बरेली में 8वीं के छात्र ने मात दी फर्जी ATS अफसरों को! तन्मय बना ‘साइबर हीरो’, परिवार को ठगी से बचाया जहां एक तरफ साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं बरेली में कक्षा 8 में पढ़ने वाले एक छात्र तन्मय ने अपनी सूझबूझ से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। दरअसल, तन्मय के परिवार को कुछ लोगों ने खुद को एटीएस (ATS) का अधिकारी बताकर डराने और ठगी करने की कोशिश की। लेकिन तन्मय ने उनकी बातों में आने के बजाय समझदारी दिखाई और तुरंत स्थिति को पहचान लिया। उसने न सिर्फ फर्जी कॉल करने वालों की चाल पकड़ ली, बल्कि अपने माता-पिता को भी सतर्क कर दिया। तन्मय की इसी सतर्कता और जागरूकता के चलते एक बड़ा साइबर फ्रॉड होने से बच गया। उसकी इस बहादुरी और समझदारी को देखते हुए उसे “साइबर सिक्योरिटी एंबेसडर” के रूप में सम्मानित किया गया है। क्यों बन रहा चर्चा का विषय? कम उम्र में साइबर अपराध की समझ फर्जी अधिकारियों की चाल पहचानना पूरे परिवार को आर्थिक नुकसान से बचाना अब तन्मय पूरे जिले में एक मिसाल बन गया है और लोग उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे। प्रशासन भी इस घटना को लोगों के लिए जागरूकता का बड़ा उदाहरण बता रहा है। संदेश साफ है: अगर एक 8वीं का बच्चा साइबर ठगी को पहचान सकता है, तो हम सबको भी सतर्क रहने की जरूरत है। पूरे मामले में बरेली पब्लिक एप की टीम हैदर अली द्वारा बच्चे से बात की गई तो उसने आज शनिवार समय लगभग दोपहर के 3:00 बजे पूरी जानकारी देते हुए बताया
बरेली में 8वीं के छात्र ने मात दी फर्जी ATS अफसरों को! तन्मय बना ‘साइबर हीरो’, परिवार को ठगी से बचाया जहां एक तरफ साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं बरेली में कक्षा 8 में पढ़ने वाले एक छात्र तन्मय ने अपनी सूझबूझ से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। दरअसल, तन्मय के परिवार को कुछ लोगों ने खुद को एटीएस (ATS) का अधिकारी बताकर डराने और ठगी करने की कोशिश की। लेकिन तन्मय ने उनकी बातों में आने के बजाय समझदारी दिखाई और तुरंत स्थिति को पहचान लिया। उसने न सिर्फ फर्जी कॉल करने वालों की चाल पकड़ ली, बल्कि अपने माता-पिता को भी सतर्क कर दिया। तन्मय की इसी सतर्कता और जागरूकता के चलते एक बड़ा साइबर फ्रॉड होने से बच गया। उसकी इस बहादुरी और समझदारी को देखते हुए उसे “साइबर सिक्योरिटी एंबेसडर” के रूप में सम्मानित किया गया है। क्यों बन रहा चर्चा का विषय? कम उम्र में साइबर अपराध की समझ फर्जी अधिकारियों की चाल पहचानना पूरे परिवार को आर्थिक नुकसान से बचाना अब तन्मय पूरे जिले में एक मिसाल बन गया है और लोग उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे। प्रशासन भी इस घटना को लोगों के लिए जागरूकता का बड़ा उदाहरण बता रहा है। संदेश साफ है: अगर एक 8वीं का बच्चा साइबर ठगी को पहचान सकता है, तो हम सबको भी सतर्क रहने की जरूरत है। पूरे मामले में बरेली पब्लिक एप की टीम हैदर अली द्वारा बच्चे से बात की गई तो उसने आज शनिवार समय लगभग दोपहर के 3:00 बजे पूरी जानकारी देते हुए बताया
- बहेड़ी में टेंट हाउस के गोदाम में लगी भीषण आग, रातों-रात लाखों का सामान खाक बरेली (बहेड़ी): नैनीताल रोड स्थित सम्राट टॉकीज के पास नवरंग टेंट हाउस के गोदाम में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा गोदाम लपटों में घिर गया। स्थानीय लोगों ने धुआं उठता देख तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड को बुलाया, जिसके बाद दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। घटना में टेंट हाउस का लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। मालिक सुभाष अरोड़ा के मुताबिक नुकसान काफी बड़ा है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। 🚨 पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल1
