राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस के अवसर पर प्रयागराज-कौशांबी स्थित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल और नारायण स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ और जूनियर चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण तथा रोगी सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. राजीव सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार, मधुर वाणी, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। डॉ. सोनिया सिंह ने भी कहा कि मरीजों को सिर्फ दवाइयों की ही नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी आवश्यकता होती है। समारोह के दौरान, बेस्ट आईसीयू डॉक्टर, बेस्ट डेडिकेटेड डॉक्टर, बेस्ट इमरजेंसी डॉक्टर, बेस्ट इमर्जिंग डॉक्टर, बेस्ट फीमेल डॉक्टर और बेस्ट ओपीडी डॉक्टर सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जूनियर डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। सभी चिकित्सकों ने एक-दूसरे को राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों को दोहराया। वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. उमेश सिंह, डॉ. निकेश मिश्रा, डॉ. मोहम्मद तारिक, डॉ. पुष्कर केसरवानी, डॉ. शेफाली, डॉ. काव्या, डॉ. अमृता, डॉ. आकाश शाह, डॉ. आशीष राय, डॉ. जयकरण यादव, डॉ. सुषमा शुक्ला, डॉ. वंदिता ठाकुर, डॉ. त्रिलोकी चौबे, डॉ. अशरफ और डॉ. मसरूर ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने डॉक्टर बनने के संघर्षपूर्ण सफर, चिकित्सा सेवा के अनुभवों को साझा किया और मरीजों की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए जूनियर डॉक्टरों को हमेशा सीखते रहने, विनम्र बने रहने तथा पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। जूनियर डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में उन्हें न केवल कार्य करने का अवसर मिलता है, बल्कि वरिष्ठ चिकित्सकों से निरंतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सीखने का मौका भी मिलता है। उन्होंने अस्पताल की सकारात्मक कार्य संस्कृति, टीम भावना और सहयोगात्मक वातावरण की सराहना की। नारायण स्वरूप अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव सिंह और प्रबंध निदेशक डॉ. सोनिया सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि 220 बेड वाले मल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी नारायण स्वरूप हॉस्पिटल की सबसे बड़ी शक्ति उसकी समर्पित टीम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल केवल डॉक्टरों से नहीं चलता, बल्कि गार्ड, रिसेप्शनिस्ट, वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ, ड्यूटी डॉक्टर, तकनीशियन, डायग्नोस्टिक टीम, कंसल्टेंट्स, सफाई कर्मचारी तथा प्रत्येक सहयोगी के संयुक्त प्रयासों से ही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ संभव हो पाती हैं। डॉ. राजीव सिंह ने यह भी कहा कि जब कोई मरीज अस्पताल आता है, तो वह केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी डरा और चिंतित होता है। ऐसे समय में अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का मधुर व्यवहार, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने ज्ञान के साथ विनम्रता, सेवा के साथ संवेदनशीलता और कार्य के साथ मधुर व्यवहार को एक श्रेष्ठ चिकित्सक की पहचान बताया। डॉ. सोनिया सिंह ने दोहराया कि मरीज को दवाइयों के साथ-साथ विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी जरूरत होती है, और समर्पण व टीमवर्क से कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान समस्त नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने चिकित्सकों को पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद केक कटिंग समारोह हुआ, जिसमें सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मानित चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र एवं अवार्ड प्रदान किए गए और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई। अस्पताल में इलाज करवा रहे कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी चिकित्सकों को शुभकामनाएँ दीं तथा उनके समर्पण, सेवा भावना और सफल उपचार के लिए आभार व्यक्त किया। मरीजों ने कहा कि चिकित्सकों की निष्ठा, आत्मीय व्यवहार और निरंतर प्रयासों ने उन्हें नया जीवन और नई आशा प्रदान की है। कार्यक्रम का समापन सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों द्वारा रोगी सेवा, मानवीय मूल्यों, उत्कृष्ट चिकित्सा एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस के अवसर पर प्रयागराज-कौशांबी स्थित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल और नारायण स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ और जूनियर चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण तथा रोगी सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. राजीव सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार, मधुर वाणी, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। डॉ. सोनिया सिंह ने भी कहा कि मरीजों को सिर्फ दवाइयों की ही नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी आवश्यकता होती है। समारोह के दौरान, बेस्ट आईसीयू डॉक्टर, बेस्ट डेडिकेटेड डॉक्टर, बेस्ट इमरजेंसी डॉक्टर, बेस्ट इमर्जिंग डॉक्टर, बेस्ट फीमेल डॉक्टर और बेस्ट ओपीडी डॉक्टर सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जूनियर डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। सभी चिकित्सकों ने एक-दूसरे को राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों को दोहराया। वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. उमेश सिंह, डॉ. निकेश मिश्रा, डॉ. मोहम्मद तारिक, डॉ. पुष्कर केसरवानी, डॉ. शेफाली, डॉ. काव्या, डॉ. अमृता, डॉ. आकाश शाह, डॉ. आशीष राय, डॉ. जयकरण यादव, डॉ. सुषमा शुक्ला, डॉ. वंदिता ठाकुर, डॉ. त्रिलोकी चौबे, डॉ. अशरफ और डॉ. मसरूर ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने डॉक्टर बनने के संघर्षपूर्ण सफर, चिकित्सा सेवा के अनुभवों को साझा किया और मरीजों की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए जूनियर डॉक्टरों को हमेशा सीखते रहने, विनम्र बने रहने तथा पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। जूनियर डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में उन्हें न केवल कार्य करने का अवसर मिलता है, बल्कि वरिष्ठ चिकित्सकों से निरंतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सीखने का मौका भी मिलता है। उन्होंने अस्पताल की सकारात्मक कार्य संस्कृति, टीम भावना और सहयोगात्मक वातावरण की सराहना की। नारायण स्वरूप अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव सिंह और प्रबंध निदेशक डॉ. सोनिया सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि 220 बेड वाले मल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी नारायण स्वरूप हॉस्पिटल की सबसे बड़ी शक्ति उसकी समर्पित टीम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल केवल डॉक्टरों से नहीं चलता, बल्कि गार्ड, रिसेप्शनिस्ट, वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ, ड्यूटी डॉक्टर, तकनीशियन, डायग्नोस्टिक टीम, कंसल्टेंट्स, सफाई कर्मचारी तथा प्रत्येक सहयोगी के संयुक्त प्रयासों से ही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ संभव हो पाती हैं। डॉ. राजीव सिंह ने यह भी कहा कि जब कोई मरीज अस्पताल आता है, तो वह केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी डरा और चिंतित होता है। ऐसे समय में अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का मधुर व्यवहार, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने ज्ञान के साथ विनम्रता, सेवा के साथ संवेदनशीलता और कार्य के साथ मधुर व्यवहार को एक श्रेष्ठ चिकित्सक की पहचान बताया। डॉ. सोनिया सिंह ने दोहराया कि मरीज को दवाइयों के साथ-साथ विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी जरूरत होती है, और समर्पण व टीमवर्क से कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान समस्त नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने चिकित्सकों को पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद केक कटिंग समारोह हुआ, जिसमें सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मानित चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र एवं अवार्ड प्रदान किए गए और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई। अस्पताल में इलाज करवा रहे कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी चिकित्सकों को शुभकामनाएँ दीं तथा उनके समर्पण, सेवा भावना और सफल उपचार के लिए आभार व्यक्त किया। मरीजों ने कहा कि चिकित्सकों की निष्ठा, आत्मीय व्यवहार और निरंतर प्रयासों ने उन्हें नया जीवन और नई आशा प्रदान की है। कार्यक्रम का समापन सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों द्वारा रोगी सेवा, मानवीय मूल्यों, उत्कृष्ट चिकित्सा एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
- Dr Shailesh Guptaचैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेशjai shree ram7 hrs ago
- Dr Shailesh Guptaचैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेशAAP KE STAP BT NHI KARTE SHI SE BATATE NHI7 hrs ago
- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार में कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि यदि कानून के रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो बिहार की जनता पुलिस पर कैसे भरोसा कर पाएगी। यह टिप्पणी उन्होंने भारत तिवारी के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचने के बाद की। इस दौरान चिराग पासवान ने पुलिस प्रशासन से जवाबदेही की मांग की, जिसके बाद #JusticeForBharatTiwari की गूँज सुनाई दी। यह घटना राजनीति और पुलिस के बीच जनता के भरोसे के मुद्दे को उजागर करती है।1
