प लिया है और उस पर बेधड़क बाजरे व तिल्ली की फसलें लहलहा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि हल्का पटवारी और नायब तहसीलदार की नाक के नीचे सरकारी जमीन की यह खुली बंदरबांट चल रही है, लेकिन पूरा राजस्व महकमा गहरी नींद में सोया हुआ है। बेजुबान मवेशी बेसहारा, दबंगों की चांदी ग्रामीणों का कहना है कि जहां गांव के हजारों पशुओं के चरने की जगह थी, वहां आज अवैध कब्जेदारों ने जुताई कर फसलें बो दी हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर निष्पक्ष मौका पर्चा बनाने और सही गिरदावरी करने से कतरा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि इस पूरे खेल में गहरी मिलीभगत चल रही है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने अब सीधे ज़िला कलेक्टर महोदय का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने दो टूक मांग की है कि: * किसी निष्पक्ष प्रशासनिक दल को मौके पर भेजकर चारागाह भूमि में लहलहा रही बाजरे व तिल्ली की फसल की तत्काल विशेष गिरदावरी (मौका पंचनामा) करवाई जाए। * राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत अवैध कब्जाधारियों को तुरंत नोटिस जारी कर बेदखल किया जाए। * चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करवाने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार राजस्व कर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई हो। > "यदि प्रशासन ने समय रहते मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई नहीं की और गोचर भूमि को मुक्त नहीं कराया, तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे।" > — समस्त ग्रामवासी, रामगढ़ मुराड़ा >
- गंगापुर सिटी शहर में निकली कावड़ यात्रा ढोल एवं डीजे की धुनो पर झूमे शिव भक्त धार्मिक झांकियां ने श्रद्धालुओं का मोहा मन बम बम भोले के जयकारो से गूंन्जायमान हुआ शहर1
- नगरपालिका चुनाव को लेकर बामनवास में पुलिस का फ्लैग मार्च बामनवास। नगरपालिका चुनावों के मद्देनजर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एएसपी बौंली एवं वृत्ताधिकारी वृत बामनवास के नेतृत्व में थाना बामनवास और बाटोदा पुलिस टीम ने कस्बे में फ्लैग मार्च किया। पुलिस जवानों ने प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल मार्च कर आमजन को निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में मतदान का संदेश दिया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश देते हुए चुनाव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।1
- खटवा देवली में अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ पुलिस की दबिश एक हजार लीटर कच्चा वॉश नष्ट किया, शराब बनाने की भट्ठियां तोड़ी लालसोट । अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लालसोट थाना पुलिस ने खटवा देवली गांव में कार्रवाई की। वृत्ताधिकारी लालसोट सत्यनारायण यादव के नेतृत्व में थानाधिकारी लालसोट हरलाल मीणा एवं थानाधिकारी झांपड़ा सतीश कुमार मय जाप्ते के साथ चौकीदारों की ढाणी में दबिश दी। पुलिस टीम ने गांव के बाहर खेतों में अवैध हथकढ़ शराब बनाने के लिए तैयार किए जा रहे कच्चे वॉश को नष्ट किया। कार्रवाई के दौरान करीब 1000 लीटर कच्चा वॉश नष्ट किया गया तथा शराब बनाने के लिए बनाई गई भट्ठियों को तोड़ा गया। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध हथकढ़ शराब बनाने वालों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही।1
- अवैध हथकड़ शराब के खिलाफ लालसोट पुलिस की बड़ी कार्रवाई , 1000 लीटर वाश किया नष्ट अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1000 लीटर कच्चा वॉश नष्ट लालसोट। अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लालसोट पुलिस ने बुधवार को ग्राम खटवा देवली स्थित चौकीदारों की ढाणी में दबिश देकर अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई की। वृताधिकारी लालसोट सत्यनारायण यादव के नेतृत्व में थानाधिकारी लालसोट हरलाल मीणा एवं थानाधिकारी झांपड़ा सतीश कुमार मय जाप्ता ने गांव में दबिश दी। पुलिस टीम ने गांव के बाहर खेतों में अवैध हथकढ़ शराब बनाने के लिए तैयार किया गया करीब 1000 लीटर कच्चा वॉश नष्ट किया। पुलिस टीम ने मौके पर लगी अवैध शराब की भट्टियों को भी तोड़कर नष्ट किया। