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*शारदा कॉलोनी नाला निर्माण में लापरवाही का आरोप, नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने जांच की उठाई मांग* मैहर। नगर के शारदा कॉलोनी क्षेत्र में पुराने एनएच से लगे नाले के निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही दिनों में नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने पर नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नगर अध्यक्ष ने नगर पालिका प्रशासन पर निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से किए जा रहे विकास कार्यों में इस तरह की अनियमितता चिंताजनक है और यह सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। प्रभात द्विवेदी ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रेत के नाम पर शुद्ध नदी की रेत की जगह मिट्टी युक्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर असर पड़ रहा है।उन्होंने नवागत कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। नगर अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।स्थानीय लोगों ने भी नाले की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई है और जल्द सुधार कार्य की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बरसात में समस्या और बढ़ सकती है।

2 hrs ago
user_Naresh Bajaj
Naresh Bajaj
पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

*शारदा कॉलोनी नाला निर्माण में लापरवाही का आरोप, नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने जांच की उठाई मांग* मैहर। नगर के शारदा कॉलोनी क्षेत्र में पुराने एनएच से लगे नाले के निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही दिनों में नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने पर नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नगर अध्यक्ष ने नगर पालिका प्रशासन पर निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से किए जा रहे विकास कार्यों में इस तरह की अनियमितता चिंताजनक है और यह सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। प्रभात द्विवेदी ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रेत के नाम पर शुद्ध नदी की रेत की जगह मिट्टी युक्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर असर पड़ रहा है।उन्होंने नवागत कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। नगर अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।स्थानीय लोगों ने भी नाले की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई है और जल्द सुधार कार्य की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बरसात में समस्या और बढ़ सकती है।

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  • पूरा मामला ग्राम पंचायत पिपरौध के रोड के पास जरवाही रोड का है जलवाही रोड पर तनमय धर्म कांटा के आगे लगी फैक्ट्री जिसे कालरा भाईयों कटनी के नागरिक खरीदा था कंपनी के पूर्व मालिक के द्वारा प्रतिरोध तथा आसपास के अनेक ग्रामों के आदमियों को आवक वन हेतु रास्ता दिया गया था जो की बाजू वाला राज्य में भी दर्ज है जिस पर आपको बता दें कि वर्ष 1994 95 में ग्राम पंचायत के द्वारा सार्वजनिक रोड पर पुलिया निर्माण भी कराई गई थी जिसका आवा गमन का रास्ता आम आदमी के लिए सम रूप से आवागमन बातचीत ना हो जिसको देखते हुए निर्माण कराया गया था किंतु कालरा भाइयों के द्वारा कंपनी को खरीदने के पश्चात 10 फीट चौड़ा रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया और उसे अपनी कब्जे में लेकर रास्ता का दुरुपयोग किए जाने का कार्य षड्यंत्र कल भाइयों के द्वारा रचा जाने लगा और लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया हमारी बातचीत विक्रेता से भी हुई