ANT News खंडवा में लू केंद्र ,पानी के प्याऊ बने शोपीस, जनता परेशान लाखों खर्च, —नगर निगम पर सवाल भीषण गर्मी में फेल हुआ नगर निगम का जल प्रबंधन आप देख रहे हैं ANT News और मैं हूं एंकर वैशाली।मध्य प्रदेश के खंडवा शहर से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां नगर निगम द्वारा लाखों रुपये के बजट से संचालित लू राहत केंद्र और पानी के प्याऊ आम जनता के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच लगाए गए इन प्याऊ केंद्रों की हालत बेहद खराब बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार शहर के कई स्थानों पर “शुद्ध जल नगर निगम खंडवा” के नाम से स्थापित पानी के प्याऊ या तो बंद पड़े हैं या फिर उनमें पानी की व्यवस्था नहीं है। जलेबी चौक स्थित एक प्याऊ पर पानी रखने की टंकी, जिसे स्थानीय भाषा में राजन कहा जाता है, पूरी तरह से फूटी हुई पड़ी है। वहां न तो पानी उपलब्ध है और न ही किसी प्रकार की देखरेख की व्यवस्था नजर आती है। वहीं नगर निगम कार्यालय के पास स्थित प्याऊ की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। यहां कुछ टंकियों में पानी तो है, लेकिन अधिकांश टंकियां खाली पड़ी हैं। इसके अलावा वहां कोई सेवादार भी मौजूद नहीं है, जो राहगीरों को पानी उपलब्ध करा सके। ऐसे में आम नागरिकों को भीषण गर्मी में राहत मिलने के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा केवल दिखावे के लिए ये प्याऊ लगाए गए हैं, जबकि उनके रखरखाव और नियमित निरीक्षण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि इन सुविधाओं का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। अब यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। दूसरी और कचरा वाहन कई वार्डों में महीने में 15 दिन ही आते हैतो क्या डीजल व्यय महीने का निकलता है इस संबंध में ANT स्वास्थ अधिकारी को शिकायत कर चुका कोई सुधार नहीं है देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस लापरवाही पर क्या कदम उठाते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं। ANT News ऑल न्यूज टाइम्स, टीम रफीक तिगला, श्याम तेजी के साथ सहायक संपादक रजाक खान कीग्राउंड रिपोर्ट। चैनल को सब्सक्राइब, लाइक, शेयर और कमेंट ज़रूर कीजिए। अपना ख्याल रखें, आदाब, नमस्ते।
ANT News खंडवा में लू केंद्र ,पानी के प्याऊ बने शोपीस, जनता परेशान लाखों खर्च, —नगर निगम पर सवाल भीषण गर्मी में फेल हुआ नगर निगम का जल प्रबंधन आप देख रहे हैं ANT News और मैं हूं एंकर वैशाली।मध्य प्रदेश के खंडवा शहर से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां नगर निगम द्वारा लाखों रुपये के बजट से संचालित लू राहत केंद्र और पानी के प्याऊ आम जनता के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच लगाए गए इन प्याऊ केंद्रों की हालत बेहद खराब बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार शहर के कई स्थानों पर “शुद्ध जल नगर निगम खंडवा” के नाम से स्थापित पानी के प्याऊ या तो बंद पड़े हैं या फिर उनमें पानी की व्यवस्था नहीं है। जलेबी चौक स्थित एक प्याऊ पर पानी रखने की टंकी, जिसे स्थानीय भाषा में राजन कहा जाता है, पूरी तरह से फूटी हुई पड़ी है। वहां न तो पानी उपलब्ध है और न ही किसी प्रकार की देखरेख की व्यवस्था नजर आती है। वहीं नगर निगम कार्यालय के पास स्थित प्याऊ की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। यहां कुछ टंकियों में पानी तो है, लेकिन अधिकांश टंकियां खाली पड़ी हैं। इसके अलावा वहां कोई सेवादार भी मौजूद नहीं है, जो राहगीरों को पानी उपलब्ध करा सके। ऐसे में आम नागरिकों को भीषण गर्मी में राहत मिलने के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा केवल दिखावे के लिए ये प्याऊ लगाए गए हैं, जबकि उनके रखरखाव और नियमित निरीक्षण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि इन सुविधाओं का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। अब यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। दूसरी और कचरा वाहन कई वार्डों में महीने में 15 दिन ही आते हैतो क्या डीजल व्यय महीने का निकलता है इस संबंध में ANT स्वास्थ अधिकारी को शिकायत कर चुका कोई सुधार नहीं है देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस लापरवाही पर क्या कदम उठाते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं। ANT News ऑल न्यूज टाइम्स, टीम रफीक तिगला, श्याम तेजी के साथ सहायक संपादक रजाक खान कीग्राउंड रिपोर्ट। चैनल को सब्सक्राइब, लाइक, शेयर और कमेंट ज़रूर कीजिए। अपना ख्याल रखें, आदाब, नमस्ते।