- 36 घंटे में मर्डर केस का खुलासा, पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने पुलिस टीम को किया सम्मानित खबर विस्तार से: बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र की पुरानी रेलवे कॉलोनी में 8 अप्रैल 2026 को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान अमन रजा उर्फ अमन खान (उम्र 24 वर्ष) के रूप में हुई, जो एक पार्लर में काम करता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 36 घंटे में बड़ा खुलासा: तेज कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर इस हत्या का खुलासा कर दिया और 19 वर्षीय अभियुक्त समद मुसा को गिरफ्तार कर लिया। हत्या की वजह क्या थी? पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बात सामने आई कि यह हत्या किसी पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि सोशल मीडिया विवाद के चलते हुई। अभियुक्त इंस्टाग्राम पर रील बनाता था, जिस पर मृतक द्वारा किए गए कमेंट और इमोजी को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और यही विवाद हत्या की वजह बन गया। कैसे की गई हत्या? पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद अभियुक्त ने सुनियोजित तरीके से अमन को बुलाया और मौका पाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में फेंक दिया गया, ताकि मामला छुपाया जा सके। पुलिस टीम का सम्मान: इस पूरे मामले का तेजी से खुलासा करने पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने कोतवाली क्राइम इंस्पेक्टर, कोतवाली प्रभारी, चौकी इंचार्ज बिहारीपुर, विवेचना अधिकारी, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया और पुष्प वर्षा कर उनका हौसला बढ़ाया इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर छोटी-छोटी बातें भी बड़े अपराध का कारण बन सकती हैं। कैमरा मैन के साथ, शहाबुद्दीन हिंदुस्तान खबर 7, बरेली1
- #बरेली में “THE SOVEREIGN” कंपनी का भव्य शुभारंभ, गणमान्य हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति#1
- शहर के सिविल लाइन्स क्षेत्र में “THE SOVEREIGN” कंपनी के कार्यालय का भव्य शुभारंभ किया गया। इस खास मौके पर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों के साथ-साथ पत्रकार बंधु भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कंपनी के CEO और Founder अहमद अब्दुल्लाह और President सैम मैसी की अगुवाई में हुई। उन्होंने बताया कि “THE SOVEREIGN” नई सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समाज में बेहतर अवसर देने का काम करेगा। समारोह के मुख्य अतिथि एडवोकेट विकास बाबू जी ने फीता काटकर उद्घाटन किया और इस पहल को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं, विशिष्ट अतिथि सुशील कुमार गौतम जी ने भी कंपनी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पूरे माहौल में उत्साह देखने को मिला और यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- बरेली। एक फोन कॉल… एक डर… और फिर जिंदगी भर की कमाई गायब। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जा रही खतरनाक साइबर ठगी की हकीकत है। बरेली में साइबर ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर एक परिवार को आतंकवाद से जुड़े होने का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए घंटों बंधक बनाए रखा। बैंक खातों से लेकर पूरी जमा पूंजी की जानकारी हासिल कर ली गई। लेकिन परिवार के एक 14 साल के बच्चे की समझदारी ने बड़ा नुकसान होने से बचा लिया। अब पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। एक फोन कॉल, एक डर और फिर जिंदगी भर की कमाई गायब । कहानी नहीं हकीकत डिजिटल अरेस्ट की। डिजिटल अरेस्ट कोई कानून नहीं है बल्कि साइबर अपराधियों की सबसे खतरनाक बड़ी साजिश है। ताजा मामला बरेली शहर का है जहां पर इस बार साइबर ठगों ने एटीएस का अधिकारी बनकर आतंकवादियों से संबंध होने