बांदा शहर के पल्हरी रोड पर शनिवार को 80 वर्ष से अधिक पुराने बरगद, नीम और पीपल के पेड़ों को काटे जाने के विरोध में स्थानीय निवासियों, प्रबुद्ध जनों और छात्रों ने मोर्चा खोल दिया। सूचना मिलने पर पत्रकारों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं और छात्र नेताओं सहित भारी संख्या में जनसमुदाय मौके पर पहुँच गया और मानव श्रृंखला बनाकर पेड़ों के अवैध कटान को तुरंत रुकवाया। विरोध के दौरान यह देखा गया कि एक पेड़ का कुछ हिस्सा पहले ही काटा जा चुका था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूर्व में भी इन पेड़ों को काटने का प्रयास किया गया था और आरोप लगाया कि अधिकारी स्वयं कटान के आदेश न देने की बात कहते हैं, फिर भी बाहरी लोग बार-बार पेड़ों को काटने आ जाते हैं। उनका कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण पहले ही हो चुका है और लाइट के खंभों व नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के बावजूद इन ऐतिहासिक पेड़ों को निशाना बनाया जा रहा है। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पूर्व छात्रनेता रितेश त्रिपाठी ने बांदा के बढ़ते तापमान पर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि इसी तरह अनियोजित तरीके से पेड़ों का कटान जारी रहा, तो बांदा का तापमान 52°C के पार चला जाएगा। छात्र नेता अमित यादव और शमशेर यादव ने इसे अधिकारियों की मिलीभगत करार देते हुए चेताया कि यदि पेड़ों के कटान पर पूर्ण विराम नहीं लगा, तो छात्र समुदाय बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। प्रदर्शनकारियों ने बांदा के जिलाधिकारी और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की, जिसके बाद पेड़ों की कटाई पर अस्थाई रोक लगा दी गई। छात्र नेता लव सिन्हा और शैलेंद्र कुमार वर्मा ने अधिकारियों से फोन पर भी संपर्क किया। सभी की मांग है कि पेड़ों को बचाने और उनकी कटाई पर लिखित रूप से रोक लगाई जाए। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर इन पेड़ों को संरक्षित करने और अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है। विरोध प्रदर्शन में शिवम निगम, रितेश त्रिपाठी, राहुल द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला, अभय निगम, लव सिन्हा, शैलेंद्र कुमार वर्मा, दीपक गुप्ता, अमित यादव, अरविंद श्रीवास्तव, शमशेर यादव, अविनाश निगम, अतुल साहू, राहुल त्रिपाठी, यश त्रिवेदी, ओम राजपूत और कार्तिक समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
बांदा शहर के पल्हरी रोड पर शनिवार को 80 वर्ष से अधिक पुराने बरगद, नीम और पीपल के पेड़ों को काटे जाने के विरोध में स्थानीय निवासियों, प्रबुद्ध जनों और छात्रों ने मोर्चा खोल दिया। सूचना मिलने पर पत्रकारों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं और छात्र नेताओं सहित भारी संख्या में जनसमुदाय मौके पर पहुँच गया और मानव श्रृंखला बनाकर पेड़ों के अवैध कटान को तुरंत रुकवाया। विरोध के दौरान यह देखा गया कि एक पेड़ का कुछ हिस्सा पहले ही काटा जा चुका था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूर्व में भी इन पेड़ों को काटने का प्रयास किया गया था और आरोप लगाया कि अधिकारी स्वयं कटान के आदेश न देने की बात कहते हैं, फिर भी बाहरी लोग बार-बार पेड़ों को काटने आ जाते हैं। उनका कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण पहले ही हो चुका है और लाइट के खंभों व नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के बावजूद इन ऐतिहासिक पेड़ों को निशाना बनाया जा रहा है। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पूर्व छात्रनेता रितेश त्रिपाठी ने बांदा के बढ़ते तापमान पर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि इसी तरह अनियोजित तरीके से पेड़ों का कटान जारी रहा, तो बांदा का तापमान 52°C के पार चला जाएगा। छात्र नेता अमित यादव और शमशेर यादव ने इसे अधिकारियों की मिलीभगत करार देते हुए चेताया कि यदि पेड़ों के कटान पर पूर्ण विराम नहीं लगा, तो छात्र समुदाय बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। प्रदर्शनकारियों ने बांदा के जिलाधिकारी और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की, जिसके बाद पेड़ों की कटाई पर अस्थाई रोक लगा दी गई। छात्र नेता लव सिन्हा और शैलेंद्र कुमार वर्मा ने अधिकारियों से फोन पर भी संपर्क किया। सभी की मांग है कि पेड़ों को बचाने और उनकी कटाई पर लिखित रूप से रोक लगाई जाए। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर इन पेड़ों को संरक्षित करने और अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है। विरोध प्रदर्शन में शिवम निगम, रितेश त्रिपाठी, राहुल द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला, अभय निगम, लव सिन्हा, शैलेंद्र कुमार वर्मा, दीपक गुप्ता, अमित यादव, अरविंद श्रीवास्तव, शमशेर यादव, अविनाश निगम, अतुल साहू, राहुल त्रिपाठी, यश त्रिवेदी, ओम राजपूत और कार्तिक समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम में 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' विषयवस्तु के अंतर्गत एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के योग प्रशिक्षक श्री अनुराग सोनी और उनके विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए योगाभ्यास का सफल संचालन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ एयरपोर्ट निदेशक श्री धीरेन्द्र सिंह ने योग प्रशिक्षक श्री अनुराग सोनी और उनके विद्यार्थियों का स्वागत करके किया। इसके उपरांत, एयरपोर्ट निदेशक, विभिन्न विभागाध्यक्षों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन किया। योग प्रशिक्षक श्री अनुराग सोनी ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का प्रदर्शन कराया, साथ ही उनके वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक लाभों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, तनाव को कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है तथा बढ़ती आयु में भी शरीर को स्वस्थ एवं सक्रिय बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है। महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का यह आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी किला मैदान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस आयोजन में आमजन, छात्र, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि "स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।" उन्होंने योग को भारत की प्राचीन परंपरा बताते हुए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने योग के वैश्विक प्रसार के लिए नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना भी की। झांसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य संदेश रहा: "योग अपनाइए, निरोग रहिए।"1
- रामनगरी अयोध्या में हाल ही में राजनीतिक हलचल देखने को मिली है, जहाँ आम आदमी पार्टी (आप) ने एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शनकारियों के बयानों के संबंध में विस्तृत जानकारी, साथ ही प्रदर्शन की तस्वीरें, एक वीडियो में देखने को कही गई हैं।2
- आज संपूर्ण भारतवर्ष सहित पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर, सभी देशवासियों से यह विशेष आग्रह किया गया है कि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। यह रिपोर्ट 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए लाल चंद सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- अयोध्या की बीकापुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर और बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने मिलकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का सख्त रुख देखने को मिला, जहाँ उन्होंने चार अधिकारियों का वेतन रोकने और अनुपस्थित कर्मचारियों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 350 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें से 42 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। गौरा निवासी राजेश कुमार पाण्डेय की चकमार्ग पटाई से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने बीकापुर के एसडीएम और तारुन के बीडीओ को सोमवार तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, शिकायतकर्ता रजत पाण्डेय की शिकायत के आधार पर एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह का वेतन रोकने के साथ ही जांच के आदेश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, बड़नपुर निवासी मीरा देवी की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले में लेखपाल राकेश सिंह, अभिषेक भारती और अतुल सिंह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस संबंधी शिकायतों की सुनवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए, जबकि विधायक ने अधिकारियों से जनहित के मामलों को प्राथमिकता देने की बात कही। इस चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन कई फरियादियों को जिलाधिकारी से मिल न पाने का मलाल रहा और उन्हें उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर संतोष करना पड़ा। तहसील दिवस से निकलने के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने लापरवाही पर चार का वेतन रोके जाने और अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश की जानकारी दी।3
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया दिनदहाड़े और रात-दिन जेसीबी और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर रहे हैं, जिससे माझा जमथरा का सीना चीरा जा रहा है। आरोपों के अनुसार, जिम्मेदार विभाग इस पर आँखें मूंदे बैठा है और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। लोगों का यह भी सवाल है कि सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी, और कौन ईमानदार प्रशासनिक छवि वाले जिलाधिकारी व एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस अवैध खनन के खेल पर कब लगाम लगती है।1
- आम आदमी पार्टी ने चंपत राय के विरोध में एक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आम आदमी पार्टी द्वारा दिया गया ज्ञापन स्वीकार कर लिया।1
- अयोध्या में आम आदमी पार्टी (आप) ने श्री राम मंदिर के ट्रस्टी चंपत राय के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चंपत राय पर धावा बोला और उनके विरुद्ध अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। इस प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को सड़क पर ही रोक दिया और उनका ज्ञापन स्वीकार किया।1