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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रजरप्पा में भक्तों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से सरकार हिंदुओं की आस्था में बाधा डाल रही है।
News Xpose ( Jishan Raj)
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रजरप्पा में भक्तों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से सरकार हिंदुओं की आस्था में बाधा डाल रही है।
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- हजारीबाग | आगामी रामनवमी और मंगल जुलूस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च पेलावल, झंडा चौक, बड़ा अखाड़ा, महावीर स्थान और ग्वालटोली चौक होते हुए पुनः झंडा चौक तक निकाला गया। फ्लैग मार्च के दौरान प्रशासन ने लोगों से शांति और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। प्रशासन ने साफ कहा है कि इस वर्ष रामनवमी के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। अगर कोई व्यक्ति या समिति आदेश का उल्लंघन करते हुए डीजे बजाते हुए पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग शांति, सौहार्द और अनुशासन के साथ रामनवमी और मंगल जुलूस का आयोजन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यह पर्व शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।1
- **रामनवमी महासमिति चुनाव: 6 प्रत्याशी मैदान में, 4 ने वापस लिया नाम हजारीबाग:* चुनाव समिति के सदस्य महंत विजयानंद दास,बप्पी करण, लब्बू गुप्ता, संदीप सिन्हा , निशांत प्रधान, आदि ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि श्री श्री चैत्र रामनवमी महावीरी झंडा महासमिति 2026 के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चुनावी प्रक्रिया में दिलचस्प मोड़ आ गया है। प्रारंभिक चरण में कुल 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, हालांकि नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान 4 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनावी मुकाबला अब सीमित प्रत्याशियों के बीच रह गया है, जिससे चुनाव और भी रोचक हो गया है। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। दीप प्रकाश **चक्र छाप**, अजय दास **स्वास्तिक छाप**, पुरुषोत्तम **ॐ छाप**, लड्डू उर्फ करण यादव **त्रिशूल छाप**, मनीष गोप **गदा छाप** तथा दीपक देवराज को **शंख छाप** चुनाव चिन्ह प्रदान किया गया है। प्रत्याशी इन्हीं चिन्हों के सहारे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। रामनवमी महासमिति के इस चुनाव में मतदान का अधिकार केवल पंजीकृत अखाड़ों के पदाधिकारियों को दिया गया है। कुल रजिस्टर्ड अखाडे 104 है जिसके अध्यक्ष और सचिव के साथ-साथ महासमिति के पूर्व 22 अध्यक्ष भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। हजारीबाग में रामनवमी का पर्व काफी भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाया जाता है, ऐसे में महासमिति अध्यक्ष का चुनाव हमेशा से शहर में चर्चा का विषय बना रहता है। चुनाव को लेकर विभिन्न अखाड़ों और समर्थकों के बीच भी उत्साह देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आने वाले समय में रामनवमी 2026 के आयोजन की कमान किसके हाथों में होगी।1
- हजारीबाग (समाहरणालय परिसर)। में मिड डे मील रसोईया और संयोजिका संघ के बैनर तले रसोइयों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में रसोईया और संयोजिकाएं शामिल हुईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मानदेय बढ़ाने और रसोइयों के नियमितीकरण की मांग की। प्रदर्शनकारी रसोइयों का कहना है कि उन्हें सरकार द्वारा बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे रोजाना स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और काम के दौरान कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। कई बार रसोइया आगजनी जैसी घटनाओं का भी शिकार हो जाती हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिला अध्यक्ष महेंद्र पासवान ने कहा कि फिलहाल सभी रसोइया हड़ताल पर हैं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्य से हटाने की धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है।1
