उज्जैन में करणी सेना के दो गुटों में खूनी संघर्ष: 2 की मौत ढाबे पर हथियारों से हमला, 2 की मौत; कई घायल उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में बुधवार देर रात 26 अगस्त 2026 को कानीपुरा स्थित लक्की दरबार ढाबे पर करणी सेना से जुड़े बताए जा रहे दो गुटों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पद और पुराने विवाद को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद कथित तौर पर 12 से 15 हथियारबंद लोग ढाबे पर पहुंचे और दूसरे पक्ष पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। समझौते के लिए बैठे थे, अचानक भड़का विवाद रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पक्ष पुराने विवाद को सुलझाने के लिए बुधवार देर रात करीब 2 बजे ढाबे पर बैठे थे। इसी दौरान करणी सेना के पद और वर्चस्व को लेकर दोबारा कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद एक पक्ष ने अपने साथियों को फोन कर बुलाया। कुछ ही देर में हथियारों से लैस लोग ढाबे पर पहुंचे और हमला कर दिया। राहुल दरबार और जितेंद्र पवार की मौत हमले में नीमनवासा निवासी राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप (42) गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं उंडासा निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू पवार (35) का शव ढाबे के पास झाड़ियों से बरामद हुआ। घटना में शक्ति सिंह और पप्पू जाट समेत अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। 5 नामजद, 15-20 अज्ञात पर केस पुलिस के अनुसार, मामले में पांच नामजद आरोपियों समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और बलवे सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस टीमों ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। संगठन से जुड़ाव की पुष्टि पर भी नजर रिपोर्टों में दोनों पक्षों को करणी सेना से जुड़ा बताया गया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों के अनुसार करणी सेना की ओर से संगठनात्मक जुड़ाव की स्वतंत्र पुष्टि घटना के समय तक सामने नहीं आई थी। इसलिए इसे पुलिस जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप/दावे के रूप में ही देखना उचित होगा। घटना की तारीख: 26 अगस्त 2026, बुधवार देर रात स्थान: लक्की दरबार ढाबा, कानीपुरा, उज्जैन थाना: चिमनगंज थाना क्षेत्र मृतक: राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप (42), जितेंद्र उर्फ जीतू पवार (35)
उज्जैन में करणी सेना के दो गुटों में खूनी संघर्ष: 2 की मौत ढाबे पर हथियारों से हमला, 2 की मौत; कई घायल उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में बुधवार देर रात 26 अगस्त 2026 को कानीपुरा स्थित लक्की दरबार ढाबे पर करणी सेना से जुड़े बताए जा रहे दो गुटों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पद और पुराने विवाद को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद कथित तौर पर 12 से 15 हथियारबंद लोग ढाबे पर पहुंचे और दूसरे पक्ष पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। समझौते के लिए बैठे थे, अचानक भड़का विवाद रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पक्ष पुराने विवाद को सुलझाने के लिए बुधवार देर रात करीब 2 बजे ढाबे पर बैठे थे। इसी दौरान करणी सेना के पद और वर्चस्व को लेकर दोबारा कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद एक पक्ष ने अपने साथियों को फोन कर बुलाया। कुछ ही देर में हथियारों से लैस लोग ढाबे पर पहुंचे और हमला कर दिया। राहुल दरबार और जितेंद्र पवार की मौत हमले में नीमनवासा निवासी राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप (42) गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं उंडासा निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू पवार (35) का शव ढाबे के पास झाड़ियों से बरामद हुआ। घटना में शक्ति सिंह और पप्पू जाट समेत अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। 5 नामजद, 15-20 अज्ञात पर केस पुलिस के अनुसार, मामले में पांच नामजद आरोपियों समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और बलवे सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस टीमों ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। संगठन से जुड़ाव की पुष्टि पर भी नजर रिपोर्टों में दोनों पक्षों को करणी सेना से जुड़ा बताया गया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों के अनुसार करणी सेना की ओर से संगठनात्मक जुड़ाव की स्वतंत्र पुष्टि घटना के समय तक सामने नहीं आई थी। इसलिए इसे पुलिस जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप/दावे के रूप में ही देखना उचित होगा। घटना की तारीख: 26 अगस्त 2026, बुधवार देर रात स्थान: लक्की दरबार ढाबा, कानीपुरा, उज्जैन थाना: चिमनगंज थाना क्षेत्र मृतक: राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप (42), जितेंद्र उर्फ जीतू पवार (35)
- बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏 बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏 बरसाने में श्री राधा रानी के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच एक सवाल चर्चा में है—क्या राधा रानी के दर्शन के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं? आस्था के इस पावन धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर आपकी क्या राय है? अपनी बात कमेंट में जरूर बताएं। 🙏🌸1
- बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: बैलगाड़ी पर निकाला जुलूस, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन* बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: बैलगाड़ी पर निकाला जुलूस, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*1