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को मौके पर ही नष्ट किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध शराब एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- गोल गांव के शिवालय में गूंजा हर-हर महादेव, भक्तों ने किया सहस्त्र घटाभिषेक गोल के शिवालय में गूंजा हर-हर महादेव लालसोट। ग्राम पंचायत गोल स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने सहस्त्र घटाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। मंदिर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। पूर्व सरपंच जगराम मीणा, भरत लाल मीणा सहित अन्य भक्तों ने दूध, दही, बेलपत्र, आक व धतूरा अर्पित कर परिवार की सुख-शांति एवं खुशहाली की मंगल कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- अजीम खान चिनायटा बने राष्ट्रीय मानवाधिकार एण्ड एंटी करप्शन मिशन के करौली युवा जिला अध्यक्ष करौली राजस्थान प्रदेश में कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए राष्ट्रीय संरक्षक पूर्व डीजीपी एम एल अंसारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ वसीम रजा की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष सी. पी. आर्य द्वारा अजीम खान चिनायटा को करौली युवा जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है।संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वसीम रजा और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सीपी आर्य द्वारा यह नियुक्ति अजीम खान को एक वर्ष के लिए सौंपी गयी है। अजीम खान चिनायटा ने बुधवार रात 8:00 बजे बताया कि शीर्ष नेतृत्व में जो जिम्मेदारी सौंप है उसको ईमानदारी से निभाऊंगा। अजीम खांन की नियुक्ति पर क्षेत्र के लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है।1
- गंगापुर सिटी में लहरिया महोत्सव में अग्रवाल महिला समाज समिति अध्यक्ष और सदस्यों ने सावन के झूला झूल कर और सावन की मल्हार गाकर बांधा शमा1
- नेपाल में कुदरत का महा-प्रलय: आसमान से बरसी तबाही, उफनती नदियों ने लील लिए 72 जीवन; चितवन बना श्मशान! विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: पहाड़ों से उतरा साक्षात 'काल' नेपाल में कुदरत का महा-प्रलय: आसमान से बरसी तबाही, उफनती नदियों ने लील लिए 72 जीवन; चितवन बना श्मशान! विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: पहाड़ों से उतरा साक्षात 'काल' काठमांडू / नई दिल्ली: कुदरत के रौद्र रूप और आसमानी आफत ने नेपाल की धरती पर ऐसी भयंकर तबाही मचाई है कि चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, बर्बादी और लाशों का मंजर दिखाई दे रहा है। मूसलाधार बारिश और बेकाबू सैलाब ने हंसते-खेलते शहरों और बस्तियों को पलक झपकते ही खंडहर में तब्दील कर दिया। अब तक 72 बेगुनाहों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अब भी मौत और जिंदगी के बीच सैलाब से जंग लड़ रहे हैं। प्रमुख बिंदु: तबाही का खौफनाक मंजर चितवन में महा-तांडव: अकेले चितवन जिले से अब तक 55 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन के मुताबिक यह आंकड़ा और भी भयावह हो सकता है। तिनके की तरह बहे विशालकाय पुल: उफनती नदियों के प्रचंड वेग के आगे कंक्रीट और लोहे के मजबूत पुल ताश के पत्तों की तरह टूटकर एक ही झटके में दो टुकड़ों में बह गए। जल समाधि में विलीन बस्तियां: सैकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं, सड़कें बह चुकी हैं और पूरा जनजीवन पूरी तरह ठप हो चुका है। जब मौत बनकर उतरी नदियां: आंखों देखा खौफ पहाड़ों से उतरे इस 'जल-तांडव' ने इंसानी बस्तियों को संभलने का एक पल भी मौका नहीं दिया। जहां कभी चहल-पहल हुआ करती थी, वहां अब केवल गदला पानी, मलबा और चीखें बाकी हैं। कई इलाकों का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट चुका है। "आंखों के सामने सेकंडों में पुल ढह गया और पानी सब कुछ बहा ले गया। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात प्रलय आ गई हो!" > — प्रत्यक्षदर्शी युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी सेना, स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल जान की बाजी लगाकर पानी में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और कटे हुए रास्तों के कारण राहत कार्यों में भारी रुकावटें आ रही हैं। प्रभावित इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।1