जिसमें विकृत धनी स्पष्ट रूप से कहा कि मेरे द्वारा रास्ता छोड़ करके भूमि का विक्रय किया गया है वही आपको बता दे की कलर भाइयों के द्वारा रास्ता रोके जाने पर ग्रामीणों ने कई बार राजस्व अधिकारियों से शिकायत की किंतु कोई कार्यवाही नहीं होने पर ग्रामीणों ने आम जनों की सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर आगे की लड़ाई के लिए कमर कली है वही हमारी चर्चा ऑनलाइन पर ग्रामीण तहसील डर से हुई जिसमें उन्होंने बताया कि उन अभी तक गाणो को नोटिस जारी कर दिया गया है और विधि सम्मत कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को रास्ता दिलाए जाने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है अब देखना है की कितनी जल्द कार्यवाही पूरी कर ग्रामीणों को रास्ता दिलाया जाता है
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    पूरा मामला ग्राम पंचायत पिपरौध के रोड के पास जरवाही रोड का है जलवाही रोड पर तनमय  धर्म कांटा के आगे लगी फैक्ट्री जिसे कालरा भाईयों कटनी के नागरिक  खरीदा था  कंपनी के पूर्व मालिक के द्वारा प्रतिरोध तथा आसपास के अनेक ग्रामों के आदमियों को आवक वन हेतु रास्ता दिया गया था जो की बाजू वाला राज्य में भी दर्ज है जिस पर आपको बता दें कि वर्ष 1994 95 में ग्राम पंचायत के द्वारा सार्वजनिक रोड पर पुलिया निर्माण भी कराई गई थी जिसका आवा गमन का रास्ता आम आदमी के लिए सम रूप से आवागमन बातचीत ना हो जिसको देखते हुए निर्माण कराया गया था किंतु कालरा भाइयों के द्वारा कंपनी को खरीदने के पश्चात 10 फीट चौड़ा रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया और उसे अपनी कब्जे में लेकर रास्ता का दुरुपयोग किए जाने का कार्य षड्यंत्र कल भाइयों के द्वारा रचा जाने लगा और लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया हमारी बातचीत विक्रेता से भी हुई जिसमें विकृत धनी स्पष्ट रूप से कहा कि मेरे द्वारा रास्ता छोड़ करके भूमि का विक्रय किया गया है वही आपको बता दे की कलर भाइयों के द्वारा रास्ता रोके जाने पर ग्रामीणों ने कई बार राजस्व अधिकारियों से शिकायत की किंतु कोई कार्यवाही नहीं होने पर ग्रामीणों ने आम जनों की सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर आगे की लड़ाई के लिए कमर कली है वही हमारी चर्चा ऑनलाइन पर ग्रामीण तहसील डर से हुई जिसमें उन्होंने बताया कि उन अभी तक गाणो को नोटिस जारी कर दिया गया है और विधि सम्मत कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को रास्ता दिलाए जाने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है अब देखना है की कितनी जल्द कार्यवाही पूरी कर ग्रामीणों को रास्ता दिलाया जाता है
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    17 min ago
  • *जानवर भी अपने दुश्मन को जिंदा नहीं छोड़ते हैं, कलियुग में इंसान की बुद्धि जाने कहां गायब हो गई है!?* _सनातनियों के दिमाग में क्या भरा हुआ है पता नहीं कौन सा चूर्ण चाट चुके हैं, लालच, भय, मूर्खता, मक्कारी, या फिर मंदबुद्धि का कि साईं, पीर, फकीर, ख्वाजा, मजार, दरगाह, मुर्दा प्रेत पूजन करने वाले चादर फादर माफियाओं के हाथों खेल रहे हैं, निकलते ही नहीं!?_ *घर ही या बाहर, यहां तक कि इनके मंदिरों में भी, जहां देखो इनकी मूर्खता का, बेवकूफी का प्रमाण मिल जाएगा, चांद मियां साईं पूजते हिंदू युवक युवतियां!* _समय आ गया जब हिंदुओं को शत्रुबोध करवाना आवश्यक है, अभी नहीं तो कभी नहीं, वैचारिक गंदगी से छुटकारा पाना है, स्वच्छ भारत बनाना है, अपने शत्रुओं का समूल विनाश करना है, तो पहले पूर्ण बहिष्कार करना होगा!_ * जागो हिंदुओं के नेता, मंत्री, अफसर, जज, पार्षद, विधायक, जागो, वरना ये जेहादी अमानवीय, चादर फादर माफियाओं का अजगर ऐसे ही निगल जाएगा पहले तुम्हारी संतति, फिर पूरा भारत, फिर कहां करोगे नेतागिरी!?
