उत्तर प्रदेश सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने बुलंदशहर के ककोड़ क्षेत्र में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया है। इस अभियान के तहत ककोड़ कोतवाली सहित सभी सरकारी विभागों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ककोड़ कोतवाली परिसर में प्रभारी निरीक्षक सरजेश कुमार ने स्वयं पौधा लगाकर इस मुहिम की शुरुआत की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने मिलकर परिसर में सैकड़ों पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। प्रभारी निरीक्षक सरजेश कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" केवल एक सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि यह हमारी प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी पूरी जिम्मेदारी के साथ देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण मिल सके। कोतवाली परिसर के साथ-साथ ककोड़ क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विभागों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत परिसरों और अन्य कार्यालयों में भी पूरे उत्साह के साथ पौधरोपण किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस पूरे अभियान के दौरान मुख्य रूप से छायादार और फलदार प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी गई, जिसका उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा करना, हरियाली बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और इसे समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया।
उत्तर प्रदेश सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने बुलंदशहर के ककोड़ क्षेत्र में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया है। इस अभियान के तहत ककोड़ कोतवाली सहित सभी सरकारी विभागों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ककोड़ कोतवाली परिसर में प्रभारी निरीक्षक सरजेश कुमार ने स्वयं पौधा लगाकर इस मुहिम की शुरुआत की। इस दौरान
पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने मिलकर परिसर में सैकड़ों पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। प्रभारी निरीक्षक सरजेश कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" केवल एक सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि यह हमारी प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से भावुक अपील करते हुए
कहा कि हर व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी पूरी जिम्मेदारी के साथ देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण मिल सके। कोतवाली परिसर के साथ-साथ ककोड़ क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विभागों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत परिसरों और अन्य कार्यालयों में भी पूरे उत्साह के साथ पौधरोपण किया गया। अधिकारियों
और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस पूरे अभियान के दौरान मुख्य रूप से छायादार और फलदार प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी गई, जिसका उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा करना, हरियाली बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और इसे समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया।
- उत्तर प्रदेश सरकार के "वृक्षारोपण महाअभियान" के तहत बुलंदशहर के चोला और ककोड़ थाना परिसरों में रविवार को वृहद पौधा रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चोला थाना परिसर में इस अभियान की शुरुआत थाना प्रभारी बलराम सिंह सेंगर के नेतृत्व में हुई, जिसके तहत थाना गेट, बैरक और परेड ग्राउंड में लगभग 300 पौधे लगाए गए। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नीम, पीपल, बरगद, अशोक और अमरूद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि "एक थाना-एक उपवन" की तर्ज पर थाना परिसर को पूरी तरह हरा-भरा बनाया जाएगा और सभी पुलिसकर्मियों को इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। इसी कड़ी में ककोड़ थाना परिसर में भी थाना प्रभारी सर्जेश कुमार यादव की अगुवाई में बड़े पैमाने पर पौधा रोपण किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लेखपाल, ग्राम प्रधान और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहाँ 280 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए और बच्चों को "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ" का संदेश दिया गया। इस अभियान के दौरान एसडीएम दिनेश चंद ने कहा कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का काम भी करती है; थानों में इस तरह के पौधा रोपण से आम जनता को भी प्रेरणा मिलेगी। वहीं सीओ दीपक कुमार ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लगाए गए सभी पौधों की 3 साल तक निरंतर देखभाल की जाए और गर्मियों में इनमें पानी देने की विशेष ड्यूटी तय की जाए। इस अवसर पर चोला और ककोड़ थानों के पुलिसकर्मियों ने प्लास्टिक का उपयोग कम करने और हर महीने कम से कम एक पौधा लगाने की शपथ ली। परिसर में "हरा-भरा थाना" बोर्ड भी लगाया गया। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने भी पूरे उत्साह के साथ पौधा रोपण किया और हरियाली की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी, नगर पंचायत कर्मी और स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे।1
- बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन चौकी क्षेत्र में फ्लाईओवर के पास रहने वाले दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस मामले में मृतक के भाई और मां पर ही हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की पूरी जांच में जुट गई है। दीपक अपनी पत्नी राजकुमारी और दो बच्चों, छह वर्षीय अवि व चार वर्षीय मेघना के साथ रहता था। करीब 15 दिन पहले ही उसकी पत्नी राजकुमारी अपने दोनों बच्चों को लेकर अपने मायके अनूपशहर के गांव एचौरा चली गई थी। बताया जा रहा है कि लगभग 10 दिन पहले दोनों भाइयों ने अपनी जमीन बेची थी। इसके बाद बीती रात शराब पीने के दौरान इनके बीच आपस में कोई विवाद हुआ था। पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद अस्पताल में एक अजीब स्थिति देखने को मिली, जहां लड़के पक्ष का कोई भी व्यक्ति पोस्टमार्टम के वक्त वहां मौजूद नहीं था। इसके विपरीत, लड़की पक्ष के लोग और उनके रिश्तेदार वहां पहुंच चुके थे। इस संवेदनशील मामले में मृतक की पत्नी राजकुमारी और उसकी साली रश्मि के बयान भी सामने आए हैं।3
- गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस ने एक 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, परिजनों की शिकायत पर 4 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था, जिसमें किशोरी के 2 जुलाई से लापता होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए 7 जुलाई को किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया था। जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई बढ़ाई। इसके बाद 12 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बुलंदशहर निवासी आरोपी कबीर को पंचशील पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी कबीर ने स्वीकार किया कि उसका किशोरी से पिछले डेढ़ वर्ष से परिचय था और वह उसे बहला-फुसलाकर हरिद्वार ले गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।1
- थाना सूरजपुर पुलिस ने घरों में घुसकर चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले चार शातिर बदमाशों को सूरजपुर वेटलैंड के पास स्थित जंगल से रविवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो अभियुक्त वीरपाल और विजयपाल गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पुलिस कॉम्बिंग के दौरान दो अन्य अभियुक्तों अर्जुन कश्यप और अवधेश को भी दबोचा गया। ये चारों आरोपी मूल रूप से कासगंज के रहने वाले हैं और वर्तमान में सूरजपुर में रह रहे थे। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से दो 315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल एक टैक्सी कार, विभिन्न देशों की 56 विदेशी मुद्रा के नोट, दो हाथ की घड़ियां, सोने-चांदी के विभिन्न आभूषण (दो पीली धातु की चेन, एक अंगूठी, एक पेंडेंट, एक कान का झुमका, चेन के टुकड़े, एक सफेद धातु की चेन) और ₹14,275 की नकदी बरामद की है। पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे ऑनलाइन बुकिंग ऐप के माध्यम से टैक्सी चलाने का काम करते थे और इसी की आड़ में घटनाओं को अंजाम देते थे। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने 4/5 जुलाई 2026 की रात को सुनियोजित तरीके से पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी में स्थित घरों को निशाना बनाया था। वारदात के दौरान वीरपाल और अवधेश सोसाइटी की दीवार फांदकर अंदर घुसे थे, जबकि विजयपाल और अर्जुन कार व झाड़ियों की आड़ में बाहर रहकर निगरानी कर रहे थे। वीरपाल ने एक मकान में घुसकर प्रथम मंजिल पर बच्चों के साथ सो रही महिला के जागने पर उसे डराया-धमकाया और गहने, नकदी व पैन कार्ड वाला बैग लूट लिया था। उसी रात उन्होंने सोसाइटी के एक अन्य मकान का दरवाजा तोड़कर भी चोरी की थी, जहां से विदेशी मुद्रा, भारतीय रुपये और दो घड़ियां चोरी की गई थीं। पुलिस ने इन शातिर अपराधियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।3