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गुजरात के वलसाड में निषेध एवं उत्पादक शुल्क विभाग के क्लर्क अनिल, जो रणछोड़ भाई कानानी के पुत्र हैं, को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
JAGAT NEWS 24
गुजरात के वलसाड में निषेध एवं उत्पादक शुल्क विभाग के क्लर्क अनिल, जो रणछोड़ भाई कानानी के पुत्र हैं, को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
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- दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके में एक 21 वर्षीय विवाहिता ने कथित तौर पर अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतका की पहचान नेहा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नेहा की शादी को लगभग छह महीने हुए थे और यह एक प्रेम विवाह था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- मेरठ से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” नारे के ठीक विपरीत, वर्दी पहने एक सिपाही ने कथित तौर पर नशे की हालत में एक युवक को सरेआम अपमानित किया। सिपाही पर आरोप है कि उसने गुस्से और नशे में मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए युवक से बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और कहा, “तेरे मुँह में मूत दूंगा।” इन शब्दों ने पूरे सिस्टम की छवि को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना था कि जब सुरक्षा देने वाले ही इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो आम जनता किससे मदद की उम्मीद रखेगी? यह सवाल भी उठाया गया कि क्या अब वर्दी का अर्थ केवल ताकत का प्रदर्शन करना रह गया है? यह मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस तरह के शर्मनाक व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि पुलिस की छवि और जनता का भरोसा दोनों कायम रह सकें।1
- गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सराहना की है। यह सराहना दिल्ली के रिज क्षेत्र को लेकर की गई पहल के लिए है, जिसके तहत 5000 हेक्टेयर रिज भूमि को अब वन क्षेत्र घोषित किया गया है। शाह ने बताया कि वर्तमान में रिज क्षेत्र में जहरीले बबूल और कई प्रकार के कंटीले वृक्ष हैं, जो देखने में तो हरित दिल्ली का भ्रम पैदा करते हैं, लेकिन पर्यावरण के अनुकूल नहीं हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अब तीन साल के भीतर पूरे रिज में पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे 100 साल से अधिक समय तक जीवित रहने वाले पेड़ लगाए जाने का काम शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पूरी दिल्ली के लिए एक 'हरित फेफड़ा' बनाना है।1
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- आगरा से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने भ्रष्टाचार की जड़ों को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के आवास पर जब विजिलेंस टीम ने छापा मारा, तो घर का नज़ारा किसी छिपे हुए खजाने से कम नहीं था। अधिकारियों की आँखें तब फटी की फटी रह गईं जब उन्होंने घर के हर कोने में छिपाकर रखे गए नोटों के बंडल, सोने की ईंटें, और चांदी के भारी-भरकम बार देखे। छापेमारी के दौरान, कुल लगभग 1 करोड़ 62 लाख रुपए नकद बरामद किए गए, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर पैकेट में छिपाकर रखा गया था। इसके साथ ही, 13 किलो सोना भी मिला, जिसमें सोने की ईंटें, बिस्किट और विभिन्न प्रकार के जेवर शामिल थे, और 9 किलो चांदी के बार व सिल्लियां भी बरामद की गईं। कुल मिलाकर 22 किलो कीमती धातु की बरामदगी ने इस पूरे ‘खेल’ की गहराई को उजागर कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि ललित कुमार की संपत्ति सिर्फ नकद और कीमती धातुओं तक सीमित नहीं थी; उनके पास अलीगंज में एक आलीशान मकान, वहीं दो बड़े प्लॉट, तथा मोहनलालगंज और बालकगंज में भी जमीनें और खेती की संपत्ति है। इन सभी संपत्तियों की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है, और बरामद की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा 20 करोड़ रुपए से भी अधिक बताया जा रहा है। जिस पद पर बैठकर कानून का पालन सुनिश्चित करना था, उसी कुर्सी से ‘कमाई’ का ऐसा खेल चलता रहा कि धन मानो उनके दरवाजे पर ही डेरा डाले बैठा था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। सरकार की नजर पड़ने के बाद ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर लिया गया है, और विजिलेंस की जांच अब और तेज हो गई है। यह देखना बाकी है कि यह मामला केवल छापेमारी तक ही सीमित रहता है या इस बड़े ‘खजाने’ के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का भी खुलासा होता है। फिलहाल इतना तय है कि जहां कभी नोटों की गिनती हुआ करती थी, अब वहाँ कानून का डंडा चलेगा।2
- ककरौला क्षेत्र के अंबिका एंक्लेव में नागरिक सुविधाओं की अनदेखी एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ शिवानी एंक्लेव स्थित जीबीएम स्कूल के पास, शुक्रवार बाजार रोड पर पार्क के ठीक सामने रोज़ाना खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी संबंधित विभाग और मीडिया को इस समस्या से अवगत कराया था और चेतावनी दी थी कि समय पर कार्रवाई न होने पर यह स्थान स्थायी कूड़ाघर में बदल जाएगा। वर्तमान में स्थिति ठीक वैसी ही दिखाई दे रही है जैसी आशंका पहले जताई गई थी। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क पर लगातार कूड़ा डाले जाने से गंदगी, दुर्गंध और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। उनका दावा है कि न तो कूड़ा फेंकने वालों पर कोई रोक लगाई जा रही है और न ही संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई कर रहा है, जिससे उनकी नाराज़गी लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में, लोगों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांगों में इस स्थान पर नियमित सफाई सुनिश्चित करना, कूड़ा फेंकने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और पूरे क्षेत्र को गंदगी से मुक्त कराना शामिल है।1
- मंगोलपुरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने स्थानीय निवासियों को बेहद परेशान कर दिया है, जहाँ चोरी, डकैती, छीन-झपट और हत्या जैसी वारदातें अब आम हो चली हैं। इसी क्रम में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ पड़ोस में रहने वाले कुछ व्यक्तियों ने एक परिवार पर तीसरी बार जानलेवा हमला किया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, यह हमला एक मामूली कहासुनी के बाद हुआ, और इससे पहले भी उन पर दो बार जानलेवा हमले किए जा चुके हैं। इस हमले में घायल हुए पीड़ित की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज एक स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि पुलिस को इन घटनाओं की पूरी जानकारी पहले से थी, लेकिन उनका ढीला रवैया ही बार-बार हो रहे इन जानलेवा हमलों की वजह है। परिवार ने पुलिस प्रशासन पर अपराधियों से रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया है, और कहा है कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई न होने के कारण आज उनकी जान खतरे में है।1