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    *जानवर भी अपने दुश्मन को जिंदा नहीं छोड़ते हैं, कलियुग में इंसान की बुद्धि जाने कहां गायब हो गई है!?*
_सनातनियों के दिमाग में क्या भरा हुआ है पता नहीं कौन सा चूर्ण चाट चुके हैं, लालच, भय, मूर्खता, मक्कारी, या फिर मंदबुद्धि का कि साईं, पीर, फकीर, ख्वाजा, मजार, दरगाह, मुर्दा प्रेत पूजन करने वाले चादर फादर माफियाओं के हाथों खेल रहे हैं, निकलते ही नहीं!?_
*घर ही या बाहर, यहां तक कि इनके मंदिरों में भी, जहां देखो इनकी मूर्खता का, बेवकूफी का प्रमाण मिल जाएगा, चांद मियां साईं पूजते हिंदू युवक युवतियां!*
_समय आ गया जब हिंदुओं को शत्रुबोध करवाना आवश्यक है, अभी नहीं तो कभी नहीं, वैचारिक गंदगी से छुटकारा पाना है, स्वच्छ भारत बनाना है, अपने शत्रुओं का समूल विनाश करना है, तो पहले पूर्ण बहिष्कार करना होगा!_
* जागो हिंदुओं के नेता, मंत्री, अफसर, जज, पार्षद, विधायक, जागो, वरना ये जेहादी अमानवीय, चादर फादर माफियाओं का अजगर ऐसे ही निगल जाएगा पहले तुम्हारी संतति, फिर पूरा भारत, फिर कहां करोगे नेतागिरी!?
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    32 min ago
  • कटनी में ऑटो चालकों की गुंडागर्दी: जंक्शन से मुड़वारा जाने का वसूला 1020रुपये किराया, विरोध करने पर मजदूरों को दी जान से मारने की धमकी। ​कटनी। कटनी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब बाहरी यात्रियों के साथ सरेराह लूट और अभद्रता आम बात हो गई है। ताजा मामला कटनी जंक्शन और मुड़वारा स्टेशन के बीच का है, जहां दो गरीब मजदूरों से महज कुछ किलोमीटर की दूरी के लिए 1020 रुपये वसूल लिए गए। विरोध करने पर ऑटो चालक ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। ​मात्र 30 रुपये की बात कर बिठाया, फिर की अवैध वसूली ​पीड़ित यात्री दीपक यादव ने बताया कि वह अपने मित्र आकाश यादव के साथ शहडोल जिले के ग्राम गोपारु के निवासी हैं। दोनों पिछले तीन महीनों से पुणे में मजदूरी कर रहे थे। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे जब वे रीवा-राजकोट एक्सप्रेस से कटनी जंक्शन पहुंचे, तो उन्हें शहडोल जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए मुड़वारा स्टेशन जाना था। ​स्टेशन के बाहर एक ई-रिक्शा चालक ने 30 रुपये सवारी के हिसाब से उन्हें बिठाया। लेकिन मुड़वारा स्टेशन पहुंचते ही चालक के तेवर बदल गए। जब यात्रियों ने तयशुदा 60 रुपये देने की कोशिश की, तो चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और प्रति सवारी 510 रुपये के हिसाब से कुल 1020 रुपये की मांग की। ​नकदी नहीं थी तो मोबाइल दुकान पर कराया 'PhonePe' ​दहशत का आलम यह था कि ऑटो चालक ने मजदूरों को जान से मारने की धमकी दी। जब मजदूरों ने नकदी न होने की बात कही, तो चालक उन्हें जबरन एक मोबाइल दुकान कृष्णा मोबाइल केयर पर ले गया। वहां दुकानदार के नंबर पर 1020 रुपये 'फोन पे' करवाए गए और दुकानदार से नकदी लेकर यात्रियों को छोड़ा गया। ​स्थानीय लोगों में आक्रोश खतरे में शहर की छवि ​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कटनी एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां चारों दिशाओं से यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इस तरह की घटनाएं कटनी की छवि खराब कर रही हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे गुंडा तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा यात्रियों का इस शहर से भरोसा उठ जाएगा। ​इस मामले पर नेहा पच्चीसिया,नगर पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए कहा कि पूर्व में भी ऐसी शिकायतों पर मुहिम चलाकर कार्रवाई की गई थी और चालकों को हिदायत दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस ताजा मामले में शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिक दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    कटनी में ऑटो चालकों की गुंडागर्दी: जंक्शन से मुड़वारा जाने का वसूला 1020रुपये किराया, विरोध करने पर मजदूरों को दी जान से मारने की धमकी।
