रहिमापुर मेले में रात की रोशनी से बढ़ी रौनक, उमड़ा जनसैलाब प्रयागराज। रहिमापुर मेले में रात होते ही चहल-पहल और बढ़ गई। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते रास्ते, सजी दुकानें और घूमते लोगों की भीड़ मेले का मुख्य आकर्षण बनी रही। मेले का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रोशनी से सजे मेले की खूबसूरती देखते ही बन रही थी। रास्तों पर लगी हरी और सफेद रोशनी दूर से ही लोगों का ध्यान खींच रही थी। रात के अंधेरे में चमकती लाइटों ने मेले की रौनक को कई गुना बढ़ा दिया। मेले में जगह-जगह लगी दुकानों पर लोगों की खासी आवाजाही रही। लोग घूमते हुए खरीदारी करते और मेले के माहौल का आनंद लेते नजर आए। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक में मेले को लेकर खासा उत्साह दिखा। दुकानों के आसपास लगातार लोगों की आवाजाही से बाजार जैसा माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में लगने वाले ऐसे मेले सामाजिक मेल-मिलाप का बड़ा माध्यम होते हैं। साथ ही ये स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मेले में आए लोगों ने रोशनी और व्यवस्थाओं की सराहना की। मेला आयोजन समिति के अनुसार आने वाले दिनों में भी भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रहिमापुर मेले में रात की रोशनी से बढ़ी रौनक, उमड़ा जनसैलाब प्रयागराज। रहिमापुर मेले में रात होते ही चहल-पहल और बढ़ गई। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते रास्ते, सजी दुकानें और घूमते लोगों की भीड़ मेले का मुख्य आकर्षण बनी रही। मेले का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रोशनी से सजे मेले की खूबसूरती देखते ही बन रही थी। रास्तों पर लगी हरी और सफेद रोशनी दूर से ही लोगों का ध्यान खींच रही थी। रात के अंधेरे में चमकती लाइटों ने मेले की रौनक को कई गुना बढ़ा दिया। मेले में जगह-जगह लगी दुकानों पर लोगों की खासी आवाजाही रही। लोग घूमते हुए खरीदारी करते और मेले के माहौल का आनंद लेते नजर आए। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक में मेले को लेकर खासा उत्साह दिखा। दुकानों के आसपास लगातार लोगों की आवाजाही से बाजार जैसा माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में लगने वाले ऐसे मेले सामाजिक मेल-मिलाप का बड़ा माध्यम होते हैं। साथ ही ये स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मेले में आए लोगों ने रोशनी और व्यवस्थाओं की सराहना की। मेला आयोजन समिति के अनुसार आने वाले दिनों में भी भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- 🌕 Karwa Chauth 2026: प्रयागराज-लखनऊ में कितने बजे निकलेगा चांद? 🌧️ UP Weather Alert | Republic Prayagraj News करवा चौथ पर मौसम ने बढ़ाई चिंता! 🌧️🌙 क्या आज प्रयागराज और लखनऊ में चांद के दर्शन हो पाएंगे? बारिश, बादल और तेज हवाओं के बीच सुहागिनों का इंतजार बढ़ सकता है। जानिए आपके शहर में मौसम का हाल और चंद्रोदय का संभावित समय। 📍 ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें Republic Prayagraj News के साथ। खबर को शेयर करें। 🙏 #KarwaChauth #Prayagraj #WeatherUpdate #UPNews1
- गढ़वा किला तालाब के आसपास कथित अवैध सिलिका क्रेशर प्लांटों का संचालन, खनन विभाग पर सवाल प्रयागराज शंकरगढ़ क्षेत्र के गढ़वा किला तालाब के आसपास कथित रूप से अवैध सिलिका क्रेशर प्लांटों के संचालन का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो में तालाब के पास ट्रैक्टर से चलता हुआ क्रेशर प्लांट और धूल का गुबार साफ देखा जा सकता है, जिस पर लिखा है शंकरगढ़ क्षेत्र में तालाब पर अवैध रूप से संचालित क्रेशर प्लांट।स्थानीय लोगों का आरोप है कि शंकरगढ़ में किसके संरक्षण में यह कथित अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। तालाब जैसी सरकारी जमीन पर क्रेशर चलने से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है और सिलिका डस्ट से लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय मिलीभगत के आरोपों के बीच खनन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आखिर जिम्मेदार अधिकारी अनजान हैं या जानबूझकर कार्रवाई से बच रहे हैं? क्षेत्र की जनता ने मांग की है कि गढ़वा किला तालाब के आसपास संचालित सभी क्रेशर प्लांटों की निष्पक्ष जांच कर तत्काल सीज की कार्रवाई की जाए।शुरू ऐप वीडियो की पुष्टि नहीं करता1