- जनपद कौशांबी के पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक ने कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए हैं। इस क्रम में, कोखराज थाने के प्रभारी चंद्रभूषण मौर्य को उनके पद से हटाकर मोहब्बतपुर पइंसा स्थानांतरित किया गया है, जबकि संतोष कुमार शर्मा को कोखराज थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी फेरबदल के तहत, संदीपन घाट थाना प्रभारी इंद्रदेव को पुलिस लाइन भेजा गया है, और आशुतोष सिंह को संदीपन घाट का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। इन प्रशासनिक बदलावों को जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- राहुल गांधी की टीम ने अब 'आर-पार की लड़ाई' में मोर्चा संभाल लिया है। इस बड़े संघर्ष को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसका नतीजा 'मोदी के CM की कुर्सी' जाने के रूप में सामने आएगा।1
- कौशांबी जिले के सेलरहा पश्चिम इलाके में पहली ही बारिश ने स्थानीय विकास के दावों की पोल खोल दी है। इस क्षेत्र में हुई पहली ही बरसात से इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे विकास के बड़े-बड़े वादों की कलई उतर गई है। यह स्थिति पंचायत के उन दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जो विकास के संबंध में किए गए थे।1
- कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में स्थित भरवारी नगर पंचायत में चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाते हुए लगभग 25 लाख रुपये की बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया है। यह वारदात तब हुई जब घर का परिवार हरिद्वार घूमने गया हुआ था। बदमाशों ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी खंगालते हुए लगभग 100 ग्राम सोना, 2 किलोग्राम चांदी के जेवर और ढाई लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। सुबह पड़ोसियों की सूचना पर जब परिजन वापस लौटे, तो उन्हें घर का सारा सामान बिखरा पड़ा मिला। इस बड़ी चोरी की घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कोखराज थाना प्रभारी सीबी मौर्य ने बताया कि पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस टीमें आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं और अधिकारियों ने जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है।1
- फरीदाबाद से एक मामला सामने आया है, जहाँ 45 वर्षीय एक महिला अपने 35 वर्षीय प्रेमी के साथ भाग गई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला स्पष्ट रूप से यह कहते हुए दिख रही है कि वह अब वापस नहीं आएगी। यह महिला चार बच्चों की माँ बताई जा रही है, और उसके पति अपनी पत्नी के चले जाने से बहुत परेशान हैं।1
- कौशांबी जिले में अचानक मौसम के करवट लेने के बाद जोरदार बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। इस मूसलाधार बारिश ने न केवल तपती गर्मी और कई दिनों से चल रही लू व उमस से मुक्ति दिलाई है, बल्कि सुखद ठंडक भी प्रदान की है। इस बारिश को धान और सब्जियों की फसल के लिए संजीवनी माना जा रहा है, जिससे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है। तापमान में गिरावट आने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को विशेष राहत मिली है। आम जनता ने ठंडी हवा और बरसात के मौसम का भरपूर आनंद लिया है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे इस खुशनुमा मौसम का लुत्फ उठाएं और आवश्यक सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, यह बारिश कौशांबी के लिए राहत और खुशियाँ लेकर आई है।1
- जंतर-मंतर पर कॉकरोचों ने अपने सिर मुंडवाए और अस्थि कलश भी रखा। इस दौरान, वे फूट-फूटकर रोते हुए नज़र आए। यह सवाल उठ रहा है कि क्या जंतर-मंतर पर यह उनकी अंतिम यात्रा है।1
- कौशाम्बी जिले के सिराथू विकास खंड स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम कोरों में लगातार तीसरी बार चोरी की घटना सामने आई है, जहाँ चोरों ने आज एक बार फिर बच्चों के मिड-डे मील के लिए रखा लगभग 50 किलो चावल और 50 किलो गेहूँ सहित अन्य सामान चुरा लिया। बीते तीन दिनों से इस विद्यालय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे चोरों का आतंक लगातार जारी है। लगातार हो रही इन चोरी की वारदातों के कारण विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और ग्रामीणों में भय एवं आक्रोश का माहौल व्याप्त है। विद्यालय प्रशासन ने मामले की शिकायत थाना प्रभारी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक की है और जल्द न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी पुलिस प्रशासन से तुरंत घटना का खुलासा कर चोरों को गिरफ्तार करने तथा विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।1