​कटनी। कटनी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब बाहरी यात्रियों के साथ सरेराह लूट और अभद्रता आम बात हो गई है। ताजा मामला कटनी जंक्शन और मुड़वारा स्टेशन के बीच का है, जहां दो गरीब मजदूरों से महज कुछ किलोमीटर की दूरी के लिए 1020 रुपये वसूल लिए गए। विरोध करने पर ऑटो चालक ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
​मात्र 30 रुपये की बात कर बिठाया, फिर की अवैध वसूली
​पीड़ित यात्री दीपक यादव ने बताया कि वह अपने मित्र आकाश यादव के साथ शहडोल जिले के ग्राम गोपारु के निवासी हैं। दोनों पिछले तीन महीनों से पुणे में मजदूरी कर रहे थे। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे जब वे रीवा-राजकोट एक्सप्रेस से कटनी जंक्शन पहुंचे, तो उन्हें शहडोल जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए मुड़वारा स्टेशन जाना था।
​स्टेशन के बाहर एक ई-रिक्शा चालक ने 30 रुपये सवारी के हिसाब से उन्हें बिठाया। लेकिन मुड़वारा स्टेशन पहुंचते ही चालक के तेवर बदल गए। जब यात्रियों ने तयशुदा 60 रुपये देने की कोशिश की, तो चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और प्रति सवारी 510 रुपये के हिसाब से कुल 1020 रुपये की मांग की।
​नकदी नहीं थी तो मोबाइल दुकान पर कराया 'PhonePe'
​दहशत का आलम यह था कि ऑटो चालक ने मजदूरों को जान से मारने की धमकी दी। जब मजदूरों ने नकदी न होने की बात कही, तो चालक उन्हें जबरन एक मोबाइल दुकान कृष्णा मोबाइल केयर पर ले गया। वहां दुकानदार के नंबर पर 1020 रुपये 'फोन पे' करवाए गए और दुकानदार से नकदी लेकर यात्रियों को छोड़ा गया।
​स्थानीय लोगों में आक्रोश खतरे में शहर की छवि
​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कटनी एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां चारों दिशाओं से यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इस तरह की घटनाएं कटनी की छवि खराब कर रही हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे गुंडा तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा यात्रियों का इस शहर से भरोसा उठ जाएगा।
​इस मामले पर नेहा पच्चीसिया,नगर पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए कहा कि पूर्व में भी ऐसी शिकायतों पर मुहिम चलाकर कार्रवाई की गई थी और चालकों को हिदायत दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस ताजा मामले में शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिक दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Social worker कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Anil thakur
    4
    Post by Anil thakur
    user_Anil thakur
    Anil thakur
    बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?” यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है। जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं। भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है। यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की। यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता। थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें। यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है। जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
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    थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?”
यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है।
जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं।
भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है।
यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की।
यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता।
थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें।
यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है।
जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • भीम आर्मी का प्रदर्शन जारी?
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    भीम आर्मी का प्रदर्शन जारी?
