आकाशवाणी🙏 15-9-2026 ई0', " कंपनी अथवा संस्थानो में काम करने वाली महिलाओं के अधिकार क्या है ❓ 👉🏾 मेटरनिटी बेनिफिट एक्ट के अनुसार महिलाओं को 26 हफ्ते की पेड लीव (वेतन सहित) छुट्टी मिलना चाहिए। !! कानूनी अधिकार!! इसका पूरा नियम समझिये। किसको मिलेगी 26 हफ्ते की छुट्टी ❓ 1:- 26 सप्ताह की छुट्टी डिलीवरी से पहले और बच्चा पैदा करने के बाद 18 सप्ताह की छुट्टी मिलती है। 2:- अगर तीसरा बच्चा है तो 12 सप्ताह की पेड लीव मिलती है। 3 :- यह नियम किसके ऊपर और कहाँ लागू होता है❓ ➡️ किसी भी सरकारी या प्राइवेट संस्थानों में कम से कम 10 महिला / पुरूष या 10 कर्मचारी काम करते हो तो वहाँ काम करने ,वाली महिलाओं के ऊपर लागू होता है। इसके अतिरिक्त 12 महीने में कम से कम 80 दिन काम किया होना चाहिए / होना अनिवार्य है। 4 :- अगर कंपनी मना करे तो क्या करें ? 👉🏾 वैसे कंपनी मना नहीं करती है, लेकिन अगर कंपनी मना करती है या पेड लीव नहीं देती है तो आप कमिश्नर से अथवा लेबर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं । ✅ यहआपका कानूनी अधिकार है। ‼️❤👉🏾आप का अधिकार की बारें में जागरूक करने का प्रयास कर रहा हूँ। समाज को जागरूक करने के लिए ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सामान अपने अधिकार को प्राप्त कर सके।
आकाशवाणी🙏 15-9-2026 ई0', " कंपनी अथवा संस्थानो में काम करने वाली महिलाओं के अधिकार क्या है ❓ 👉🏾 मेटरनिटी बेनिफिट एक्ट के अनुसार महिलाओं को 26 हफ्ते की पेड लीव (वेतन सहित) छुट्टी मिलना चाहिए। !! कानूनी अधिकार!! इसका पूरा नियम समझिये। किसको मिलेगी 26 हफ्ते की छुट्टी ❓ 1:- 26 सप्ताह की छुट्टी डिलीवरी से पहले और बच्चा पैदा करने के बाद 18 सप्ताह की छुट्टी मिलती है। 2:- अगर तीसरा बच्चा है तो 12 सप्ताह की पेड लीव मिलती है। 3 :- यह नियम किसके ऊपर और कहाँ लागू होता है❓ ➡️ किसी भी सरकारी या प्राइवेट संस्थानों में कम से कम 10 महिला / पुरूष या 10 कर्मचारी काम करते हो तो वहाँ काम करने ,वाली महिलाओं के ऊपर लागू होता है। इसके अतिरिक्त 12 महीने में कम से कम 80 दिन काम किया होना चाहिए / होना अनिवार्य है। 4 :- अगर कंपनी मना करे तो क्या करें ? 👉🏾 वैसे कंपनी मना नहीं करती है, लेकिन अगर कंपनी मना करती है या पेड लीव नहीं देती है तो आप कमिश्नर से अथवा लेबर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं । ✅ यहआपका कानूनी अधिकार है। ‼️❤👉🏾आप का अधिकार की बारें में जागरूक करने का प्रयास कर रहा हूँ। समाज को जागरूक करने के लिए ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सामान अपने अधिकार को प्राप्त कर सके।
- संतकबीरनगर- दलित महिला पर अत्याचार से बौखलाए मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी, थाने पहुंचकर पुलिस को लगाई जमकर फटकार: थानाध्यक्ष से तीखी नोकझोंक, थाने में मचा हड़कंप। फरीदाबाद मेहदावल क्षेत्र में एक दलित महिला पर हुए कथित अत्याचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी आगबबूला हो गए और तुरंत अपने समर्थकों के साथ मेहदावल थाने पहुंच गए। थाने पहुंचते ही विधायक अनिल त्रिपाठी ने पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रोष जताया और जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दलित महिला के मामले में पुलिस की लापरवाही और हीलाहवाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि जनता की समस्याओं और महिला के साथ हुए अत्याचार को लेकर विधायक त्रिपाठी की मेहदावल थाना अध्यक्ष से तीखी नोकझोंक भी हुई। थाने के अंदर चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान थाने में हड़कंप का माहौल बना रहा। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि गरीब, दलित और असहाय महिला पर अत्याचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।1
- शिकायत है❗ 15-9-2026 ई०, ‼️ लघु शंकर ( पेशाब) करने के लिए ₹5 लगता है ⁉️✍️ स्थान ( Location📍) :- खलीलाबाद ( खलीलाबाद नगर निगम) क्षेत्र , जनपद :- संत कबीर नगर , उत्तर प्रदेश! यह खलीलाबाद शहर है । खलीलाबाद बाईपास के नजदीक, दक्षिण दिशा में चलता फिरता शौचालय बनाया गया है। यहां पर लघुशंका करने की कोई व्यवस्था नहीं है । इस शौचालय को चलाने वाला इसका ठेकेदार पेशाब करने के लिए ₹5 की वसूली करता है।। नगर निगम खलीलाबाद को क्या पता नहीं है ❓ खलीलाबाद नगर निगम को इसकी जानकारी नहीं है ❓ शौचालय निर्माण के लिए यहां पर जगह मौजूद है❗ लेकिन अधिकारी हाथ पर हाथ करें बैठे हुऎ हैं❗✅ खलीलाबाद नगर निगम (खलीलाबाद शहर ) जनपद:- संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश!1
- हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं श्रद्धा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। भंडारे के शुभ अवसर पर हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया गया। जैसे-जैसे भंडारे की जानकारी लोगों को हुई, वैसे-वैसे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन की सराहना की। भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सेवा कार्य किया और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डुमरी के अध्यापक सौरभ राज, अनिल राज, सौरभ राज, सतीश चौबे, प्रदीप वर्मा, राजेश, बड़कू अग्रहरि, ऋषभ राज, राकेश विश्वकर्मा, रमेश प्रधान तथा लाभजनक मौर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग दिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण में सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भंडारे का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण करना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। देर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।3
- मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।1
- फरेंदा क्षेत्र के सेमरा महराज गांव में चार मकान पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश एवं तहसीलदार न्यायिक मजिस्ट्रेट की बेदखली फरेंदा सर्किल के चार थाने की फोर्स मौके पर मौजूद रहीं। धारा 67 के तहत हुई कार्रवाई - फरेंदा एसडीएम #mahararagnj #police #sdm1
- डीआईजी ने थाना महुली का किया आकस्मिक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश महुली, संतकबीरनगर। पुलिस उप-महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र श्री संजीव त्यागी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना की उपस्थिति में थाना महुली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीआईजी ने अभिलेखों के रखरखाव, लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों एवं विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने जनशिकायतों का निष्पक्ष व त्वरित समाधान, वांछित अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण में थाना परिसर की साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए डीआईजी ने थाना पुलिस की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन व्यवहार, पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी पर्वों एवं सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए डीआईजी ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित क्षेत्र भ्रमण तथा सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी महुली दुर्गेश पाण्डेय सहित थाना महुली का समस्त पुलिस बल उपस्थित रहा।4
- जनता की शिकायतों पर विधायक अनिल त्रिपाठी सख्त, मेहदावल थाने में हुई तीखी नोकझोंक संतकबीरनगर। जनता की समस्याओं और शिकायतों को लेकर मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी मेहदावल थाने पहुंचे। विधायक ने थाना परिसर में पहुंचकर क्षेत्र के लोगों से जुड़ी समस्याओं और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। इस दौरान कुछ मामलों के निस्तारण को लेकर विधायक और मेहदावल थानाध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। विधायक ने जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर वह लगातार आवाज उठाते रहेंगे। किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय के लिए परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस से शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने की बात कही। विधायक के थाने पहुंचने और थानाध्यक्ष से हुई तीखी बहस का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम। पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम। मेहदावल बाईपास पर मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक क्रेन का ड्राइवर क्रेन को बीच सड़क पर खड़ा कर लापता हो गया। विशालकाय क्रेन के सड़क पर खड़े होने से बाईपास पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्रेन अचानक खराब होने के बाद ड्राइवर उसे वहीं छोड़कर मौके से गायब हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ ट्रकों, बसों और छोटे वाहनों का लंबा जाम लग गया। स्कूली बच्चों और एंबुलेंस तक को जाम में फंसकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन को सड़क किनारे करवाकर यातायात को सुचारू करवाया। काफी देर तक राहगीर जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाईपास पर बेतरतीब खड़े होने वाले भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।1