अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र के पाती चक गाँव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय राजपाल लोधी की करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया है कि राजपाल बिजली के खंभे पर चढ़कर टूटे हुए तार जोड़ रहा था, तभी अचानक बिजली आपूर्ति शुरू हो गई और वह करंट की चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, हाल ही में आई आंधी के कारण गाँव में दो बिजली के खंभे गिर गए थे, जिससे विद्युत तार टूट गए थे और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिलने के कारण कुछ ग्रामीण स्वयं ही तारों को जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान राजपाल लोधी भी अन्य ग्रामीणों के साथ खंभे पर चढ़कर तार जोड़ रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, जब वह खंभे पर चढ़ा था तब लाइन बंद थी, लेकिन तार जोड़ने के दौरान अचानक बिजली चालू हो गई, जिससे उसे तेज करंट लगा और वह तारों पर ही लटक गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से युवक को नीचे उतारा और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक राजपाल लोधी मूल रूप से शिवपुरी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे गाँव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र के पाती चक गाँव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय राजपाल लोधी की करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया है कि राजपाल बिजली के खंभे पर चढ़कर टूटे हुए तार जोड़ रहा था, तभी अचानक बिजली आपूर्ति शुरू हो गई और वह करंट की चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, हाल ही में आई आंधी के कारण गाँव में दो बिजली के खंभे गिर गए थे, जिससे विद्युत तार टूट गए थे और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिलने के कारण कुछ ग्रामीण स्वयं ही तारों को जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान राजपाल लोधी भी अन्य ग्रामीणों के साथ खंभे पर चढ़कर तार जोड़ रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, जब वह खंभे पर चढ़ा था तब लाइन बंद थी, लेकिन तार जोड़ने के दौरान अचानक बिजली चालू हो गई, जिससे उसे तेज करंट लगा और वह तारों पर ही लटक गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से युवक को नीचे उतारा और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक राजपाल लोधी मूल रूप से शिवपुरी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे गाँव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- अशोकनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब भैंसों के झुंड को बचाने के प्रयास में एक यात्री बस सड़क से नीचे उतर गई। चालक की सूझबूझ और सतर्कता के कारण बस पलटने से बच गई, जिससे इसमें सवार 30 से 40 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट नहीं हुई। यह घटना बरखेड़ा जमाल गांव के पास सुबह करीब 11 बजे की है। जानकारी के अनुसार, त्रिपति बस बंगला चौराहा से सिरोंज के लिए बमोरीशाला मार्ग से जा रही थी, तभी अचानक सड़क पर भैंसों का एक झुंड आ गया। पशुओं को बचाने के लिए चालक ने तुरंत बस मोड़ी, जिससे बस सड़क से नीचे उतर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस सड़क से नीचे उतरने के बाद थोड़ी दूर जाकर रुक गई और एक ओर झुक गई थी, लेकिन चालक ने वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे बस पलटी नहीं। इस घटना के चलते बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि, किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बस से बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद की।1
- समाज सेवक एवं जन सेवक अख्तर खान और उनके सहयोगी टीम द्वारा मुंगावली स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद गरीब मरीजों को फल वितरित किए गए। यह सेवा कार्य उन मरीजों के लिए किया गया, जिन्हें इसकी आवश्यकता थी।1
- विदिशा जिले में जमीनी विवाद के चलते हुई एक हत्या का देहात बासौदा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भल्लावी के मार्गदर्शन में यह त्वरित कार्रवाई की गई है। यह घटना ग्राम अरनोट में 11 जून 2026 को सामने आई थी, जहाँ जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस संबंध में थाना देहात बासौदा में अपराध क्रमांक 263/26 के तहत धारा 296बी, 115(2), 351(3), 118(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। मारपीट में घायल हुए ग्राम अरनोट निवासी 42 वर्षीय वीरेंद्र उर्फ वीरन रैकवार (केवट), पिता बलराम केवट, को गंभीर चोटें आई थीं, जिनकी उपचार के दौरान 17 जून 2026 को भोपाल के सृष्टि अस्पताल में मृत्यु हो गई। घायल की मृत्यु होने पर प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) जोड़ी गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों मंजू कुमार लोधी (31 वर्ष, पिता कालूराम लोधी, निवासी ग्राम अरनोट) और अभिषेक लोधी (22 वर्ष, पिता दीवान सिंह लोधी, निवासी ग्राम बड़ौदा, जिला रायसेन, हाल निवासी ग्राम अरनोट) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया आलाजर्र भी बरामद कर जब्त कर लिया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को 19 जून 2026 को माननीय न्यायालय गंजबासौदा में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि जय कुमार सिंह, उनि पी.एस. चौहान, उनि दिव्या पाराशर, सउनि मनोज तिवारी, प्रधान आरक्षक दिव्यक्रांति, प्रधान आरक्षक राजीव पाण्डे, आरक्षक रामनिवास मीना, आरक्षक राकेश जाटव, आरक्षक राहुल झा, आरक्षक ऋषभ श्रीवास्तव, सैनिक यशवंत भार्गव और सैनिक कृष्णपाल सिंह राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3