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    23 hrs ago
  • महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व विधायक मैहर
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    महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व  विधायक मैहर
    user_Ravi Shankar pathak
    Ravi Shankar pathak
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *mp news juction* # **कटनी: नगर निगम की बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'समर्थ युवा शक्ति' ने खोला मोर्चा** **महापौर को सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन; 5 दिन में जांच न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी** **कटनी।** शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अधूरे चुनावी वादों को लेकर आज 'समर्थ युवा शक्ति' संगठन ने महापौर के नाम एक तीखा शिकायती पत्र सौंपा। संगठन के प्रमुख सागर तोमर के नेतृत्व में युवाओं ने नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए 12 बिंदुओं पर तत्काल जांच की मांग की है। ### **ज्ञापन के मुख्य बिंदु:** युवाओं ने नगर निगम प्रशासन पर जनता के साथ वादाखिलाफी और संसाधनों के दुरुपयोग के निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: * **अधूरे चुनावी वादे:** चुनाव के दौरान किए गए संकल्प पत्र के वादों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, जनता इसका हिसाब चाहती है। * **जल संकट और भ्रष्टाचार:** जलकर के नाम पर वसूली हो रही है, लेकिन जनता को दुर्गंधयुक्त पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। * **सड़कों की दुर्दशा:** नई बनी सड़कें पहली ही बारिश में उखड़ रही हैं, जिसमें पैचवर्क के नाम पर खानापूर्ति की गई है। * **सफाई और वसूली:** सफाई शुल्क की मोटी रकम वसूलने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। * **भ्रष्टाचार और अवैध नियुक्तियां:** स्वास्थ्य विभाग में मनमानी नियुक्तियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा फाइलों के संचालन पर जांच की मांग की गई है। * **रेहड़ी-पटरी वालों का शोषण:** 'बैठकी शुल्क' लेने के बाद भी छोटे दुकानदारों के लिए कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि अतिक्रमण विभाग केवल गरीबों पर कार्रवाई करता है। * **गौ-वंश की दुर्दशा:** सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं और कांजी हाउस में मवेशियों को भूखा-प्यासा रखा जा रहा है। ### **5 दिन का अल्टीमेटम** 'समर्थ युवा शक्ति' के प्रमुख **सागर तोमर** ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि इन 12 बिंदुओं पर अगले 5 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो संगठन पूरे शहर में **उग्र आंदोलन** करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा, *"कटनी हमारी है और इसकी जिम्मेदारी भी हमारी है। हम भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को और बर्दाश्त नहीं करेंगे।"* इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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    *mp news juction*
# **कटनी: नगर निगम की बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'समर्थ युवा शक्ति' ने खोला मोर्चा**
**महापौर को सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन; 5 दिन में जांच न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी**
**कटनी।** शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अधूरे चुनावी वादों को लेकर आज 'समर्थ युवा शक्ति' संगठन ने महापौर के नाम एक तीखा शिकायती पत्र सौंपा। संगठन के प्रमुख सागर तोमर के नेतृत्व में युवाओं ने नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए 12 बिंदुओं पर तत्काल जांच की मांग की है।
### **ज्ञापन के मुख्य बिंदु:**
युवाओं ने नगर निगम प्रशासन पर जनता के साथ वादाखिलाफी और संसाधनों के दुरुपयोग के निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
* **अधूरे चुनावी वादे:** चुनाव के दौरान किए गए संकल्प पत्र के वादों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, जनता इसका हिसाब चाहती है।
* **जल संकट और भ्रष्टाचार:** जलकर के नाम पर वसूली हो रही है, लेकिन जनता को दुर्गंधयुक्त पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है।
* **सड़कों की दुर्दशा:** नई बनी सड़कें पहली ही बारिश में उखड़ रही हैं, जिसमें पैचवर्क के नाम पर खानापूर्ति की गई है।
* **सफाई और वसूली:** सफाई शुल्क की मोटी रकम वसूलने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
* **भ्रष्टाचार और अवैध नियुक्तियां:** स्वास्थ्य विभाग में मनमानी नियुक्तियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा फाइलों के संचालन पर जांच की मांग की गई है।
* **रेहड़ी-पटरी वालों का शोषण:** 'बैठकी शुल्क' लेने के बाद भी छोटे दुकानदारों के लिए कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि अतिक्रमण विभाग केवल गरीबों पर कार्रवाई करता है।
* **गौ-वंश की दुर्दशा:** सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं और कांजी हाउस में मवेशियों को भूखा-प्यासा रखा जा रहा है।
### **5 दिन का अल्टीमेटम**
'समर्थ युवा शक्ति' के प्रमुख **सागर तोमर** ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि इन 12 बिंदुओं पर अगले 5 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो संगठन पूरे शहर में **उग्र आंदोलन** करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा, *"कटनी हमारी है और इसकी जिम्मेदारी भी हमारी है। हम भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को और बर्दाश्त नहीं करेंगे।"*
इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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