रायगढ़ के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मस्जिदपारा में झाड़ियों के बीच बोरी में बंद मिली महिला की लाश का सनसनीखेज मामला हत्या का निकला है, जिसे पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बीती 13 जुलाई को मस्जिदपारा स्थित एक बाड़ी परिसर की झाड़ियों में प्लास्टिक की बोरी से ढका हुआ 48 वर्षीय राजकुमारी चौहान का शव बरामद हुआ था। मृतका अपने पति मोहब्बत चौहान के साथ पिछले करीब एक साल से वहीं रहकर काम करती थी। दोनों ही शराब के आदी थे और आरोपी अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। घटना के बाद से आरोपी फरार था, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा हो गया था। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतका के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी ठोस वस्तु से गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हुई थी। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद आरोपी पति मोहब्बत चौहान ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने उसका की-पैड मोबाइल फोन किसी के पास गिरवी रख दिया था, जिसे लेकर 12 जुलाई की रात दोनों के बीच भारी विवाद हुआ था। इसी गुस्से में आकर उसने लकड़ी के चौड़े पट्टे से पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का पट्टा भी बरामद कर लिया गया है। प्रारंभिक पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले अपने ससुर की हत्या के आरोप में भी जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में धरमजयगढ़ पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की।
रायगढ़ के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मस्जिदपारा में झाड़ियों के बीच बोरी में बंद मिली महिला की लाश का सनसनीखेज मामला हत्या का निकला है, जिसे पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बीती 13 जुलाई को मस्जिदपारा स्थित एक बाड़ी परिसर की झाड़ियों में प्लास्टिक की बोरी से ढका हुआ 48 वर्षीय राजकुमारी चौहान का शव बरामद हुआ था। मृतका अपने पति मोहब्बत चौहान के साथ पिछले करीब एक साल से वहीं रहकर काम करती थी। दोनों ही शराब के आदी थे और आरोपी अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। घटना के बाद से आरोपी फरार था, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा हो गया था। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतका के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी ठोस वस्तु से गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हुई थी। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद आरोपी पति मोहब्बत चौहान ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने उसका की-पैड मोबाइल फोन किसी के पास गिरवी रख दिया था, जिसे लेकर 12 जुलाई की रात दोनों के बीच भारी विवाद हुआ था। इसी गुस्से में आकर उसने लकड़ी के चौड़े पट्टे से पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का पट्टा भी बरामद कर लिया गया है। प्रारंभिक पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले अपने ससुर की हत्या के आरोप में भी जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में धरमजयगढ़ पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की।
- बिलासपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 49 नाइट्राज़ेपाम की नशीली गोलियों के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। अरपा नदी स्थित पचरी घाट के पास घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस ने नशीली गोलियों के अलावा अवैध बिक्री से प्राप्त ₹760 नकद भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा की गई। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाकर पुराना हाईकोर्ट के पीछे रहने वाले 20 वर्षीय आरोपी लक्की उर्फ लकेश्वर यादव को दबोचा और उसकी तलाशी ली। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 433/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21(बी), 22(बी) एवं 29 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे न्यायालय में पेश करने की आगे की कार्रवाई की है।1
- बिलासपुर के तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा 9वीं और 11वीं के कई छात्रों के परीक्षा परिणाम में फेल होने के बाद उनके परिजनों ने स्कूल पहुंचकर भारी हंगामा किया। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर जानबूझकर बच्चों को फेल करने और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। दर्जनों बच्चों को फेल किए जाने के इस मामले में परिजनों के हंगामे के बीच मैडम द्वारा 'नहीं करूंगी पास' कहने की बात भी सामने आई है। दूसरी तरफ, स्कूल प्रबंधन ने परिजनों के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्रों को अवसर परीक्षा का मौका भी दिया गया था, लेकिन निर्धारित मापदंड पूरे न करने के कारण उन्हें पास नहीं किया जा सकता। स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर किसी भी छात्र को अगली कक्षा में प्रमोट करना संभव नहीं है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बाल संप्रेषण गृह के चौकीदार की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने प्रयागराज से दिनेश राठिया नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी रजनेश सिंह के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपी हत्या के समय बालिग हो चुके थे। हालांकि, उनके पुराने अपराध किशोरावस्था के समय के थे, जिसके कारण उन्हें प्लेस ऑफ सेफ्टी यूनिट में रखा गया था। इस मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें अलग-अलग राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं।1
- छत्तीसगढ़ में नकटी गांव को न्याय दिलाने की मांग के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना इस गांव को न्याय कैसे दिलाएगी। इस पूरे मामले को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है और हर कोई यह जानना चाहता है कि नकटी गांव के हक की लड़ाई में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना आगे क्या कदम उठाने जा रही है।1
- बलौदाबाजार के कसडोल-गिधौरी मार्ग पर ग्राम नवापारा धमलपुर के पास शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां मूसलाधार बारिश और घने अंधेरे के बीच दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत हो गई। दरअसल, तकनीकी खराबी के चलते मुख्य सड़क पर खड़े एक भारी वाहन को पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चालक केबिन के अंदर ही फंस गए। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन और थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप बंजारे के नेतृत्व में गिधौरी थाना पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग और डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। भारी बारिश और बेहद कम दृश्यता के बावजूद पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने बेहद सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए क्षतिग्रस्त केबिन को काटकर अंदर फंसे चालकों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक चालक को तत्काल पुलिस वाहन से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस सफल रेस्क्यू के बाद पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को बीच सड़क से हटवाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और यातायात नियंत्रित करने के बाद मार्ग पर आवागमन को पूरी तरह बहाल कराया जा सका। विपरीत मौसम और कठिन परिस्थितियों में गिधौरी पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग और डायल-112 की टीम द्वारा दिखाई गई त्वरित कार्रवाई, निर्णय क्षमता और संवेदनशीलता की स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने जमकर सराहना की है।1
- बिलासपुर जिले में फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 10 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 2 स्थायी वारंट और 8 गिरफ्तारी वारंटों को सफलतापूर्वक तामील कराया है। ये सभी आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिन्हें पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर गिरफ्तार किया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस द्वारा अंजाम दी गई। इस अभियान के दौरान पुलिस ने 6 अन्य गिरफ्तारी वारंटियों की भी तलाश की, लेकिन जांच में पता चला कि वे पहले से ही अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जिसके कारण उनके संबंध में गिरफ्तारी वारंट अदम तामील किए गए। सिटी कोतवाली पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायालय द्वारा जारी वारंटों का समय पर तामील कराना और जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए 16 जुलाई 2026 को 2 स्थायी वारंट और 8 गिरफ्तारी वारंटों को सफलतापूर्वक तामील किया। इस कार्रवाई के तहत लंबे समय से फरार चल रहे कुल 10 वारंटियों को गिरफ्तार कर विधिवत रूप से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। अभियान के दौरान जब 6 अन्य वारंटियों की तलाश की गई, तो वे पहले से ही अलग-अलग जेलों में बंद मिले, जिनके संबंध में नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई है। यह विशेष अभियान पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पंकज कुमार पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री गगन कुमार (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना और न्यायालय से जारी लंबित वारंटों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है। सिटी कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1