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में जबलपुर में एमपी संख्या 137/2026 (श्रीमती मीना वर्मा बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य) दिनांक: 26-03-2026 श्री साकेत अग्रवाल - याचिकाकर्ता के अधिवक्ता। श्री नवीन आहूजा - प्रतिवादी संख्या 1/राज्य के सरकारी अधिवक्ता। श्री जुबिन प्रसाद - प्रतिवादी संख्या 2 के अधिवक्ता। प्रतिवादी/नगर निगम के विद्वान अधिवक्ता ने जोरदार तर्क दिया है कि जिस भूमि पर खाद्य क्षेत्र के लिए अस्थायी दुकानें बनाई जानी हैं, वह नवचंडी मेला क्षेत्र की सीमा दीवार के बाहर है। हालाँकि, इस न्यायालय के इस विशिष्ट प्रश्न के उत्तर में कि क्या 16 एकड़ भूमि, जिसे नवचंडी मेले के लिए अलग रखा गया था और नगर निगम के आम सभा के दिनांक 31.01.1996 के प्रस्ताव के अनुसार सार्वजनिक प्रयोजन के लिए अलग रखा गया है, प्रतिवादी/नगर निगम के विद्वान वकील इस प्रश्न का उत्तर देने में असमर्थ थे। खंडवा नगर निगम के आयुक्त से अनुरोध है कि वे एक विशिष्ट हलफनामा दाखिल करें जिसमें यह बताया जाए कि जिस भूमि पर खाद्य क्षेत्र प्रस्तावित है, वह 16 एकड़ भूमि का हिस्सा है या उससे बाहर है। यह हलफनामा सीमा दीवार के मामले में आवश्यक नहीं है, बल्कि खाद्य क्षेत्र के स्थान के मामले में आवश्यक है कि क्या यह 16 एकड़ भूमि क्षेत्र के भीतर है या उससे बाहर है।1
- Post by ललित दुबे ( पत्रकार )1
- Post by (स्टार मध्य प्रदेश समाचार)1
- Post by Masood Javed Qadri1
- Post by Arjun Ray1
- Post by Rupali gosai1
- Post by Danish Raza Khan1
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि अयोध्या नगरी में पंचकल्याण के तहत धार्मिक उत्सव के साथ तप कल्याण दिवस मनाया गया। बिना आत्म नियंत्रण से आप अहम और वहम से दूर नहीं रह पाओगे, ,,मुनि श्री आदित्य सागर,, को धार्मिक अनुष्ठान में शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार, सद्भावना मंच अ, प्रमोद जैन, जगदीश चौरे सुभाष मीणा कल भी पहुंचे। खंडवा। हम खंडवा में जब से आए हैं जीवन को उत्सव बनाने की चर्चा चल रही है,केवल सुन लेने से काम नहीं होता,उसे गुनना जरूरी है,धर्म सभा में आना पड़ा है तो व्यर्थ है, आए हो तो ही सार्थक होगा।,आत्म नियंत्रण जिसके पास है उनके जीवन मे उत्सव,महोत्सव है,जिसके पास आत्म नियंत्रण होगा वह कभी दुखी नहीं होता हमेशा सुखी रहता है, यह उधर पंचकल्याणक के चौथे दिन तप महोत्सव दिवस को संबोधित करते हुए मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने व्यक्त किये। मुनि श्री ने कहा कि अपने जीवन को सफल बनाने के लिए नाभीराय राजा के पुत्र आदि कुमार ने भी संसार की धन संपत्ति छोड़कर तप करते हुए कल्याण का मार्ग अपनाया। जीवन की सबसे ज्यादा समस्या आत्म नियंत्रण के कंट्रोल की कमी से होता है,आत्म नियंत्रण आ गया तो काम बन गया और चला गया तो काम बिगड़ जाता है,जीवन का हर क्षण आत्म नियंत्रण के साथ होना चाहिए,नियंत्रण जैसे बिगड़ता है सब काम बिगड़ जाता है, मुनि श्री ने कहा कि जो बिक जाए वह इंसान नहीं, गुरु भक्ति से जिंदगी बनती है, आप में श्रद्धा और भक्ति है तो गुरु पैसे कौ नही देखते हैं,बिना आत्म नियंत्रण से आप वहम एवं अहम से दूर नही रह पाओगे,जितना भी कमा लो काम में आने वाला नहीं है, और धन आपने धर्म मे लगा दिया तो सार्थक हो जाओगे,अपने जीवन को उत्सव बनाना है तो (सेल्फ कंट्रोल)आत्म नियंत्रण की और आना है पंचकल्याणक का यह चरण (चौथा दिन) भगवान के जीवन की सबसे बड़ी घटना है, जो सामान्य मनुष्यों को भी वैराग्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया की तीन दिनों खंडवा में जैन धर्म का बड़ा धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक महोत्सव अयोध्या नगरी तापड़िया गार्डन में चल रहा है। बड़ी संख्या में समाचार उपस्थित होकर इस महोत्सव का लाभ प्राप्त कर रहे है। पंचकल्याण महोत्सव के चौथे दिन पंचकल्याणक में तप कल्याणक (दीक्षा कल्याणक) बनाया गया यह पावन अवसर है जब तीर्थंकर सांसारिक सुखों का त्याग कर वैराग्य के मार्ग पर बढ़ते हैं और आत्मशुद्धि के लिए तपस्या करते हैं। यह महोत्सव मोह-माया को छोड़कर संयम धारण करने, आत्मा की शक्ति को पहचानने और कर्मों के निर्जरा का संदेश देता है, जो मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करता है मुझ पर मंच पर बुनियादी मुनि आदित्य सागर जी महाराज के ससंध सानिध्य में विधानाचार्य पीयूष जी जैन भैया जी द्वारा तप और दीक्षा की क्रियाएं करवाई गई।1