- रामनवमी पर्व आने वाला है, लेकिन दारू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने एलएनटी कंपनी द्वारा पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़क की ढलाई तोड़कर मलबा और नुकीले रॉड के टुकड़े ऐसे ही छोड़ दिए गए हैं। इसी रास्ते से रामनवमी का जुलूस भी गुजरता है। ऐसे में इन नुकीले लोहे के टुकड़ों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। साथ ही गड्ढों के कारण वहां जल जमाव भी हो गया है, जिससे आम लोगों और श्रद्धालुओं को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन और संबंधित कंपनी को चाहिए कि जल्द से जल्द मलबा हटाकर रास्ते को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि त्योहार के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।1
- हजारीबाग में मंगला और रामनवमी जुलूस में DJ पर प्रतिबंध रहेगा। हजारीबाग की प्रशाशन लोगो से अपील कर रही है।1
- -- सबा करीम बोले— रमज़ान रहमतों और इबादत का महीना, जरूरतमंदों की मदद का देता है संदेश -- हजारीबाग। रमज़ान का मुकद्दस महीना जारी है और शहर में दावत-ए-इफ्तार का सिलसिला भी लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को हजारीबाग शहर के वार्ड नंबर 2 की वार्ड पार्षद निखत यासमीन के सौजन्य से वार्ड नंबर 2 अंतर्गत मिल्लत कॉलोनी में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में आपसी भाईचारे और सद्भावना की सुंदर मिसाल देखने को मिली, जहां सभी धर्म और समुदाय के लोग शामिल हुए और रोज़ेदारों के साथ इफ्तार कर सौहार्द का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित सबा करीम ने कहा कि रमज़ान रहमतों और इबादत का महीना है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने में लोग ज्यादा से ज्यादा समय इबादत में बिताते हैं और जकात अदा करते हैं, ताकि समाज के जरूरतमंद और मजबूर लोगों की मदद हो सके और वे भी अपनी ईद खुशी-खुशी मना सकें। उन्होंने कहा कि रमज़ान हमें इंसानियत, भाईचारा और आपसी सहयोग का संदेश देता है। दावत-ए-इफ्तार के इस आयोजन में मोहम्मद इकबाल अंसारी, मोहम्मद तालिब हुसैन, शाहनवाज खान उर्फ सन्नू, मोहम्मद साबिर अली, गुड्डू खान, मोहम्मद मुख्तार, मुनाजिर हसन, इबरत खान, दरगाही खान, मोहम्मद निजाम अंसारी, प्रोफेसर नैयर इकबाल, अब्दुल हकीम, मोफिजूल इस्लाम पप्पू, सैफ मंजर पप्पू, मोहम्मद अफगान, गुलाम सरवर, मोहम्मद आफताब, मोहम्मद महताब, मुख्तार आलम, मोनू खान, अब्दुल गफ्फार, हसरत खान सहित सैकड़ों रोज़ेदार और समाजसेवी उपस्थित रहे।1
- Post by M.Haque Bharti1
- हजारीबाग में सैकड़ों रसोइया दीदियां एकजुट, सरकार से मानदेय बढ़ाने और स्थायी व्यवस्था की मांग हजारीबाग | राज्य के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) बनाने वाली रसोइया दीदियों ने अपनी मांगों को लेकर हजारीबाग समाहरणालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। रसोइया संघ के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरना में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में रसोइया दीदियां शामिल हुईं। धरना पर बैठी रसोइया दीदियों ने कहा कि वे वर्षों से स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील बनाकर सेवा दे रही हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि इतने कम पैसे में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए सरकार से न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की जा रही है। रसोइया संघ की ओर से सरकार के सामने 15 सूत्री मांग रखी गई है। इनमें मुख्य रूप से न्यूनतम वेतन लागू करना, मानदेय बढ़ाना, सामाजिक सुरक्षा की सुविधा देना और काम करने की बेहतर व्यवस्था करना शामिल है। धरना में शामिल रसोइया दीदियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाए। इस दौरान रसोइया संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्यभर में रसोइया दीदियां बच्चों के लिए भोजन तैयार कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं, इसलिए उन्हें उचित सम्मान और वेतन मिलना चाहिए। धरना कार्यक्रम में जिले के कई प्रखंडों से आई रसोइया दीदियों की बड़ी भागीदारी देखी गई।1