- डॉक्टर ए.के. मिश्रा ने दिखाया प्रमाण पत्र, जानलेवा साजिश का आरोप प्रयागराज। स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर डॉक्टर ए.के. मिश्रा् ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. ए.के. मिश्रा ने दावा किया कि कौशाम्बी में उनके नाम, कार्य और पहचान को लेकर बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। कहा कि असली विवाद इस बात का है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा दिया गया यह सम्मान वास्तविक रूप से किसे मिला है—असली डॉक्टर को या किसी फर्जी व्यक्ति को। उन्होंने बताया कि डॉक्टर एच.एल. मिश्रा ने लिखित रूप में साफ किया है कि वे कभी कौशाम्बी में पदस्थ नहीं रहे और न ही उन्होंने कोई रिपोर्ट भेजी। डॉ. ए.के. मिश्रा ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि जिस चेहरे को सम्मान मिलना चाहिए था, उसी पर उंगलियां उठाई गईं, उसे झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया और यहां तक कि उसकी हत्या कराने तक की साजिश रचने का आरोप लगाया। डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2010 के आसपास डब्ल्यूएचओ के तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर हामिद जाफरी के साथ उनकी तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद अधिकारी अचानक पद छोड़कर चले गए और वह पद लंबे समय तक खाली रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास कोई पारंपरिक मेडिकल डिग्री नहीं है, लेकिन लकवा (पैरालिसिस) के सफल इलाज में वे अद्वितीय महारत रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि न्याय की लड़ाई में वह कभी पीछे नहीं रहेंगे।1
- नौकरी के नाम पर सिक्योरिटी मनी वसूली, वेतन से भी कमीशन काटने का आरोप विरोध करने पर नौकरी से निकालने और जमा रकम नहीं लौटाने का दावा । नौकरी के नाम पर सिक्योरिटी मनी वसूली, वेतन से भी कमीशन काटने का आरोप विरोध करने पर नौकरी से निकालने और जमा रकम नहीं लौटाने का दावा । प्रयागराज। बमरौली स्थित विमान प्रशिक्षण केंद्र में सुरक्षा कार्यों से जुड़े रहे कर्मचारियों ने गरुड़ सिक्योरिटी एजेंसी पर आर्थिक शोषण और मनमानी का आरोप लगाया है। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया कि नौकरी पर रखने के नाम पर उनसे बतौर सिक्योरिटी मनी एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक जमा कराए गए। इसके बावजूद उन्हें अब तक अपनी जमा रकम वापस नहीं मिली है। पूर्व कर्मचारियों अरुण कुमार, धारा सिंह, भारत भूषण और रविशंकर ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी देने की बात कहकर काम पर रखा गया था, लेकिन वेतन भुगतान के समय 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कंपनी का कमीशन काट लिया जाता था। कर्मचारियों का कहना है कि इस कटौती का विरोध करने पर कुछ लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया गया। अरुण कुमार समेत अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने अपनी सिक्योरिटी मनी वापस पाने के लिए जिलाधिकारी से शिकायत की और आईजीआरएस पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र दिया। उनका आरोप है कि थाने में शिकायत लेकर जाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। पूर्व कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सिक्योरिटी मनी जमा कराए बिना कंपनी काम पर नहीं रखती और रकम वापस मांगने पर टालमटोल करती है। उनके मुताबिक, हर महीने कई कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। पूर्व कर्मचारियों की मांग है कि उनकी जमा सिक्योरिटी मनी वापस कराई जाए ताकि वे आर्थिक संकट से उबरकर रोजगार का दूसरा विकल्प तलाश सकें।1
- अर्नब तूफान के असर से बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड सुबह से छाए रहे बादल, तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर होती रही बारिश अर्नब तूफान के असर से बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड सुबह से छाए रहे बादल, तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर होती रही बारिश जारी, प्रयागराज। जारी क्षेत्र में गुरुवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला नजर आया। तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। आसमान में सुबह से ही बादल छाए रहे और दिनभर टिप-टिप बारिश की बूंदें गिरती