JPSC OMR शीट विवाद: अभ्यर्थी सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद उठे गंभीर सवाल, क्या अब रडार पर आएंगे बड़े साहब? रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई अभ्यर्थी सुमन सौरभ की संदिग्ध OMR शीट के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। CID के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी अभ्यर्थी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस गिरफ्तारी ने मामले को शांत करने के बजाय राज्य की प्रशासनिक और परीक्षा व्यवस्था पर कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद तो रिजल्ट जारी नहीं कर सकता अभ्यर्थी: असली 'मास्टरमाइंड' कौन? सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कोई भी अभ्यर्थी खुद अपने स्तर पर OMR शीट में हेरफेर करके परिणाम घोषित नहीं कर सकता। बिना आयोग के अंदरूनी अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों की साठगांठ के इस तरह का फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है। ऐसे में छात्र और आम जनता यह सवाल पूछ रही है कि: जेपीएससी के जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की मदद से यह रिजल्ट बदला गया, वे अब तक आजाद क्यों हैं? उस पर्दे के पीछे बैठे दलालों और राजनीतिक रसूखदारों की गिरफ्तारी कब होगी, जिनके इशारे पर यह खेल रचा गया? क्या अब रद्द होगा पूरा रिजल्ट? जब राज्य सरकार की ही जांच एजेंसी CID ने परीक्षा में अनियमितता और फर्जीवाड़े की बात स्वीकार कर ली है, तो फिर पूरी परीक्षा के परिणाम पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। परीक्षार्थियों का कहना है कि एक बार धांधली की पुष्टि हो जाने के बाद पूरी परीक्षा प्रक्रिया की सत्यनिष्ठता (Integrity) खत्म हो जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि राज्य सरकार पूरी परीक्षा को रद्द करने का फैसला लेने में देरी क्यों कर रही है? सीबीआई (CBI) जांच की मांग ने पकड़ा जोर मामले की गंभीरता और इसमें बड़े अधिकारियों व नेताओं की संभावित संलिप्तता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के लिए इसे CBI को सौंपने की मांग तेज हो गई है। छात्रों और विपक्ष का तर्क है कि राज्य पुलिस या CID के लिए अपने ही तंत्र और उच्चाधिकारियों पर हाथ डालना आसान नहीं होगा। ऐसे में केवल एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी ही इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर सकती है। अब देखना यह होगा कि CID की जांच सुमन सौरभ तक ही सीमित रहती है या फिर इस पूरे धांधली के मास्टरमाइंड्स तक CID के हाथ पहुंचते हैं। वहीं दूसरी ओर, लाखों युवाओं का भविष्य इस बात पर टिका है कि सरकार इस विवादित परीक्षा पर क्या अंतिम निर्णय लेती है।
JPSC OMR शीट विवाद: अभ्यर्थी सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद उठे गंभीर सवाल, क्या अब रडार पर आएंगे बड़े साहब? रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई अभ्यर्थी सुमन सौरभ की संदिग्ध OMR शीट के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। CID के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी अभ्यर्थी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस गिरफ्तारी ने मामले को शांत करने के बजाय राज्य की प्रशासनिक और परीक्षा व्यवस्था पर कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद तो रिजल्ट जारी नहीं कर सकता अभ्यर्थी: असली 'मास्टरमाइंड' कौन? सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कोई भी अभ्यर्थी खुद अपने स्तर पर OMR शीट में हेरफेर करके परिणाम घोषित नहीं कर सकता। बिना आयोग के अंदरूनी अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों की साठगांठ के इस तरह का फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है। ऐसे में छात्र और आम जनता यह सवाल पूछ रही है कि: जेपीएससी के जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की मदद से यह रिजल्ट बदला गया, वे अब तक आजाद क्यों हैं? उस पर्दे के पीछे बैठे दलालों और राजनीतिक रसूखदारों की गिरफ्तारी कब होगी, जिनके इशारे पर यह खेल रचा गया? क्या अब रद्द होगा पूरा रिजल्ट? जब राज्य सरकार की ही जांच एजेंसी CID ने परीक्षा में अनियमितता और फर्जीवाड़े की बात स्वीकार कर ली है, तो फिर पूरी परीक्षा के परिणाम पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। परीक्षार्थियों का कहना है कि एक बार धांधली की पुष्टि हो जाने के बाद पूरी परीक्षा प्रक्रिया की सत्यनिष्ठता (Integrity) खत्म हो जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि राज्य सरकार पूरी परीक्षा को रद्द करने का फैसला लेने में देरी क्यों कर रही है? सीबीआई (CBI) जांच की मांग ने पकड़ा जोर मामले की गंभीरता और इसमें बड़े अधिकारियों व नेताओं की संभावित संलिप्तता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के लिए इसे CBI को सौंपने की मांग तेज हो गई है। छात्रों और विपक्ष का तर्क है कि राज्य पुलिस या CID के लिए अपने ही तंत्र और उच्चाधिकारियों पर हाथ डालना आसान नहीं होगा। ऐसे में केवल एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी ही इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर सकती है। अब देखना यह होगा कि CID की जांच सुमन सौरभ तक ही सीमित रहती है या फिर इस पूरे धांधली के मास्टरमाइंड्स तक CID के हाथ पहुंचते हैं। वहीं दूसरी ओर, लाखों युवाओं का भविष्य इस बात पर टिका है कि सरकार इस विवादित परीक्षा पर क्या अंतिम निर्णय लेती है।
