बाल विवाह को लेकर कार्यशाला का आयोजन साहिबगंज। बाल विवाह रोकने को लेकर साहिबगंज के सिदो कान्हो सभागार में समाज कल्याण विभाग कि ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमे उपायुक्त हेमंत सती ने उपस्थित सभी सेविका, सहिया और ए एन एम दीदी से समाज को जागरूक करने कि अपील कि। उपायुक्त ने कहा कि 1830 में कानून बनने के बाद से अबतक पुरे 200 वर्षो बाद भी हमारा समाज इस अभिशाप से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया हैं. आज भी झारखण्ड में केवल बाल विवाह कि 32% फीसदी मामले सामने आती हैं जो एक गंभीर विषय हैं. और ये तबतक ख़त्म नहीं होगा जबतक हमारा पुरा समाज जागरूक नहीं होगा. इसे रोकने में आप सबो कि अहम् भूमिका हैं आप को अपने आसपास हो रहे ऐसे बाल विवाह को रोकने के लिए आगे आना होगा. इस अभियान से जुड़े एनजिओ से भी उपायुक्त ने ऐसे मामलो में कड़ाई से काम करने कि सलाह दी. उन्होंने साफ कहा कि यदि बाल विवाह के मामले आते हैं तो ना केवल रोकना हैं बल्कि दोषियों के खिलाफ एफ आई आर भी दर्ज कराना हैं. इस कार्यशाला में डीडीसी, निदेशक आईटीडीए, सिविल सर्जन भी सम्बोधन में बाल विवाह को रोकने कि अपील की।
बाल विवाह को लेकर कार्यशाला का आयोजन साहिबगंज। बाल विवाह रोकने को लेकर साहिबगंज के सिदो कान्हो सभागार में समाज कल्याण विभाग कि ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमे उपायुक्त हेमंत सती ने उपस्थित सभी सेविका, सहिया और ए एन एम दीदी से समाज को जागरूक करने कि अपील कि। उपायुक्त ने कहा कि 1830 में कानून बनने के बाद से अबतक पुरे 200 वर्षो बाद
भी हमारा समाज इस अभिशाप से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया हैं. आज भी झारखण्ड में केवल बाल विवाह कि 32% फीसदी मामले सामने आती हैं जो एक गंभीर विषय हैं. और ये तबतक ख़त्म नहीं होगा जबतक हमारा पुरा समाज जागरूक नहीं होगा. इसे रोकने में आप सबो कि अहम् भूमिका हैं आप को अपने आसपास हो रहे ऐसे बाल विवाह को रोकने के लिए आगे
आना होगा. इस अभियान से जुड़े एनजिओ से भी उपायुक्त ने ऐसे मामलो में कड़ाई से काम करने कि सलाह दी. उन्होंने साफ कहा कि यदि बाल विवाह के मामले आते हैं तो ना केवल रोकना हैं बल्कि दोषियों के खिलाफ एफ आई आर भी दर्ज कराना हैं. इस कार्यशाला में डीडीसी, निदेशक आईटीडीए, सिविल सर्जन भी सम्बोधन में बाल विवाह को रोकने कि अपील की।
- शुगर बवासीर जोड़ों के दर्द कमर का दर्द के लिए आप संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 70910778981
- मानवाधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में मानवाधिकार सहायता संघ–भारत ने बांका जिले की कमान श्री मनोज कुमार मिश्रा को सौंप दी है। संगठनात्मक विस्तार के तहत उन्हें जिला अध्यक्ष, बांका (बिहार) के पद पर नियुक्त किया गया है। इस निर्णय को जिले में मानवाधिकार गतिविधियों को नई गति देने वाला अहम कदम माना जा रहा है। प्रदेश कार्यालय, पटना से जारी आदेश के अनुसार श्री मनोज कुमार मिश्रा को मानवाधिकार हनन से जुड़े मामलों में सक्रिय हस्तक्षेप, पीड़ितों को न्याय दिलाने, आम नागरिकों को उनके संवैधानिक और मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मानवाधिकारों की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानवाधिकार सहायता संघ–भारत का मानना है कि श्री मिश्रा के नेतृत्व में बांका जिले में मानवाधिकार संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। उनके अनुभव और सामाजिक सक्रियता से पीड़ित वर्ग को मजबूती मिलेगी और मानवाधिकारों को लेकर जन-जागरूकता अभियान और प्रभावी होंगे। इस नियुक्ति के बाद बांका जिले में सामाजिक संगठनों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। संगठन को उम्मीद है कि यह कदम न केवल मानवाधिकार आंदोलन को सशक्त करेगा, बल्कि समाज में न्याय, समानता और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करेगा।1
- Post by Chandra Purty1
- अमरपुर में अवैध बूचड़खानों पर नगर पंचायत का सख्त एक्शन, बिना ट्रेड लाइसेंस मांस-मछली बिक्री पर छापेमारी शुरू खुले में कट रहा मांस-मुर्गा, गंदगी और बीमारी का खतरा बढ़ा, ईओ ने दी कड़ी चेतावनी अमरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों और बिना ट्रेड लाइसेंस मांस-मछली व खान-पान सामग्री अन्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। ईओ अनुराग कुमार के निर्देश पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। खुले में मांस-मुर्गा काटने, गंदगी फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई तय है। नगर पंचायत ने साफ संदेश दिया है—ट्रेड लाइसेंस नहीं, तो दुकान नहीं।” अमरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में मांस, मछली और मुर्गा की बिक्री से जुड़े नियम-कानूनों की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है। शहर के मुख्य बाजार, बस स्टैंड चौक से लेकर रेफरल अस्पताल तक करीब बीस से अधिक दुकानें बिना किसी वैध ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रही हैं। इन दुकानों पर खुले में मांस, मछली और मुर्गे काटे जा रहे हैं, साथ ही अन्य सामग्री बेचा जाता है जिससे भारी गंदगी फैल रही है और पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। जहां-जहां अवैध बूचड़खाने संचालित हैं, वहां न तो पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई। खून मिला गंदा पानी सीधे नालियों में बहाया जा रहा है, जिससे दुर्गंध के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। समाजसेवी ने बताया कि इन इलाकों में मच्छर, मक्खी और कीड़ों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे आम नागरिकों का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है। लोगों का कहना है कि अवैध बूचड़खानों पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं। इस पूरे मामले पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) अनुराग कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि मांस-मछली और खान-पान सामग्री की बिक्री के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य है। बिना लाइसेंस खुले में मांस, मछली और मुर्गा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ईओ ने बताया कि एक विशेष टीम का गठन कर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है और ट्रेड लाइसेंस नहीं होने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।1
- पंचायत-गंगापुर,प्रखंड-बनमनखी,पुर्णिया मनरेगा बिना का पैसा.....1
- Barihal House building lifting all India Services Kar raha hai1
- Post by Chandan,kumar1
- शुगर बवासीर जोड़ों के दर्द कमर का दर्द के लिए आप संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 70910778981
- बांका में तैनात दरोगा पुरेन्द्र कुमार सिंह का असामयिक निधन, पुलिस महकमे में शोक #BankaPolice #BankaNews1