रहीं। मौसम में आए बदलाव से लोगों को हल्की ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते बच्चों और बुजुर्गों ने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने से लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ने लगा है। वहीं, आसमान में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के चलते धूप भी नहीं निकल सकी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अर्नब तूफान के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं और रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम ने करवट ले ली है। लोगों को अब धीरे-धीरे ठंड बढ़ने का एहसास होने लगा है। हालांकि, क्षेत्र में हो रही बूंदाबांदी से फिलहाल जनजीवन सामान्य बना हुआ है।2
- एसआरएन अस्पताल में मारपीट मामले में वकीलों का प्रदर्शन प्रयागराज: स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में अधिवक्ता के साथ मारपीट के विरोध में अधिवक्ता धरने पर बैठे,अधिवक्ताओं ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि,जब तक मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती,तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- प्रयागराज-नौकरी के नाम पर सिक्योरिटी मनी वसूली का आरोप वेतन से भी काटा जाता था कमीशन विरोध करने पर नौकरी से निकालने और जमा रकम वापस नहीं करने का पूर्व कर्मचारियों ने लगाया आरोप प्रयागराज बमरौली स्थित विमान प्रशिक्षण केंद्र में सुरक्षा कार्यों से जुड़े रहे पूर्व कर्मचारियों ने गरुड़ सिक्योरिटी एजेंसी पर आर्थिक शोषण और मनमानी का आरोप लगाया है। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कर्मचारियों ने दावा किया कि नौकरी देने के नाम पर उनसे एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक सिक्योरिटी मनी जमा कराई गई, लेकिन नौकरी छोड़ने या हटाए जाने के बाद भी उनकी रकम वापस नहीं की गई। पूर्व कर्मचारी अरुण कुमार, धारा सिंह, भारत भूषण और रविशंकर ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी देने का आश्वासन देकर काम पर रखा गया था। हालांकि, वेतन भुगतान के समय प्रतिदिन 200 रुपये के हिसाब से कंपनी का कमीशन काट लिया जाता था। कर्मचारियों का कहना है कि इस कटौती का विरोध करने पर कुछ लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया गया। अरुण कुमार समेत अन्य कर्मचारियों ने बताया कि सिक्योरिटी मनी वापस पाने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की और आईजीआरएस पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र दिया। उनका आरोप है कि थाने में शिकायत करने के बावजूद अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। पूर्व कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि सिक्योरिटी मनी जमा कराए बिना कंपनी नौकरी पर नहीं रखती और रकम वापस मांगने पर टालमटोल करती है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी में कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। पूर्व कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने और उनकी जमा सिक्योरिटी मनी वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि रकम वापस मिलने से उन्हें आर्थिक संकट से उबरने और रोजगार का दूसरा विकल्प तलाशने में मदद मिलेगी। नोट: खबर में लगाए गए आरोप पूर्व कर्मचारियों के बयानों पर आधारित हैं। एजेंसी का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।3
- थाना खीरी के कचरा चौकी क्षेत्र में टोंस नदी में अवैध बालू खनन जोरों पर थाना खीरी के कचरा चौकी क्षेत्र में टोंस नदी में अवैध बालू खनन जोरों पर प्रयागराज थाना खीरी के कचरा चौकी अंतर्गत टोंस नदी में अवैध बालू खनन का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने पांच घाटों पर अवैध रूप से बालू निकासी की शिकायत की है।ग्रामीणों का आरोप है कि दर्जनों नावों के जरिए दिन-रात टोंस नदी से बालू निकाली जा रही है और जिम्मेदार विभाग बेखबर बना हुआ है। बिना किसी वैध पट्टे के बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है, जिससे नदी के अस्तित्व और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान पहुंच रहा है।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि कचरा चौकी क्षेत्र के टोंस नदी के सभी घाटों की जांच कर अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1