- मध्य प्रदेश के बीना स्थित अथक पथ संग्रहालय ने अपने आठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 से 19 जून तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस दौरान संग्रहालय ने महाराणा प्रताप की जयंती और महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस को अत्यंत श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया, जिसका समापन वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ हुआ। आयोजन के तीनों दिन हजारों की संख्या में लोगों ने संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ दस्तावेजों और ऐतिहासिक सामग्रियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसके संरक्षण प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती के साथ हुई, जहाँ धर्म अधिकारी दशरथ लाल पुरोहित ने महाराणा प्रताप को देश की आन-बान-शान और साहस की पहचान बताते हुए उनकी वीरता और अद्भुत नेतृत्व क्षमता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शशि नंदन रावत, निवेदिता रावत, मीनाक्षी लाचारिया, रितिका तिवारी, जयदीप ठाकुर, सत्यम राजपूत और तान्या पाठक ने अपने बुंदेली गायन से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया, जिसका संचालन राम शर्मा ने किया। अगले दिन, 18 जून को महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया। इस दौरान पीएम श्री विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मंजू यादव, डॉ. जयश्री साहू, पी.डी. साहू, प्रोफेसर शुभ्रा शुक्ला और रितिका तिवारी ने महारानी लक्ष्मीबाई के अदम्य शौर्य और बलिदान को याद करते हुए अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रसिद्ध रचना "खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी" का संपूर्ण पाठ किया गया। दोनों दिनों में महाराणा प्रताप और महारानी लक्ष्मीबाई के दुर्लभ चित्रों और पत्रों के साथ-साथ देश के शहीदों और क्रांतिकारियों के चित्र व दुर्लभ दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। तीन दिवसीय इस विशेष आयोजन का समापन 19 जून को प्रातः हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ, जिसके बाद संग्रहालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अथक पथ संग्रहालय प्रबंधन ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।3
- खुरई में दहेज के लालच ने शादी जैसे पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया, जहां खुशियां कुछ ही देर में मातम में बदल गईं और बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। लड़की पक्ष का आरोप है कि वरमाला की रस्म के बाद अचानक 2 लाख रुपए नकद और एक पल्सर बाइक की मांग की गई, जिसके चलते विवाद इतना बढ़ गया। यह मामला 19 जून को खुरई के पठारी रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास का है। रामदास बंसल की बेटी निशा बंसल की शादी के लिए बेगमगंज तहसील के गोपालपुर से बारात आई थी, जिसमें दूल्हा सुरेंद्र बंसल और उनके पिता ज्ञान सिंह बंसल सहित बाराती शामिल थे। वरमाला की रस्म खुशी-खुशी पूरी होने के बाद अचानक दूल्हा पक्ष ने यह बड़ी मांग रखी। जब वधू पक्ष ने इस मांग को पूरा करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की, तो स्थिति बिगड़ गई। लड़की पक्ष का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर बारात में आए लोगों ने हंगामा करते हुए उनके साथ मारपीट भी की। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच दूल्हा सुरेंद्र बंसल अपनी बारात लेकर वापस लौट गया। पीड़ित परिवार ने रात में ही पुलिस से शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सुबह आने को कहकर लौटा दिया गया, जिससे कार्रवाई में कथित तौर पर देरी हुई। परिवार का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब शादी टूटने के बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। यह पूरा मामला दहेज की मांग, मारपीट और पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है, और सभी की निगाहें इस पर हैं कि पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।1
- सागर की खूबसूरत लाखा बंजारा झील पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बेहद उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन NCC ग्रुप सागर ने किया था, जिसे 33 MP NCC बटालियन, सागर ने अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल RS राजीव (सेना मेडल) की देखरेख में संपन्न कराया। कार्यक्रम में कार्यवाहक ग्रुप कमांडर कर्नल रोहित तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने योग के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए NCC परिवार के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर सीनियर अधिकारी, एसोसिएट NCC अधिकारी, स्थायी इंस्ट्रक्टर स्टाफ़ और 250 NCC कैडेट्स ने योग दिवस के इस जश्न में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग इंस्ट्रक्टर श्रीमती शिवानी दीक्षित, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा ने विशेष रूप से एडवांस्ड योग आसनों का शानदार प्रदर्शन किया, अपनी महारत और अनुशासन से सभी उपस्थित प्रतिभागियों को प्रेरित किया। इस उत्सव ने शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने में योग के महत्व पर ज़ोर दिया, साथ ही युवा कैडेट्स के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और चरित्र निर्माण के प्रति NCC की प्रतिबद्धता को भी दर्शाया।4
- Post by Manoj jain2
- बीना में शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे बिलगैया मंदिर के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में नगर पालिका कर्मचारी दिनेश वाल्मीकि की दुखद मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से हुई इस घटना के बाद बाइक चालक मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मृतक दिनेश वाल्मीकि, 53 वर्ष, पुष्प विहार कॉलोनी, वीर सावरकर वार्ड के निवासी थे और नगर पालिका में कार्यरत थे। यह हादसा उस समय हुआ जब वे ड्यूटी के दौरान तसला-फावड़ा लेने जाते समय सड़क पार कर रहे थे। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि बाइक उनके पैर के ऊपर से निकल गई, जिससे उन्हें सिर, कान और पैर में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें एक ऑटो से सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शनिवार सुबह डॉ. संजीव अग्रवाल द्वारा संपन्न कराई। दिनेश वाल्मीकि अपने पीछे अपनी पत्नी और तीन बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पंचनामा पूरा कर शव उनके परिजनों को सौंप दिया।4