ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है: बिरसा सोय झारखण्ड राज्य के गठन को 26 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था आज भी अनेक गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। राज्य के अधिकांश प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों, आवश्यक दवाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों तथा बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। परिणामस्वरूप ग्रामीण जनता को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और छोटी-छोटी बीमारियाँ भी गंभीर रूप धारण कर लेती हैं। आज झारखण्ड के हजारों गरीब, आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर एवं ग्रामीण परिवार इलाज के लिए मजबूर होकर जिला अस्पतालों या महंगे निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना अत्यंत कठिन हो जाता है। कई परिवार इलाज के खर्च के कारण कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं, जबकि कई मरीज समय पर उचित चिकित्सा नहीं मिलने के कारण अपनी जान तक गंवा देते हैं। यह केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा गंभीर प्रश्न है। सरकार की यह संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है कि राज्य के प्रत्येक PHC एवं CHC में पर्याप्त संख्या में नियमित डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों, लैब टेक्नीशियनों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित करे। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता, आधुनिक जांच सुविधाएं, प्रसूति सेवाएं, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं हर समय उपलब्ध कराई जाएं। इसके अतिरिक्त दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट, टेलीमेडिसिन सेवा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तथा नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। एक विकसित और समृद्ध झारखण्ड का निर्माण तभी संभव है, जब राज्य का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ होगा। स्वास्थ्य कोई सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। इसलिए राज्य सरकार को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से सभी रिक्त पदों पर नियुक्तियां करनी चाहिए तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करना चाहिए। यही एक संवेदनशील, उत्तरदायी और जनकल्याणकारी सरकार की पहचान होगी। बिरसा सोय केन्द्रीय अध्यक्ष वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM)
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है: बिरसा सोय झारखण्ड राज्य के गठन को 26 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था आज भी अनेक गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। राज्य के अधिकांश प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों, आवश्यक दवाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों तथा बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। परिणामस्वरूप ग्रामीण जनता को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और छोटी-छोटी बीमारियाँ भी गंभीर रूप धारण कर लेती हैं। आज झारखण्ड के हजारों गरीब, आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर एवं ग्रामीण परिवार इलाज के लिए मजबूर होकर जिला अस्पतालों या महंगे निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना अत्यंत कठिन हो जाता है। कई परिवार इलाज के खर्च के कारण कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं, जबकि कई मरीज समय पर उचित चिकित्सा नहीं मिलने के कारण अपनी जान तक गंवा देते हैं। यह केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा गंभीर प्रश्न है। सरकार की यह संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है कि राज्य के प्रत्येक PHC एवं CHC में पर्याप्त संख्या में नियमित डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों, लैब टेक्नीशियनों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित करे। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता, आधुनिक जांच सुविधाएं, प्रसूति सेवाएं, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं हर समय उपलब्ध कराई जाएं। इसके अतिरिक्त दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट, टेलीमेडिसिन सेवा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तथा नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। एक विकसित और समृद्ध झारखण्ड का निर्माण तभी संभव है, जब राज्य का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ होगा। स्वास्थ्य कोई सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। इसलिए राज्य सरकार को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से सभी रिक्त पदों पर नियुक्तियां करनी चाहिए तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करना चाहिए। यही एक संवेदनशील, उत्तरदायी और जनकल्याणकारी सरकार की पहचान होगी। बिरसा सोय केन्द्रीय अध्यक्ष वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM)
- Seraikella | Kandra : कांड्रा में टोल सड़क पर उड़ती धूल से जनजीवन प्रभावित... Seraikella | kandra : कांड्रा में टोल वसूली जारी, धूल से जनजीवन प्रभावित; सड़क रखरखाव और प्रदूषण नियंत्रण पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई, खुले व ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर कार्रवाई तथा जिम्मेदार एजेंसियों से निष्पक्ष जांच और प्रभावी कदम उठाने की मांग की.... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) कांड्रा क्षेत्र में उड़ती धूल से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क की नियमित सफाई, धूल नियंत्रण, खुले तथा ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर कार्रवाई और संबंधित विभागों से निष्पक्ष जांच कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की | jharkhandnews | kolhanupdate | pollution | janasamasya | suryodaysamvaad1
- JPSC/JSSC भर्ती घोटाले के विरोध में भाजयुमो का आक्रोश मार्च, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन चाईबासा: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), पश्चिमी सिंहभूम के नेतृत्व में शनिवार को झारखंड में JPSC, JSSC, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती घोटालों के विरोध में जिला मुख्यालय चाईबासा में आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च की शुरुआत गीता पेट्रोल पंप, कॉलेज मोड़ से हुई, जहां से कार्यकर्ता और छात्र समर्थक नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इसके बाद राज्यपाल के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।1
- TMH के डायबिटीज केयर सेंटर में 1 अगस्त से Obesity Clinic की शुरुआत, मोटापा और डायबिटीज मरीजों को मिलेगी बेहतर इलाज की सुविधा जमशेदपुर से स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी खबर। Tata Main Hospital (TMH) के डायबिटीज केयर सेंटर में 1 अगस्त से Obesity Clinic की शुरुआत की जा रही है। इस नई सुविधा के माध्यम से मोटापा और डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह, जांच और उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अस्पताल का उद्देश्य बढ़ते मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसी ही Jamshedpur Breaking News, Jharkhand News, Health News और TMH की हर बड़ी अपडेट सबसे पहले देखने के लिए Steel City Breaking News चैनल को Subscribe करें, वीडियो को Like करें और अपने दोस्तों के साथ Share करें। #Jamshedpur #TMH #ObesityClinic #Diabetes #HealthNews #JharkhandNews #BreakingNews #SteelCityBreakingNews #Shorts #YouTubeShorts1
- रांची में छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च, न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र रांची में बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर अपनी मांगों और न्याय के समर्थन में आवाज बुलंद की। हाथों में मोमबत्तियां लेकर छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च किया और संबंधित मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। इस दौरान छात्रों ने एकजुटता दिखाते हुए नारे लगाए और प्रशासन से मामले पर जल्द उचित कदम उठाने की अपील की।1
- आभार कार्यक्रम, मंत्री दीपक बिरुवा और जिला के विधायक हुए शामिल। लाभुकों को 226 करोड़ की परिसम्पत्तियों का किया गया वितरण। चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में आज जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में झारखंड सरकार भू-राजस्व और परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के साथ जिला के सभी विधायक शामिल हुए। मौके पर सरकार के विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को 226 करोड़ की परिसम्पत्तियों का वितरण किया गया। जिसमें मईया सम्मान योजना और पेंशन योजनाओं का डीबीटी के माध्यम से ऑनलाईन ट्रांसफर, आवास योजना, छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में परिसर में लगाए गए कई स्टॉलों का मंत्री और विधायकों ने निरीक्षण किया। Byte - दीपक बिरुवा, भू-राजस्व और परिवहन मंत्री, झारखंड सरकार1
- जेपीएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन सरायकेला -झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला सरायकेला-खरसावां द्वारा उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले सात वर्षों के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जानी चाहिए। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के रूप में वर्ष 2019 के बाद हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने, मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग, जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एवं संबंधित सदस्यों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा उत्पाद सिपाही दौड़ परीक्षा में मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल की गई। इस अवसर पर पूर्व महापौर विनोद श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश हांसदा, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सारथी महतो, शंभू मंडल, ऋतिका मुखी, सतीश शर्मा, ललन शुक्ला, कृष्णा प्रधान, मनोहर दास, गुरजीत सिंह, राजकुमार सिंह, विनय कंचन, सावन गुप्ता सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4