- अशोक नगर पुलिस ने 130 गुम हुए मोबाइल लौटाए 15.60 लाख के फोन, अशोकनगर पुलिस ने 130 गुम हुए मोबाइल लौटाए 15.60 लाख के फोन मालिकों को मिले, एसपी ने बताया रक्षाबंधन का तोहफा अशोकनगर जिले में गुम हुए मोबाइल फोन वापस पाकर गुरुवार को लोगों के चेहरे खिल उठे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने करीब 130 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 15 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है, जिनमें कुछ आईफोन भी शामिल हैं। मोबाइल वितरण से पहले एसपी मिश्रा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की ओर से यह रक्षाबंधन के पूर्व तोहफा है। उन्होंने लोगों से कहा कि मोबाइल मिलने के बाद सबसे पहला फोन अपनी बहन को करें और उनको मोबाइल वापस मिलने की खुशी की जानकारी दें। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बीते कुछ समय में बड़ी संख्या में मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस की टीमों ने तकनीकी माध्यमों से मोबाइलों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद करीब 130 मोबाइल बरामद किए गए। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि जिन लोगों के मोबाइल गुम हुए थे, उन्हें गुरुवार को बुलाकर उनके फोन वापस किए गए हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर इसे पुलिस की ओर से एक विशेष तोहफे के रूप में देखा जा रहा है, ताकि लोग अपने परिजनों और रिश्तेदारों से दोबारा संपर्क कर सकें। इस दौरान एसपी ने लोगों को मोबाइल की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारियां होती हैं। इसलिए मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अनजान कॉल, लिंक और संदिग्ध संदेशों से सतर्क रहें।1
- वीडियो शेयर करें देखें से पहले वीडियो पहचान करें और मैं बताना चाहूंगा हमन भी पब्लिक के बीच में जाने का मौका दें1
- नेपाल में मानसूनी बाढ़ का कहर, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट नेपाल में मानसूनी बाढ़ का कहर, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गई हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है।1
- 🏆मुंगावली नगर की एक और बेटी कु. शैली अग्रवाल ने भोपाल से सी.एस. एक्जीक्यूटिव परीक्षा में प्रथम इस्थान को प्राप्त कर नगर और परिवार का नाम एक बार फिर से रोशन किया है। सफलता की खबर से नगर में जिस खुशी का माहौल दिखाई दिया, इस वि शैली इस बात को किस तरह देखती है, सुनिये शैली अग्रवाल की ही जुबानी... 🏆🏆🏆🏆🏆1
- गुना जिले के बीनागंज में भक्तों का उमडा जन सैलाब नगर में गूंजा जय घोष गुना जिले के बीनागंज में भक्तों का उमडा जन सैलाब नगर में गूंजा जय घोष1
- सूरत शहर में यह वक्त काफी कम है और आप लोगों की वीडियो को शेयर करें Karen1
- नेपाल में कुदरत का कहर: ग्लेशियर ढहने के बाद आई तबाही वाली बाढ़, सैकड़ों की मौत और 1,000 से ज्यादा लापता काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने हिमालयी क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और मलबे की तेज धारा ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक, तीर्थयात्री और विदेशी नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। ग्लेशियर के मलबे से पैदा हुई तबाही प्रारंभिक जानकारी में भूकंप को संभावित कारण माना गया था, लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार जिस भूकंपीय गतिविधि को पहले भूकंप समझा गया, वह वास्तव में ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों के अचानक ढहने से पैदा हुई ऊर्जा थी। इसके बाद भारी मात्रा में पानी, चट्टान और मलबा नदी घाटियों में तेजी से नीचे आया और रास्ते में आने वाली बस्तियों व ढांचों को बहा ले गया। मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा 27 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार नेपाल और तिब्बत में संयुक्त रूप से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लापता लोगों की संख्या 1,000 से अधिक पहुंच गई है। नेपाल में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री भी संपर्क से बाहर हैं। भारत के नागरिक भी लापता लोगों में शामिल बताए गए हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए नेपाल सेना और सुरक्षा बलों को लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की मदद से दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ है। सड़कें-पुल बहे, बिजली व्यवस्था भी प्रभावित बाढ़ की तेज धार ने कई पुलों और सड़कों को बहा दिया। प्रभावित इलाकों में घर, वाहन, बिजली से जुड़े ढांचे और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में संचार व्यवस्था भी बाधित हुई है, जिससे परिवार अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तबाही की तस्वीरें बाढ़ के वीडियो और तस्वीरों में पानी, मिट्टी और चट्टानों की तेज धारा को बस्तियों और सड़कों को अपने साथ बहाते देखा जा सकता है। इन दृश्यों ने आपदा की भयावहता को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है। नेपाल के लिए सामने आईं संवेदनाओं की आवाजें इसी भयावह त्रासदी के बीच IAS अधिकारी सोनल गोयल ने सोशल मीडिया पर नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों, मृतकों और अब भी लापता लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने राहत और बचाव कार्य जल्द से जल्द जरूरतमंदों तक पहुंचने की कामना की। “प्रार्थना नेपाल के लिए… ॐ शांति।” 🙏🇳🇵 क्यों गंभीर है यह आपदा? हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों और जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिम लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्लेशियरों में अस्थिरता और अचानक आने वाली बाढ़ पर्वतीय समुदायों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इस घटना ने एक बार फिर अर्ली वार्निंग सिस्टम, आपदा प्रबंधन और संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण की जरूरत को सामने ला दिया है। घटना: 26 अगस्त 2026 स्थान: नेपाल-चीन सीमा का हिमालयी क्षेत्र, विशेषकर रसुवा और आसपास के इलाके स्थिति: बड़े पैमाने पर तबाही, सैकड़ों मौतें और 1,000 से अधिक लोग लापता बताए गए; बचाव अभियान जारी। नोट: मौत और लापता लोगों के आंकड़े राहत-बचाव अभियान के साथ लगातार अपडेट हो रहे हैं, इसलिए अलग-अलग समय की रिपोर्टों में संख्या अलग हो सकती है।2