*अजमेर #दरगाह विवाद: #शिव मंदिर के दावे को लेकर कोर्ट में याचिका, राठौड़ के बयान से सियासी हलचल* #अजमेर। देश के प्रमुख और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में शामिल ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई है। याचिका दाखिल होने के बाद यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। याचिका में दावा किया गया है कि अजमेर दरगाह परिसर में पहले शिव मंदिर मौजूद था और इसके अवशेष आज भी वहां होने की संभावना है। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस संबंध में ऐतिहासिक तथ्यों की जांच और वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग की है। फिलहाल, कोर्ट ने याचिका को संज्ञान में लेते हुए इसे कानूनी प्रक्रिया के शुरुआती चरण में रखा है। इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बयान ने विवाद को और गहरा दिया है। राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि जांच में शिवलिंग नहीं मिलता है तो उन्हें फांसी तक स्वीकार है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने इसे भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना बयान करार दिया है। वहीं, दरगाह से जुड़े संगठनों और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने शिव मंदिर के दावे को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि अजमेर दरगाह सदियों से सूफी परंपरा, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का प्रतीक रही है और ऐसे दावे सामाजिक तनाव पैदा कर सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, मामला अभी प्रारंभिक अवस्था में है और अदालत का अगला कदम याचिका की वैधता, तथ्यों और साक्ष्यों की जांच पर निर्भर करेगा। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने। फिलहाल, पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत इस संवेदनशील मामले में आगे क्या रुख अपनाती है। इसके सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों को देखते हुए आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। #AjmerDargah #AjmerDargahDispute #AjmerNews #DargahControversy #ShivMandirClaim #CourtPetition #RajendraRathore #PoliticalStatement #ReligiousIssue #IndiaNews #SocialImpact #LawAndOrder #BreakingNews अगर चाहें तो मैं Twitter/X, Instagram, या YouTube के हिसाब
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- कोलायत गजनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजनेर में BCMO डॉ. सुनील कुमार द्वारा सेक्टर मीटिंग एवं निरीक्षण किया गया। बैठक में MOIC, चिकित्सा व नर्सिंग स्टाफ के साथ राजेश रंगा एवं STS लक्ष्मीकांत भी उपस्थित रहे। इस दौरान HPV वैक्सीन को लेकर स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। सेक्टर मीटिंग में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, NCD कार्यक्रम ओरल, परिवार कल्याण, आयुष्मान भारत–HWC, लैब व दवा वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। BCMO ने टीबी मरीजों की समय पर जांच, उपचार व फॉलो-अप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान DOTS रूम में ट्रीटमेंट कार्ड अधूरे पाए गए, जिस पर सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के पश्चात CHC परिसर में सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब पाई गई। 24 घंटे संचालित संस्थान में केवल एक ही सफाईकर्मी कार्यरत होना खेदजनक बताया गया। साथ ही पिछले 6 महीनों से सफाई ठेका प्रभावी नहीं पाए जाने पर संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाने तथा सुधार नहीं होने पर ठेका निरस्त करने के निर्देश दिए गए। BCMO ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में नियमित निरीक्षण व सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- पोकरण के पूर्व विधायक ने कहा- "सर्व हिंदू समाज एक हो जाए तो ऐसी घटनाएं कभी नहीं होंगी",1