की धमकी देकर एक परिवार को अपने चुंगल में फांस लिया। बैंक खातों से लेकर परिवार की सारी जमा पूंजी अपने पास बंधक कर ली। लेकिन परिवार के एक मासूम बच्चे की सक्रियता के चलते परिवार की जिंदगी भर की कमाई लुटने से बच गई। फिलहाल अब अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन की ओर से साइबर ठगो के खिलाफ ऑपरेशन छेड़ दिया गया है। पुलिस अधिकारियों की माने तो जागरूकता ही बचाव है। नहीं तो जो डर गया वह लुट गया । जानिए बरेली में किस तरह से शातिर साइबर ठगो ने एटीएस का अधिकारी बनकर ठगी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की है। पूरा मामला थाना प्रेम नगर इलाके का है। दरअसल यहां के रहने वाले संजय सक्सेना अपनी पत्नी और इकलौते बेटे के साथ रहते हैं। पत्नी एक निजी स्कूलों में शिक्षिका है । संजय सक्सेना एक जनरल स्टोर की दुकान चलाते हैं । जबकि बेटा तन्मय सक्सेना आठवीं क्लास का स्टूडेंट है। 2 दिन पहले फोन पर आई एक कॉल ने इस छोटे से तीन लोगों के परिवार में हलचल मचा दी। हलचल ऐसी की परिवार बर्बाद होने की दहलीज पर पहुंच गया। साइबर ठगों ने एटीएस का अधिकारी बताकर फोन कॉल करके कहा आप लोगों के आतंकवादियों से संबंध हैं ।आपके खातों में सैकड़ो करोड़ का लेनदेन किया गया है। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले संजय सक्सेना डर गए। वीडियो कॉल पर वर्दी वाला ऑफिसर देख पूरा परिवार दहशत में आ गया। और इसके बाद तीन लोगों के इस छोटे से परिवार को वीडियो कॉल के जरिए ठगों बंधक बना लिया। खाना पीना उठना बैठना सब वीडियो कॉल के सामने ही चल रहा था। और इसके बाद खातों से लेकर पूरी जमा पूंजी की जानकारी ठगों ने जुटा ली। 10 घंटे तक लगातार बंधक रहने के बाद 14 साल के बेटा तन्मय की हिम्मत जवाब दे गई। उसने फौरन ही अपने पापा से पुलिस की मदद लेने की बात कही। इकलौता बेटा की हिफाजत जान संजय ने बेटे को डपट दिया। कुछ देर बेटा शांत रहा लेकिन उसे माता-पिता का ये हाल देखा नहीं गया । माता पिता घर में बने हुए मंदिर के सामने बैठकर रो-रो कर परिवार की सलामती बनाए रखने की दुआएं करते रहे। लेकिन साइबर ठग लगातार धमकी देते रहे और इसके बाद बेटे ने हिम्मत जुटा फोन कॉल को डिस्कनेक्ट कर 1930 पर पुलिस को कॉल कर दी। और उसके बाद बरेली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार को साइबर ठगों से मुक्त करवाया। और अब पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइट - आशुतोष शिवम डिप्टी एसपी बरेली फिलहाल साइबर अपराधियों का यह पूरा खेल मानसी अरेस्ट का था। कि जो डर गया वहीं फंस गया। ठग कभी सीबीआई अफसर बात कर कभी इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर तो कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर वीडियो कॉल करते हैं। अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि साइबर ठगी के मामले में जागरूकता ही बचाव है। फिलहाल अब अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन के आदेश के बाद अब बरेली समेत आसपास के जिलों में साइबर ठगी के खिलाफ मुहिम तेज कर दी गई है। इस तरह की कॉल आती हैं तो तुरंत पुलिस को सूचना दे।1
- बुजुर्ग के मकान पर भाई का कब्जा, एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार1
- गांधी उद्यान में नमाज़ का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस बरेली। थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित गांधी उद्यान पार्क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में शाहरुख नाम का युवक अपने साथी के साथ पार्क में नमाज़ अदा करता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो को खुद बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के बीच सार्वजनिक स्थलों के उपयोग को लेकर बहस शुरू हो गई है। वहीं कुछ लोगों ने मामले में प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग भी की1