जलेसर में प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार, 22 जून को आठवें दिन भी जारी रहा। तहसील परिसर में जारी धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी के कारण सामान्य प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने के लिए पूर्व विधायक कुबेर सिंह अगरिया को एक ज्ञापन सौंपा। धरना स्थल पर पहुँचे पूर्व विधायक का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया और उन्हें ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से उत्पन्न हो रही समस्याओं से अवगत कराया। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था से आम नागरिकों, वादकारियों और अधिवक्ताओं को अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, पूर्व विधायक ने आश्वासन दिया कि वह अधिवक्ताओं की समस्याओं और मांगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव ने धरना स्थल को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार अधिवक्ताओं की जायज मांगों और समस्याओं की अनदेखी कर रही है और उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, जिसके कारण आंदोलन लगातार लंबा खिंचता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश नेतृत्व से निर्देश मिलते हैं, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान अधिवक्ता संघ के सचिव डी.एस. यादव, रमेश पाल सिंह, रामनिवास यादव, प्रमोद कुमार राठी, डी.आर. यादव, शाहनवाज खान, मुन्ने खान, नरेंद्र यादव, एदल सिंह बघेल, सुनील दीक्षित, सुबोध कुमार जैन, गौरव वार्ष्णेय, सत्य प्रकाश जाटव, राजेश कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। लगातार आठ दिनों से चल रहे इस आंदोलन के चलते तहसील परिसर में रजिस्ट्री, बैनामा और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले वादकारियों और भूमि क्रय-विक्रय से जुड़े लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील में सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा हुआ है। धरनारत अधिवक्ताओं का दृढ़ता से कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और यदि शीघ्र समाधान नहीं निकलता तो इसे प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जा सकता है। तहसील प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है, और अब सभी की निगाहें सरकार तथा अधिवक्ता संगठनों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं, ताकि यह गतिरोध समाप्त हो सके और तहसील के कार्य सामान्य रूप से संचालित हो सकें।
जलेसर में प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार, 22 जून को आठवें दिन भी जारी रहा। तहसील परिसर में जारी धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी के कारण सामान्य प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने के लिए पूर्व विधायक कुबेर सिंह अगरिया को एक ज्ञापन सौंपा। धरना स्थल पर पहुँचे पूर्व विधायक का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया और उन्हें ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से उत्पन्न हो रही समस्याओं से अवगत कराया। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था से आम नागरिकों, वादकारियों और अधिवक्ताओं को अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, पूर्व विधायक ने आश्वासन दिया कि वह अधिवक्ताओं की समस्याओं और मांगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव ने धरना स्थल को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार अधिवक्ताओं की जायज मांगों और समस्याओं की अनदेखी कर रही है और उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, जिसके कारण आंदोलन लगातार लंबा खिंचता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश नेतृत्व से निर्देश मिलते हैं, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान अधिवक्ता संघ के सचिव डी.एस. यादव, रमेश पाल सिंह, रामनिवास यादव, प्रमोद कुमार राठी, डी.आर. यादव, शाहनवाज खान, मुन्ने खान, नरेंद्र यादव, एदल सिंह बघेल, सुनील दीक्षित, सुबोध कुमार जैन, गौरव वार्ष्णेय, सत्य प्रकाश जाटव, राजेश कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। लगातार आठ दिनों से चल रहे इस आंदोलन के चलते तहसील परिसर में रजिस्ट्री, बैनामा और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले वादकारियों और भूमि क्रय-विक्रय से जुड़े लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील में सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा हुआ है। धरनारत अधिवक्ताओं का दृढ़ता से कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और यदि शीघ्र समाधान नहीं निकलता तो इसे प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जा सकता है। तहसील प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है, और अब सभी की निगाहें सरकार तथा अधिवक्ता संगठनों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं, ताकि यह गतिरोध समाप्त हो सके और तहसील के कार्य सामान्य रूप से संचालित हो सकें।
- एटा के जलेसर क्षेत्र के ग्राम विशुनीपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कथा के विश्राम के उपरांत सनातनी विधि-विधान के अनुसार एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कथावाचक लक्ष्मी यादव शास्त्री ने पूरे सात दिनों तक अपनी सरल और संगीतमय शैली में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे। कथा के भव्य समापन पर संत पूजन का विशेष आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त, कलश धारण करने वाली कन्याओं, परीक्षित और यज्ञ पति को पुष्पहार, अंग वस्त्र और दक्षिणा भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इन धार्मिक अनुष्ठानों के संपन्न होने के बाद, विशाल भंडारे की तैयारियां शुरू की गईं। प्रसाद ग्रहण करने के लिए कथा प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और अन्य श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। आयोजन स्थल पर वाहनों की पार्किंग के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। यह विशाल भंडारा देर शाम तक अनवरत रूप से जारी रहा।1
- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में रविवार, 22 जून को एटा के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट वेयर हाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में हुए इस निरीक्षण के दौरान जनपद के मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य वेयर हाउस में सुरक्षित रखी गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा, पारदर्शिता और आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का सत्यापन करना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, अभिलेखों और अन्य तकनीकी उपकरणों का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने वेयर हाउस में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच कराई और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कैमरा निरंतर तथा सुचारू रूप से संचालित रहे, जिससे वेयर हाउस की चौबीसों घंटे प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वेयर हाउस के विभिन्न कक्षों के ताले खुलवाकर भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान मशीनों के सुरक्षित रखरखाव, अभिलेखों के संधारण और सुरक्षा मानकों का अवलोकन किया गया। साथ ही परिसर में साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और अन्य सहवर्ती संसाधनों की स्थिति का भी परीक्षण किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द सिंह ने जोर देकर कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, क्योंकि किसी भी प्रकार की लापरवाही निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के लिए समय-समय पर तकनीकी उपकरणों का परीक्षण कराने तथा सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने के साथ-साथ परिसर में स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी वेयर हाउस की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत निरीक्षण में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के मंडल कोषाध्यक्ष प्रशांत भारती, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष सोनू यादव, कांग्रेस के सिटी कॉर्डिनेटर सुरेन्द्र सिंह, कांग्रेस की पीसीसी सदस्य नैना शर्मा, बहुजन समाज पार्टी के जिला संयोजक वीरेन्द्र सिंह तथा समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष भूपेन्द्र प्रजापति सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।2
- एटा जिले के मलावन थाना क्षेत्र में स्थित शाकिर बढ़िया सिलम ब्लॉक में पिछले लगभग दो-तीन महीनों से एक लट्ठा टूटा हुआ है। इस समस्या के कारण, गली से ट्रैक्टर और टेंपो जैसे वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से यह टूटे हुए लट्ठे को स्वीकार करने, उसे तत्काल हटाने और उसकी जगह जल्द से जल्द एक नया लट्ठा लगवाने की मांग की है ताकि इस गतिरोध को खत्म किया जा सके।1
- एटा नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने ऐतिहासिक कैलाश मंदिर से सटे तालाब एवं जलाशय की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने तत्काल इसकी सफाई और संरक्षण की मांग उठाई है, यह बताते हुए कि बरसात का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन तालाब, जलाशय और उनसे जुड़े नालों की अब तक सफाई नहीं की गई है, जिससे जलभराव और पर्यावरणीय समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। नगरवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले ही समाचार पत्रों में इस ऐतिहासिक तालाब की स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बावजूद, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनकी शिकायत है कि इस मामले में लगातार उपेक्षा बरती जा रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जलाशयों के संरक्षण संबंधी दिए गए निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना प्रतीत होती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि तालाब, पोखर, झील और अन्य जलाशय सार्वजनिक संपत्ति हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इनके क्षेत्रफल को कम करने, अतिक्रमण करने या स्वरूप बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती, और राज्यों तथा स्थानीय निकायों को इनके संरक्षण, पुनर्जीवन और अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी संदर्भ में, नगरवासियों ने नगरपालिका से जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को तत्काल रोकने, तालाब की सफाई करने, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते हुए कैलाश मंदिर से लगे तालाब एवं जलाशय क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, चल रहे निर्माण कार्यों की जांच हो, और एक व्यापक सफाई अभियान चलाकर संभावित जलभराव की समस्या को रोका जाए। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जलाशय के संरक्षण और सफाई के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दौरान क्षेत्र में गंभीर जलभराव और पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसके मद्देनजर उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।3
- रीटा तल्ली तहसील में अध्यक्ष जी के नेतृत्व में एक अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। यह हड़ताल बिना किसी निश्चित समय-सीमा के जारी रहेगी।1
- एक हैंडपंप खराब पड़ा है।2
- फ़र्रुखाबाद ज़िले के कटिया रेलवे कंपिल रोड स्टेशन पर 60 से 70 साल पुराने पेड़ काटे जा रहे हैं। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में इन पेड़ों की कटाई का काम चल रहा है।1
- एटा की सदर तहसील में दस्तावेज़ लेखक एसोसिएशन द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मै चंद यादव जी के नेतृत्व में किया जा रहा है।1