शहडोल में 22 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा पत्रों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में 100 दिन या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने ज़ोर दिया कि जिन विभागों में 100 दिन से अधिक पुरानी शिकायतें लंबित हैं, वहाँ के संबंधित अधिकारी स्वयं इन शिकायतों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण से संबंधित जवाब एल-1 अधिकारियों के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाने चाहिए और कोई भी शिकायत बिना ध्यान दिए नहीं रहनी चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जो विभाग वर्तमान में 'सी' या 'डी' श्रेणी में हैं, वे सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में सुधार लाएं और 'ए' श्रेणी में आने के लिए काम करें। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार 'सी' एवं 'डी' श्रेणी में आने वाले विभागों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिन विभागों में शिकायतों की संख्या कम है, वहाँ शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्रीमती मिनीषा पाण्डेय, एस डी एम श्रीमती अमृता गर्ग और डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अन्तोनिआ एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
शहडोल में 22 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा पत्रों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में 100 दिन या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने ज़ोर दिया कि जिन विभागों में 100 दिन से अधिक पुरानी शिकायतें लंबित हैं, वहाँ के संबंधित अधिकारी स्वयं इन शिकायतों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण से संबंधित जवाब एल-1 अधिकारियों के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाने चाहिए और कोई भी शिकायत बिना ध्यान दिए नहीं रहनी चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जो विभाग वर्तमान में 'सी' या 'डी' श्रेणी में हैं, वे सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में सुधार लाएं और 'ए' श्रेणी में आने के लिए काम करें। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार 'सी' एवं 'डी' श्रेणी में आने वाले विभागों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिन विभागों में शिकायतों की संख्या कम है, वहाँ शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्रीमती मिनीषा पाण्डेय, एस डी एम श्रीमती अमृता गर्ग और डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अन्तोनिआ एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना अंतर्गत पुलिस ने अवैध कोयले के बड़े भंडारण पर कार्रवाई की है। ग्राम टिहकी स्थित कोयला यार्ड, जिसे खनिज माफिया का अवैध गढ़ बताया गया है, पर पुलिस टीम ने अचानक धावा बोला। इस दौरान, पुलिस ने लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई से कोयले का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर भूपेद् तिवारी (उम्र 42 वर्ष) से जब पुलिस ने इस विशाल भंडार के मालिकाना हक और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ हवा हवाई दावों के अलावा कोई कागज नहीं मिला। इसके बाद, पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक के तहत मुकदमा दायर कर पूरे माल को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है। थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्यवाही बताई गई है।2
- रीवा में सोशल मीडिया पर की गई एक अभद्र टिप्पणी के मामले में कार्रवाई की गई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) ने एक युवक को गिरफ्तार किया है।1
- nxvnncncx vhxhnncdsvnccbnccbhvcnvcbgvchbcdvbnbxchbvdhh2
- रीवा के ईको पार्क में प्रमोद शर्मा और उनके साथ आए लोगों को भीड़ ने दौड़ा दिया, जब वे अपनी नेतागीरी चमकाने वहाँ पहुँचे थे। इस दौरान, जैसे ही नेता जी की नज़र लठ्ठों पर पड़ी, उन्हें तुरंत मौके से भागते हुए देखा गया।1
- सतना में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित बगहा रेलवे ओवरब्रिज इस समय पूरी तरह से जर्जर अवस्था में है। पुल पर खतरनाक और जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, जिसके कारण किसी भी क्षण कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका है। पुल की इस दयनीय स्थिति पर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि, आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित विभाग पूरी तरह से मौन हैं और कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं, मानो प्रशासन किसी बड़ी जनहानि होने का इंतजार कर रहा हो।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से भारी अफरा-तफरी मच गई है। दुकान के ऊपर संचालित इस कोचिंग सेंटर में आग लगने के दौरान पढ़ रहे छात्र-छात्राएं अंदर फंस गए, जिसके बाद अपनी जान बचाने के लिए कई लोगों ने छज्जों और छतों से छलांग लगा दी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 छात्रों की मौत की पुष्टि हुई है। आग की इस घटना में 20 से ज्यादा छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं। राज्य के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने इस दुखद घटना और इसमें हुई जनहानि की पुष्टि की है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के कार्य में जुट गईं। घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। फिलहाल, युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।2