तमाशबीन भीड़ के बीच पत्रकारों ने दिखाई इंसानियत की ताकत, 3 जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लाए जालौन में इंसानियत को शर्मसार करती भीड़ और सिस्टम की नाकामी के बीच दो पत्रकारों ने वो कर दिखाया, जो शायद हर इंसान को करना चाहिए था। थाना जालौन क्षेत्र के आटा टोल प्लाजा के पास सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां ग्राम चाकी निवासी अजय (35), उनका बेटा देवराज (10) और सागर (12) बाइक से जा रहे थे। अचानक उनकी बाइक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अजय सड़क पर लहूलुहान गिर पड़े, जबकि दोनों मासूम बच्चे दूर जा गिरे—एक तड़पता रहा, दूसरा बेहोश पड़ा रहा। मौके पर भारी भीड़ जुटी… लेकिन मदद करने वाला कोई नहीं! लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने घायल बच्चों को उठाने तक की जहमत नहीं उठाई। जब पत्रकार बने फरिश्ता… कैमरा छोड़ा, इंसानियत उठाई इसी दौरान ARK Superfast News के पत्रकार रविकांत कुशवाहा और भारत परिवर्तन के ब्यूरो चीफ विकाश सिंह वहां पहुंचे। हालात देखते ही उन्होंने बिना एक पल गंवाए इंसानियत को प्राथमिकता दी। खबर बनाना छोड़, उन्होंने पहले जिंदगी बचाना चुना आटा टोल प्लाजा से तत्काल वाहन की व्यवस्था कराई तीनों घायलों को खुद उठाकर जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचाया उनकी इस फुर्ती और संवेदनशीलता ने तीन जिंदगियों को नया जीवन दे दिया। अस्पताल में भी निभाई जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद भी दोनों पत्रकार पीछे नहीं हटे— डॉक्टरों से तत्काल इलाज शुरू कराया परिजनों को फोन कर सूचना दी अपनी जेब से आर्थिक मदद भी दी यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि पत्रकारिता के असली धर्म की मिसाल बन गई। समाज के लिए आईना—आप तमाशबीन या मददगार? यह घटना हर उस व्यक्ति के लिए सवाल है, जो हादसे के वक्त वीडियो बनाने में व्यस्त रहता है। जब भीड़ खड़ी थी… तब दो लोगों ने आगे बढ़कर इंसानियत को जिंदा रखा। बॉक्स: सरकारी एंबुलेंस बनी मजाक—स्टार्ट तक नहीं हुई! हादसे के दौरान मौके पर बुलाई गई सरकारी एंबुलेंस ने भी सिस्टम की पोल खोल दी। एंबुलेंस मौके पर पहुंची… लेकिन स्टार्ट ही नहीं हुई! चालक ने हाथ खड़े कर दिए—गाड़ी चालू नहीं हो रही सवाल ये है— क्या यही है आपातकालीन सेवा? क्या एंबुलेंस की फिटनेस जांच सिर्फ कागजों तक सीमित है? अगर उस वक्त पत्रकार आगे नहीं आते, तो शायद तीन जिंदगियां सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ जातीं। अब जरूरी है कि प्रशासन तुरंत ऐसी जर्जर एंबुलेंसों की जांच कराए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
तमाशबीन भीड़ के बीच पत्रकारों ने दिखाई इंसानियत की ताकत, 3 जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लाए जालौन में इंसानियत को शर्मसार करती भीड़ और सिस्टम की नाकामी के बीच दो पत्रकारों ने वो कर दिखाया, जो शायद हर इंसान को करना चाहिए था। थाना जालौन क्षेत्र के आटा टोल प्लाजा के पास सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां ग्राम चाकी निवासी अजय (35), उनका बेटा देवराज (10) और सागर (12) बाइक से जा रहे थे। अचानक उनकी बाइक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अजय सड़क पर लहूलुहान गिर पड़े, जबकि दोनों मासूम बच्चे दूर जा गिरे—एक तड़पता रहा, दूसरा बेहोश पड़ा रहा। मौके पर भारी भीड़ जुटी… लेकिन मदद करने वाला कोई नहीं! लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने घायल बच्चों को उठाने तक की जहमत नहीं उठाई। जब पत्रकार बने फरिश्ता… कैमरा छोड़ा, इंसानियत उठाई इसी दौरान ARK Superfast News के पत्रकार रविकांत कुशवाहा और भारत परिवर्तन के ब्यूरो चीफ विकाश सिंह वहां पहुंचे। हालात देखते ही उन्होंने बिना एक पल गंवाए इंसानियत को प्राथमिकता दी। खबर बनाना छोड़, उन्होंने पहले जिंदगी बचाना चुना आटा टोल प्लाजा से तत्काल वाहन की व्यवस्था कराई तीनों घायलों को खुद उठाकर जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचाया उनकी इस फुर्ती और संवेदनशीलता ने तीन जिंदगियों को नया जीवन दे दिया। अस्पताल में भी निभाई जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद भी दोनों पत्रकार पीछे नहीं हटे— डॉक्टरों से तत्काल इलाज शुरू कराया परिजनों को फोन कर सूचना दी अपनी जेब से आर्थिक मदद भी दी यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि पत्रकारिता के असली धर्म की मिसाल बन गई। समाज के लिए आईना—आप तमाशबीन या मददगार? यह घटना हर उस व्यक्ति के लिए सवाल है, जो हादसे के वक्त वीडियो बनाने में व्यस्त रहता है। जब भीड़ खड़ी थी… तब दो लोगों ने आगे बढ़कर इंसानियत को जिंदा रखा। बॉक्स: सरकारी एंबुलेंस बनी मजाक—स्टार्ट तक नहीं हुई! हादसे के दौरान मौके पर बुलाई गई सरकारी एंबुलेंस ने भी सिस्टम की पोल खोल दी। एंबुलेंस मौके पर पहुंची… लेकिन स्टार्ट ही नहीं हुई! चालक ने हाथ खड़े कर दिए—गाड़ी चालू नहीं हो रही सवाल ये है— क्या यही है आपातकालीन सेवा? क्या एंबुलेंस की फिटनेस जांच सिर्फ कागजों तक सीमित है? अगर उस वक्त पत्रकार आगे नहीं आते, तो शायद तीन जिंदगियां सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ जातीं। अब जरूरी है कि प्रशासन तुरंत ऐसी जर्जर एंबुलेंसों की जांच कराए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन उरई मार्ग पर ग्राम बोहदपुरा के पास हुई मार्ग दुर्घटना की खबर दिखाने जा रहे हैं देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ द न्यूज जालौन पर शुरू एप्प के माध्यम से1
- कोंच के पिपरी नहर की रेलिंग से टकराई बाइक, तीन लोग गंभीर घायल, जिला अस्पताल उरई रेफर1
- Post by UttarPradeski takat newspaper1
- कालपी में महिला से मारपीट व जान से मारने की कोशिश का आरोप, पीड़िता ने लगाई सुरक्षा की गुहार कालपी (जालौन)। नगर के रामगंज मोहल्ले में एक महिला के साथ मारपीट एवं जान से मारने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता यासमीन उर्फ मुन्नी पत्नी असद पठान ने मोहल्ले के ही कई लोगों पर घर में घुसकर हमला करने, मारपीट करने और जिंदा जलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मामले का वीडियो सोशल media पर वायरल होने की चर्चा भी है, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पीड़िता के अनुसार, 26 अप्रैल की सुबह करीब 8 बजे वह अपने घर में मौजूद थी। इसी दौरान कुछ लोग जबरन घर के दरवाजे वाली जगह पर निर्माण कार्य करने लगे। विरोध करने पर आरोप है कि नामजद लोगों ने घर में घुसकर उसके साथ लात-घूंसों, थप्पड़ों व डंडों से मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसे गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने अपने पति पर भी विपक्षियों का साथ देने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसे और उसके परिवार को लगातार भय का माहौल झेलना पड़ रहा है तथा कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित पक्ष की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पीड़िता ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- जालौन में परमिट कहीं का, खनन कहीं और! कालपी क्षेत्र में अधिकारियों की मिली भगत से बालू लूट का आरोप!!... जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडे से पूरे मामले की शिकायत की गई।।1
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- जालौन। कोतवाली जालौन क्षेत्र में सोमवार को एक 4 वर्षीय मासूम के लापता होने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया। जानकारी के वरिष्ठ उप निरीक्षक संजय यति को सूचना मिली कि एक चार बर्षीय बच्चा सब्जी मंडी के पास खडा रो रहा है सूचना पर तत्काल मौके पर पहुचे कां जीतेन्द्र सिंह फौजी ने बच्चा को कोतवाली लाये और उसके माता पिता की तलाश शुरु की पता चला कि ग्राम भद्ररेखी थाना आटा जनपद जालौन निवासी श्रीमती पूजा पत्नी दीपू अपने 4 वर्षीय पुत्र सक्षम के साथ कस्बा जालौन आई थीं। इसी दौरान सुबह करीब 9:45 बजे खेलते-खेलते बच्चा अचानक कहीं चला गया, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही मिशन प्रभारी के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम, महिला उपनिरीक्षक मधु देवी ने माँ को तलाश कर उन्हे ढूढ निकाला। टीम की मुस्तैदी के चलते कुछ ही समय में बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से माँ पूजा देवी ने पुलिस का आभार जताया और संतोष व्यक्त किया। मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत की गई यह कार्रवाई पुलिस की संवेदनशीलता और प्रभावी कार्यशैली का उदाहरण बनी।1
- नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां पुलिस ने एक वारंटी पकड़ा और उसे जेल भेज दिया है देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ द न्यूज जालौन पर शुरू एप्प के माध्यम से1