- सिसई के बंटी कॉम्प्लेक्स में 'M K शू सेंटर' का भव्य उद्घाटन, एक जोड़ी जूते के साथ मोजा मुफ्त सिसई मेन स्थित बंटी कॉम्प्लेक्स की ऊपरी मंजिल पर नए प्रतिष्ठान 'M K शू सेंटर' का शुभारंभ हो गया है। दुकान का विधिवत उद्घाटन जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती राशिद कलाम के द्वारा विशेष दुआ कराकर किया गया। उद्घाटन समारोह के मौके पर परिसर में भारी संख्या में स्थानीय लोग और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। प्रतिष्ठान के संचालक एम डी हाशिम ने बताया कि ग्राहकों के लिए कैंपस, एशियन, स्पार्क, नाइकी और लखानी जैसी सभी नामी व ब्रांडेड कंपनियों के जूता, चप्पल और सैंडल का विशाल संग्रह उपलब्ध कराया गया है। ग्राहकों के लिए एक विशेष उद्घाटन ऑफर की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि दुकान से किसी भी कंपनी का एक जोड़ी जूता खरीदने पर ग्राहकों को एक सेट मोजा बिल्कुल मुफ्त (फ्री) दिया जाएगा। इस उद्घाटन समारोह को सफल बनाने में सदर सलमान अली, संजय वर्मा, मकीन अंसारी, कासिम, शाहनवाज, राजा, रब्बानी, अशरद, अफरोज अंसारी सहित कई स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने संचालक को नई दुकान की शुरुआत के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।2
- डोडा में डुबने से 45 वर्षीय ग्रामीण की मौत, परिवार पर कुटा दुखों का पहाड़। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ थाना क्षेत्र के कष्टशेमला गांव में डोभा में डूबने से 45 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान तुरिया उरांव (पिता– शिबू उरांव) के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम तुरिया उरांव घर से डोभा की ओर गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की, जिसके बाद उनका शव डोभा में डूबा हुआ मिला।घटना की सूचना गुरुवार को जरियागढ़ थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है।मृतक अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं। बताया गया कि उनके चार बच्चों में से दो की शादी हो चुकी है, जबकि दो बच्चे अभी परिवार के साथ हैं। तुरिया उरांव की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब पत्नी पर ही परिवार और दो बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।1
- Lohardaga news suru app par , , #loharadaga1
- RATO Power Weeder 7.5 HP | 4 FREE Attachments | Warranty + Home Service | Jharkhand1
- पेपर लीक मामले पर फूटा छात्रों का गुस्सा, झारखंड की सड़कों पर जोरदार आंदोलन.? #reels #delhi #jharkhand #viral #ranchi #HemantSoren #police #school #teacher #paper #new1
- गुमला का डेली मार्केट में फटा पेयजल का पाइप लाइन पानी की बर्बादी साथ ही शहर का पेयजल दूषित1
- 5 अगस्त को JLKM पार्टी का प्रखंड कमिटी का पुनर्गठन को लेकर कॉलेज रोड़ स्थित बैंक्वेट हाल में बैठक, वरीय उपाध्यक्ष सूरज कुमार सिंह ने दी जानकारी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा(JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक माननीय जयराम महतो जी के निर्देशानुसार झारखंड के सभी प्रमंडलों एवं जिलों में कमेटी का पुनर्गठन किया जा रहा हैं। इसी कर्म में गुमला जिला के सिसई प्रखण्ड में प्रखण्ड कमेटी का पुनर्गठन दिनांक 05/08/2026दिन बुधवार को समय दिन के 12बजे, स्थान -बैंक्वेट हॉल कॉलेज रोड सिसई (पेट्रोल पंप के सामने) रखा गया है। जिसमें दक्षिण छोटानागपुरी प्रमंडल के अध्यक्ष श्री कृष्णा चिक बड़ाइक समेत जिला गुमला के जिला कमेटी के समस्त पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थि रहेंगे। इस अवसर पर सिसई प्रखण्ड क्षेत्र के सभी गांव पंचायत के तमाम लोगों से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं एवं सभी क्रांतिकारी साथियों से आग्रह है कि JLKM प्रखण्ड कमेटी को मजबूत एवं सशक्त बनाने में सहयोग प्रदान करें।1
- विश्वासघात की सारी हदें पार... सात फेरों के बंधन को ताक पर रखकर पत्नी पिछले 7 सालों से अपने बॉयफ्रेंड के साथ गुपचुप अफेयर चला रही थी। लेकिन कहते हैं ना कि झूठ की उम्र लंबी नहीं होती—आखिरकार पति ने दोनों को रंगे हाथों दबोच ही लिया! देखें कैसे पति की एंट्री से खुला इस 7 साल पुराने राज़ का काला चिट्ठा।1